एमएल शर्मा ने कहा था कि बलात्कार के लिए पुरुष से ज्यादा महिलाएँ जिम्मेदार होती हैं। उन्होंने कहा था कि बलात्कार होते समय महिलाओं को संघर्ष नहीं करना चाहिए बल्कि जो हो रहा है, उसे होने देना चाहिए। साथ ही वो कहते हुए दिखे थे कि निर्भया चुपचाप रेप होने देती तो आरोपित 'सब कुछ कर के' उसे घर तक छोड़ देते।
चारो आरोपितों अल्ताफ, सरफराज उर्फ सफ्फू, इरशाद उर्फ मंगली व सौयब ने लगभग दो घंटे बाद पीड़िता नाबालिग को खेत में ही छोड़ कर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने घर आकर आपबीती अपनी माँ को बताई तो......
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि न्याय त्वरित रूप से किया जा सकता है या फिर ऐसा होना चाहिए। जस्टिस बोबडे ने कहा कि न्यायिक सुधार की प्रक्रिया जुडिशरी ख़ुद करेगी और इसे सार्वजनिक रूप से करना है या नहीं, इसपर बहस हो सकती है।
“.....सबसे पहले आज जो खबर मिली उस खबर से दिल को बड़ा सुकून मिला। हैदराबाद पुलिस ने गैंगरेप के चारों आरोपितों को एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस ने बड़ा ही साहसिक निर्णय लिया है और मैं पुलिस के इस निर्णय के साथ हूँ।”
के विजय कुमार को बहुचर्चित चन्दन तस्कर वीरप्पन को मार गिराने के लिए जाना जाता है। उन्होंने तमिलनाडु पुलिस की उस स्पेशल टास्क फ़ोर्स का नेतृत्व किया था, जिसने दशकों तक कई राज्यों की पुलिस को छकाने वाले वीरप्पन को 2004 में मार गिराया था।
ऑटो के नजदीक पहुँचने पर जंगल के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज़ आई। आवाज़ सुनते ही परिजन रात के अँधेरे में मोबाइल का टॉर्च जला कर उस तरफ़ दौड़ पड़े। लोगों की आवाज़ सुन कर आरोपित वहाँ से भाग निकला।
23 वर्षीय पीड़िता के साथ ये घटना तब हुई, जब वह रायबरेली कोर्ट में सुनवाई के लिए जा रही थीं। पीड़िता ने मरने से कुछ देर पहले अपने भाई से कहा था- "भैया, बचा लो! मैं मरणा नहीं चाहती। जिन्होंने मेरे साथ ग़लत किया है, उन्हें मैं मौत की सज़ा पाते देखना चाहती हूँ।"
पीड़िता हीना को ग्रामप्रधान सुहीर सिंह पटेल की बेटी की शादी में नाचने के लिए बुलाया गया था। हीना की साथी डांसर ने बताया कि वो दोनों म्यूजिक सिस्टम के ठीक होने का इंतजार कर रही थीं, तभी आरोपित ने हीना के चेहरे को लक्ष्य बना कर गोली चला दी।
1991 के बाद यह पहला मामला है जब CJI ने एक CBI को हाई कोर्ट में कार्यरत किसी न्यायमूर्ति के खिलाफ FIR दर्ज करने की अनुमति दी। जस्टिस एस एन शुक्ला पर PIMS के पक्ष में निर्णय देने के लिए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं।