वायरल हो रहे इस वीडियो में MLA नाहिद हसन समुदाय विशेष को सन्देश देते हुए कह रहे हैं कि उनके जैसे लोगों के सामान खरीदने से ही भाजपाइयों की दुकान और उनका घर चलता है। अगर वो लोग उनकी दुकान से सामान नहीं खरीदेंगे, तो उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी।
2004-05 में ब्रदर सिरिल लकड़ा ने ₹2.6 लाख में 4.23 एकड़ ज़मीन खरीदते हैं। ख़रीदी तो व्यक्तिगत तौर पर लेकिन मिशनरी संस्था में फ़ादर, ब्रदर, सिस्टर को ज़मीन रखने का अधिकार नहीं। इसलिए बेचते समय मिशनरी संस्था सामने आ जाती है और ₹4.76 करोड़ में डील फाइनल कर ली जाती है।
"मैं इस गाँव के लोगों के प्रति आभारी हूँ। मैं ऐलान करता हूँ कि गाँव चिंतमडाका के प्रत्येक परिवार को सरकार की तरफ से ₹10 लाख दिए जाएँगे। इस राशि से वो कुछ भी खरीद सकते हैं।"
विधान परिषद में दिए गए सरकार के आँकड़ों के अनुसार गंभीर अपराधों की दर में काफ़ी कमी आई है। इसमें हत्या, बलवा, बलात्कार, लूट जैसे हिंसक अपराधों के आँकड़े आधार रूप में लिए गए हैं।
स्पीकर रमेश कुमार आज सुबह से सदन को आज विश्वास मत निपटा लेने का आश्वासन पूरा करने का वादा याद दिलाते नज़र आए। पूरे दिन वह बार-बार सत्ता पक्ष के हुड़दंगी विधायकों को टोकते रहे।
मोदी जिस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए चँदा मामा की सैर का श्रेय लेते हुए लहरिया लूटने की सोच रहे हैं, वो तकनीक भी नेहरू जी द्वारा स्थापित (फ़िलहाल गुप्त) राजीव गाँधी टेलीपोर्टेशन अनुसन्धान संस्थान की ही देन है। नेहरू ने ही माउंटबेटेन के साथ मिलकर आग का आविष्कार किया था। लेकिन गोदी मीडिया आपको...
सोनभद्र जिले में जुलाई 17 को जमीन को लेकर हुए विवाद में 3 महिलाओं समेत 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी। उम्भा गाँव में हुई इस घटना में 17 लोग घायल भी हुए थे।
सोचने वाली बात ये है कि आखिर साध्वी ने अपने बयान में गलत क्या कहा? उनकी बात किसी भी रूप में विवादित नहीं थी। क्योंकि जो उन्होंने बोला वो सांसद पद के संदर्भ में बोला। और ये बिलकुल सच है कि एक सांसद का कार्य कचड़ा या फिर शौचालय साफ़ करने का नहीं होता।
नाहिद जिन लोगों के हक और रोजगार की बात के लिए लड़ाई लड़ने और हक के लिए आवाज उठाने की बात कह रहे हैं, वो लोग कैराना के सराय इलाके में अवैध रुप से रह रहे थे। प्रशासन का कहना है कि यह सरकारी जमीन है, जिस पर केवल सरकार का अधिकार है ।