विचार

आदियोगी की प्रतिमा के सामने ईसाई मिशनरी की बेहूदगी हिन्दुओं के धैर्य की परीक्षा ही है

कहाँ से आता है इतना दुस्साहस कि किसी के धार्मिक स्थल पर घुस कर उनके धर्म को नकली कहा जाए, उसका मजाक उड़ाया जाए? और कहीं से नहीं, हमारी तथाकथित ‘सेक्युलर’ व्यवस्था से ही...

वागले, फ़र्ज़ी ज्ञान और प्रपंच पर मिल रही गालियों का सम्मान कर और ट्विटर से भाग ले

‘धंधे’ में पक कर पक्के हुए निखिल वागले के द्वारा यह अनभिज्ञता नहीं, कुटिलता है, क्योंकि अगर इतने साल बाद भी वह ‘अनभिज्ञ’ हैं निर्वाचन और जनमत-संग्रह के अंतर से, तो वह इतने साल से कर क्या रहे थे?

गुरुग्राम: न मुस्लिम की टोपी उछली, न ‘जय श्री राम’, कुछ घटिया लोगों ने दिया मज़हबी रंग

गौतम गंभीर की गुरुग्राम वाली घटना को लेकर दी गई 'सेकुलरिज्म और सहिष्णुता' वाली प्रतिक्रया 'भेंडिया आया' वाली कहानी को चरितार्थ करती है। एक सप्ताह भी नहीं हुआ और गौती पीएम मोदी की 'छपास और दिखास' वाली सलाह को भूल गए। और, जब सच सामने आया तो...

आज़ाद भारत में नेहरू ने सावरकर पर लगाया ‘प्रतिबन्ध’, जानिए फिर शास्त्री ने कैसे किया ‘न्याय’

जिस देश को आज़ाद कराने की कोशिश में सावरकर ने अंग्रेजों द्वारा कालापानी की सज़ा पाई, उसी देश के आज़ाद होने के बाद की नेहरू सरकार ने सावरकर का मुँह पर ताला लगा दिया। नेहरू ने सावरकर के साथ सौतेला व्यवहार किया। जानिए कैसे लाल बहादुर शास्त्री ने किया सावरकर के साथ 'न्याय'....

‘मैं मुस्लिम महिला हूँ… मुझे मोदी की जीत से डर नहीं लगता, मेरे लिए ख्याली आँसू मत बहाओ’

बार-बार मुझे मेरे धर्म से अवगत मत कराइए। बार-बार मत बताइए कि मुझे डरने की जरूरत है। ट्विटर-टीवी से बाहर अधिकांश मुस्लिमों का जीवन आम है, आप जैसा ही है। आप जो कर रहे हैं वो बिलकुल उतना ही साम्प्रादायिक है जितना एक मुस्लिम से कहना कि वो अपना राष्ट्रवाद साबित करे।

महात्मा गाँधी की अध्यक्षता में सावरकर के सम्मान में कविता पाठ: किस्सा जो आज के कॉन्ग्रेसी भूल गए

यह एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी की दास्ताँ है, जिसे उसका वास्तविक हक कभी नहीं मिला। वर्तमान कॉन्ग्रेस को शायद जानकारी नहीं है। साल 1923-24 में कॉन्ग्रेस अधिवेशन की महात्मा गाँधी अध्यक्षता कर रहे थे, तो सावरकर के सम्मान में कविता पाठ किया गया था।

माँ और महादेव से लेकर आडवाणी और पटेल तक: PM मोदी के ताज़ा दौरों से मिल रहे संकेत

बुद्ध पूर्णिमा के दिन केदारनाथ में ध्यान। फिर भाजपा के अभिभावकों से आशीर्वाद। उसके बाद अपनी माँ के चरणों में झुके और परिवारजनों से मुलाक़ात की। फिर गृह राज्य की जनता को धन्यवाद देते हुए सरदार पटेल को याद किया। तत्पश्चात वापस काशी। संविधान को शीश नवाने वाले मोदी...

लिबरल गिरोह, जले पर स्नेहलेप लगाओ, मोदी के भाषण पर पूर्वग्रहों का ज़हर मत डालो

उसी भविष्य में मत जाओ जहाँ तुमने 2014 की मई में कहा था कि अब तो सड़कों पर हिन्दू नंगी तलवारें लिए दौड़ेंगे, अल्पसंख्यकों को तो काट दिया जाएगा, गली-गली में दंगे होंगे, मस्जिदों का तोड़ दिया जाएगा, उनकी बस्तियों पर बम गिराए जाएँगे… और वैसा कुछ भी नहीं हुआ

गुजरात के 20 बच्चों की हत्या हुई है, ज़िम्मेदारी भाजपा सरकार की है, एलियन्स की नहीं

क्या सही में ज़िम्मेदार सरकारी अफ़सरों पर इन बच्चों की हत्या का मुकदमा चलेगा? क्या विभाग के मंत्री पर ग़ैर-इरादतन हत्या का केस चलेगा? या फिर सिस्टम के सबसे निचले कर्मचारी को महीने भर के लिए निलंबित कर पल्ला झाड़ लिया जाएगा?

दुष्प्रचार से बाज नहीं आ रहा The Wire, समुदाय विशेष के मोदी-समर्थक लोगों को समाज से अलग-थलग करने की कोशिश

नए भारत में नफरती चिंटुओं वाली पत्रकारिता नहीं चलेगी, फर्जी भय का नैरेटिव नहीं चलेगा-वायर सबक सीखने की जहमत उठाए, या दुकान समेटने की तैयारी करे।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें