उन्होंने यह भी कहा कि कई अन्य राज्यों ने पहले ही अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में चिकित्सा और इंजीनियरिंग शिक्षा प्रदान करना शुरू कर दिया है। तमिल भाषा में भी इसकी शुरुआत होनी चाहिए।
2017 में हिंदू घर के ऊपर खून, 2018 में मस्जिद का लफड़ा, 2020 में हिंदू विरोधी दंगा, 2023 में कटा हुआ जानवर, 2025 में फिर से मस्जिद विवाद… यूँ नहीं लगाता कोई 'मकान बिकाऊ' का पोस्टर
गौतम का कहना है, “2020 में जो हुआ, वो हम भूल नहीं सकते। अगर मस्जिद दो गुनी बड़ी हो गई तो सोचो, कितने लोग यहाँ जमा होंगे। ये हमारे लिए खतरे की घंटी है।”