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Pak ने माँगे 50000 AK राइफल्स तो रूस ने दिखाया ठेंगा, भारत ने ली राहत की साँस

रूस ने पाकिस्तान द्वारा कलाश्निकोव राइफलों की माँग ठुकरा दी है। पाकिस्तान ने इन राइफलों की ख़रीद के लिए रूस से निवेदन किया था, जिसे नकार दिया गया है। नए जनरेशन की इन कलाश्निकोव राइफल्स (जिन्हें AK भी कहा जाता है) अब पाकिस्तान को रूस से नहीं मिलेंगी। साथ ही रूस ने भारत को आश्वस्त किया है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का रक्षा व्यापार नहीं किया जाएगा। ‘द प्रिंट’ ने रक्षा विभाग के सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारत को इस विषय में इस वर्ष की शुरुआत में ही सूचित कर दिया गया था।

पाकिस्तान ने एके सीरीज की 50,000 राइफल्स ख़रीदने के लिए रूस के पास प्रस्ताव भेजा था। पाकिस्तान इस क़दम के द्वारा रूस के साथ सैन्य संबंधों को मजबूत करना चाहता था। हालाँकि, पाकिस्तान ने राइफल के किन मॉडल्स की माँग की थी, यह स्पष्ट नहीं है। पाकिस्तान के इस क़दम से भारत को भी हैरानी हुई थी क्योंकि पाकिस्तानी सेना सामान्यतः चीन निर्मित एके-56 राइफल का ही प्रयोग करती है।

चीन निर्मित एके-56 राइफल्स एके-47 का चाइनीज वर्जन है। यह वजन में एके-47 से हल्का होता है। जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के पास से ऐसे कई एके-56 राइफल्स जब्त किए जा चुके हैं। रूस को इस बात की भी चिंता थी कि पाकिस्तान को दिए जाने वाले हथियार आतंकियों के हाथ लग सकते हैं। भारत ने भी रूस के समक्ष इस चिंता को रखा था, जिस पर रूस की तरफ से पाकिस्तान के साथ सैन्य व्यापार न करने का आश्वासन आया।

भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियाँ इस बात पर कड़ी नज़र रखी है कि पाकिस्तान द्वारा रूस के साथ सैन्य व रक्षा समझौतों के प्रयासों की दिशा में क्या प्रगति हो रही है? पाकिस्तान के ऐसे कई प्रयासों को भारतीय एजेंसियाँ रोक चुकी हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने रूस से उन्नत एयर डिफेंस तकनीक ख़रीदने का भी प्रयास किया था। 2015 में पाकिस्तान ने रूस से 4 Mi-35M हैलीकॉप्टर ख़रीदे थे, जो डिलीवर किए जा चुके हैं। 2016 में दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त युद्धाभ्यास भी किया था। भारत इस घटनाक्रम पर पूरी नज़र रखी हुई थी।

बछड़े से लेकर गर्भवती बकरी तक का रेप करने वाला अज़हर, ज़फर और छोटे ख़ान: लिस्ट लंबी है

एक ख़बर आई है कि मंगलौर में मोहम्मद अंसारी नाम के एक शख्स को खेत में गाय के साथ अप्राकृतिक सेक्स करते हुए ग्रामीणों द्वारा देखा गया। ग्रामीणों के मुताबिक अंसारी ने पहले गाय के पाँवों को रस्सी से बाँधा और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। गुस्साए गाँव वालों ने अंसारी से गाय के पाँव छूकर माफी माँगने को कहा, लेकिन जैसे ही अंसारी वहाँ पहुँचा, गाय उसे देखकर डर गई और वहाँ से भाग गई।

गौर करने लायक है कि अंसारी को रंगे हाथों पकड़ने के बाद जब गाँव के लोग उससे पूछताछ कर रहे थे तो उसकी कमीज की जेब से नारियल तेल की बोतल भी मिली, जिसे उसने दुष्कर्म को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया था। साथ ही जब वह पकड़ा गया, तब उसकी कमीज पर गोबर के भी निशान थे। लेकिन, क्या आपको पता है कि पशुओं के साथ बर्बरता दिखाने का यह पहला मामला नहीं है बल्कि पिछले साल से लेकर अब तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें पशुओं के साथ यौन बर्बरता दिखाई गई और आरोपित मुस्लिम समुदाय से आने वाले लोग रहे।

सबसे पहले बात करते हैं जुलाई 2018 में हरियाणा के मेवात में घटी घटना की। उस समय एक गर्भवती बकरी का इस दरिंदगी से बलात्कार किया गया कि उस निरीह पशु की मौत हो गई। हारून और जफ़र सहित कुल 8 लोगों ने मिल कर उस बकरी का गैंगरेप किया था। बकरी के मरने की वजह उसके प्राइवेट पार्ट्स में अत्यधिक ब्लीडिंग और शॉक को बताया गया।

अक्टूबर 2018 में बागपत के तिलवाड़ा गाँव में एक बछड़े के साथ बलात्कार किए जाने की घटना सामने आई थी। बछड़े की मौत के बाद पुलिस ने आईपीसी 377 (अप्राकृतिक संबंध) और 429 (जानवर के साथ क्रूरता) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। मुस्लिम समुदाय से आने वाला आरोपित नाबालिग था। बछड़े को इस बर्बरता के कारण कई आंतरिक घाव हो गए थे, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गाँव में भी तनाव का माहौल व्याप्त हो गया था।

अगस्त 2018 में एक मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ से भी आया था। छोटे ख़ान नामक व्यक्ति एक गाय का बलात्कार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। उसकी गिरफ़्तारी के बाद उसके परिवार वालों ने एसपी से मिल कर आरोप लगाया कि संपत्ति विवाद के कारण ख़ान को फँसाया जा रहा है। यह बहस का मुद्दा है कि जिस भी समाज में इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं, वहाँ लोगों को, खासकर युवाओं को किस तरह की शिक्षाएँ दी जा रही हैं? जिस समाजिक परिवेश में व्यक्ति रहता है या अपना अधिकतर समय गुजारता है, उसकी हरकतें भी उसी अनुरूप हो जाती हैं।

ऊपर के तीन उदाहरण सिर्फ 2018 से हैं। ऐसा कुछ 2017 में भी हुआ होगा, 2016 में भी। मानसिकता साल और महीने नहीं देखती। ऐसे लोग घृणित सोच के होते हैं और इन्हें जो करना होता है, वो करते हैं। बेटियों-बच्चियों को बुरी नजर से बचाते-बचाते अब लोगों को अपने पशु-मवेशियों को भी बचाना होगा।

गालीबाज एक्टर एजाज़ ख़ान गिरफ़्तार, Tik-Tok पर बनाया था भड़काऊ व सांप्रदायिक वीडियो

सांप्रदायिक और विवादस्पद वीडियो बनाने के मामले में मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अभिनेता एजाज खान को गिरफ्तार कर लिया है। अभिनेता एजाज ख़ान ने टिक-टॉक ऐप पर भड़काऊ वीडियो बना कर पोस्ट किया था। एजाज ख़ान ने हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा की बात की थी और सोशल मीडिया पर वह भड़काऊ और विवादास्पत पोस्ट्स के लिए कुख्यात हैं। मुंबई पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की थी। एजाज ख़ान को अब अदालत में पेश किया जाएगा।

एजाज ख़ान ने उसी TikTok ‘सेलिब्रिटी’ के साथ यह विवादस्पद वीडियो बनाया था जिसके खिलाफ तबरेज़ अंसारी की मौत के बदले में हिंसा भड़काने के आह्वान को लेकर FIR दर्ज की गई थी। एजाज़ खान की TikTok प्रोफाइल पर शेयर किए गए इस वीडियो में वह मुंबई पुलिस का मज़ाक उड़ाते नज़र आए थे। इसमें उनके साथ Team07 का एक सदस्य भी नज़र आया था। डायलॉग में जब पुलिस अफसर का किरदार कुछ अपराधियों को पुलिस की गाड़ी में बैठने को कहता है तो अपराधियों में से एक पुलिस वाले पर धौंस जमाता है।


एजाज़ खान के विवादस्पद वीडियो का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी वह पायल रोहतगी को खरी-खोटी सुनाने में सारी दुनिया के एक दिन मुस्लिम बनने की बात कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने एक दूसरे वीडियो में 40 करोड़ वैध-अवैध समुदाय विशेष के लोगों के सड़क पर उतर कर समूचे देश को बंद कर देने की बात भी कही थी।

देश छोड़ भागने की फिराक में था दाऊद इब्राहिम का भतीजा, मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भतीजे रिजवान कासकर को मुंबई पुलिस ने बुधवार की रात गिरफ्तार किया। वह दाउद के छोटे भाई इकबाल कासकर का बेटा है। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए गए रिजवान को ठाणे जेल में रखा गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रिजवान को फिरौती माँगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह देश छोड़कर भागने की ​फिराक में था।

क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो दिन पहले अहमद रजा वडारिया को गिरफ्तार किया गया था। वह दाऊद के गुर्गे फहीम मचमच का करीबी है। अधिकारी ने बताया, “उससे पूछताछ के दौरान रिजवान कासकर का नाम सामने आया। उसे देश छोड़कर भागने की कोशिश करते हुए मुंबई एयरपोर्ट से पकड़ा गया।”

इससे एक दिन पहले ही मुंबई पुलिस ने छोटा शकील के करीबी सहयोगी को पकड़ा था।

मायावती के भाई की ₹400 करोड़ की संपत्ति जब्त: क्लर्क से ₹1316 करोड़ के मालिक बनने की कहानी

मायावती के परिवार के ख़िलाफ़ चल रहे बेनामी संपत्ति के मामलों में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार (जुलाई 18, 2019) को आयकर विभाग ने बसपा सुप्रीमो के भाई व भाभी के एक क़ीमती प्लॉट को जब्त किया है, जिससे मायावती की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस प्लॉट की क़ीमत 400 करोड़ रुपए से अभी अधिक बताई जा रही है। नोएडा में स्थित ये प्लॉट 7 एकड़ का है। इसे जब्त करने का आदेश मंगलवार (जुलाई 16, 2019) को ही जारी किया जा चुका है।

मायावती के भाई आनंद कुमार और भाभी विचित्र लता के ख़िलाफ़ पहले से ही कई मामले चल रहे हैं। मायवती के भतीजे को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई मंचों पर बसपा की तरफ से अहम भूमिका में देखा गया, जिसके बाद यह कयास लगने शुरू हो गए थे कि बसपा में उन्हें भविष्य में और बड़ी भूमिका दी जा सकती है। मायवती ने हाल ही में अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया था और भतीजे आकाश को नेशनल कोऑर्डिनेटर।

कभी नोएडा प्राधिकरण में क्लर्क के पद पर कार्यरत रहे आनंद कुमार की संपत्ति तब से अचानक बढ़नी शुरू हो गई, जब मायावती ने सत्ता संभाली। आनंद कुमार पर फ़र्ज़ी कम्पनियाँ बना कर करोड़ों रुपए के लोन लेने का भी आरोप है। 2007 में जब मायावती ने अपनी पार्टी को मिली पूर्ण बहुमत के बाद सत्ता संभाली, उसके बाद उनके भाई आनंद ने एक के बाद एक कुल 49 नई कम्पनियाँ खोलीं। 2014 में उनकी संपत्ति 1316 करोड़ रुपए आँकी गई थी।

इतना ही नहीं, आनंद पर रियल एस्टेट में निवेश कर करोड़ों का अवैध मुनाफा कमाने का भी आरोप है। इस मामले में इनकम टैक्स विभाग और प्रवर्तन निदेशालय, दोनों सरकारी एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं। उनके घर एवं दफ्तरों पर कई बार छापे पड़ चुके हैं। नोटबंदी के दौरान भी उनके बैंक खाते में धोखाधड़ी की बातें सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भविष्य में आनंद कुमार की कई अन्य सम्पत्तियों को भी जब्त किया जा सकता है।

कुल मिला कर देखें तो मायावती के भाई की संपत्ति में 2007 से लेकर 2014 तक 7 वर्षों में 18,000% की वृद्धि दर्ज की गई। तमाम आरोपों के बावजूद मायावती द्वारा आनंद कुमार को पार्टी में अहम पद देना चर्चित विषय बना हुआ है।

गाँजा फूँक कर की हत्या, लगाए अल्लाहु अकबर के नारे, फिर भी जज ने नहीं माना दोषी

अल्लाहु अकबर के नारे लगाकर एक यहूदी महिला की हत्या करने वाले मुस्लिम पर मुकदमा नहीं चलेगा। फ्रांस के एक जज ने कहा है कि हत्या के वक्त आरोपित गाँजे के नशे में था, इसलिए उसे अपराध का जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।

65 साल की सारा हलीमी की हत्या 3 अप्रैल 2017 को उनके फ्लैट में घुसकर 29 साल के कोबिली त्राउरे ने कर दी थी। कथित तौर पर महिला को तीसरी मंजिल स्थित फ्लैट की खिड़की से नीचे फेंकने से पहले उसने कुरान की आयतें पढ़ीं थी और हलीमी को “शैतान” कहा था। हत्या करने के बाद वह चिल्ला रहा था,”मैंने शैतान को मार दिया।”

हत्या को अंजाम देने से पहले उसने करीब एक घंटे तक सारा को फ्लैट में बंधक बना रखा था और इस दौरान पुलिस दरवाजे पर खड़ी होकर उसे समझाने की कोशिश कर रही थी। हत्या के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया था।

लेकिन, फ्रांसीसी न्यायिक व्यवस्था में जज ऑफ इन्क्वायरी को यह फैसला करना होता है कि आरोपी पर अभियोग चलाया जा सकता है या नहीं। जज ऑफ इन्क्वायरी के फैसले को यहूदियों के संगठन सीआरआइएफ के अध्यक्ष फ्रांसिस खालिफत ने आश्चर्यजनक और अनुचित बताया है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ अभियोग चलाने के लिए वे अपील करेंगे।

ताजा फैसले के बाद त्राउरे को मानसिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है या ड्रग रिहैबिलेटेशन प्रोग्राम में शामिल किया जा सकता है या फिर उसे रिहा कर दिया जाएगा।

इस मामले में अभियोग चलाने में हो रही देरी को लेकर यहूदी संगठनों ने कई बार प्रदर्शन भी किया था। उनका आरोप था कि त्राउरे को अभियोग से बचाने के लिए मामले में जानबूझकर देरी की जा रही है।

मई में फ्रांस के पूर्व पुलिस कमिश्नर और फ्रांस ब्यूरो ऑफ विजिलेंस के संस्थापक सैमी गोजलान ने कहा था कि जिस तरीके से सारा मामले की जांच की जा रही है, उससे लगता है कि फ्रांस में यहूदियों के खिलाफ होने वाले अपराधों से सही तरीके से नहीं निबटा जा रहा।

सारा की बेटी ने बताया कि उनकी मॉं की हत्या करने से दो साल पहले त्राउरे ने उसे “नीच यहूदी” कहा था।

गाय के पैर बाँध मो. अंसारी ने किया दुष्कर्म, नारियल तेल के साथ गाँव वालों ने रंगे हाथ पकड़ा: देखें Video

मंगलौर से गाय के साथ दुष्कर्म का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मंगलौर मिरर की खबर के मुताबिक यहाँ मोहम्मद अंसारी नाम के एक शख्स को खेत में गाय के साथ अप्राकृतिक सेक्स करते हुए ग्रामीणों द्वारा देखा गया। ग्रामीणों के मुताबिक अंसारी ने पहले गाय के पाँवों को रस्सी से बाँधा और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया।

अंसारी को रंगे हाथों पकड़ने के बाद जब गाँव के लोग उससे पूछताछ कर रहे थे तो उसकी कमीज की जेब से नारियल तेल की बोतल भी मिली, जिसे उसने दुष्कर्म को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया था। साथ ही जब वह पकड़ा गया, तब उसकी कमीज पर गोबर के भी निशान थे।

बता दें कि इस पूरी घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें स्पष्ट देखा जा सकता है कि मूलत: झारखंड का रहने वाला अंसारी किस बेशर्मी के साथ अपने कुकर्म को स्वीकार रहा है। इस वीडियो में गाँव वाले अंसारी से कहते नजर आ रहे हैं, “हम गाय को अपनी माँ की तरह पूजते हैं और तुम उसके साथ सेक्स कर रहे हो।”

इस वीडियो में गाँव वाले उससे पूछते हैं कि वो यहाँ कितनी बार आया है, जिसके जवाब में वह ‘एक बार आया हूँ’ कहता है। ग्रामीण उससे पूछते हैं कि क्या तुम ये सब अपनी बहन के साथ भी करते हो?

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि अंसारी पहले गाँव वालों से माफ़ी माँगता है और फिर उनकी सख्ती देखकर रोने लगता है।

इसके बाद गुस्साए गाँव वालों ने अंसारी से गाय के पाँव छूकर माफी माँगने को कहा, लेकिन जैसे ही अंसारी वहाँ पहुँचा, गाय उसे देखकर डर गई और वहाँ से भाग गई। गाय की व्यथा देखकर गाँव वाले मोहम्मद अंसारी पर भड़के और उससे बोले, “ये भाग रही है क्योंकि ये तुमसे डर गई है। देखो, तुमने क्या किया कि बेचारा जानवर भी भाग रहा है, उसे लग रहा है कि तुम वही सब करने दोबारा आए हो।”

कावोर पुलिस ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि जिस समय अंसारी दुष्कर्म को अंजाम दे रहा था उस समय गाँव वालों ने उसे रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ मामले को दर्ज कर लिया है।

गौरतलब है कि किसी गाय के साथ दुष्कर्म करने का ये पहला मामला नहीं है। आए दिन पशुओं पर दिखाई जाने वाली ऐसी बर्बता की खबरें हमें सुनने को मिलती रहती हैं। कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश में छोटू खान ने गाय के साथ दुष्कर्म किया था।

हनुमान चालीसा पाठ में शामिल हुईं इशरत जहां: घर खाली करने और जान से मारने की मिली धमकी

सामूहिक हनुमान चालीसा में शामिल होने पर ट्रिपल तलाक़ की याचिकाकर्ता इशरत जहां को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ़ उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है तो दूसरी तरफ उनके मकान मालिक मनाजीर हुसैन ने उन्हें घर खाली करने का फ़रमान सुना दिया है। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में इशरत जहां किराए के घर में रहती हैं।

दरअसल, इशरत जहां मंगलवार (16 जुलाई 2019) को डबसन रोड स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में पाठ में शामिल हुईं थी। इसके अगले ही दिन यानी बुधवार (17 जुलाई 2019) को दोपहर के समय उनके घर के बाहर भीड़ जमा हो गई। उनके ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की और घर छोड़ने को कहा। उनके मुस्लिम पड़ोसियों ने इशरत के बुरखा (हिजाब) पहनकर हनुमान चालीसा के पाठ में शामिल होने पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि तुम्हें हनुमान चालीसा के पाठ में शामिल होने की क्या ज़रूरत थी? इससे हमारे मुस्लिम समाज की बदनामी हो रही है। इस घटना से इशरत काफ़ी डरी हुई हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर काफ़ी चिंतित हैं।

जब भीड़ इशरत के घर पर हंगामा कर रही थी तो हालात इतने गंभीर हो गए थे कि उन्हें पुलिस-प्रशासन की मदद माँगनी पड़ गई थी। उनकी शिक़ायत के आधार पर FIR दर्ज हो गई है। गोलाबाड़ी पुलिस स्टेशन में दायर इशरत की शिक़ायत के अनुसार, बुधवार को जब वह अपने बच्चे के स्कूल से घर लौट रही थीं, तो नंद घोष रोड पर मुस्तफा अंसारी और उनके मकान मालिक मनजिर हुसैन के साथ सौ से अधिक लोगों ने उन्हें बीच रास्ते में रोका। इशरत ने आरोप लगाया कि अंसारी और उनके मकान मालिक हुसैन के नेतृत्व में भीड़ ने उन पर उंगली उठाई और उन्हें हनुमान चालीसा कार्यक्रम में भाग लेने पर धमकी दी। उन्होंने घर खाली करने और इलाक़े को छोड़ने के लिए भी कहा।

इशरत ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह एक धर्मनिरपेक्ष देश की नागरिक हैं और उन्हें किसी भी धर्म को निभाने और कहीं भी जाने की पूरी आज़ादी है। उन्होंने बताया कि उन्हें ट्रिपल तलाक़ मामले में याचिकाकर्ता बनने के बाद से ही जान से मारने की धमकी मिल रही है।

इशरत के अनुसार, “हर कोई कह रहा था कि मुझे खुद घर छोड़ देना चाहिए वर्ना वे मुझे घर से ज़बर्दस्ती बेदखल कर देंगे। मुझे जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। मैं सुरक्षा की माँग करती हूँ। मैं अपने बेटे के साथ अकेले रहती हूँ ऐसे में मेरे साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है।”

ग़ौरतलब है कि पश्चिम बंगाल हावड़ा की रहने वाली इशरत जहां को उनके शौहर ने तीन तलाक़ दे दिया था। इसके बाद से ही उन्होंने तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ लड़ाई शुरू कर दी थी। इससे नाराज़ ससुरालियों और कट्टरपंथियों ने उन्हें सरेआम बहुत अपमानित किया। इस वजह से कट्टरपंथी तबका उन्हें उस इलाक़े से बाहर करने में लगा हुआ है।

इशरत जहां ने प्रशासन से सुरक्षा के साथ-साथ अपने रहने के लिए उचित व्यवस्था की माँग की है। बता दें कि इशरत जहां सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली उन पाँच याचिकाकर्ताओं में से एक हैं, जिनकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक़ को असंवैधानिक करार दिया था।

आजम खान ने एक-एक इंच जमीन खरीदी है तो दिखाएँ कागज वरना गिरफ्तार हों: अब्दुल सलाम

समाजवादी पार्टी से रामपुर के सांसद आजम खान और पूर्व सीओ आलेहसन पर किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप में पुलिस ने बुधवार (जुलाई 17, 2019) को एक साथ 8 मामले दर्ज किए। जानकारी के मुताबिक अभी तक जमीन हड़पने के मामले में इन दोनों पर कुल 13 मामले दर्ज हो चुके हैं।

दरअसल, ये मामला मझरा आलियागंज ग्राम का है। यहाँ गाँव वालों ने अजीमनगर थाने में शिकायत दर्ज करवाते हुए आजम खान पर आरोप लगाया है कि उन्होंने समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान जमीन का बैनामा कराने का उन पर दबाव बनाया और जब गाँव वालों ने ऐसा नहीं किया तो तत्कालीन सीओ आलेहसन ने उन्हें अजीमनगर थाने में बंद कर दिया। इतना ही नहीं गाँव वालों को स्मैक रखने के केस में जेल भेजने की धमकी भी दी गई।

बाद में उनकी जमीनों को जौहर यूनिवर्सिटी में मिला लिया गया और इसकी चार दिवारी करवा दी गई। गाँव वालों ने जब अपनी जमीने वापस माँगने का प्रयास किया तो उन्हें डरा धमका कर भगा दिया गया।

जमीन मिलने की आस न दिखने पर ग्रामीणों ने मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की माँग की। अमर उजाला की खबर के मुताबिक पुलिस ने हनीफ, मतलूब, नब्बू, जुम्मा, नासिर, नाजिम, मुस्तकीम, शरीफ की तहरीर के आधार सांसद आजम खान और पूर्व सीओ आलेहसन के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 384, 447, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। और फिलहाल अभी पुलिस अपनी जाँच में जुटी है। पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा की मानें तो इस संबंध में पुलिस जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आजतक के मुताबिक पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि रामपुर के थाना अजीम नगर में आजम खान और उनके सहयोगी आलेहसन के खिलाफ जमीन हड़पने के आरोपों में किसानों की तहरीरों के आधार पर अब तक कुल 13 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। जिनमें किसानों के साथ मारपीट और जबरन धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

खबर के अनुसार पुलिस अधीक्षक का कहना है कि आजम खान और आलेहसन ने किसानों की जमीन को अवैध तरीके से लिया और उन पर कई हजार हेक्टेयर जमीन हासिल करने के लिए जाली कागजात पर साइन करने का दबाव डाला। जब किसानों से ऐसा करने से इनकार किया तो जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। फिलहाल पुलिस टीम आरोपों की जाँच कर रही है, जिसके बाद इसमें अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि इस मामले पर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने भी किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप में सांसद आजम खां और पूर्व सीओ आलेहसन को गिरफ्तार किए जाने की माँग की है। उन्होंने मंगलवार (जुलाई 16, 2019) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आजम खान की ओर से दावा किया जाता है कि उन्होंने यूनिवर्सिटी की एक-एक इंच जमीन खरीदी है तो इसकी रजिस्ट्री क्यों नहीं दिखा रहे हैं। सलाम का कहना है कि आजम सरकार और जिला प्रशासन को वह रजिस्ट्री के कागजात दिखाएँ और अगर रजिस्ट्री नहीं है तो जमीन पर से कब्जा छोड़ें।

TMC नेता द्वारा राम कथा आयोजन से पार्टी हैरान-परेशान, BJP ने की तारीफ़

पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान के बीच ‘जय श्री राम’ का नारा आए दिन सुर्ख़ियों में बना रहता है। ऐसे में अगर यह ख़बर सामने आए कि तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता राम कथा का आयोजन करा रहे हैं, तो भला किसे अश्चर्य नहीं होगा। ‘जय श्री राम’ के नारे पर लगातार बढ़ता विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच TMC नेता मदन मित्रा ने आगामी 24 जुलाई को राम कथा का आयोजन कराने का निर्णय लिया है।

एक तरफ़ राम कथा के आयोजन की इस ख़बर से ख़ुश बीजेपी ने इस क़दम की तारीफ़ की है, तो वहीं दूसरी तरफ़ मित्रा के इस आयोजन पर तृणमूल हैरान-परेशान है। ख़बर के अनुसार, TMC नेता मदन मित्रा अपने गृहक्षेत्र भोवनीपुर में न केवल पूजा-पाठ करवाएँगे, बल्कि दुर्गा पूजा के दौरान देवी दुर्गा के साथ भगवान श्री राम और देवी सीता की मूर्ति भी स्थापित करवाएँगे। मित्रा का कहना है कि वो यह सब किसी राजनेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक भारतीय नागरिक होने के नाते करवा रहे हैं।

मित्रा के अनुसार, “हमारे संविधान की प्रस्तावना धर्मनिरपेक्षता के बारे में बात करती है। उन्होंने (बीजेपी ने) भगवान राम को एक वस्तु के रूप में घटा दिया है, जिससे वे अपने हिंदुत्व के अजेंडे को बेच सकें।” साथ ही उन्होंने इस बात पर भी दु:ख व्यक्त किया कि उन्हें तब बेहद दु:ख होता है जब कोई पार्टी और उसके कार्यकर्ता राम के नाम पर हमले करते हैं। हालाँकि मित्रा के समर्थकों की मानें तो TMC पार्टी की तरफ़ से इस निर्णय के प्रति कोई अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिलने से वे काफ़ी आहत हैं और इसीलिए अब उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भोवनीपुर में अपना आधार मज़बूत करने का मन बना लिया है।

उनके समर्थकों का कहना है कि ऊपरी तौर पर तो मित्रा को पार्टी ने अपना समर्थन दिया है क्योंकि लोकसभा चुनाव में पार्टी को यहाँ हार का मुँह देखना पड़ा था। मित्रा ने राम कथा के आयोजन पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस आयोजन का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि राम के नाम पर राजीति केवल बीजेपी ही करती आई है।