भारत की बात

संस्कृत सिर्फ भाषा नहीं… संस्कृति, विज्ञान, तार्किक क्षमता और अन्य भाषाओं की प्राण भी है

तुलनात्मक भाषा विज्ञान के अध्ययन में विद्वानों ने संस्कृत की ग्रीक, लैटिन आदि भाषाओं से समानता को प्रदर्शित किया है और संस्कृत भाषा को ही...

‘मथुरा-काशी बाकी है’: 1947 का वो यज्ञ जब 3 दोस्तों ने खींचा हिंदुओं के 3 पवित्र स्थल को वापस पाने का खाका

यह तो पहली झाँकी है, मथुरा-काशी बाकी है। ये नारा तो बहुत बाद में बुलंद हुआ। उससे बरसों पहले तीन दोस्तों ने अयोध्या के साथ-साथ इन दो हिंदू पवित्र स्थलों को वापस पाने का एक विस्तृत खाका तैयार कर लिया था।

उधम सिंह: जलियाँवाला बाग नरसंहार की आग में 21 साल तक जले, फिर एक दिन ऐसे उतारा डायर को मौत के घाट

13 अप्रैल 1919 के जलियाँवाला बाग नरसंहार को भला कौन भूल सकता है? इस नरसंहार के प्रतिशोध में 21 साल जलने वाले उधम सिंह की कहानी।

गँवार, लुटेरा, अत्याचारी… या महाबली व तहजीबों का संगम? अकबर पर तुलसीदास को पढ़ें, जावेद अख्तर को नहीं

गोस्वामी तुलसीदास ने तत्कालीन राजा को चोर और लुटेरा कहा है। ये किसी से छिपा नहीं है कि बादशाह अकबर के हरम में 5000 से भी अधिक महिलाएँ थीं।

यू तिरोत सिंह: तीर-भालों और तलवारों से अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजाने वाला राजा

सीमित संसाधनों के बावजूद यू तिरोत सिंह चार सालों तक अंग्रेजों से लड़ते रहे। जख्मी होने के बावजूद झुके नहीं।

जहाँ हुए बलिदान मुखर्जी…: आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पहली जयंती

आर्टिकल 370 हटने के बाद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पहली जयंती है। इसी दिन के लिए उन्होंने कहा था, एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे।

ब्रिटिशर्स के खिलाफ सशस्त्र आदिवासी विद्रोह के नायक थे अल्लूरी सीताराम राजू

अल्लूरी को सबसे अधिक अंग्रेजों के खिलाफ रम्पा विद्रोह का नेतृत्व करने के लिए याद किया जाता है, जिसमें उन्होंने ब्रिटिशर्स के खिलाफ विद्रोह करने के लिए विशाखापट्टनम और पूर्वी गोदावरी जिलों के आदिवासी लोगों को संगठित किया था।

बहन! मैंने राखी का वायदा पूरा किया पर Pak का अंतिम टैंक नहीं उड़ा सका: ‘परमवीर’ अब्दुल हमीद

पंजाब की वो महिला, जिसने अमर बलिदानी अब्दुल हमीद को बाँधी थी राखी और नहीं ली कोई भेंट। जानिए कैसे पाकिस्तान युद्ध में हमीद ने पूरा किया वायदा।

स्वदेशी आन्दोलन के बीच मोतीलाल ने खरीदी विदेशी कार, जवाहर को लिखा – ‘भारत में गाड़ी बनने तक इन्तजार करूँ?’

जब पूरा भारत स्वदेशी आन्दोलन का हिस्सा बना था, ठीक उसी समय मोतीलाल नेहरू इलाहाबाद में विदेशी गाड़ी खरीदने वाले पहले भारतीय थे।

‘मैं एक महान दिवंगत आत्मा की माँ हूँ’: जब अब्दुल्ला के मित्र नेहरू ने बलिदानी मुखर्जी की माँ की माँग ठुकराई

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की माता जोगमाया ने भी पंडित नेहरू को एक भावपूर्ण पत्र लिखकर अपने पुत्र की मृत्यु की निष्पक्ष जाँच की माँग की थी। लेकिन, एक माँ की माँग को भी नहीं माना गया।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें