रानीपुर इलाके में पहुँची एक टीम के साथ स्थानीय लोगों ने बदसलूकी की और टीम के सामने ही मुँह में पानी भरकर उनके ऊपर जूठा पानी फेंका गया और थूका गया। यही नहीं, जाँच टीम द्वारा उन्हें समझाने पर उनके साथ गाली-गलौज भी की गई।
दिल्ली के बाद केरल दूसरा राज्य है जहॉं से इस तरह लॉकडाउन की धज्जियॉं उड़ती तस्वीरें आई है। वहॉं रह रहे प्रवासी मजदूर भी अब सैकड़ों किमी दूर अपने गॉंव लौटना चाहते हैं। उन्हें पिछले 2-3 दिनों से खाना नहीं मिल रहा है।
कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू पाने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है। इसके बावजूद कुछ लोग इसकी गंभीरता को नकारते हुए मनमर्जी से दैनिक क्रियाकलाप में व्यस्त हैं।
आतंकियों को भड़काते हुए ISIS की मैगजीन में लिखा गया था कि कोरोना वायरस आपदा का फायदा उठा कर कश्मीर को 'कब्जे' से मुक्त कराया जाए। मैगजीन में लिखा गया था कि भारत सरकार फिलहाल लोगों को ज़रूरी सुविधाएँ उपलब्ध कराने और मेडिकल व्यवस्था करने में लगी हुई है, ऐसे में मौके का फायदा उठा कर हमला कर देना चाहिए।
6 दिनों में राज्य के 4 शहरों में 2200 बेड का कोविड हॉस्पिटल तैयार किया गया है। अहमदाबाद में 1,200 बेड और 50 ऑपरेशन थियेटर की सुविधा वाला नया सिविल अस्पताल। सूरत में 500 बेड का अस्पताल। वडोदरा में 250 बेड का अस्पताल और राजकोट में 250 बेड की सुविधा है।
महाराष्ट्र के अमरावती से कोरोना पॉजिटिव एक शख्स यूपी के मेरठ अपने ससुराल आता है। यहॉं वह एक शादी समारोह में शिरकत करता है। मस्जिद में नमाज अदा करता है। अस्पताल में भर्ती होता है। अब उसकी पत्नी और तीन सालों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है।
सैफ की 21 मार्च को मौत हो गई थी। अब पता चला है कि जॉंच रिपोर्ट आने से पहले ही उसका शव परिवार को सौंप दिया गया था। इससे परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और उनके संपर्क में आने वाले अन्य व्यक्तियों के संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में जिस व्यक्ति की कोरोना वायरस के कारण मौत हुई है, वो भी मजहबी प्रचारक ही था। 65 वर्षीय मौलवी की मौत श्रीनगर चेस्ट हॉस्पिटल में हुई। जिस मजहबी कार्यक्रम की बात प्लानिंग सचिव कर रहे थे, उसमें ये मौलवी भी उपस्थित था।
"हमने टेस्टिंग बढ़ा दी है पर विदेशों से लौट कर आए हुए लोग और एनआरआई 14 दिन के होम क्वारन्टाइन से बचने के लिए यहाँ-वहाँ छिपे घूम रहे हैं। उन्हें स्वयं तथा समाज के हित में स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार आचरण करने की जरूरत है।"
"देशवासियों से मेरी अपील है कि वह कोरोना वायरस के खिलाफ युद्ध में PM-CARES फंड में अंशदान के लिए आगे आएँ। इस फंड का उपयोग आगे भी आपदा की स्थिति में किया जा सकता है।"