दुकानदार का कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। वह अपने बच्चों का स्कूल फी देने में भी सक्षम नहीं है। यदि उसे बकाया पैसा नहीं मिला तो वह कॉन्ग्रेस विधायक के घर के बाहर परिवार के साथ उपवास पर बैठ जाएगा।
कमलनाथ सरकार अपने चुनावी वादे से मुकर गई। मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार ने कहा कि राज्य में बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की कोई योजना नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी देते हुए कहा कि...
कुमारास्वामी सरकार के विश्वास मत हारने के बाद राज्य भाजपा की नज़रें सरकार बनाने पर गड़ गईं हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ पूर्व मुख्यमंत्री येद्दियुरप्पा साल भर के भीतर दूसरी बार सरकार बनाने का दावे पेश करने के लिए तैयार हैं।
अगर मंत्री किसी प्रशंसक को मजाक में ही सुबह बोलते हैं कि आप दिल्ली आ जाइए चाय पीने, तो लोग शाम तक सच में दिल्ली उनके कार्यालय पहुँच जाते हैं। कई प्रशंसक तो मंत्री से मिलने के लिए पास बनवाने के लिए यह संदेशा भिजवाते हैं कि उन्होंने बचपन में मंत्री के साथ पढ़ाई की है और उनके मित्र हैं, इसलिए मिलना चाहते हैं।
105 वोट विशवास मत के विरुद्ध पड़ने के बाद जहाँ भाजपा ने इसे जनादेश की जीत बताया है, वहीं महबूबा मुफ़्ती ने इसे देश के लोकतंत्र में एक काला दिन करार दिया है।
केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश राणा, एलपीजे सासंद चिराग पासवान, पूर्व सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है। गृह मंत्रालय द्वारा बडे़ नेताओं की सुरक्षा में की गई कटौती में सियासत तेज़ होने की संभावना है।
राजस्थान के शहरी विकास और आवास मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विधानसभा में कहा कि गाय एक "अत्यधिक उपयोगी जानवर" है, लेकिन इसकी पूजा करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सुपरवुमन की पूजा की जानी चाहिए न कि गायों की।
अगर इस मामले को नेहरू द्वारा संयुक्त राष्ट्र में ले जाने की बजाए सेना को पूरे कश्मीर पर फिर से क़ब्ज़ा करने की अनुमति दे दी जाती तो आज इतिहास कुछ और ही होता। जबकि हुआ ये कि संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष विराम की बात कह डाली और तभी से कश्मीर मुद्दा एक खुला घाव बन कर रह गया है।
सांसद राम्या हरिदास खेती करने वाले मज़दूरों के घर से आती हैं, इसलिए गाड़ी खरीदने के लिए वह अपने संसदीय क्षेत्र में आने वाले 1400 बूथों से इसके लिए पैसा इकट्ठा करना चाहती थीं। उनका मानना है कि उन्हें मिल रहे वेतन से उनके लिए गाड़ी खरीदना संभव नहीं हो पाएगा।
आंध्र प्रदेश सभी निजी औद्योगिक इकाइयों और कारखानों में स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए नौकरियों को आरक्षित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, फिर भले ही इन कंपनियों को सरकार से वित्तीय या अन्य मदद मिले या न मिले।