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पत्रकार वीडियो बनाएगा तो उस पर मुक़दमा हो जाएगा! लोगों ने पूछा – पटेल साहब आपको DM किसने बनाया?

पश्चिम बंगाल के हुगली स्थित एक विद्यालय में छात्रों को मिड डे मील के नाम पर नून-रोटी खिलाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर से भी ऐसा ही मामला सामने आया। बच्चों को मिड डील मील के नाम पर रोटी-नमक खिलाया जा रहा था। जब ख़बर हमारे-आपके पास पहुँची, लाजिमी है कि किसी व्यक्ति ने ही वहाँ जाकर इस चीज का पता लगाया होगा और जनता को बच्चों के साथ हो रहे इस अन्याय से अवगत कराया होगा। क्यों? ताकि प्रशासन की नींद खुले, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और सरकार अन्य स्कूलों में भी छानबीन करे कि ऐसा नहीं हो रहा।

इस मामले को पत्रकार पवन जायसवाल ने जनता के सामने लाया। एक पत्रकार का यही तो कर्तव्य होता है। प्रशासन द्वारा अगर ग़लत किया जा रहा है तो पत्रकार उस सच्चाई को सार्वजनिक करता है। पत्रकार ही क्यों, आजकल सोशल मीडिया के ज़माने में कोई भी ऐसा कर सकता है। चीजें वायरल होने के बाद उचित कार्रवाई होती है। लेकिन, यूपी में उसी पत्रकार के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर लिया गया। लेकिन, इसके पीछे जो तर्क दिए गए वह अजीबोगरीब थे।

ये केस दर्ज कराया गया जमालपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा। उन्होंने पत्रकार पवन जायसवाल पर गाँव के प्रतिनिधि के साथ मिल कर राज्य सरकार की इमेज ख़राब करने का आरोप लगाया। अब सवाल यह उठता है कि राज्य सरकार की इमेज बच्चों को नमक-रोटी दिए जाने से ख़राब होती है या व्यवस्था की खामी सामने आने के बावजूद उसे सुधारने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप पर? जिस व्यक्ति ने पत्रकार पवन को इस सम्बन्ध में सूचना दी थी, उसे गिरफ़्तार भी कर लिया गया। राज कुमार पाल नामक उस व्यक्ति को जेल भेज दिया गया।

पवन जायसवाल सरकार से निवेदन कर रहे हैं कि वे पत्रकार हैं और अपने जीवनयापन के लिए उन्हें अपनी ड्यूटी करनी ज़रूरी है। एक वीडियो के माध्यम से उन्होंने बताया कि वह एक क्षेत्रीय पत्रकार हैं और एक दैनिक अख़बार के लिए लिखते हैं। उन्हें सूचना मिली कि सीयूर प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील कार्यक्रम में गड़बड़ियाँ हो रही हैं, जिसके बाद वह वहाँ पहुँचे। उन्होंने वहाँ जाने से पहले सम्बंधित अधिकारी को ख़बर तक कर दी कि वे वहाँ जा रहे हैं। वहीं उन्होंने देखा कि छात्रों को नमक-रोटी दिया जा रहा है। ये रहा पत्रकार पवन का बयान:

उन्होंने विद्यालय में मिड डे मील में हो रही गड़बड़ियों का वीडियो बनाया और सीनियर रिपोर्टरों को इससे अवगत कराया। इसके बाद डीएम को सूचना दी गई, जिन्होंने वहाँ पहुँच कर जाँच किया और कई अधिकारियों पर गाज गिरी। इसके बाद जिला प्रशासन ने किरकिरी से बचने के लिए पत्रकार पवन के ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज कर दिए। अगर ख़बर ग़लत निकलती तो पत्रकार को दोष दिया जा सकता था लेकिन विडम्बना यह है कि जिस डीएम ने इस सूचना को सही पाया था, अब वही पत्रकार पर कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं।

यहाँ 2 चीजें सामने आती हैं। आरोप लगाया गया है कि उक्त पत्रकार ने साज़िश के तहत प्रधान के प्रतिनिधि के साथ मिल कर राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए छात्रों के बीच नमक-रोटी वितरित किया और इसका वीडियो बना कर वायरल कर दिया। अब सवाल फिर से – विद्यालय में दो आदमी (पत्रकार और प्रधान का प्रतिनिधि) आते हैं, ये दोनों ही विद्यालयी-व्यवस्था के कर्मचारी नहीं होते हैं, फिर भी बड़े आराम से छात्रों के बीच नमक-रोटी वितरित करते हैं, इतना सब कुछ हो जाता है और शिक्षक-कर्मचारी देखते रहते हैं! दूसरी बात यह है कि डीएम ने स्कूल पहुँच कर अधिकारियों का निलंबन तभी किया होगा जब उन्होंने सूचना को सही पाया होगा। क्या बिना गड़बड़ियाँ देखे अधिकारियों पर गाज गिराई गई होगी? आइए देखते हैं इस बारे में डीएम क्या सफाई देते हैं।

डीएम अनुराग पटेल का कहना है कि पत्रकार किसी और व्यक्ति को बुलाता दिख रहा है और कह रहा है कि वीडियो को वायरल करना है। जब उन्हें याद दिलाया गया कि वीडियो में ‘वायरल’ शब्द का कहीं इस्तेमाल ही नहीं किया गया है तो उन्होंने कहा कि वो वीडियो बनाने की बात तो कर रहे हैं। डीएम का कहना है कि प्रिंट मीडिया का पत्रकार वीडियो नहीं बना सकता। डीएम का कहना है कि पत्रकार पवन फोटो क्लिक कर लेते, ख़बर छाप देते लेकिन उन्हें वीडियो नहीं बनाना चाहिए था।

डीएम पटेल के अनुसार, वीडियो बना लेने के कारण पत्रकार की भूमिका संदिग्ध हो जाती है और इसीलिए उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया गया है। जबकि, डीएम ने पहले ख़ुद कहा था कि नमक चावल देने की बात सामने आई है। अब टालमटोल करते हुए डीएम कहते हैं कि खिचड़ी में तो नमक, चावल होता ही है और दाल भी होती है। डीएम अनुराग पटेल के बयानों को देख कर साफ़ झलकता है कि प्रशासन इस मामले को दबाने में लगा है। एडिटर्स गिल्ड ने भी इस मामले की निंदा की है लेकिन गिल्ड के बयान का कोई महत्व नहीं है। देखें डीएम का बयान:

एडिटर्स गिल्ड के बयानों का कोई मतलब इसीलिए नहीं है क्योंकि वह पश्चिम बंगाल में पत्रकारों के सिर फोड़े जाने, कर्नाटक में तत्कालीन कुमारस्वामी सरकार द्वारा संपादक के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराए जाने और लालू यादव सरीखे नेताओं द्वारा पत्रकारों के साथ बदतमीजी किए जाने पर चुप रहता है।

अगर मिर्ज़ापुर के डीएम के बयान पर ग़ौर करें तो सवाल उठता है कि प्रिंट का पत्रकार वीडियो क्यों नहीं बना सकता? आज जब अख़बारों के कंटेंट वेबसाइट पर भी प्रयोग किए जाते हैं तो वीडियो वेबसाइट के लिए भी तो बनाया जा सकता है? ये सारी चीजें हटा दीजिए फिर भी, किसी भी आम नागरिक को किसी भी प्रशासनिक गड़बड़ी का वीडियो बनाने का अधिकार है, जब तक उसमें किसी की प्राइवेसी का हनन न हो। प्रिंट का पत्रकार वीडियो नहीं बना सकता! कल को यह कहा जाएगा कि वेबसाइट का पत्रकार फिल्ड में रिपोर्टिंग के लिए नहीं जा सकता!

यूपीएससी के कई चरणों की परीक्षा और साक्षात्कार पास करने के बाद डीएम बनते हैं। जिलाधिकारी अर्थात पूरे जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी। लेकिन अब वह इस आधार पर मुक़दमे ठोकने में लगा है कि प्रिंट के पत्रकार ने वीडियो क्यों बनाई, तो यह हास्यास्पद है। टीवी का पत्रकार वीडियो बनाएगा या फोटो क्लिक करेगा? रेडियो न्यूज़ का पत्रकार सिर्फ़ आवाज़ रिकॉर्ड करेगा? क्या अब इस देश में प्रशासन की सच्चाई उजागर करने के लिए इसी आधार पर मुक़दमे चलाए जाएँगे? सोशल मीडिया पर लोग ऐसे सवाल पूछ रहे हैं।

पाकिस्‍तान की हेकड़ी गायब: अब भारत से माँग रहा जीवन रक्षक दवाएँ, अस्‍पतालों में मरीजों को बुरा हाल

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाए जाने के बाद से बौखलाए पाकिस्तान ने जोश-जोश में भारत के साथ व्यापार तो रोक दिया, लेकिन उसका यह कदम उसके लिए ही भारी पड़ रहा है। संसाधनों की कमी से जूझ रहा पाकिस्तान अब जीवनरक्षक दवाओं की कमी से परेशान है। युद्ध की धमकी देकर रोज घुसपैठ की कोशिशों में लगा पाक अब घुटने टेकने को मजबूर हो गया है। पाकिस्तान ने फिलहाल सोमवार को भारत के साथ आंशिक रूप से व्यापार को बहाल करते हुए भारत से जीवनरक्षक दवाओं के आयात करने को मंजूरी दे दी है।

खाने के लाले पड़े पाकिस्तान ने अपने हवाई मार्ग भी बंद कर रखे हैं भारत के लिए लेकिन भारत के साथ व्‍यापार पर प्रतिबंध के 30 दिन गुजरते-गुजरते पाकिस्तान को अपने फैसले का असर साफ दिखने लगा। जबकि पाक के इन प्रतिबंधों का भारत पर कुछ खास असर नहीं हुआ, लेकिन पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया।

जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत से दवाओं के आयात और निर्यात की अनुमति पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय के द्वारा सोमवार को दी गई। इसके संबंध में एक वैधानिक नियामक आदेश जारी किया गया है। बता दें कि पाकिस्तान बड़े स्तर पर भारतीय दवाओं का आयात करता है। हर तरह की दवाओं के लिए वो भारत पर आश्रित है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने पिछले 16 महीनों के दौरान भारत से 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की केवल रेबीजरोधी और जहररोधी टीकों की खरीदारी की है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के दवा उद्योग का इस समय बुरा हाल है। अनुच्छेद-370 हटाए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने जब भारत से व्यापारिक रिश्ते खत्म किए तो वहाँ के व्यापारियों को भारत से दवाएँ मँगवाना बंद करने की मजबूरी थी। जिससे चंद दिनों में ही पाकिस्तान के अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की भी घोर किल्लत हो गई। दवाओं के अभाव में मरीज तड़पने लगे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मुताबिक, पाकिस्तानी दवा कम्पनियाँ अपने उत्पादन के लिए भारत और चीन से 50 प्रतिशत से अधिक कच्चा माल आयात करती हैं। एफपीसीसीआई में दवा समिति के प्रमुख ख्वाजा शाहजेब अकरम ने बताया कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित दवाओं में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का एक बड़ा हिस्सा भारत से आयात किया जाता है, क्योंकि हमारे पड़ोसी देश में दवाओं के लिए कच्चे माल का एक स्थापित उद्योग है।

बता दें कि भारत से पाकिस्तान मुख्‍य तौर पर चीनी, चाय, जीवन रक्षक दवाएँ, ऑयल, केक, पेट्रोलियम तेल, कच्चा कपास, सूती धागे, टायर, रबड, डाई, रसायन समेत 14 सामान आयात करता है।

स्वरा ने भाजपा सांसद को कहा बलात्कारी मानसिकता वाला, किया था ‘उंगली’ वाला ट्वीट लाइक

ट्विटर पर स्वरा भास्कर ने भाजपा सांसद लल्लू सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें बलात्कारी मानसिकता वाला बताते हुए उन्हें याद दिलाया कि उन्हें अपने आचरण में सुधार लाना चाहिए। हुआ यूँ कि स्वरा भास्कर ने अपनी एक तस्वीर ट्वीट की थी और उस पर किसी मनचले लड़के ने उनकी फिल्म (वीरे दी वेडिंग) के एक दृश्य को याद करते हुए भद्दी बात लिख दी। लल्लू सिंह के हैंडल ने उस ट्वीट को ‘लाइक’ कर दिया।

स्वरा ने उस ट्वीट को लल्लू सिंह द्वारा लाइक करने का स्क्रीनशॉट लेते हुए उन्हें पुरुष की मर्यादा का ध्यान कराते हुए लिखा, “मर्यादा पुरूषोत्तम श्री रामचंद्र की नगरी अयोध्या के सांसद @LalluSinghBJP आपके handle ने कल रात एक ट्वीट ‘like’ किया था! आपका वो छोटा सा action एक बहुत गहरी सामाजिक समस्या और मानसिकता को दर्शाता है। कृपया मेरा संदेश पढ़ने का कष्ट करें!” स्वरा ने कहा कि ये न तो ‘कूल’ है, न ही ‘ओके’।

स्वरा ने ट्वीट में सवाल करते हुए लिखा,

“माननीय सांसद महोदय श्री लल्लू सिंह जी… आप मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र की नगरी का प्रतिनिधित्व करते हैं लोक सभा में… महिलाओं के साथ छेड़खानी करती हुई, बलात्कारी मानसिकता दर्शाती हुई और इस देश के साइबर कानून के हिसाब से, साइबर यौन उत्पीड़न करती हुई इस घटिया ट्वीट को ‘लाइक’ करके आप ऐसी ओछी हरकतों को प्रोत्साहन दे रहे हैं…
आप मेरे पिता की उम्र के हैं, इस देश के संसद का हिस्सा हैं – आपको महिलाओं की इज्जत करने का उदाहरण बनना चाहिए, राम राज्य के संस्कारों का प्रतीक बनना चाहिए ना कि सड़क-छाप गुंडई की वाह-वाही करनी चाहिए। यह ना तो आपको शोभा देता है ना ही आपके पद के अनुकूल है।

सादर
स्वरा भास्कर”

स्वरा भास्कर ने जारी किया बयान

इस पर लल्लू सिंह ने माफ़ी माँगते हुए जो लिखा वो किसी को भी ठीक से संतुष्ट नहीं कर पा रहा कि उन्होंने स्क्रॉल करते वक़्त गलती से ट्वीट के उस बेहूदे रिप्लाई को लाइक कर दिया। उन्होंने लिखा, “यह कृत्य में अनजाने में scroll करते वक़्त हुआ होगा जिसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूँ। मेरा इस तरह का कोई उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करने का कभी नही रहा है। आप मेरे सामाजिक व व्यक्तिगत जीवन के बारे में स्वयं पता कर सकती है।”

हालाँकि, स्वरा भास्कर ने उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार कर लिया और उनका धन्यवाद किया, “बहुत धन्यवाद श्री @lallusinghbjp जी आपके स्पष्टीकरण के लिए। और इस शालीन प्रतिक्रिया के लिए भी आपका धन्यवाद।”

जाली नोट मामले में सपा नेता मुज़म्मिल हयात गिरफ़्तार, मायावती सरकार के दौरान बसपा में था शामिल

जाली नोटों के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए गोवा पुलिस को उत्तर प्रदेश के हापुड़ तक आना पड़ा। नकली नोटों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को काफ़ी नुक़सान पहुँचता है। गोवा पुलिस ने इसी से जुड़े एक मामले की तह तक जाने की कोशिश की तो हापुड़ के समाजवादी पार्टी नेता मुज़म्मिल हयात का नाम सामने आया। उसे गिरफ़्तार करने के लिए गोवा पुलिस पश्चिमी यूपी के हापुड़ पहुँची थी। सपा नेता का साथी पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है।

सपा नेता के साथी शादाब की निशानदेही पर ही मुज़म्मिल हयात को गिरफ़्तार किया गया। पुलिस ने उससे कई घंटों तक पूछताछ की। देर रात उसका मेडिकल कराने के बाद पुलिस उसे रिमांड पर ले गई। मुज़म्मिल हयात व्यवसायी है। उसके क़रीबी शादाब के घर से 77 हज़ार रुपए के जाली नोट बरामद किए गए थे। जब पुलिस ने उससे गहनता से पूछताछ की तो भट्टा व्यवसायी मुज़म्मिल का नाम सामने आया।

गढ़ कोतवाली का रहने वाला सपा नेता मुज़म्मिल के पार्टी के अन्य बड़े नेताओं से काफ़ी क़रीबी सम्बन्ध रहे हैं। हालाँकि, इस सम्बन्ध में समाजवादी पार्टी ने स्पष्टीकरण जारी किया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री मदन चौहान ने दावा किया कि मुज़म्मिल सपा का सदस्य नहीं है और उसके पास पार्टी में कोई पद नहीं है। चौहान ने कहा कि उक्त आरोपित सपा का सदस्य भी नहीं है।

शुक्रवार (अगस्त 30, 2019) को हुई इस कार्रवाई के दौरान पता चला कि इस धंधे में मुज़म्मिल और शादाब के कई और साथी भी लिप्त हैं। पुलिस सभी का पता लगाने के लिए जाँच कर रही है। गोवा पुलिस की पाँच सदस्यीय टीम ने मुज़म्मिल की गिरफ़्तारी के ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुज़म्मिल के बारे में यह भी पता चला है कि वह मायावती सरकार के दौरान बसपा में शामिल था।

हमारे पास पाकिस्तान के ISIS से रिश्तों के पुख्ता सुबूत हैं- अफगानिस्तान के पूर्व खुफिया प्रमुख का दावा

भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान में इस बार उपराष्ट्रपति के पद के लिए उम्मीदवार अमरुल्लाह सलेह ने भारतीय मीडिया सीएनएन न्यूज-18 से बातचीत में दावा किया कि पाकिस्तान के ISIS से संबंध हैं। सलेह के मुताबिक उनके पास अपने दावे के पुख्ता सबूत भी हैं कि पाकिस्तान ISIS आतंकियों को फंडिंग करता है।

इस साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले काबुल में सुरक्षाबलों ने कुछ ISIS आतंकियों को पकड़ा था। जिन्होंने पूछताछ में खुलासा किया था कि उन्हें पाकिस्तान से फंडिंग मिलती हैं। पाकिस्तान इन्हें आतंक फैलाने के लिए हथियार भी मुहैया कराता है, जिसके अफगानिस्तान के पास पक्के सबूत हैं।

सलेह ने इस बातचीत में कश्मीर पर फैसला लेने पर मोदी सरकार की तारीफ़ भी की। साथ ही, उन्होंने भारत से खुन्नस खाए पाकिस्तान पर अफगान से बदला लेने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान न सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सच्चा दोस्त मानता है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ उनके द्वारा उठाए गए ठोस कदमों का भी समर्थन करता है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक सलेह ने पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने का पुरजोर विरोध किया और दावा किया कि पाक अफगानिस्तान से बदला लेने की कोशिश में है, जो कि अमानवीयता है और जिसे आतंकवाद कहते हैं।

कश्मीर मसले पर पूछे गए सवाल में सलेह ने कहा, “हमारे विचार से भारत एक देश है और जम्मू-कश्मीर उसके क्षेत्र में आता है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का कदम भारत का आंतरिक मामला है। हमें नहीं लगता कि ये कोई ऐसा मामला है, जिस पर पाकिस्तान को मुद्दा बनाना चाहिए। साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी नहीं ले जाना चाहिए।“

उल्लेखनीय है कि अमरुल्लाह सलेह ने इस दौरान पीएम मोदी को संदेश देते हुए ये भी कहा कि वो अफगानिस्तान के साथ और जुड़े ताकि दोनों देशों के बीच दोस्ती मजबूत और गहरी हो। साथ ही कामना की कि मोदी भारत और अफगानिस्तान दोनों के लिए एक मजबूत स्तंभ के रूप में खड़े रहें।

कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को बैंक धोखाधड़ी केस में अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बैंक फर्जीवाड़ा केस में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यानी कि रतुल पुरी 14 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। रतुल पुरी के खिलाफ सीबीआई और ईडी दोनों संस्थाएँ जाँच कर रही हैं।

इससे पहले, 19 अगस्त को मोजर बेयर कंपनी के पूर्व निदेशक रतुल पुरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में दिल्ली से गिरफ्तार किया था। ईडी को 3 सिंतबर तक रतुल पुरी की कस्टडी मिली हुई थी। रतुल पुरी की गिरफ्तारी के बाद मोजर बिअर ने बयान जारी कर गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। कंपनी का कहना था कि उसने सभी कानून का पालन किया है।

गौरतलब है कि, रतुल पुरी पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 354.51 करोड़ रुपए की चपत लगाने का आरोप है। CBI ने इस मामले में 17 अगस्त को FIR दर्ज की थी। बाद में ED की टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया था। रतुल के अलावा एमबीआईएल के प्रबंध निदेशक दीपक पुरी (रतुल पुरी के पिता), कंपनी में पूर्णकालिक निदेशक उनकी पत्नी नीता पुरी (रतुल की माँ और कमलनाथ की बहन), निदेशक संजय जैन, विनीत शर्मा और अन्य अज्ञात सरकारी सेवकों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया जा चुका है।

‘बेहद गंभीर आर्थिक अपराध में लिप्त हैं चिदंबरम’, SC ने कहा- 5 सितम्बर तक कस्‍टडी में रखें

INX मीडिया मामले में अंतरिम जमानत की पूर्व वित्‍त मंत्री और गृहमंत्री पी. चिदंबरम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई टल गई। सुप्रीम कोर्ट अब पाँच सितंबर को इस पर सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अब वह पूर्व केद्रीय वित्‍त मंत्री चिदंबरम को हिरासत में नहीं लेना चाहती है। चिदंबरम को अब न्‍यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा जाना चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जाँच एजेंसी को निर्देश दिया कि पी. चिदंबरम 5 सितंबर तक उसी की हिरासत में रहेंगे। 

सुप्रीम कोर्ट ने कल (सितम्बर 2, 2019) को आदेश दिया था कि पूर्व वित्‍त मंत्री को गुरुवार तक तिहाड़ जेल नहीं भेजा जाए। कल अंतरिम जमानत के आग्रह पर विचार करने के निचली अदालत को आदेश के चंद घंटों बाद ही शीर्ष अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर इसमें संशोधन करके गुरुवार की जगह मंगलवार को सुनवाई की बात कही थी। गौरतलब है कि इस मामले में विशेष अदालत ने भी पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति की अग्रिम जमानत अर्जी पर फैसला 5 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में कल पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की ओर से राहत पाने को खूब दलीलें दी गईं तो जवाब में सीबीआइ की ओर से भी जोरदार विरोध किया गया।

गौरतलब है कि अदालत में सुनवाई के दौरान कल सीबीआइ और ईडी ने ये दलील दी कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए पी चिदंबरम ने पुत्र कार्ति के साथ मिलकर एयरसेल मैक्सिस डील मामले में ‘बेहद गंभीर आर्थिक अपराध’ किया है, इसलिए उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

पेट दर्द की दवा कंडोम: डॉक्टर अशरफ बदर बर्खास्त, नर्स से छेड़छाड़ का भी लग चुका है आरोप

झारखंड के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर ने पेट दर्द की शिकायत लेकर आई 55 साल की महिला को कंडोम लेने को कहा। डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया गया है। घटना राज्य के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला सब-डिविजन अस्पताल की है। डॉक्टर की पहचान अशरफ बदर के रूप में हुई है। वह कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा था।

महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि 23 जुलाई को पेट दर्द होने पर वह डॉक्टर के पास गई। उसने पर्चे पर कंडोम लेने के लिए लिख दिया। महिला इस पर्चे के साथ मेडिकल शॉप पर गई, तो दुकानदार ने महिला को बताया कि उसके पर्चे पर लिखी गई दवा कंडोम है। इसके बाद पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मामले की जाँच के लिए डिप्टी कमिश्नर रविशंकर शुक्ला ने 3 सदस्यीय टीम का गठन किया। जिसमें जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. साहिर पाल, डॉ. प्रभाकर भगत और डॉ. दीपक गिरी शामिल थे। जाँच समिति ने 2 अगस्त को अशरफ के खिलाफ आरोपों की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसके बाद उसकी बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया गया।

पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. महेश्वर प्रसाद ने सोमवार (सितंबर 2, 2019) को बताया कि आरोपित डॉक्टर अशरफ बदर को बर्खास्त करने का आदेश राज्य के स्वास्थ्य विभाग से आया है। उन्होंने कहा कि वो डीसी के शहर लौटते ही इस मुद्दे को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखेंगे। प्रसाद ने बताया कि अशरफ को पहले भी इस तरह के आरोपों की वजह से बर्खास्त किया गया था। लेकिन, लिखित माफीनामे के बाद उसे बहाल कर लिया गया था। अशरफ पर नर्स से छेड़छाड़ का भी आरोप लग चुका है।

हालाँकि, अशरफ ने जाँच को फर्जी बताते हुए कहा कि उसे साजिश के तहत फँसाने की कोशिश की जा रही है। उसने बर्खास्तगी को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही। उसका कहना है कि उसके नाम की फर्जी पर्ची पर दवा के बदले कंडोम लिखकर फँसाने की साजिश रची गई है।

कश्मीर पर फैलाए जा रहे मीडिया प्रोपेगेंडा को घायल कश्मीरी ने ही किया ध्वस्त, देखें Video

इन दिनों कश्मीर को लेकर देश में बहुत सी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। बिना किसी मामले की तफ्तीश के सरकार और देश की सेना पर आरोप लगाया जा रहा कि ये लोग कश्मीर में डर का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

बीबीसी और द हिंदू जैसे कुछ मीडिया संस्थान तो इस मामले पर अपने झूठ को साबित करने के लिए बेनाम हवाले देने से भी नहीं चूँक रहे। ऐसे में इस प्रोपेगेंडा को खारिज करने के लिए सोशल मीडिया पर एक घायल कश्मीरी की वीडियो आई है। जो दर्शाती है कि किस तरह तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। और किस तरह भारत के हालातों पर अंतराष्ट्रीय मीडिया अपनी घुसपैठ कर रहा हैं।

ये वीडियो मोहम्मद शाही पीर का है। जो कुछ दिन पहले उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा में घायल हो गए थे। फर्जी खबर फैलाने के नाम पर BBC और न्यूऑर्क टाइम्स जैसे मीडिया संस्थान ने इस मामले में बताया था कि गोली लगने की वजह से उनकी ये हालत हुई। लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी।

इस वीडियो में शफी खुद बताते नजर आ रहे हैं कि उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में उन्हें पत्थरबाजों ने मारा था न कि उन्हें कोई गोली लगी थी। उन्होंने बताया कि खिड़की के छेद से किसी ने उन पर पत्थर फेंका और इस समय वह अस्पताल में भर्ती हैं।

उन्होंने बताया कि जिस समय उनपर हमला हुआ उस समय अँधेरा था। वो बीच में बैठे थे कि तभी एक पत्थर उन्हें आकर लगा। वो गोली नहीं थी। वो पत्थर था। अगर कोई चाहे तो जाकर प्रमाण देख सकता है, पत्थर अब भी उनकी गाड़ी में पड़ा हुआ है।

हालाँकि, पाकिस्तानी लोग सोशल मीडिया पर कश्मीर में पत्थरबाजों की हकीकत खोलती इस वीडियो को सच मानने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वो ये सब नहीं मानते, ये वीडियो झूठी है और भारत अधिकृत कश्मीर में मोदी की क्रूरता अपने चरम पर हैं।

गौरतलब है कि ये पहला मामला नहीं है जब पत्थरबाजों ने कश्मीर में अराजकता फैलाने की कोशिश की हो और विदेशी मीडिया संस्थानों ने देश के ख़िलाफ़ प्रोपेगेंडा। इसे पहले बिजबेहरा इलाके में भी पत्थरबाजों ने एक ट्रक चालक को पत्थर मारकर मौत के घाट उतार दिया था और बीबीसी उर्दू ने उसे ये कहकर जस्टिफाई करने की कोशिश की थी कि पत्थरबाज को लगा कि वो सुरक्षाबल का जवान है। जिसके बाद उनपर मामला दर्ज करने की माँग भी उठी थी।

अपने साँप और मगरमच्छ भेज दूँगी, भारत के लोग नरक में मरेंगे: पाक गायिका ने वीडियो में दी धमकी

पाकिस्तान में न सिर्फ़ वहाँ के मंत्री और फ़ौज के अधिकारी बल्कि सेलेब्रिटीज भी भारत के ख़िलाफ़ ज़हर उगल कर अपने ही देश का लगातार मज़ाक बना रहे हैं। अब पाकिस्तानी गायिका रबी पीरज़ादा ने भारत पर साँपों से आक्रमण करने की धमकी दी है। उन्होंने ट्विटर पर वीडियो डाल कर भारत और ख़ासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अजीबोगरीब धमकियाँ दी है। इस वीडियो में वह साँपों और मगरमच्छों के साथ खेलती हुई दिख रही हैं।

‘शोर शराबा’ नामक रोमांटिक कॉमेडी फ़िल्म में अभिनय कर चुकी रबी पीरज़ादा ने वीडियो के माध्यम से कहा कि उनके दोस्त (साँप और मगरमच्छ) सीमा पार कर के भारत के लोगों को मारने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं, वो ये भी कहती दिख रही हैं कि भारत के लोग नरक में जाकर मरेंगे। साँपों और मगरमच्छों की बात करते हुए पीरज़ादा ने कहा कि उनके ये सभी दोस्त शांतिप्रिय हैं।

खुद को कश्मीरी लड़की बताते हुए पीरज़ादा ने कहा कि वे इन सभी साँपों व मगरमच्छों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गिफ्ट के रूप में भेजना चाहती हैं। इसके बाद वह जम्मू-कश्मीर पर एक गाना भी गाती हैं। पीरज़ादा पहले भी अजीबोगरीब व्यवहार के कारण सुर्ख़ियों में रही हैं। इससे पहले जब पाक पीएम ने महिलाओं को मुर्गीपालन कर रुपए कमाने की सलाह दी थी, तब पीरज़ादा ने कई मुर्गियाँ ख़रीद कर अपने घर में रखा था और वीडियो भी पोस्ट किया था।

2017 में पीरज़ादा ने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान ख़ान की आलोचना की थी। उन्होंने सलमान ख़ान पर युवाओं को अपराधी बनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सलमान युवाओं के बीच अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं।