मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) सुनील अरोड़ा ने चुनाव नतीजों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को जिम्मेदार बताए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार (मार्च 05, 2019) को चुनाव आयोग की टीम के साथ जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर गए सुनील अरोड़ा ने कहा कि राजनीतिक दलों ने EVM मशीन को फुटबॉल बना कर रख दिया है।
CEC Arora: After that there were many polls,K’tka,5 states,everywhere results different.Sorry to say we have made EVMs a football, if result is X,EVM is good if result is Y EVM is not good as if EVM is voting. It’s you&I who are voting,so no point in going over this again (2/2) https://t.co/2XpackV34Z
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “अभी कुछ महीने पहले कर्नाटक के अलावा 5 अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। जहाँ हर जगह अलग-अलग नतीजे देखने को मिले। मैं यह कहने के लिए क्षमा माँगता हूँ कि EVM को राजनीतिक दलों नें फुटबॉल बना कर रख दिया है। अगर रिजल्ट X आता है तो EVM अच्छा है और अगर Y आता है तो बुरा बता दिया जाता है।”
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि EVM वोटिंग नहीं करता, बल्कि मतदाता करते हैं। इसलिए EVM की विश्वसनीयता पर संदेह करने का कोई कारण ही नहीं है। जब भी चुनाव आते हैं तो EVM को लेकर राजनीतिक दल सवाल उठाने लगते हैं।
कॉन्ग्रेस समेत अनेक विपक्ष दल EVM द्वारा चुनाव कराए जाने पर अपना विरोध जाहिर कर चुके हैं। ये दल अक्सर आरोप लगाते हुए पाए जाते हैं कि EVM के साथ छेड़छाड़ की जाती है, जिससे केंद्र में सत्तारूढ़ BJP सरकार को फायदा मिलता है। चुनाव आयोग कई मौकों पर EVM को लेकर अपनी राय जाहिर कर चुका है कि इससे छेड़छाड़ संभव नहीं है।
मध्य प्रदेश के इंदौर के काजी पलासिया में बच्चों की एक स्कूल बस के ब्रेक फेल होने से यह हादसा हुआ। ड्राइवर ने बच्चों की जान बचाने की कोशिश में बस को एक खेत में खड़ा कर दिया। उसी वक़्त खेत में चरने गई बकरियों में से एक की मौत हो गई।
इस बात से गुस्साए बकरी का मालिक रिजवाना उग्र हो गया और बस में घुसकर बस चालक मुकेश की पिटाई शुरू कर दी। बाद में उनके बेटे मोहम्मद अल्पेश ने अपने दोस्तों को फोन किया जिन्होंने स्कूल बस पर पथराव शुरू कर दिया।
उस समय बस के अंदर लगभग 50 छात्र थे। पथराव से बस की खिड़कियाँ टूट गई, जिससे स्कूली बच्चे चोटिल हो गए। बस में बच्चों के साथ जाने वाले शिक्षकों में से एक ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन वो भी असफल रहा।
पास के ही सरकारी स्कूल के एक सुरक्षा गार्ड ने आकर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बुलाया जिन्होंने आकर बच्चों को अस्पताल पहुँचाया। इस पत्थरबाज़ी बस के शीशे टूटने से 6 से 14 साल के नौ बच्चे घायल हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रफीक, शकील, राशिद, आरिफ, साबिर, हाकिम, नईम, नसीर, जावेद, नौशाद और मोहम्मद अल्पेश के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की गई, साथ ही रिजवाना के अतिरिक्त 8 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। हकीम के कहने पर चालक मुकेश के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री शहरयार अफरीदी ने आज कहा कि मसूद अजहर के भाई मुफ्ती अब्दुल रऊफ और हम्माद अजहर समेत 44 आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पाकिस्तान के मंत्री ने दावा किया है कि सोमवार को नेशनल एक्शन प्लान के तहत एक बैठक की गई, जिसमें यह तय किया गया कि प्रतिबंधित किए गए सभी संगठनों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जाए।
भारतीय मीडिया को जानना चाहिए कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का यह हथकंडा कोई ‘स्टेट्समैन’ होने का उदहारण नहीं है। पाकिस्तान द्वारा इस तरह की कार्रवाई पहले भी कई बार की जा चुकी हैं, जब जकीउर रहमान लखवी और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को इसी तरह कैद किया गया और बिना किसी कार्रवाई के ही रिहा कर दिया गया था।
पाकिस्तान की पिछली हरकतों को देखते हुए हम बता सकते हैं कि उनके अगले स्टेप्स क्या हो सकते हैं
1- पूछताछ
पाकिस्तानी यह दावा करेगा कि वह आतंकवादियों का आतंकवाद में शामिल होने और योगदान के लिए पूछताछ कर रहा है। मामले पर ज्यादा खबर दिए बिना ही दिन बीतते जाएँगे। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाए जाने पर समय-समय पर वही पुराने घिसे-पिटे बयान जारी किए जाएँगे। इस सब नाटक के बीच, आतंकवादी पाकिस्तानी सेना द्वारा पेश की जाने वाली मेहमान नवाजी और ऐशो आराम का आनंद लेंगे।
2- छानबीन जारी है
इन सब प्रक्रियाओं के बाद एक बयान जारी किया जाएगा कि अधिकारी आतंकवादियों के खिलाफ आरोपों की गंभीरता से जाँच कर रहे हैं और उनके नेता दावा करेंगे की वो आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
3- अंतरराष्ट्रीय दबाव के कम होने तक ‘धैर्य प्रदर्शन’
वर्तमान में, पाकिस्तान FATF द्वारा ब्लैक लिस्टेड होने से बचने की कोशिश कर रहा है। इसे ‘ग्रे लिस्ट’ से बाहर होने के लिए अपनी योजना पूरा करने के लिए अक्टूबर तक का समय दिया गया है, जिसके बाद पाकिस्तान ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। FATF ‘ग्रे सूची’ में होने के अर्थ है कि किसी देश को अंतरराष्ट्रीय ऋण प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए, कम से कम अक्टूबर तक पाकिस्तान आतंकवाद पर अपनी कार्रवाई को लेकर बेहद गंभीर होने का दिखावा करेगा।
4- चुपचाप रिहाई
एक बार FATF की ‘ग्रे सूची’ से पाकिस्तान को हटा दिए जाने के बाद, वो चुपचाप अपने आतंकवादियों को वापस छोड़ देगा क्योंकि आतंकवादियों को हिरासत में लिए जाने का कारण ही यही है। तब तक आतंकवादी पाकिस्तान के करदाताओं के रुपयों पर पूरी मौज भी कर चुके होंगे।
5- आतंकवादियों की ‘क्लीन चिट’ देकर विदाई
इसके बाद पाकिस्तानी अधिकारी दावा करेंगे कि उनकी गहन जाँच से कोई नतीजा नहीं निकला है और उन्हें इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि आतंकवादी किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। वे उन्हें एक बार फिर ‘शांति दूत’ घोषित करेंगे और इसके बाद उन लोगों का पीछा किया जाएगा जिन्होंने कभी उनकी ईमानदारी पर संदेह किया था। इस तरह से आतंकवादियों को ‘क्लीन चिट’ भी मिल जाएगी। जल्द ही वे अपने ‘काम’ पर वापस लग जाएँगे और मुस्लिमों से हिंदुओं के खिलाफ जिहाद छेड़ने के लिए तैयार करेंगे।
6- फिर वही जिहाद की ज़िन्दगी – हमें क्या हम तो आतंकवादी हैं
घटनाएँ फिर अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएँगी। आतंकवादी, अब वापस खुले में, अपने सामान्य ऑपरेशन को फिर से शुरू कर सकेंगे और पाकिस्तानी सरकार की मदद के लिए दुबारा भारत के खिलाफ अपनी आतंकवादी हरकतें शुरू कर देंगे। ‘क्लीन चिट’ प्राप्त आतंकवादी फिर से पाकिस्तानी सेना की मदद से सीमा पार से आतंकवादियों की तस्करी करने की कोशिश करेंगे और अपने मिशन, ‘Bleed India with a thousand cuts’ को आगे बढ़ाएँगे।
इस बात में कोई शक नहीं है कि पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तानी क्षेत्र के भीतर घुसकर भारतीय वायु सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक के बाद कुछ चीजें बदल चुकी हैं। लेकिन फिर भी आतंकवादी सिर्फ और सिर्फ भारत पर दुबारा हमला करने का मौका ढूँढ रहे होंगे।
पुलवामा हमले के बाद से ही पाकिस्तान पर लगातार आतंकवाद पर कार्रवाई करने का दवाब बन रहा है और इसी बीच पाकिस्तान की तरफ से खबर आई है कि आतंकी मसूद अजहर के भाई मुफ्ती अब्दुल रऊफ और हम्मार अजहर समेत 44 आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हालाँकि पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री शहरयार अफरीदी का कहना है कि ये कार्रवाई किसी दवाब में नहीं किया है, लेकिन ये बात जगजाहिर है कि पाकिस्तान ने ये कार्रवाई दवाब में आकर किया है।
शहरयार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पाकिस्तान सरकार का ये एक्शन किसी बाहरी दबाव में नहीं हुआ है। ये कार्रवाई सभी प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ की गई है। शहरयार ने कहा कि भारत ने जो डोजियर सौंपा था, उसमें मसूद के इन दोनों भाईयों का नाम भी शामिल था। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की गई और फिर गिरफ्तार किया गया।
आतंकवाद को लेकर चारो तरफ से घिरा पाकिस्तान भले ही आतंकियों के गिरफ्तारी की बात कर रहा है, लेकिन इस पर विश्वास करना काफी मुश्किल है। हो सकता है कि पाकिस्तान इस बार भी लोगों की आँखों में धूल झोंक रहा हो, जैसा कि उसने पिछली बार किया था। बता दें कि पाकिस्तान ने पुलवामा हमले के बाद आतंकी हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा पर बैन लगाने की बात कही थी, जो कि बिल्कुल झूठी निकली। जब इससे संबंधित लिस्ट सामने आई, तो जो सच सामने निकलकर आया, वो ये था कि पाकिस्तान सरकार की तरफ से इस संगठन पर बैन नहीं लगाया गया था, सिर्फ निगरानी रखने की बात कही गई थी।
सार्वजनिक स्थल पर किसी वीआईपी या वीवीआईपी के आने पर उन्हें प्रशासन की तरफ से विशेष सुविधा मुहैया कराना तो आम बात है और ऐसा होते हुए तो आपने अक्सर ही देखा होगा। मगर जब कर्नाटक के गृहमंत्री एमबी पाटिल सोमवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव मंदिर में दर्शन करने गए और उन्हें मंदिर में दर्शन के लिए स्पेशल एक्सेस दिया गया तो वहाँ का माहौल ही बदल गया।
दरअसल हुआ ये कि जब एमबी पाटिल कर्नाटक के विजयपुर के अमरगंदीशरा शिव मंदिर में दर्शन करने पहुँचे तो वहाँ काफी भीड़ थी। जिसकी वजह से प्रशासन उन्हें कतार से निकालते हुए वीआईपी एक्सेस देकर अंदर दर्शन करवाने ले जाने लगा। इसी बीच वहाँ कतार में खड़ी एक लड़की ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि आपको तो लाइन में आना चाहिए।
उस लड़की ने कहा, “हमलोग यहाँ पर लगभग एक घंटे से खड़े हैं। आप भले ही मंत्री हैं, लेकिन आपको भी कतार में खड़े होना चाहिए। आपको इस तरह से मंदिर के स्पेशल ट्रीटमेंट की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।”
लड़की के द्वारा आपत्ति जाहिर करने के बाद गृह मंत्री ने खुद आगे आकर उससे माफी माँगी और सफाई देते हुए कहा कि उन्हें दो अहम बैठकों में हिस्सा लेने जाना है और इन दोनों बैठकों में जाना बेहद ज़रूरी है। लिहाजा वो कतार में नहीं लग सकते हैं, क्योंकि उन्हें फ्लाइट भी पकड़नी है। इसलिए उन्हें वीआईपी एक्सेस देकर दर्शन करवाया गया।
एमबी पाटिल की बातें सुनकर लड़की ने उनकी तारीफ की और फिर उनके साथ फोटो भी क्लिक करवाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (मार्च 05, 2019) को मध्य प्रदेश के धार में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष वायु सेना की कार्रवाई पर सवाल उठा कर उसका मनोबल कम कर रहा है। मोदी ने कहा, “एयरस्ट्राइक पाक में हुए लेकिन इसका सदमा भारत में बैठे कुछ लोगों को लगा। विपक्ष के नेता उस दिन से इस तरह से चेहरा लटकाए हुए हैं, जैसे न जाने कौन सा दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो।”
आतंकियों और आतंक के सरपरस्तों को डंके की चोट पर कह दिया है कि अब उनके सामने सुधरने के अलावा कोई चारा नहीं। और अगर वो फिर भी नहीं सुधरेंगे तो क्या होगा ये भी उन्हें बता दिया गया है: नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
भारत ने अब आतंकियों और उनके सरपरस्तों को डंके की चोट पर कह दिया है कि अब उनके सामने सुधरने के अलावा कोई चारा नहीं है। अगर वो फिर भी नहीं सुधरेंगे, तो फिर क्या किया जाएगा ये भी उनको बता दिया गया है।
पिछले दिनों वायु सेना के पायलट अभिनंदन पाकिस्तान में फँस गये। हमारी सरकार के प्रयासों से 48 घंटे के अंदर ही पाकिस्तान ने अभिनंदन को देश को लौटा दिया।
पूरी दुनिया ने कह दिया है कि हिंदुस्तान ने जो किया, वो सही किया लेकिन हमारे देश का दुर्भाग्य है कि यहाँ कुछ ऐसे लोग है जिन्हें ऐसा नहीं लगता।
आज सुबह ही इन महाशय (दिग्विजय सिंह) ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले को दुर्घटना करार दिया है, यानि एक्सीडेंट। यानि एक हादसा, जो बस हो गया। यही इनकी मानसिकता है।
नामदार परिवार के ये वही खास सिपहसालार हैं, जिन्हें आतंक को बढ़ावा देने वाले शांति दूत नजर आते हैं। ये वही महोदय हैं, जिनको दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी ओसामा भी शांतिदूत लगता था।
मत भूलिए, दिल्ली के बाटला हाउस में जब आतंकियों का एनकाउंटर हुआ था तो ऐसे ही एक और राजदरबारी ने दुनिया को बताया था कि आतंकी की मौत पर तब रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाने वालों के आँसू नहीं थम रहे थे।
क्या ऐसी कॉन्ग्रेस से हम उम्मीद कर सकते हैं कि वो आतंक के सरपरस्तों को खत्म करेगी? नहीं, आतंकवाद के खिलाफ नरमी के इसी कॉन्ग्रेसी रवैये की वजह से पहले आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब नहीं मिल पाया।
एयर स्ट्राइक पाकिस्तान में हुए, लेकिन सदमा भारत में बैठे कुछ लोगों को लगा है।
भारत भर में महा-मिलावट करने वाले लोग अब अंतरराष्ट्रीय महा-मिलावट करने में लगे हैं। सिर्फ अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर महा-मिलावट कर रहे हैं।
यहाँ ये लोग मोदी को गाली देते हैं, और वहाँ पाकिस्तान में इनके लिए तालियाँ बजती हैं। वहाँ के अखबारों की हेडलाइंस इनके बयानों से भरी पड़ी हैं, वहाँ के टीवी चैनलों पर इनके ही चेहरे दिखाई पड़ते हैं।
जब एयर-स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की बोलती बंद हो गई, पूरे विश्व में अलग-थलग पड़ गया तो उसकी इज्जत बचाने के लिए यही महा-मिलावटी लोग सामने आए।
कोई सबूत माँगने लगा, तो कोई आतंकियों की लाशों की संख्या पूछने लगा और तो और ये लोग पाकिस्तान को ही शांति का दूत बताने लगे। आपने देखा होगा कि यह अंतरराष्ट्रीय महा-मिलावट एक सुर में राग अलाप रही है।
आज जब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में देश एक हो रहा है, तब ये लोग देश को भ्रमित कर इस लड़ाई को कमजोर करना चाहते हैं।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मालवा भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। धार लोकसभा में 8 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 7 कॉन्ग्रेस के पास हैं। जबकि 2013 के विधानसभा में यहाँ की 5 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। नवंबर-दिसंबर में हुए विधानसभा चुनावों में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भाजपा को सबसे कम सीटें धार जिले से ही मिली थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले यहाँ 16 फरवरी को सभा करने वाले थे, लेकिन पुलवामा हमले के बाद सभा को निरस्त कर दिया गया था।
भारत द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकियों पर ‘एयर स्ट्राइक’ करने के बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। पाकिस्तान के हर एक वार का भारत की तरफ से मुँहतोड़ जवाब दिया गया। अब घबराए पाकिस्तान ने लाइन ऑफ कण्ट्रोल के पास सेना की तैनाती बढ़ा दी है। भारतीय वायु सेना से थर्राए पाक ने सीमा के पास सेना, बख़्तरबबंद वाहन और हाथियों की खेप पहुँचानी शुरू कर दी है। ‘टाइम्स नाउ’ ने गुप्त सूत्रों के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान अपनी सीमा पर रक्षा कतार को मजबूत करने में लगा हुआ है। इतना ही नहीं, पाकिस्तानी फ़ौज का एक जत्था बहावलपुर पहुँच कर वहाँ डेरा जमाए हुए है।
A week after Indian air strikes on Jaish terror camps, the Pakistan government has ordered the movement of additional troops and heavy weaponry to the international border and the Line of Control.@deepduttajourno with the details | #PakSpookedpic.twitter.com/3KUdVJAz5A
सियालकोट सेक्टर में पाकिस्तान ने अतिरिक्त सेना बल की तैनाती की है। सियालकोट में नियमित ब्लैकआउट हो रहे हैं। सशस्त्र बलों ने लाहौर हवाई अड्डे को अपनी कड़ी निगरानी में ले रखा है। इसके अलावा मुल्तान से बहावलपुर भरी संख्या में सैनिक भेजे गए हैं। बता दें कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अज़हर बहावलपुर का ही निवासी है। सेना के एक काफिले को कराची से खोकरपुर की तरफ जाते देखा गया है। सेना की एक टुकड़ी के हैदराबाद से मीरपुर जाने की भी ख़बर आई है।
#Karachi#Bahawalpur on high alert against #India attack; #Pakistan picked up on joint #India#Israel attack plan, they backed off after #Pakistan warned of retaliation; India wont try another airstrike but we fear ground attacks, terrorist hits: PM Khan in briefing to TV anchors
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रडारों की सक्रियता में भी वृद्धि की है। फॉरवर्ड क्षेत्र के अस्पतालों को किसी भी आपात स्थिति ने निपटने हेतु तैयार रहने को कहा गया है। ज़रूरत पड़ने पर घायल सैनिकों को भर्ती कराने के लिए बेड्स आरक्षित रखने को कहा गया है। लड़ाकू विमान लगातार अभ्यास कर रहे हैं। इतना ही नहीं, स्थानीय प्रशासन ने सीमा पर रहने वाले नागरिकों को पीछे हटने को भी कहा है। सीमा को खाली कराने की कोशिशें जारी है। नरेंद्र मोदी के घर में घुस कर मारने के ताज़ा बयानों से भी पाकिस्तान सकते में है।
कुल मिला कर देखें तो ताज़ा एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान को भारत की शक्ति का एहसास हो गया है और वह किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहता। पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिरा कर भारत ने यह भी बता दिया घर में घुस कर सक्षम है और किसी भी प्रकार की जवाबी कार्रवाई को विफल कर अपनी रक्षा भी कर सकता है। पाकिस्तान के कई ड्रोन सीमा पर ही मार गिराए गए हैं। इन सभी कारणों से पाकिस्तान काफ़ी सतर्कता बारात रहा है। पहले से ही अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल रहे पाक को ईरान ने भी सर्जिकल स्ट्राइक करने की धमकी दी है।
कर्नाटक के एक वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता चर्चा में हैं। नाम है – बेलुर गोपालकृष्णन। उन्होंने एक समारोह में अपने समर्थकों से पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या का अह्वान किया है। कर्नाटक भाजपा के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से कांग्रेस नेता का वीडियो ट्वीट किया गया है।
Belur Gopalakrishna, a Congress leader in a official party function calls for assassination of democratically elected PM Sri @narendramodi ji.
कर्नाटक भाजपा ने ट्वीट में कहा है कि देश के पीएम की हत्या के लिए उकसाना राष्ट्र के लिए खतरा है। उन्होंने गृहमंत्रालय और बेंगलुरु पुलिस से तुरंत कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है।
Well @RahulGandhi we remember you saying you don’t endorse hate politics but now that your own party leader has openly called for assassination of democratically elected PM of this Nation would you act on him ?
एक अन्य ट्वीट में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को भी निशाना बनाते हुए पूछा गया, “राहुल गांधी हम आपको याद कराना चाहते हैं कि आपने कभी कहा था कि आप नफरत की राजनीति का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन अब जब आपकी ही पार्टी के नेता ने खुले तौर पर लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए इस राष्ट्र के पीएम की हत्या का आह्वान किया है तो क्या आप उन पर कार्रवाई करेंगे? यदि आप स्पष्ट रूप से कार्रवाई नहीं करते हैं तो इसका मतलब है कि आप अपने नेता के शब्दों का समर्थन करते हैं?
दिलचस्प बात यह है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद बेलुर गोपालकृष्णन भाजपा छोड़कर कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए थे। कॉन्ग्रेस में शामिल होने पर उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि यह एक झूठी पार्टी है। पार्टी में ईमानदार लोगों की कोई कद्र नहीं।
माकपा नेता नरसैया एडम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीफ क्या कर दी, उन्हें पार्टी की केंद्रीय समिति से निलंबित कर दिया गया। केन्द्रीय समिति कम्युनिस्ट पार्टी की निर्णय लेने वाली एक प्रमुख समिति होती है।
दरअसल माकपा के पूर्व विधायक नरसैया एडम ने जनवरी में सोलापुर जिले में एक आवास परियोजना को मंजूरी देने के लिए मोदी और फडणवीस की सराहना की थी। इसके साथ ही उन्होंने दोबारा मोदी को प्रधानमंत्री बनने के लिए शुभकामना भी दी थी। एडम राज्य विधानसभा में इसी क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे।
एडम को निलंबित किए जाने के मामले पर पार्टी के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसी तारीफ पार्टी की नीति के खिलाफ है। ऐसे में उन्हें तीन महीने के लिए पार्टी की केन्द्रीय समिति से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। हालाँकि अभी तक इस पर एडम की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आपको बता दें कि एडम का निलंबन 3 महीने के लिए किया गया है। उनका तीन महीने का निलंबन लोकसभा चुनावों के बाद ही समाप्त हो पाएगा। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक एडम पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी के काफी करीबी हैं, लेकिन पार्टी का विरोधी धड़ा यह चाहता था कि एडम को प्रादेशिक सचिव के पद से हटाया जाए। उन्हें हटाया जाना बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है। हालाँकि पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता का नाम दिया है, लेकिन इस निलंबन का असर लोकसभा चुनावों तक देखा जा सकता है। पार्टी की बैठकों में अब उन्हें जून या जुलाई में ही हिस्सा लेने का मौका मिल पाएगा, तब तक लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके होंगे।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद स्थित खुल्ताबाद से एटीएस ने एक डॉक्टर को गिरफ़्तार किया है। उसे आतंकवादियों के संपर्क में होने के कारण गिरफ़्तार किया गया। आतंक निरोधक दस्ते को शक है कि उक्त डॉक्टर जम्मू कश्मीर के आतंकवादियों के संपर्क में था। उस से पिछले तीन दिनों पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने आरोपित डॉक्टर की पहचान उजागर नहीं की है। उस पर आतंकवादियों को वित्तीय मदद देने में शामिल होने का संदेह है। उसके सुरक्षा बलों को धोखे से भोजन और पानी में ज़हर देने की साज़िश में शामिल होने का भी संदेह है। इसके अलावा, उसके मुंब्रा और औरंगाबाद से हाल ही में गिरफ्तार किए गए नौ संदिग्ध आतंकवादियों के संपर्क में होने का भी संदेह है।
ख़ुफ़िया एजेंसियों ने हाल ही में पाकिस्तानी आर्मी इंटेलिजेंस (MI) और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की ख़तरनाक योजना के बारे में चेतावनी जारी की थी, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों को दिए जाने वाले भोजन में ज़हर मिलाया जाने वाला था। महाराष्ट्र एटीएस ने जनवरी में आईएसआईएस आतंकी समूह से जुड़े 9 संदिग्धों को गिरफ़्तार किया था। एटीएस के अधिकारियों ने मुंब्रा के एक नाबालिग किशोर के साथ मज़हर शेख, जुम्मन खुटुपद, सलमान ख़ान, फरहाद अंसारी को गिरफ्तार किया था, जबकि मोहम्मद मोहसिन सिराजुल्लाह खान, मोहम्मद तौकीउल्लाह सिराज खान, काजी सरफराज और मशहूद इस्लाम उर्फ तारेख को औरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारियों ने विस्फोटकों के बजाय आरोपितों के पास से हाइड्रोजन पेरोक्साइड, ज़हरीला पाउडर और एसिड बरामद किया था। मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार, राजनीतिक रैलियाँ, धार्मिक कार्यक्रम और प्रसिद्ध हस्तियों की शादियाँ उनकी लक्षित सूची में शामिल थीं। यानी ये आतंकी इन कार्यक्रमों को निशाना बना सकते थे। बता दें कि इस साल जनवरी में कई ताबड़तोड़ छापों के बाद महाराष्ट्र एटीएस ने मुंब्रा और ठाणे से 5 और औरंगाबाद से 4 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया था। सभी संदिग्ध आतंकी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI), बेंगलुरु के लिए कार्य करते थे।
ये सभी आरोपित शिक्षित हैं और इस्लामिक स्टेट (ISIS) से भी इनके सम्बन्ध होने की बात सामने आई है। उसके पास से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, सिम कार्ड्स वगैरह सहित कई चीजें बरामद हुई थी। उसके बाद से ख़ुफ़िया विभाग लगातार ऐसी गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए है।