14 महीने तक कॉन्ग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार चलाने वाले कुमारस्वामी की सरकार गिरने के बाद अब उनका दर्द सार्वजानिक तौर पर बाहर आ रहा है। आज कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि वो राजनीति से संन्यास लेना चाहते हैं।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार (अगस्त 03, 2019) को कहा है कि वो राजनीति से संन्यास लेना चाहते हैं। कुमारस्वामी ने कहा, “मैं राजनीति से संन्यास लेने की सोच रहा हूँ। मैं गलती से राजनीति में आ गया था। मैं गलती से मुख्यमंत्री बन गया था। भगवान ने मुझे दो बार मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया।”
HD Kumaraswamy: I’m observing where today’s politics is going. It’s not for good people, it’s about caste infatuation. Don’t bring in my family. I’m done. Let me live in peace. I don’t have to continue in politics. I did good when I was in power. I want space in people’s heart. https://t.co/kbRcqOdXkA
उन्होंने आगे कहा, “मैं हर किसी को संतुष्ट नहीं कर सकता। 14 महीनों में मैंने राज्य के विकास की दिशा में अच्छा काम किया। मैं अपने काम से संतुष्ट हूँ। मैं देख रहा हूँ कि आज की राजनीति कहाँ जा रही है।”
उन्होंने कहा, “यह लोगों के लिए सही नहीं है। मेरे परिवार को इसमें मत लाओ। बस बहुत हुआ अब और नहीं। मुझे चैन से जीने दो। मुझे राजनीति में नहीं रहना है। मैंने सत्ता में रहते हुए अच्छा किया। मुझे लोगों के दिल में जगह चाहिए।”
LOC पर भारतीय सेना द्वारा क्लस्टर बम के इस्तेमाल करने के पाकिस्तान द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का भारतीय सेना ने खंडन किया है। पाकिस्तानी सेना ने आरोप लगाया है कि भारतीय सेना द्वारा POK में क्लस्टर बम का इस्तेमाल किया गया और इसमें कुछ लोगों के कथित तौर पर घायल होने की भी बात की है।
पाकिस्तान लगातार नियंत्रण रेखा पर बिना उकसावे के फायरिंग कर रहा है, और जब भारतीय सेना उसका मुँहतोड़ जवाब दे रही है तो वह यह झूठ फैला रहा है कि भारतीय सुरक्षा बल क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
India in it’s war frenzy is not only sabotaging regional peace but also committing gross human rights violations along the LOC. I urge the nations of the world to take strict notice of the ongoing situation in IOK and LOC. https://t.co/IQCotv472O
पाकिस्तानी सेना ने यह आरोप अमरनाथ यात्रा रूट पर मिले पाकिस्तानी आयुध कारखाने की मुहर लगी अमेरिकन स्नाइपर राइफल एम-24 बरामद होने के एक दिन बाद लगाया है। भारतीय सेना ने बताया कि श्रद्धालुओं को निशाना बनाने के लिए आईईडी ब्लास्ट करने की साजिश रची गई थी। सेना को इसमें पाकिस्तानी सेना की संलिप्तता के भी सबूत मिले हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार के गृह विभाग ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द कश्मीर घाटी छोड़ने की सलाह जारी की है।
पकिस्तान के मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि भारतीय सेना ने क्लस्टर बम का इस्तेमाल कर के अंतरराष्ट्रीय संधि का उलंघन किया है। अपने ट्वीट में आसिफ गफूर ने लिखा है कि कश्मीर हर पाकिस्तानी के खून में चलता है और कश्मीरियों का स्वदेशी स्वतंत्रता संग्राम सफल होगा।
Use of cluster bombs by Indian Army violating international conventions is condemnable. No weapon can suppress determination of Kashmiris to get their right of self determination. Kashmir runs in blood of every Pakistani. Indigenous freedom struggle of Kashmiris shall succeed,IA.
वहीं भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि इस प्रकार की प्रतिक्रियाएँ सिर्फ सैन्य ठिकानों और पाकिस्तानी सेना की मदद से आने वाले घुसपैठिए आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल की जाती हैं और पाकिस्तान द्वारा भारतीय सेना पर लगाए जा रहे क्लस्टर बम के इस्तेमाल करने के आरोप बेबुनियाद हैं।
Indian Army: Such responses are only against military targets & infiltrating terrorists who are aided by the Pakistan Army. Allegations of firing of cluster bombs by India is yet another Pakistan’s lie, deceit & deception. https://t.co/09twKEpwJs
वहीं, भारतीय सेना ने बताया कि पाकिस्तान से लगातार हथियार और गोला-बारूद से लैस आतंकवादी अवैध रूप से सीमा क्रॉस करते हैं और हमारी सेना के पास प्रतिक्रिया करने का अधिकार है।
सेना ने शनिवार को कहा, “हम सिर्फ पाकिस्तानी फायरिंग का जवाब दे रहे हैं। हम सिर्फ सैन्य ठिकानों और पाकिस्तानी सेना की मदद से घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकवादियों को निशाना बना रहे हैं। भारत द्वारा क्लस्टर बमों की फायरिंग के आरोप पाकिस्तान के धोखे, छल और झूठ का एक और उदाहरण है।”
क्या होते हैं क्लस्टर बम
क्लस्टर बम बेहद खतरनाक और विनाशक माने जाते हैं। क्लस्टर बमों का इस्तेमाल सबसे पहले 1943 में सोवियत और जर्मन फौजों ने किया था। तब से अब तक 200 तरह के क्लस्टर बम बनाए जा चुके हैं।
एक क्लस्टर बम असल में सैकड़ों छोटे-छोटे बमों का संग्रह होता है, इन्हें जब हवा में लड़ाकू विमानों से फेंका जाता है तो ये बीच रास्ते में फट कर सैकड़ों बमों में बदल जाते हैं और बहुत बड़े इलाके तबाह करते हैं। अपने अंदर मौजूद बमों को गिराने से पहले क्लस्टर बम मीलों तक उड़ सकता है।
जब वो जमीन से 1000 मीटर से 100 मीटर के बीच किसी ऊँचाई पर होता है तो क्लस्टर बम का आवरण घूमता है और उसमें मौजूद बम एक बड़े इलाके में गिरने शुरू हो जाते हैं। इनमें हर बम में धातु की सैड़कों धातु टुकड़े होते हैं। जब वो फटते हैं तो 25 मीटर दूर तक लोगों को नुकसान पहुँचा सकता है।
क्लस्टर बम यानी, गुच्छ युद्धसामग्री (Cluster munition) ने सबसे ज्यादा तबाही वियतनाम और लाओस में मचाई है। उसके बाद इराक और कंबोडिया का नंबर है। अब तक 24 देशों के लोग इनसे प्रभावित हुए हैं। 30 मई 2008 को 100 से ज्यादा देशों के बीच एक समझौता हुआ जिसके तहत क्लस्टर बमों का निर्माण, संग्रहण और इस्तेमाल तक बैन कर दिया गया।
क्लस्टर बमों को बैन करने के समझौते पर अब तक 119 देशों ने दस्तखत किए हैं। लेकिन अमेरिका, चीन, रूस, ब्राजील, वेनेजुएला, अर्जेन्टीना, इस्राएल, ग्रीस, मिस्र और ईरान जैसे देश इस समझौते से बाहर हैं।
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल उन्नाव बलात्कार पीड़िता और उसके वकील की हालत शनिवार को सातवें दिन भी गंभीर बनी हुई है। पीड़िता को निमोनिया हो गया है और वह वेंटिलेटर पर है, जबकि उसके वकील को वेंटिलेटर से तो हटा लिया गया है लेकिन उनकी हालत अब भी गंभीर बानी हुई है।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉ संदीप तिवारी के हवाले से न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने बताया है, ‘‘पीड़िता अब भी वेंटिलेटर पर है। उसे निमोनिया हो गया है जिससे उसको बुखार आ रहा है। उसे ब्लडप्रेशर नियमित करने की दवा भी दी जा रही है। पीड़िता के गले में छोटा सा छेद करके (ट्रैकियोस्टोमी) ट्यूब द्वारा ऑक्सीजन दी जा रही है। उसे अभी तक होश नहीं आया है और डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उसकी निगरानी कर रही है।’’ उन्होंने बताया कि घायल वकील महेंद्र सिंह को वेंटिलेटर से तो हटा दिया गया है, लेकिन उनकी हालत गंभीर है। उनके सिर में चोट लगी है और उन्हें भी ट्रैकियोस्टोमी के जरिए ऑक्सीजन दी जा रही है।
Medical bulletin of Unnao rape survivor & her lawyer by King George Medical University hospital, Lucknow: The lawyer is breathing without ventilator support. Both of them are unconscious. https://t.co/5VWWpVAzx8
उन्होंने कहा कि जब कोई भी मरीज चार दिन से ज्यादा वेंटिलेटर पर रहता है तो उसे ऑक्सीजन देने के लिए ट्रैकियोस्टोमी विधि का इस्तेमाल किया जाता है। इससे पर्याप्त ऑक्सीजन भी मरीज को मिलती है और फेफड़े की सफाई करने में भी आसानी होती है।
डॉ. तिवारी ने कहा, ‘‘कॉलेज के चिकित्सकों का दल पीड़िता और उसके वकील का इलाज करने में पूरी तरह से समर्थ है और केजीएमयू के सबसे अच्छे डॉक्टरों की टीम दोनों का इलाज कर रही है।’’ उन्होंने कहा कि रोगियों के परिजन की भी यही इच्छा है कि इन दोनों का इलाज लखनऊ में ही कराया जाए।
महाराष्ट्र में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। महा जनादेश यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि वो शिवसेना की युवा ईकाई के प्रमुख आदित्य ठाकरे को उप मुख्यमंत्री पद देने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि स्थिति चाहे जो भी हो महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ेगी।
देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, “यह तो साफ है कि किसी भी कीमत पर इस चुनाव में बीजेपी, शिवसेना और दूसरे सहयोगी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। अपने पुराने सहयोगियों को साइडलाइन कर देना हमारी परंपरा में नहीं है भले ही हम सबसे बड़ा दल क्यों न हों। हम बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।”
पिछले काफ़ी समय से यह ख़बर सुर्ख़ियों में थी कि शिवसेना आदित्य ठाकरे को उप मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रही थी। इस संदर्भ ने फड़णवीस ने कहा,
“हमें इससे कभी कोई समस्या नहीं थी। हम अभी भी उन्हें यह पद देने को तैयार हैं। ठाकरे परिवार से चुनाव लड़ने वाले आदित्य पहले सदस्य होंगे और हमें ख़ुशी होगी अगर वह हमारी सरकार का हिस्सा बनेंगे।”
सीटों के बँटवारे को लेकर मुख्यमंत्री फड़णवीस ने कहा कि यह आँकड़ा 130 से 140 तक हो सकता है और बाक़ी बची सीटों को सहयोगी दलों के बीच बाँट दी जाएँगी। बता दें कि महाराष्ट्र में कुल विधानसभा सीटें 288 हैं।
ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री पद बीजेपी और सहयोगी दल शिवसेना के लिए तनाव का कारण बना हुआ था। एक तरफ़ बीजेपी देवेंद्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री बनाए रखना चाहती थी तो वहीं शिवसेना आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे थे। लोकसभा चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे और अमित शाह के बीच तय हुआ था कि दोनों पार्टियां बराबर-बराबर सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
अलवर जिले के पहाड़ी गॉंव में गो तस्करों ने जिन ग्रामीणों पर फायरिंग की थी उनके खिलाफ राजस्थान पुलिस ने मामला दर्ज किया है। द हिंदू के मुताबिक ग्रामीणों पर क्रॉस एफआईआर तस्करों की पिटाई करने, कानून अपने हाथ में लेने को लेकर मामला दर्ज किया गया है। फायरिंग में एक ग्रामीण जख्मी हो गया था।
Both the suspected cattle smugglers and the villagers who confronted them are now facing separate police caseshttps://t.co/gAfMIN89FW
यह घटना मंगलवार (जुलाई 30, 2019) की रात हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार पहाड़ी गाँव के पास से तीन तस्कर करीब 10-15 गायों को पैदल रास्ते ले जा रहे थे, तभी ग्रामीण रामजीत और जीतराम आदि ने उनसे गाय ले जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने फायरिंग कर दी।
गो तस्करों ने 10-15 राउंड फायर किए, इससे अफरा-तफरी मच गई। खेत के ट्यूबेल पर मौजूद अन्य लोगों एवं ग्रामीणों ने एक गो तस्कर को दबोच लिया। ग्रामीणों ने पकड़े गए गो तस्कर सलीम के साथ मारपीट भी की। सलीम के दो अन्य साथी मौके से भागने में कामयाब रहे थे। इस मामले में सलीम और उसके साथियों के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है।
‘The Kashmir Walla’ की ख़बर के अनुसार, पाकिस्तान समर्थक पत्रकार और प्रोपेगैंडा वेबसाइट ‘द कश्मीरियत’ के समाचार संपादक क़ाज़ी शिबली को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में गिरफ़्तार किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के निवासी क़ाज़ी शिबली को उसके कुछ ऐसे ट्वीट्स पर सवाल उठाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है, जिसमें जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त अर्धसैनिक बल के जवानों की तैनाती के संबंध में एक आधिकारिक आदेश की जानकारी शामिल थी। वह पाकिस्तान समर्थक समाचार वेबसाइट द कश्मीरियत चलाता है।
क़ाज़ी शिबली बैंगलोर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक है। उसके ख़िलाफ़ अनंतनाग ज़िले के एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज़ किया गया है। उसकी गिरफ़्तारी के बाद, स्थानीय कश्मीरी अब सोशल मीडिया पर हैशटैग “FreeQaziShibli” द्वारा इस पाकिस्तानी-समर्थक और सिम्पैथाइज़र की रिहाई के लिए अभियान चला रहे हैं।
कुछ महीने पहले, ‘द कश्मीरियत’ का फेसबुक पेज भी सम्बंधित सोशल नेटवर्किंग साइट के नियंत्रण अधिकारियों द्वारा हटा दिया गया था।
केरल के तिरुवनंतपुरम में म्यूजियम थाने के पास शनिवार तड़के एक तेज रफ्तार कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में वरिष्ठ पत्रकार की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी चला रहा थे जो नशे की हालत में थे। कार में एक महिला भी उनके साथ बैठी थी।
पुलिस ने बताया कि मलयालम दैनिक ‘सिराज’ के ब्यूरो प्रमुख के एम. बशीर (35) सड़क किनारे मोटरसाइकिल खड़ी कर उस पर बैठे हुए थे तभी तेज रफ्तार कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। बशीर की मौके पर ही मौत हो गई।
चश्मदीदों के अनुसार कार सर्वेक्षण विभाग के निदेशक श्रीराम वेंकटरमन चला रहे थे। हालॉंकि अधिकारी का कहना है कि कार उनके साथ बैठी महिला वफा फिरोज चला रही थी। पुलिस ने बताया कि आईएएस अधिकारी के बयान की जॉंच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाएगी।
दुर्घटना के चश्मदीद गवाह ऑटो चालक मणिकुट्टन ने बताया, IAS अधिकारी नशे की हालत में थे और उन्होंने पीड़ित को प्राथमिक उपचार देने की कोशिश भी की। श्रीराम पिछले हफ्ते हॉवर्ड में एक साल बिताने के बाद अमेरिका से लौटे थे। उन्हें 1 अगस्त को सर्वेक्षण और भूमि रिकॉर्ड के निदेशक के रूप में तैनात किया गया था। वह 2012 बैच में दूसरे स्थान पर थे।
सेना के इंटेलीजेंस विभाग और सैन्य पुलिस ने मिलकर हरियाणा के हिसार के कैंट इलाक़े से तीन जासूसों को गिरफ्तार किया है। तीनों जासूस भारतीय सेना की गतिविधियों को सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान भेज रहे थे। हिरासत में लिए गए जासूसों की पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के शेरपुर गाँव निवासी मेहताब (28 वर्षीय) और रागीब (34 वर्षीय) तथा शामली के मासाबी गाँव निवासी खालिद (25 वर्षीय) के रूप में हुई है।
ख़बर के अनुसार, आरोपितों के पास से मोबाइल मिले हैं जिसमें सेना की गतिविधियों से जुड़ी वीडियो क्लिप्स, व्हाट्सएप वॉइस और फोटोग्राफ बरामद किए गए हैं। खबर है कि तीनों आरोपित व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए पाकिस्तानी जासूसों से बात करते थे। इसी सन्दर्भ में और भी खुलासे होने की संभावना है।
दरअसल, तीनों आरोपित एक सप्ताह पहले ही कैंट इलाक़े में आए थे। कैंट इलाके में मेस बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए एक सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बतौर लेबर इन तीनों को काम पर रखा था।
पहले दिन से ही सेना को इन तीनों पर शक था और इसीलिए इनकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही थी। मिलिट्री इंटेलीजेंस की सूचना पर और इनकी संदिग्ध गतिविधियों पर मिलिट्री इंटेलीजेंस और सेना पुलिस दोनों ने ही इन पर नजर रखी। और जब इनका शक यकीन में बदल गया तब गुरुवार (1 अगस्त) रात गिरफ्तार कर लिया।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, तीनों आरोपितों ने काम पर लगने के साथ ही सेना के जवानों और कैंट क्षेत्र के अंदर की गतिविधियों को मोबाइल में रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया था। ये तीनों पाकिस्तानी जासूसों के लगातार सम्पर्क में थे और उन्हें सेना की गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएँ भेजते थे।
जम्मू-कश्मीर के शोपियां और बारामूला जिलों में शनिवार (अगस्त 3, 2019) को सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि एक अज्ञात आतंकवादी बारामूला जिले के सोपोर में मारा गया वहीं दूसरा शोपियां जिले में शुक्रवार से शुरू हुए अभियान के दौरान मारा गया।
शोपियां में ढेर हुआ जीनत जैश का टॉप कमांडर था। उसके पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य सामान बरामद हुए हैं। जीनत नायकू अपने एक साथी मंजूर भट के साथ यहाँ एक मकान में छिपा था। भट को सुरक्षाबलों ने शुक्रवार (अगस्त 2, 2019) को ही मार गिराया था।
Jammu and Kashmir: Top Jaish commander Zeenat Naikoo killed in Shopian encounter. pic.twitter.com/l1bb7YFwPo
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बारामूला के सोपोर के वारपोरा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने शनिवार सुबह घेराबंदी एवं तलाश अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि इलाके में तलाशी अभियान के दौरान छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं। बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई और इसमें एक आतंकवादी मारा गया। मारे गए आतंकवादी का संबंध किस समूह से था यह नहीं पता चल सका है।
Encounter updates.#Shopian..Another militant killed.#Sopore ..One militant killed. More details to follow.
उन्होंने बताया कि दनायकू पहले आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के साथ काम करता था। हिज्बुल के साथ काम करने के दौरान उसने कई बड़ी आतंकी साजिशें रची थी। जीनत पर कई आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप था और सुरक्षा एजेंसियों ने उसे A++ कैटिगरी का आतंकी घोषित करते हुए उस पर इनाम भी घोषित किया था।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग लगाकर पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को ढक दिया। यह होर्डिंग प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष मोहन मरकाम के स्वागत में लगाया गया था। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मरकाम पहली बार यहाँ आ रहे हैं।
नई दुनिया में छपी ख़बर
नई दुनिया में छपी ख़बर के अनुसार, मरकाम के आगमन पर उनके समर्थक इतने उत्साहित हो गए कि पंडित नेहरू को ही भूल गए। सड़कों-चौराहों पर उनके स्वागत में बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाए गए। खुद का राजनीतिक हित साधने के चक्कर में शहर के एक चौराहे पर लगी नेहरू प्रतिमा को भी पोस्टर से ढक दिया।