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‘मुस्लिमो को समझना होगा कि वो भी हिंदुओं की ही संतान हैं’ – B.Ed की किताब पर बवाल, FIR

बीएड द्वितीय वर्ष के वन वीक सीरीज में राजहंस प्रकाशन द्वारा समुदाय विशेष के खिलाफ विवादित और आपत्तिजनक बातें प्रकाशित कर दी गईं। इसको लेकर बवाल मचा हुआ है। समुदाय विशेष के लोगों ने इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए राजहंस प्रकाशन के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

दरअसल, राजहंस प्रकाशन ने बीएड द्वितीय वर्ष का वन वीक सीरिज प्रकाशित किया है। जिसमें पृष्ठ संख्या 22 के प्रश्न संख्या 21 में पूछा गया है कि धर्म संबंधी रुढ़िवादिता एवं पूर्वाग्रह को समाप्त करने के लिए हमें कौन-कौन से प्रयास करने चाहिए? जिसका जवाब देते हुए लिखा गया है- मदरसों में धार्मिक शिक्षा न दी जाए, मुस्लिमों को समझना चाहिए कि वो हिंदुओं की ही संतान हैं। साथ ही इसमें लिखा गया है कि मुस्लिम सारी दुनिया में अपना साम्राज्य स्थापित करना चाहते हैं, फलस्वरुप उन्होंने आतंकवाद फैला रखा है, जिसे ‘जेहाद’ का नाम देते हैं, परंतु इस प्रकार आतंक फैलाकर वो अपना वर्चस्व कायम नहीं रख सकते हैं। उसके लिए भाईचारा और सद्भाव की आवश्यकता होती है, क्योंकि मृत्यु उपरान्त ‘दो गज जमीन’ की आवश्यकता होती है।

राजहंस प्रकाशन द्वारा समुदाय विशेष के खिलाफ प्रकाशित आपत्तिजनक सामग्री

धर्म संबंधी रुढ़िवादिता एवं पूर्वाग्रह को समाप्त करने के प्रयास के तौर पर ये भी लिखा गया है कि धार्मिक पूर्वाग्रहता के कारण साम्प्रदायिकता की भावना फैलती है। विशेषकर हिन्दू-मुस्लिम सम्प्रदाय पूर्वाग्रह व रुढ़िवादिता के कारण संघर्षरत रहते हैं। मूर्ति को तोड़ना, गौ-हत्या कर देना, मुस्लिमों पर रंग छिड़क देना, मस्जिदों के सामने बैंड बजाना और धार्मिक उत्सवों एवं जुलूसों में पथराव करने को उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है।

इसके साथ ही ठाकुर प्रकाशन के ऊपर भी समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक बातें प्रकाशित करने की बात सामने आई है। हालाँकि, इसके खिलाफ अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, मगर जल्दी ही इसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करवाने की तैयारी चल रही है। मुस्लिम परिषद संस्थान के प्रवक्ता असरार कुरैशी ने इस पुस्तक को नफरतों का पुलिंदा बताया और कहा कि अगर प्रकाशकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तो वो आंदोलन करेंगे।  राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमीन कायमखानी ने भी दोनों किताबाें में समुदाय विशेष को लेकर गलत बातें लिखे होने की बात कही है।

इस मामले पर ठाकुर पब्लिकेशन्स के डायरेक्टर सराेज ठाकुर ने सफाई देते हुए कहा ये  किताब साल 2014-15 में पब्लिश हुई थी। राजहंस ने पुरानी किताब लेकर पब्लिश कर दिया और शिकायत भी उन्हीं के खिलाफ हुई है। वहीं, राजहंस पब्लिकेशन्स के डायरेक्टर दीपक का कहना है कि किताब में छपी बाताें काे लेकर संगठनाें के प्रतिनिधियाें काे माफीनामा भेजा जा चुका है।

समुदाय विशेष को BJP समर्थक दुकानदारों से सामान न खरीदने की राय देने वाले MLA नाहिद हसन पर FIR

उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक नाहिद हसन के खिलाफ बीजेपी समर्थकों की दुकानों का बहिष्कार करने की अपील करने को लेकर FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मंगलवार (जुलाई 23, 2019) को यह जानकारी दी।

पुलिस ने कहा कि सोमवार शाम को एक वीडियो वायरल होने के बाद यह प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें विधायक नाहिद हसन समुदाय विशेष से अपील करते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने कहा कि विवादास्पद वीडियो में, हसन लोगों से कह रहे हैं कि वे कैराना में भाजपा समर्थकों द्वारा चलाई जा रही दुकानों का बहिष्कार करें। कुमार ने कहा कि मामले की जाँच का आदेश दे दिया गया है और जाँच एएसपी राजेश श्रीवास्तव को सौंप दी गई है।

वायरल हो रहे इस वीडियो में MLA नाहिद हसनसमुदाय विशेष को सन्देश देते हुए कह रहे हैं कि उनके जैसे लोगों के सामान खरीदने से ही भाजपाइयों की दुकान और उनका घर चलता है। अगर वो लोग उनकी दुकान से सामान नहीं खरीदेंगे, तो उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी। इसलिए वो सभी से अपील करते हैं कि बीजेपी समर्थित दुकानों से सामान लेना बंद करें। साथ ही विधायक ने कैराना के उच्च अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो लोग बीजेपी नेता और बीजेपी समर्थकों के इशारे पर काम कर रहे हैं।

नाहिद हसन वीडियो में यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि बाजार में बीजेपी के जो भी लोग हैं उनसे सामान न खरीदें और अगर आप सामान नहीं खरीदोगे तो 15 दिन में उनको पता चल जाएगा।

वीडियो में नाहिद हसन यह भी कह रहे हैं- “कुछ बीजेपी के लोगों ने और बीजेपी दिमाग वाले अधिकारियों ने सराय की भूमि पर मौजूद लोगों को यहाँ से उजाड़ दिया है। उन उजड़े हुए लोगों के लिए मेरी आप सभी से अपील है कि बीजेपी के लोगों से सामान लेना बंद कर दो इनकी तबियत में सुधार आ जाएगा। इन्हें पता चल जाएगा कि जब हम इनसे समान लेते हैं तभी इनका घर चलता है। इनके घर चलने की वजह से आज हम सब पर या जूता बजाया जा रहा है। हमारे जो लोग हैं, थोड़े दिन यहाँ से सामान लेना बंद कर दो।”

इस बारे में जब पीटीआई ने सपा विधायक नाहिद हसन से बात की तो उन्होंने इस बात को स्वीकारा कि यह वीडियो उनका है और यह उनकी निजी राय है। उन्होंने कहा, ‘‘जो छोटे दुकानदार (हिन्दू मुस्लिम दोनों) हैं, वे भाजपा समर्थक दुकानदारों से प्रताड़ित हैं क्योंकि जो बड़े दुकानदार हैं वे छोटे दुकानदारों को उनके परंपरागत बाजार से हटाना चाहते हैं। यहाँ पर हमारी (मुस्लिमों की) संख्या ज्यादा है और यह हमसे पैसा कमा रहे हैं।’’

इस बीच तेलंगाना में बीजेपी के इकलौते विधायक टी राजा सिंह ने सोमवार को नाहिद हसन पर उनकी उस कथित टिप्पणी के लिए निशाना साधा जिसमें उन्होंने जनता से बीजेपी कार्यकर्ताओं के स्वामित्व वाली दुकानों का बहिष्कार करने को कहा है। गोशमहल से बीजेपी विधायक सिंह ने कहा, “मैं उस विधायक को बताना चाहूँगा कि यदि हम भी वही सोच रखें और आपके लोगों की दुकानों का बहिष्कार करें तो आपके लोग भूखे मर जाएँगे और आप लोगों को भीख माँगकर खाना पड़ेगा।”

तीन तलाक के बावजूद शौहर बनाता रहा शारीरिक संबंध, अब मामा या भाई से करवाना चाहता है हलाला

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर नगर कोतवाली के मोहल्ला शाहमदनगर निवासी राबिया ने हलाला के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद की है। जानकारी के मुताबिक राबिया के पति मुनीर ने पहले उसे तीन तलाक दिया और फिर दोबारा निकाह के लिए अपने छोटे भाई सुहेल या मामा राव लईक अहमद से हलाला करवाना चाहा। जब राबिया ने हलाला से इनकार किया तो उसके साथ मारपीट हुई और उसे घर से निकाल दिया गया। इस मामले के संबंध में पीड़ित महिला ने जिलाधिकारी से आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की है।

राबिया सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता फरहा फैज के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुँची। यहाँ उसने अपने पति पर पहले तीन तलाक का और फिर अपने मामा या भाई से हलाला करवाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। साथ ही बताया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी हुई है। महिला का कहना है कि उसके ससुराल वालों ने उसे मारा-पीटा और पति की दूसरी महिला के साथ शादी करने की धमकी दी। पीड़िता की माँग है कि आरोपितों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो।

गौरतलब है कि इससे पहले भी राबिया महिला थाने में अपने पति मुनीर, देवर सुहेल, सास शफीका और पति के मामा राव लईक अहमद के ख़िलाफ़ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करवा चुकी है।

अमर उजाला में प्रकाशित खबर के अनुसार राबिया ने कहा कि 30 जनवरी 2017 को वह अपने पति के साथ रिश्तेदारी में जयपुर गई थी। वहाँ एक सप्ताह ठहरने के बाद जब उसने मुनीर को चलने के लिए कहा तो वे वहाँ एक दिन और रुकने को कहने लगा। महिला ने जब उसी दिन घर लौटने की जिद की तो वह नाराज हो गया और कहा कि उसके साथ (राबिया) रहने वाला नहीं है। जिसके बाद उसने राबिया को तीन तलाक दे दिया। वहाँ से लौटने के बाद मुनीर उस पर हलाला का दबाव बनाने लगा। जब राबिया राजी नहीं हुई तो शौहर मुनीर उससे होटल में मिलता रहा और शारीरिक संबंध बनाता रहा। इस दौरान वह 2 बार गर्भवती हुई तो गर्भपात कराया। उसने वापस ससुराल ले जाने की बात की तो पति ने दारुल उलूम का फतवा दिखाकर हलाला कराने की शर्त रख दी। 

मुनीर का मामा राव लईक पूर्व ब्लॉक प्रमुख है। वह सपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल का भी करीबी है। नोएडा में कंपनी ग्रांड पीक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में दोनों पार्टनर भी हैं। जिन पर नोएडा के एक थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। शौहर मुनीर अपने इसी मामा या छोटे भाई से राबिया का हलाला करवाना चाहता है।

बता दें कि महिला थाने में दर्ज राबिया के मामले में पुलिस ने राबिया के बयान को सोमवार को कोर्ट में दर्ज करवाया। जहाँ उसने अपने पति और अन्य ससुरालवालों द्वारा किए गए उत्पीड़न के बारे में बयान दिया। यहाँ राबिया ने पति पर हलाला के लिए उसका 2 बार गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया।

साथ ही राबिया ने महिला थाना प्रभारी सरिता सिंह पर आरोप लगाया कि वे इस मामले की जाँच कर रही हैं, लेकिन उन्होंने इस मामले की फाइल को मीडिएशन के लिए भेज दिया जबकि उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी। जब राबिया को इसकी जानकरी उनके रिश्तेदारों के माध्यम से पता चली तो उसने इस पर आपत्ति जताई। साथ ही इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद जाँच अधिकारी ने उसके बयान कोर्ट में दर्ज कराई।

₹2.6 लाख की जमीन ₹4.76 करोड़ में: ईसाई मिशनरी का 183 गुना लाभ कमाने वाला घोटाला

झारखंड में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने एक मिशनरी संस्था पर CNT-SPT क़ानून का दुरुपयोग करते हुए ज़मीन की ख़रीद-फरोख़्त का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार (22 जुलाई 2019) को पार्टी प्रदेश मुख्यालय में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी कि नामकुम अंचल के खाता नंबर-3 और 142 के प्लॉट नंबर 170, 171, 172, 173, 174, 176, 177 के कुल 4.23 एकड़ की ज़मीन की ख़रीद-बिक्री में जमकर गड़बड़ी हुई है।

प्रतुल शाहदेव ने बताया कि इस ज़मीन को साल 2004-05 में पहले ब्रदर सिरिल लकड़ा ने कोड़ियों के भाव ख़रीदा। उस समय इस ज़मीन की क़ीमत ₹2.6 लाख थी और इसे बेचते समय इसकी क़ीमत ₹4.76 करोड़ हो गई। इतना ही नहीं, इस ज़मीन की ख़रीद और बिक्री के दस्तावेज़ों में तीन अलग-अलग पते लिखे हुए हैं जो कि ब्रदर सिरिल लकड़ा से संबंधित हैं। एक दस्तावेज़ में नामकुम का पता है तो दूसरे में गुमला का। वहीं, तीसरे में पुरुलिया रोड, राँची का पता लिखा हुआ है।

ब्रदर सिरिल लकड़ा ने व्यक्तिगत तौर पर ख़रीदी ज़मीन को गेल इंडिया लिमिटेड को बेचा
ज़मीन के इस दस्तावेज़ में गुमला का पता लिखा है

ख़बर के अनुसार, यह मिशनरी संस्था रोम की मोनफोर्ट ब्रदर्स ऑफ़ सेंट गेब्रियल है। ग्रेबियल सोसायटी शैक्षणिक संस्था के रूप में निबंधित है और उसका मुख्यालय रोम में है। बीजेपी प्रवक्ता का कहना है कि इस संस्था ने अवैध तरीके से ज़मीन की ख़रीद और उसकी बिक्री में 183 गुना तक कमाई की है। दरअसल, ब्रदर सिरिल लकड़ा ने इस 4.3 एकड़ ज़मीन को ₹4.76 करोड़ में गेल इंडिया लिमिडेट को बेच दिया था और इससे 13 साल में इस ज़मीन से 183 गुना लाभ कमाया गया।

प्रतुल शाहदेव के अनुसार, ब्रदर सिरिल लड़का ने जब यह ज़मीन ख़रीदी थी तो वो व्यक्तिगत तौर पर ख़रीदी थी, लेकिन उसी ज़मीन को बेचते समय मिशनरी सामने आ गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मिशनरी संस्था में फ़ादर, ब्रदर और सिस्टर को ज़मीन रखने का अधिकार प्राप्त नहीं है, जबकि इस ज़मीन की रजिस्ट्री ब्रदर सिरिल लकड़ा ने अपने नाम कराई थी।

इस ज़मीन की रजिस्ट्री ब्रदर सिरिल लकड़ा ने अपने नाम कराई थी

इसी संदर्भ में प्रतुल का कहना है कि सोसायटी को ज़मीन ख़रीदने और बेचने का कोई अधिकार नहीं था, लेकिन जिस तरह से ख़रीद-फ़रोख़्त का यह प्रकरण सामने आया है, उससे पता चलता है कि सूबे में बड़े पैमाने पर ईसाई संस्थाएँ ग़लत कार्यों में लिप्त हैं। इसकी शिक़ायत उचित फोरम में ज़रूर की जाएगी।

‘कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप का बयान न केवल बचकाना और भ्रांति फैलाने वाला बल्कि शर्मनाक भी’

एक ओर जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा कश्मीर में मध्यस्ता वाले दावे के बाद कॉन्ग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री से बिना कुछ सोचे-समझे जवाब माँगा है तो वहीं कैलिफोर्निया से कॉन्ग्रेसमैन ब्रैड शेरमन ने ट्रंप द्वारा कश्मीर मुद्दे पर दिए बयान को खारिज किया है। साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को बचकाना और भ्रांतिमूलक (Amateurish and Delusional) बताया है।

शेरमैन ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कोई भी प्रजातंत्रवादी जो साउथ एशिया की विदेश नीतियों से परिचित है, वो इस बात को जानता-समझता है कि भारत लगातार कश्मीर मुद्दे पर किसी भी तीसरी पार्टी की मध्यस्ता से इनकार करता रहा है। इतना ही नहीं, कॉन्ग्रेसमैन ने यहाँ तक कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तरह का सुझाव कभी नहीं दे सकते। इसलिए उन्होंने ट्रंप के बयान को न केवल बचकाना और भ्रांतिमूलक बताया है बल्कि उन्होंने इसे शर्मनाक भी कहा है।

शेरमन की मानें तो उन्होंने इस मसले में यूएसए में मौजूद भारत के राजदूत हरीश सिंघला से बात करके ट्रंप की गलती के लिए माफ़ी माँगी है।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने इमरान खान से मिलने के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्ता करने के लिए उनसे मदद माँगी है, जिसके लिए उन्होंने हाँ कर दिया है। उनका ये बयान पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान के बाद आया था, जिसमें खान ने कहा था कि अमेरिका विश्व में सबसे शक्तिशाली देश है, इसलिए वे उम्मीद करते हैं कि दोनों पड़ोसी मुल्कों के इस मसले को सुलझाने में वे मदद करेंगे।

जबकि भारत ने डोनॉल्ड ट्रंप के इस दावे को तुरंत खारिज किया था और कहा था कि इस तरह की कोई बात प्रधानमंत्री की ओर से नहीं की गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट करके साफ़ किया कि इस मुद्दे पर भारत का फैसला हमेशा से एकदम साफ़ है कि पाकिस्तान के साथ इन मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत होगी।

ट्रंप के इस बयान को यूएस की राजनीति और वहाँ के मीडिया में चारों ओर से आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। एडवर्ड लूस जो कि यूएस के राष्ट्रीय समाचार पत्र “FINANCIAL TIMES” के एडिटर हैं, उन्होंने कहा है कि ट्रंप ने भारत के लिए बहुत गहरा और उत्तेजक बयान दिया है, भारत ने हमेशा तीसरी पार्टी मध्यस्थता से इनकार किया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत चीन के साथ अपनी प्रतिद्वंद्विता में अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण “प्राकृतिक सहयोगी” है। ट्रम्प ने जो कहा, उनकी मूर्खता और अज्ञानता पर काबू पाना मुश्किल है।

इसके अलावा कॉन्ग्रेस दिग्गज नेता शशि थरूर ने भी ट्रंप के बयान के बारे में एएनआई से बातचीत में कहा, “ट्रंप को मालूम ही नहीं है कि वे क्या कह रहे हैं, शायद उन्हें मसला समझ में ही नहीं आया या किसी ने उन्हें बताया ही नहीं। ये नामुमकिन है कि प्रधानमंत्री किसी और से इस बारे में कहें क्योंकि ये हमारी स्पष्ट नीति है कि हमें किसी तीसरी पार्टी से मध्यस्ता नहीं करवानी, हमें अगर पाक से बात करनी होगी तो हम खुद करेंगे।”

मैं सिर्फ एक गाँव का CM हूँ… पूरे राज्य का मुख्यमंत्री बनने में बहुत खर्चा हो जाएगा!

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अपने पैतृक गाँव चिंतमडाका में रहने वाले प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख देने का ऐलान किया है। इसका फायदा गाँव के कुल दो हजार परिवारों को मिलेगा। सोमवार (जुलाई 22, 2019) को गाँव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे मुख्यमंत्री ने ये घोषणा की। इस दौरान केसीआर ने कहा कि उनका जन्म सिद्दिपेट जिले के चिंतमडाका गाँव में हुआ है। वो इस गाँव के लोगों के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि वो ऐलान करते हैं कि उनके गाँव चिंतमडाका के प्रत्येक परिवार को सरकार की तरफ से ₹10 लाख दिए जाएँगे। इस राशि से वो कुछ भी खरीद सकते हैं। इससे गाँव के लोग ट्रैक्टर, खेत और खेती की मशीनें भी खरीद सकते हैं।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा से सरकारी राजस्व पर ₹200 करोड़ का बोझ पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जल्द ही इस राशि को मंजूरी प्रदान कर देंगे और जल्द ही सभी परिवार को ये राशि मिल जाएगी। साथ ही सीएम ने विधायक और कलेक्टर से गाँव के लोगों का स्वास्थ्य प्रोफाइल भी तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरह ही यहाँ भी सभी नागरिकों के ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट का डेटा एक माउस के क्लिक पर उपलब्ध होना चाहिए ताकि उन्नत चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा सके। राव ने गाँव के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वो लोग अपने पुराने मकानों को हटाकर नए मकान बनवा सकते हैं ।

सीएम के अनुसार यह मदद स्‍व-रोजगार के लिए है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गाँव के युवा जिस भी काम से पैसा कमाना चाहें, उनकी मदद की जाए। उन्‍होंने कहा कि आजीविका की तलाश में गाँव से बाहर गए लोगों को भी वापस लाया जाए। हाल ही में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के वरिष्ठ नेता टी रामा राव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस के अध्यक्ष चंद्रशेखर राव की तारीफ करते हुए कहा था कि राव राज्य और उनके लोगों के लिए केंद्र सरकार या किसी भी राजनीतिक दल से लड़ सकते हैं।

तेलंगाना की सरकारी वेबसाइट से उठाई गई जानकारी

ऊपर के स्क्रीनशॉट को ध्यान से देखिए। तेलंगाना में ग्रामीण परिस्थिति के आँकडे़ को यह बखूबी दर्शाता है। चिंतमडाका गाँव की तो किस्मत अच्छी थी कि यहाँ श्रीमान मुख्यमंत्री जी का जन्म हुआ। बाकी के गाँव अपनी किस्मत को रो रहे होंगे। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव अगर चाहते हैं कि अन्य गाँवों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार न हो तो उन्हें कुछ ज्यादा नहीं करना होगा। छोटा सा गणित (सिम्पल गुणा-भाग) सॉल्व करके वो पूरे राज्य के मुख्यमंत्री होने का दावा कर सकते हैं।

ऊपर मुख्यमंत्री की साइट से ही जो जानकारी ली गई है, उसके अनुसार एक परिवार की औसत साइज 4 लोगों की है। और ग्रामीणों की कुल संख्या है – 213.95 लाख। मतलब कुल परिवार हो गए – 213.95 में 4 से भाग देना। यानी कि 53,48,750 परिवार तेलंगाना के गाँवों में रहते हैं। अपने पैतृक गाँव के हर परिवार को 10 लाख रुपए देने वाले मुख्यमंत्री को अब बस गुणा करना होगा। मतलब 5348750 गुणा 10 लाख रुपए – बस। और इतने रुपए उनकी जेब से नहीं जाएँगे, जेब से तो खैर वो अपने गाँव वालों को भी नहीं दिए होंगे!

जब तब के चंद्रशेखर राव यह गुणा कर पाएँगे, बजट पास करेंगे… तब तक उन्हें खुद को चिंतमडाका गाँव का मुख्यमंत्री घोषित कर देना चाहिए। इसके लिए उन्हें राज्यपाल को चिट्ठी लिखना पड़े, विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाना पड़े या फिर राज्य में आपातकाल लगाना पड़े… करना उन्हें यही चाहिए। क्योंकि इसके बिना वो पूरे राज्य के मुख्यमंत्री तो निश्चित तौर पर नहीं हैं!

बिहार सेक्स रैकेट: MLA-अफसरों के घर भेजी जाती थीं 10-12 लड़कियाँ, दिल्ली-लखनऊ तक सप्लाई

बिहार के भोजपुर में जिला पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस को पता चला है कि इसमें नाबालिग लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराया जाता था। इन लड़कियों को उच्च अधिकारियों से लेकर इंजीनियरों के पास तक पहुँचाया जाता था। खबरों के मुताबिक इस मामले में फिलहाल एक महिला और एक पुरूष को गिरफ्तार किया गया है जबकि महिला का जीजा अभी फरार है।

आरोपितों की पहचान भोजपुर निवासी अनीता देवी और संजीत कुमार के तौर पर हुई है। पुलिस इन से सख्ती से पूछताछ कर रही है। दोनों की निशानदेही पर तीन संभावित इलाकों में छापेमारी भी हुई है। इन जगहों से पुलिस कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

प्रभात खबर में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट

खबरों की मानें तो इस मामले में गिरफ्तार महिला अनीता ने भोजपुर जिले के एक विधायक से संबंध होने की भी बात बताई है। उसका कहना है कि वह अक्सर एक विधायक के पास जाती थी। जिसके बाद से उस विधायक के नाम के कयास लगाए जा रहे हैं। प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक हो सकता है विधायक का पता लगाने के लिए पुलिस नाबालिग बच्ची से विधायक के फ्लैट का सत्यापन करवाए।

दिलेर है नाबालिग लड़की

गौरतलब है कि एक 12 वर्षीय किशोरी की शिकायत पर ये मामला सुर्खियों में आया है। इस नाबालिग लड़की को एक महीने पहले नगर थाना क्षेत्र के एक मुहल्ले में रहने वाली लाली नाम की महिला ने अनीता देवी के पास पहुँचाया था। दरअसल, भोजपुर की ये किशोरी पटना से किसी तरह भागकर जब अपने घर पहुँची तो बच्ची के परिजनों ने मामले को पुलिस में दर्ज करवाया।

पीड़ित बच्ची ने बताया कि पटना में उससे एवं अन्य लड़कियों को देह व्यापार का धंधा करवाने के लिए विधायक एवं इंजीनियर समेत अन्य वीआईपी के यहाँ पर भेजा जाता था, जिसके बदले उन्हें बहुत कम पैसे मिलते थे। इतना ही नहीं, बच्ची ने ये भी बताया कि आरोपित महिला इन किशोरियों को डिमांड के अनुसार उत्तर प्रदेश के लखनऊ एवं दिल्ली भी लेकर जाती थी। यहाँ उनके साथ जबरन देह-व्यापार कराया जाता था। लड़की का कहना है कि इस पूरे मामले में करीब 10-12 लड़कियों से ऐसा करवाया जाता था।

गुमनाम विधायक आखिर कौन?

अनीता ने पूछताछ में ये भी बताया कि वह पटना में संजय पासवान उर्फ पंडित उर्फ जीजा के कहने पर लड़कियों को गलत काम के लिए भेजती थी। अनीता के मुताबिक उससे खुद भी देह व्यापार का धंधा करवाया जाता था। धंधे में लिप्त लड़कियों को पटना के रामलखन पथ स्थित भोजपुर कॉलनी में रखा जाता था। यहीं से संजय पासवास इन लड़कियों को आला अफसरों के पास भेजता था। अनीता के मुताबिक एक महीने के भीतर उसने नाबालिग बच्ची को आरा के इंजीनियर के पास और विधायक के फ्लैट पर भेजा था।

मामले को पुलिस ने देह व्यापार अधिनियम, दुष्कर्म एवं पोस्को एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। साथ ही संजय पासवास और लाली की खोज में जुटी है पुलिस। हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक भोजपुर के एसपी सुशील कुमार ने बताया कि किशोरी ने किसी विधायक का नाम नहीं लिया है। सिर्फ एक विधायक के पास भेजे जाने की बात कही है। इसके अलावा नगर थाना के अवर निरीक्षक विजय कुमार ने सोमवार को बताया कि पीड़ित किशोरी (12) का स्थानीय अदालत में न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान रिकार्ड किया गया है।

BJP नेता, उनकी पत्नी व बेटे की हत्या: 3 गोली चलाकर लोगों को डराया फिर कर दी अँधाधुंध फायरिंग

झारखंड के खूंटी स्थित मुरहू प्रखंड के हेठगोवा गाँव में रात के करीब 8:30 बजे कुछ वर्दीधारी बदमाशों ने भाजपा नेता मागो मुंडा के घर में घुसकर उनकी, उनकी पत्नी और उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के दौरान मृतक मागो मुंडा के भतीजे रमाय मुंडा की पत्नी नौरी देवी को भी कमर में गोली लगी, जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन बाद में रिम्स भेज दिया गया।

प्रभात खबर के मुताबिक इस घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मुंडा कल (जुलाई 22, 2019) रात में अपने पूरे परिवार के साथ आँगन में बैठे हुए थे, तभी वहाँ कुछ वर्दीधारी अज्ञात बदमाश आए और घटना स्थल पर लगातार तीन गोलियाँ चलाईं। गोलियों की आवाज़ सुनकर आसपास के लोग डर कर अपने घरों में घुस गए। इसके बाद गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूँज उठा।

जब बदमाश वहाँ से चले गए तो लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकले। उन्होंने देखा कि मागो मुंडा और उनका बेटा लिपराय मुंडा मृत पड़े हैं जबकि लखमनी मुंडू (उनकी पत्नी) घायल हैं। घायल अवस्था में लखमनी को अस्पताल पहुँचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने वहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अपनी छानबीन में जुट गई है। लेकिन अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि इस घटना के पीछे कौन था। घायल नौरी देवी की मानें तो जिस समय ये सब हुआ उस समय वह खाना खा रही थीं कि तभी उन्हें गोली चलने की आवाज़ सुनाई दी। उन्होंने मागो मुंडा की पत्नी लखमनी को अपनी ओर भागते देखा तो वह भी डरकर भागने लगीं। जिस कारण बदमाशों ने उन्हें भी गोली मारी और वहाँ से भाग गए।

गौरतलब है कि मागो मुंडा की बेटी राधा मुंडू कुदा पंचायत की मुखिया हैं। मागो मुंडा भाजपा के एसटी मोर्चा में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य थे। इसके अलावा वह मुरहू के महर्षि में ही आश्रम से भी जुड़े हुए थे।

यूपी में जुर्म हुए कम, पुलिस के डंडे का दिख रहा दम

मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ ने निरंतर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारने को अपने एजेंडे में सबसे ऊपर रखा हुआ है, और नतीजा आँकड़ों में झलकने लगा है। विधान परिषद में दिए गए सरकार के आँकड़ों के अनुसार गंभीर अपराधों की दर में काफ़ी कमी आई है। इसमें हत्या, बलवा, बलात्कार, लूट जैसे हिंसक अपराधों के आँकड़े आधार रूप में लिए गए हैं। बलवा में भी 11% की कमी की बात सरकार ने कही है।

15 फीसदी कम हुआ दुष्कर्म, डकैती 44 फीसदी

उसके पिछले साल (2017-18) के मुकाबले बीते साल (2018-19) में उत्तर प्रदेश में हत्या के मामलों में 10%, बलात्कार में 15%, लूट में 30 और डकैती में 44% कमी आई है। कॉन्ग्रेस के एमएलसी दीपक सिंह के द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में सरकार ने यह आँकड़े सदन के पटल पर रखे। उत्तर के अनुसार दहेज हत्या में भी 4% और बलात्कार में 15% की कमी दर्ज की गई है

सोनभद्र काण्ड के पृष्ठभूमि में आँकड़ा महत्वपूर्ण

सरकार के लिए यह आँकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सोनभद्र में एक साथ 10 से अधिक ग्रामीणों की जमीन विवाद के मामले से सरकार जूझ रही है। आज भी मामले से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रकाश में आए हैं। हालाँकि योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जड़ कॉन्ग्रेस राज में होने का दावा किया है, लेकिन इसके बावजूद अपराध पर सख्ती की उनकी छवि पर एक प्रश्नवाचक चिह्न तो इस हत्याकांड के बाद लग ही गया है। ऐसे में इस जघन्य हत्याकांड के बावजूद कुल मिलाकर अपराध में कमी की खबर सरकार के लिए किसी छोटी-मोटी संजीवनी से कम नहीं है।

क्या कुमारास्वामी भी करेंगे फ्लोर टेस्ट ‘बंक’? इस्तीफ़े की कानाफ़ूसी शुरू

कर्नाटक में राज्यपाल द्वारा सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए दी गई समय-सीमा को नज़रंदाज़ किए जाने के बाद भी सियासी प्रहसन लगातार जारी है। एक ओर विधान सौधा (विधानसभा) अध्यक्ष केआर रमेश कुमार सदन के पटल पर बहुमत का परीक्षण हुए बगैर सदन को और स्थगित न करने के लिए अड़ गए हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने कहा कि आज (सोमवार, 22 जुलाई, 2019) को बहुमत परीक्षण मुश्किल है क्योंकि सत्तापक्ष सुप्रीम कोर्ट में गई याचिका पर कल संभावित सुनवाई का नतीजा पहले जानना चाहता है। इसी खींचतान के बीच देर शाम को मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी के बिना बहुमत परीक्षण के इस्तीफा देने की अटकलें उड़नी शुरू हो गईं हैं।

‘मुझे बलि का बकरा न बनाओ’

सुप्रीम कोर्ट में बागी विधायकों के सरकार बचाने के आरोपों का सामना कर चुके स्पीकर रमेश कुमार आज सुबह से सदन को आज विश्वास मत निपटा लेने का आश्वासन पूरा करने का वादा याद दिलाते नज़र आए। पूरे दिन वह बार-बार सत्ता पक्ष के हुड़दंगी विधायकों को टोकते रहे। “हर कोई हमें देख रहा है। कृपया मुझे (सदन में विश्वास मत न हो पाने का) बलि का बकरा मत बनाइए। हमें आज अपने लक्ष्य (विश्वास मत पर मतविभाजन) तक पहुँचना है।”

अपडेट (रात 8:25): स्पीकर के चैंबर में मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री कुमारास्वामी, डिप्टी सीएम जी परमेश्वरा और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया समेत सदन के वरिष्ठ यूपीए नेताओं की स्पीकर के चैंबर में बैठक जारी है।

खबर लिखे जाने तक बसपा के इकलौते विधायक भी सदन में नहीं पहुँचे हैं