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चंद्रयान 2 : चुनाव के बीच चाँद की धरती पर पहुँचेगा यान, ISRO की तैयारियाँ चरम पर

बीते कुछ सालों में चंद्रयान-2 के कुछ टेस्ट पूरे न होने के कारण यान को लॉन्च नहीं किया जा सका था। लेकिन अब लगता है इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। बताया जा रहा है कि ISRO इन दिनों चंद्रयान मिशन को लॉन्च करने की तैयारी में जोरो-शोरों से जुटा हुआ है। अनुमान है कि इसे अगले महीने तक लॉन्च कर दिया जाएगा।

चंद्रयान-2 को पहले 2017 में लॉंच करने का और फिर 2018 में लॉन्च करने का ऐलान किया गया था, लेकिन दोनों ही बार रोवर और लैंडर न होने के कारण यह मुमकिन नहीं हो पाया। लेकिन अभी हाल ही में ISRO के चेयरमैन डॉ के सिवन ने बताया था कि इस अप्रैल में चंद्रयान को लॉन्च करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया था कि अगर अप्रैल में ऐसा नहीं हो पाता है तो जून में इसे लॉन्च किया जाएगा। बता दें कि जिस समय को यान के लॉन्च के लिए चुना गया है, उसी दौरान चुनाव की सरगर्मियाँ भी तेज होंगी ।

बता दें इस चंद्रयान-2 का वजन 3290 किलो होगा। इसमें लगे ऑर्बिटर और रोवर की मदद से चंद्रमा की सतह पर मौजूद मिनरल्स और अन्य पदार्थों के बारे में डेटा एकत्रित किया जाएगा।

ISRO के मुताबिक लैंडर को चंद्रमा के साउथ पोल में उतारा जाना तय हुआ है, जिसके लिए दो जगहों का चयन भी किया गया है। लेकिन इनमें से किसी एक को फाइनल किया जाना है। बता दें कि जिन दो जगहों का चयन किया गया है उनमें से अभी तक किसी भी जगह पर किसी देश का लैंडर नहीं उतरा है।

ISRO की माने तो साउथ पोल की जमीन सॉफ्ट है और रोवर को इधर से उधर मूव करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। रोवर में छह पहिए हैं और इसका वजन 20 किलो बताया जा रहा है। पावर समस्या से बचने के लिए रोवर को सोलर पावर वाले उपकरणों से भी लैस किया गया है। जिससे रोवर की दूरी का सटीक पता लगाने में आसानी होगी।

पहलाज निहलानी मेरे साथ सॉफ़्ट पॉर्न बनाना चाहते थे: कंगना रनौत

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत अपने बेबाक बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं। हाल ही में उन्होंने सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी पर आरोप लगाया। कंगना ने कहा कि पहलाज निहलानी ने मुझे एक फिल्म ऑफर की थी, जिसमें मुझे एक साटिन रोब में बिना अंडरगार्मेंट्स के फोटोशूट करवाने के लिए कहा गया था।

एक इंटरव्यू में कंगना ने बताया, “पहलाज निहलानी ने मुझे आई लव यू बॉस नाम की फिल्म ऑफर की। उन्होंने मुझे एक साटिन का रोब दिया जिसको मुझे बिना अंडरगार्मेंट्स के पहनना था और उस रोब में से पैर बाहर रखना था। फिल्म में मेरा रोल एक जवान लड़की का था, जो अपने उम्रदराज बॉस को रिझाती है।”

कंगना ने कहा कि उन्हें लड़की के पोज़ में अपने बॉस को खुश करने का रोल करना था जो वासना से भरी है। यह सॉफ्ट पोर्न जैसा किरदार था। उन्होंने ये फोटोशूट करवा लिया था, लेकिन फिर उन्हें लगा कि वो ये फिल्म नहीं कर सकतीं, इसलिए उन्होंने फिल्म को बीच में ही छोड़ दिया और गायब हो गई। इसके बाद कंगना ने अपना मोबाइल नंबर तक बदल दिया।

कंगना के इस बयान पर पहलाज निहलानी ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “आई लव यू बॉस कभी सॉफ्ट पॉर्न नहीं थी। मैंने उस पिक्चर ऐड पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए और तीन गाने शूट किए। लेकिन मेरे पोस्टर और ऐड के साथ ही उन्हें महेश भट्ट की फिल्म गैंग्स्टर मिल गई। क्योंकि हमने तीन फिल्मों की डील की हुई थी, इसलिए कंगना ने मुझसे निवेदन किया कि मैं उन्हें गैंगस्टर करने दूँ। उन्हें (कंगना को) मेरे साथ नहीं खेलना चाहिए क्योंकि मेरे पास उनके साथ खेलने के लिए बहुत कुछ है।”

ओडिशा की सरकार ने सिर्फ गरीबी-भुखमरी दिया, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान योजना से भी वंचित रखा: PM

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनावी दौरों पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (मार्च 29, 2019) को ओडिशा के कोरापुट पहुँचे और एक जनसभा को संबोधित किया। यहाँ उन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक की बात करते हुए विरोधी दलों को निशाने पर लिया और कहा कि एक तरफ जहाँ पाकिस्तान लाशें गिनने में लगा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ यहाँ के कुछ लोग सबूत माँगने में लगे हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने A-SAT मिसाइल का जिक्र करते हुए कहा कि दो दिन पहले ही, ओडिशा एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि का गवाह बना है, जिसने पूरी दुनिया को भारत के सामर्थ्य से परिचित कराया है। भारत अब अंतरिक्ष में भी चौकीदारी करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि ओडिशा तभी मजबूत बनेगा जब यहाँ का आदिवासी, यहाँ का किसान, यहाँ का नौजवान, आगे बढ़ेगा। जब यहाँ और केंद्र में, दोनों ही जगहों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार होगी।

बीजेडी सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते 7 दशकों में जिन्होंने यहाँ सरकारें चलाई हैं, उन्होंने ओडिशा को गरीबी और भुखमरी के अलावा कुछ नहीं दिया। यहाँ की सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के लाभ से भी अभी तक ओडिशा की जनता को दूर रखा है। गरीबों और आदिवासियों के नाम पर योजनाएँ बनती हैं, मगर बिचौलिए और दलाल उसका फायदा लूट ले जाते हैं, और असली लाभार्थी हाथ मलता रह जाता है।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “किसान सम्मान निधि के तहत देश के जिन 12 करोड़ किसानों को हम सीधी मदद बैंक खाते में दे रहे हैं उनमें से एक भी ओडिशा का किसान नहीं है, क्योंकि यहाँ की सरकार किसानों के सामने दीवार बनकर खड़ी हो गई है।”

इसके साथ ही पीएम ने कहा, “कोरापुट में तो ऐसी घटनाएँ भी देश ने देखी हैं कि इलाज तो मिला ही नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद भी अपमानित होना पड़ा है। आपका ये चौकीदार ऐसी व्यवस्थाओं को बदलने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। हमारी सरकार देशभर की बड़ी पंचायतों में अस्पताल खोलने पर काम कर रही है। देशभर में डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर बनाए जा रहे हैं। गाँव-गाँव में बच्चों और प्रसूता माताओं को टीके लगाने का काम हमने तेज किया है।”

रैली में पीएम ने कहा, “मतदान के दिन जब आप पोलिंग बूथ जाएँगे तो एक स्पष्ट मन बनाकर जाइएगा। आपको ये तय करना है कि आतंक के ठिकानों में घुसकर मारने वाली सरकार चाहिए, या फिर घबराकर बैठ जाने वाली सरकार।”

आगे पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि यह तभी संभव हो पाया है, जब ओडिशा की जनता ने सहयोग और समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि जो सरकारें नक्सली हिंसा पर काबू नहीं पा सकतीं, जो उसके सामने कमजोर नज़र आती हैं, उन्हें क्या सज़ा देनी है, इसका फैसला जनता करेगी।

कॉन्ग्रेस कुछ भी विलक्षण चुनावी वादे कर रही है क्योंकि उन्हें पता है वो वापस नहीं आ रहे: PM

अपने लोकलुभावन न्यूनतम आय गारंटी (न्याय) के वादे पर कॉन्ग्रेस पर कटाक्ष करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि एक ही परिवार की आज पाँचवीं पीढ़ी ऐसे ही विलक्षण वादे करके गरीबी उन्मूलन का एक ही वादा दोहरा रही है। क्योंकि वे जानते हैं कि वे वास्तव में सत्ता में आने वाले तो है नहीं, जो उन्हें इन योजनाओं को लागू करना पड़े।

लोकसभा चुनाव से पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिपब्लिक भारत को दिए इंटरव्यू में बहुत से महत्तवपूर्ण विषयों पर चर्चा की। हर सवाल का उन्होंने खुलकर जवाब दिया फिर चाहे वो विपक्ष से संबंधित हो या फिर आगामी चुनाव से जुड़ा प्रश्न। 2019 में अपनी सुनिश्चित जीत का आश्वासन देते हुए उन्होंने बाकी दलों को 2024 के चुनाव की तैयारी करने की सलाह भी दी।

लोकसभा चुनाव को मद्देनज़र रखते हुए मोदी ने दावा किया कि इन चुनावों में महागठबंधन का गणित नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि नामांकन के बाद अभी विपक्ष और भी ज्यादा बिखरता हुआ नज़र आएगा।

साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को हमेशा बेबुनियाद सवालों पर घेरने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी और अन्य विपक्ष को भी उन्होंने मुँहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान क्या सरकार गंभीर मुद्दों पर भी नहीं बोल सकती हैं? विपक्ष का अज्ञान बड़ा है।

उन्होंने कहा कि उनकी देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं कर सकता है। जनता ने विपक्ष के मुँह पर ताला लगाया है। विपक्ष द्वारा उनके कार्यों पर उठाए सवालों पर पीएम ने खुली चुनौती दी, “आइए डिबेट हो जाए, बैंक खाते और रोजगार पर, आइए डिबेट हो जाए मेरे कामकाज पर।”

पीएम ने जनता से इस दौरान कहा कि जनता को उन लोगों को पहचानना होगा जो अपने पीएम पर शक करते हैं और जो पाकिस्तानी पीएम की तारीफ़ करते हैं। यहाँ पीएम ने अभिनन्दन वाली घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभिनन्दन के मुद्दे पर लोग कैंडल लेकर निकलने तक को तैयार हो गए थे। लेकिन जैसे ही वहाँ के पीएम ने उन्हें छोड़ने को कहा विपक्ष की राजनीति धरी की धरी रह गई।

विपक्ष द्वारा किए जा रहे सवालों पर पीएम बोले कि उन पर 250 जोड़े कपड़े रखने का आरोप लगा है। जनता तय करेगी कि वह 250 जोड़े कपड़े रखना, 250 करोड़ चुराने से अच्छा है या नहीं। बता दें कि मोदी ने यह टिप्पणी विपक्ष के उन नेताओं और उनके बच्चों पर की हैं जिनकी आय और संपत्ति में बेहिसाब बढ़ोतरी पाई गई।

पूरे विपक्ष पर मोदी ने हमला बोला और कहा कि सारे ठग इंतजार कर रहे हैं कि कब भाजपा सरकार बदले और वह लौटें।

माल्या जैसे भगौड़ों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने सारे भगोड़ों की संपत्ति जब्त की है। सरकार ने 14000 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त किया।

मिशेल द्वारा प्राप्त जानकारियों और रॉबर्ट वाड्रा पर भी नरेंद्र मोदी ने खुलकर बयान दिया। उन्होंने बताया कि मिशेल भ्रष्टाचार के बारे में बड़े खुलासे कर रहा है, लोग पकड़े जा रहे हैं। दामादश्री’ पर पीएम मोदी का बयान- खुद को राजा-महाराजा समझते थे।

नरेंद्र मोदी ने अपने इस इंटरव्यू में जो बेबाकी दिखाई है, वो उनके हर भाषण का हिस्सा रही है। यहाँ उन्होंने 2014 के बारे में भी जानकारी दी और हाल ही में अंतरिक्ष में टेस्ट की गई ASAT के बारे में भी बताया।

गौ तस्करी मामले में इरफ़ान, असरफ़ गिरफ़्तार, रियासत अली और अरशद फ़रार, पुलिस पर चढ़ा दी गाड़ी

सहारनपुर के नानौता में गुरुवार तड़के हुई गोलीबारी में एक कांस्टेबल और दो गाय तस्कर घायल हो गए। ख़बर के अनुसार, पुलिस ने दो देसी पिस्तौल और कुछ कारतूस भी बरामद किए हैं।

थाना प्रभारी मनोज कुमार चौधरी के मुताबिक, गुरुवार (29 मार्च) सुबह क़रीब 4 बजे, SI सैय्यद मुनाजिर हुसैन, हेड कॉन्स्टेबल राजीव और अन्य चार पुलिस अधिकारियों ने एक संदिग्ध पिकअप ट्रक को चेकिंग के लिए रोका। ट्रक चालक ने पेडल को धक्का दिया और वाहन की गति बढ़ा दी। इतना ही नहीं, पीछा करने के दौरान जब पुलिस टीम उस पिकअप के पास पहुँची तो पिकअप ट्रक के चालक ने पुलिस कर्मियों को जान से मारने की मंशा से वाहन को उनके ऊपर चढ़ाने की कोशिश की।

तभी पिकअप ट्रक में सवार चार लोग कूद कर बाहर निकले और एक झील के पास भागे जहाँ से उन्होंने पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाईं। इसी गोलीबारी में हेड कॉन्स्टेबल राजीव घायल हो गए लेकिन थाना प्रभारी चौधरी बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण बच गए। पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में, दो गाय तस्कर घायल हो गए जिन्हें प्राथमिक चिकित्सा दिए जाने के बाद ज़िला चिकित्सालय रेफर किया गया। इसके अलावा पुलिस को चकमा देकर रियासत और अरशद वहाँ से भागने में क़ामयाब हो गए। पकड़े गए घायल तस्करों में एक इरफ़ान है और दूसरा असरफ़ है।

जानकारी के अनुसार, महिन्द्रा पिकअप और उसमें लदे छह बछड़ों को पुलिस ने अपने क़ब्जे में ले लिया है। बता दें कि पिकअप में लदे छह बछड़ों को नशीली दवा पिलाई गई थी जिससे वो शोर न मचा सकें। फ़िलहाल पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

गाय की तस्करी से जुड़ा यह मामला कोई पहला नहीं हैं। इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जाता रहा है, ये और बात है कि इनमें से केवल कुछ ही मामले सामने आते हैं और बाक़ी हवा हो जाते हैं।

भारत के लोकसभा चुनाव पर पाकिस्तान के अलावा अमेरिका और चीन की भी है पैनी नज़र

भारत के लोकसभा चुनाव पर वैसे तो दुनियाभर की आँखे लगी हुई हैं लेकिन इसमें भी पाकिस्तान समेत अमेरीका और चीन की विशेष नज़र है। इसकी वजह है भारत का लगातार बढ़ता बाज़ार यानी आर्थिक रूप से सशक्त बनते भारत से सभी को उम्मीदें है और इसीलिए भारत का साथ सभी चाहते हैं। भले ही देश के अंदर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ हो लेकिन देश के बाहर बड़ी शक्तियाँ भारत को एक मज़बूत साझेदार के रूप में देख रही हैं।

भारत-पाकिस्तान के रिश्ते भले ही खटास लिए हों लेकिन बात अगर आर्थिक जगत की करें तो साल 2016-17 के बीच भारत ने पाकिस्तान के साथ लगभग 1,821 मिलियन यूएस डॉलर का निर्यात किया था जबकि क़रीब 454 मिलियन यूएस डॉलर का सामान आयात किया था। यह आर्थिक सौदा इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि इसी दौरान (2016) जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने भारतीय सेना के कैंप पर हमला किया था। इस हमले में सेना के 19 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। आतंकी गतिविधियों के बावजूद भारत-पाकिस्तान के व्यापार में कोई गिरावट नहीं दर्ज की गई थी जोकि पहले की ही तरह बदस्तूर जारी रहे। आने वाली सरकार से भविष्य की नीतियों को लेकर पाकिस्तान के लिए भारत का लोकसभा चुनाव काफी मायने रखता है।

चीन की नज़र भी भारत की आने वाली सरकार पर टकटकी लगाए हुए है। इसकी सबसे बड़ी वजह व्यापार को ही लेकर है जो 2017 के मुकाबले 2018 में बढ़ा था। भारत सरकार के आँकड़ों के अनुसार चीन को 18.1584 बिलियन यूएस डॉलर का एक्सपोर्ट किया गया था जोकि 2017 के मुक़ाबले क़रीब 15.2 फ़ीसद अधिक था। चीन इस बात को बहुत अच्छी तरह से जानता है कि भारत का बढ़ता कारोबार उसके लिए सोने की खान से कम नहीं है। इसीलिए उसने भारत में पिछले पाँच वर्षों में अरबों का निवेश किया है।

अमेरिका के भारत के साथ संबंध काफी मायने रखते हैं। बीते सालों में अमेरिका ने भारत का साथ हर मुद्दे पर बख़ूबी निभाया है। हाल की गतिविधियों में आतंकवाद जैसे मुद्दे में भारत के साथ खड़ा होना और चिनूक हेलीकॉप्टर देना भारत के प्रति उसकी वफ़ादारी को दर्शाता है। बीते पाँच सालों में अमेरिका ने भारत के साथ अपने संबंधों को पहले की तुलना में काफी बेहतर बनाया है। दोनों देशों के बीच 2018 में व्यापारिक घाटे में लगभग डेढ़ बिलियन यूएस डॉलर से अधिक की बढ़त हुई है। अमेरिका को अपना माल खपाने के लिए चीन के साथ-साथ भारत की भी काफी ज़रूरत है इसलिए आगामी लोकसभा चुनावों पर अमेरिका की नज़र लगातार बनी हुई है।

A-SAT पर कॉन्ग्रेस में प्राथमिक ज्ञान का अभाव, ऐसे टेस्ट से पहले लंबी ग्लोबल प्लानिंग की ज़रूरत: PM

27 मार्च 2019 का दिन भारतवासियों के लिए काफी गर्व का दिन रहा, क्योंकि इस दिन भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व की चौथी महाशक्ति बन गया। इस सफलता पर जहाँ लोग खुशियाँ मना रहे हैं, गर्वित महसूस कर रहे हैं, वहीं कुछ विपक्षी राजनीतिक पार्टियाँ इस मसले पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे।

इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ को एक इंटरव्यू दिया। इस दौरान उन्होंने ‘मिशन शक्ति’ को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी परीक्षण बस ऐसे ही नहीं हो जाता, इसके लिए एक लंबी प्रक्रिया होती है। ऐसे परीक्षण के लिए लिए दुनिया के देशों को इस बात से अवगत कराना होता है कि हमें अंतरिक्ष में जगह चाहिए, ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो जाए। पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया से तालमेल करके आपको समय मिलता है, तभी आपको परीक्षण का समय मिलता है।

इसके साथ ही पीएम मोदी ने विपक्षी पार्टी कॉन्ग्रेस के बारे में बात करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस में प्राथमिक ज्ञान का अभाव है। A-SAT टेस्ट से पहले लंबी ग्लोबल प्लानिंग चाहिए होती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष में कोई छोटा दल इस तरह की बातें करे तो समझा जा सकता है, लेकिन कॉन्ग्रेस जैसी पार्टी, जिसने लंबे समय तक देश में शासन किया है और उनके पास काफी अनुभवी नेता हैं। ऐसे में कॉन्ग्रेस को यह समझना चाहिए कि वो जिस विषय पर बोलने जा रहे हैं, वो विषय क्या है? इसके साथ ही पीएम ने कहा कि किसी भी विषय पर बोलने के लिए जो प्राथमिक ज्ञान चाहिए, उसका भी कॉन्ग्रेस में अभाव दिखाई देता है।

इस दौरान मोदी ने कहा कि दो दिन पहले ही ओडिशा एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि का गवाह बना है, जिसने पूरी दुनिया को भारत के सामर्थ्य से परिचित कराया है। भारत अब अंतरिक्ष में भी चौकीदारी करने में सक्षम है।

पीएम मोदी ने कहा कि 2019 का चुनाव सिर्फ एक सांसद और विधायक का चुनाव नहीं है। ये चुनाव केंद्र और राज्य में विकास का डबल इंजन लगाने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकारों के चुनाव का समय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मतदान के दिन जब आप पोलिंग बूथ जाएँगे तो एक स्पष्ट मन बनाकर जाइएगा। आपको ये तय करना है कि आतंक के ठिकानों में घुसकर मारने वाली सरकार चाहिए, या फिर घबराकर बैठ जाने वाली सरकार।

गौरतलब है कि भारत ने बुधवार (मार्च 27, 2019) एंटी सैटेलाइट मिसाइल क्षमता हासिल कर ली है। इससे पहले सिर्फ रूस, अमेरिका और चीन के पास ये ताकत थी। इस ऐतिहासिक दिन पर प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने ‘मिशन शक्ति’ के तहत एक मुश्किल ऑपरेशन को पूरा किया है। ये लक्ष्य अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर था। हमारे वैज्ञानिकों ने लो अर्थ ऑरबिट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है।

ठगी करने वाले धन्नासेठों को फुटपाथ पर बैठा दिया, ठग धन्नासेठ आज मेरी वजह से भाग रहे हैं: PM

लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने आज रिपब्लिक टीवी को एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी बड़े ही बेबाक अंदाज में अर्नब के हर सवाल का जवाब देते नज़र आए। अर्नब गोस्वामी से बात करते हुए मोदी ने एक तरफ़ जहाँ राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर देश के कई अहम मुद्दों पर बात की वहीं आगामी चुनावों के साथ 2014 के चुनावों को भी याद किया। साथ ही बताया कि विपक्ष और जनता उनके बारे में क्या राय रखती है।

पीएम मोदी ने इस इंटरव्यू में कहा कि पहले लोग उन्हें नहीं जानते थे, लेकिन अब देश उन्हें जानता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के मसलों पर भी देश उनके रुख से अच्छी तरह वाकिफ़ है। पीएम मोदी ने इस इंटरव्यू में बताया कि पिछली बार (2014) में जब वह पूर्ण बहुमत की सरकार आने का दावा करते थे तब विपक्ष कहता था कि मोदी हवा में हैं, उन्हें गुजरात से बाहर का ज्ञान नहीं हैं लेकिन जनता ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार दी।

इस इंटरव्यू में पीएम ने पिछली सरकार के बारे में कहा “30 साल की अस्थिरता वाली सरकार का दौर जनता ने देखा है, देश की जनता गठबंधन के खिलाफ नहीं है, लेकिन वो ऐसी सरकार चाहती है जहाँ गठबंधन का सबसे बड़ा दल है, उसे पूर्ण बहुमत मिले और बाकि गठबंधन के घटक दलों को भी अच्छी ताकत मिले और 5 साल में जो भी हम अच्छा कर पाएँ हैं उसके पीछे जनता का हाथ है, जिसने हमें पूर्ण बहुमत देकर भरोसा जताया। दुनिया के किसी भी नेता से मैं मिलता हूँ तो पूर्ण बहुमत सरकार का नेता होने के नाते, दुनिया के देखने के नज़रिए में भी बदलाव आता है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 30 से 40 उम्र का मतदाता 30 सालों वाली अस्थिर और 5 साल वाली स्थिर सरकार के बीच में फर्क़ जानता है। इसके अलावा मोदी पर हमेशा उद्योगपतियों का भला करने का इल्जाम विपक्ष के द्वारा लगाया जाता रहा है। इस पर पीएम ने जवाब दिया कि उन्होंने जो 9 करोड़ टायलेट और 1.25 करोड़ घर बनवाए क्या वो अडानी-अंबानी थे।

पीएम मोदी के काल में माल्या और नीरव जैसे भगौड़े आर्थिक अपराधियों के विदेश भाग जाने का इल्जाम भी पीएम पर लगता रहा है। इस इंटरव्यू में पीएम ने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंनें ठगी करने वाले धन्नासेठों को फुटपाथ पर बैठा दिया। ठग धन्नासेठ आज मेरी वजह से भाग रहे हैं।

पीएम ने इंटरव्यू में जनता के मन के बारे में बात करते हुए कहा कि अब जनता ने भी मन बना लिया है कि अब जो सरकार बनेगी वो पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि आज लोगों को पता है कि मोदी ने सुऱक्षा, गरीबी जैसे विषयों पर क्या-क्या किया है। इसलिए इस चुनाव में उन्हें विश्वास कि वो इसमें पहले से भी ज्यादा सीटें के साथ और पूर्ण बहमत के साथ सरकार में आएगी और एनडीए के घटक दलों को भी पहले से भी ज्यादा सीटें मिलेंगी। पीएम ने आश्वासन दिया कि जहाँ वह कमी महसूस करते हैं कि कुछ जगह ऐसी है जहाँ से उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिलता, इस बार उन जगहों से भी जनता उनकी सरकार को चुनकर सत्ता में भेजेगी।

इंटरव्यू के ज़रिए मोदी ने उन लोगों को चेतावनी दी है, जो किन्हीं भी माएनों देश को नुकसान पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं। पीएम ने कहा है कि जो देश का नुकसान करेगा, उसे भुगतना पड़ेगा।

बता दें 2019 का लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होना तय हुआ है। पहले चरण की तारीख 11 अप्रैल है जबकि आखिरी चरण की तारीख 19 मई को है। देखना अब यह है कि 23 तारीख को आने वाले नतीजों में क्या एक बार फिर से देश की जनता पूरे विपक्ष को गलत साबित करते हुए नरेंद्र मोदी के विश्वास को जिताएगी।

पटना में पकड़े गए 2 आतंकियों की निशानदेही पर महाराष्ट्र में 1 और आतंकी गिरफ्तार

हाल ही में पटना जंक्शन के पास 2 संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकवादी गिरफ्तार हुए थे। जिनकी निशानदेही पर ATS ने कल महाराष्ट्र से एक और आतंकी को गिरफ्तार कर लिया है।

आतंकी का नाम शरीयत मंडल है। महाराष्ट्र एटीएस और राज्य एटीएस की टीम ने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ से सटे चाकण इलाके से इसे गिरफ्तार किया है। पूरे ऑपरेशन को कामयाब बनाने में एनआइए का भी खासा योगदान रहा है। गिरफ्तारी के बाद शरीयत को महाराष्ट्र के अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उसे महाराष्ट्र के कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड पर बिहार ATS को सौंप दिया।

आतंकी मूल से रूप से पश्चिम बंगाल के नादिया जिला के हासखली थाना क्षेत्र वाजिदपुर का रहने वाला है। शरीयत से ATS ने पूछताछ पर खुलासा किया है कि वह पटना में गिरफ्तार आतंकवादी अबु सुल्तान और खैरूल मंडल से संपर्क में बना हुआ था।

यहाँ बता दें कि शरीयत के पास से दो मोबाइल के अलावा एक एसडी कार्ड बरामद हुआ है। यह आतंकी इस्लामिक स्टेट बांग्लादेश का एक सक्रिय सदस्य था।। पटना में गिरफ्तार दोनों आतंकियों की तरह यह भी ISIS से जुड़ना चाहता था।

मीडिया खबरों के मुताबिक हाल ही में पकड़े गए आतंकियों ने बताया कि वे पीएम मोदी की होने वाली जनसभा और रैलियों की जानकारी जुटा रहे थे। बांग्लादेश में बैठे इन आतंकियों के सरगना ने उन्हें हिंसक घटनाओं को अंजाम देखर भारत के सामाजिक और धार्मिक माहौल बिगाड़ने की साजिश के साथ भेजा था।

भारत के सख्त एक्शन से डरा पाकिस्तान, PoK में बंद किए चार आतंकी कैंप

पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना की तरफ से पाकिस्तान स्थित बालाकोट के आतंकी कैंपों पर किए गए एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान सहमा हुआ है। एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। जिसका भारत मुँहतोड़ जवाब दे रहा है। भारत के इस जवाबी कार्रवाई से अब सीमा पार मौजूद आतंकी संगठनों में खौफ साफ दिख रहा है। भारत की कार्रवाई से डरे पाकिस्तान ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद 4 आतंकी कैंपों को बंद कर दिया गया है। इस बात का खुलासा मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है।

जानकारी के मुताबिक 16 मार्च को PoK में एक बैठक हुई। इस बैठक में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी अशफाक बड़वाल भी शामिल हुआ था। इस बैठक में ही ये तय किया गया कि यहाँ पर मौजूद सभी आतंकी संगठनों को बंद किया जाए, क्योंकि भारत की ओर से लगातार सीज़फायर उल्लंघन का जवाब भारी गोलीबारी से दिया जा रहा है। इसकी वजह से ये कैंप भी निशाने पर आ सकते हैं। बता दें कि, पाकिस्तान ने जिन कैंपों को बंद करने का फैसला किया है, वह कोटली और निकियाल सेक्टर में हैं, जो सुदंरबनी और राजौरी के पास हैं। चारों आतंकी कैंपों का संचालन आतंकी अशफाक बड़वाल ही किया करता था। जबकि दो कैंप पाला और बाघा क्षेत्र में है, जो जैश-ए-मोहम्मद के द्वारा संचालित किया जाता है।

इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई पाकिस्तान की राष्ट्रीय आंतरिक सुरक्षा समिति की पहली बैठक में पाक पीएम इमरान खान ने कहा कि आतंकवाद और चरमपंथ से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना का क्रियान्वयन उनकी सरकार की प्राथमिकता में है। ऐसा माना जा रहा है कि इमरान ने यह बयान जैश-ए- मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर लगाम लगाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच दिया है।

पाक राष्ट्रीय आंतरिक सुरक्षा समिति की यह बैठक ऐसे वक्त में हुई है, जब वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) से जुड़े क्षेत्रीय संगठन धन शोधन पर एशिया प्रशांत समूह इस बात पर गौर करने के लिए पाकिस्तान आया है कि पाकिस्तान ने वित्तीय अपराधों के खिलाफ वैश्विक मानकों पर पर्याप्त प्रगति की है या नहीं। पाक पीएम ने कहा कि उनकी सरकार इस योजना को पूरी तरह से लागू करने और सभी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि 14 फरवरी, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की। जिसमें आतंकी सरगना जैश के कई आतंकी कैंप नष्ट हो गए। इस घटना के बाद पाकिस्तान पर लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है कि वह आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करे और आतंकियों को पनाह ना दे।