राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि हिमाचल में चीन से सेब लाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "क्या हिंदुस्तान का सेब मेड इन इंडिया नहीं है, मेड इन चाइना है क्या, जो सेब उगाते हैं उनका नरेंद्र मोदी ने कितना कर्जा माफ किया? वह तो कहते हैं कि चाइना का सेब खाओ, हिमाचल में पकौड़े तलो।"
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने खुद अपने ट्विटर हैंडल से ये जानकारी दी है कि नेताओं के बयानों को अनुशासन समिति के पास भेजा गया और उन्हें दस दिन दिनों के भीतर जवाब देना है। इस मामले में उन्होंने शुक्रवार (मई 17, 2019) को तीन ट्वीट किए।
बॉलीवुड प्रोड्यूसर अशोक पंडित ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट को रीट्वीट करते हुए कटाक्ष किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सोनिया गाँधी ने लोकसभा में बहुमत के लिए जरूरी 272 के आँकड़े के लिए काम करना शुरू कर दिया है।
मायावती ने एक बयान देते हुए कहा कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री पद का सपना देख रही मायावती ने वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अनफिट बताया।
नवजोत सिंह सिद्धू से जब उनकी पत्नी के आरोपों के बारे में गुरुवार को सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "मेरी पत्नी नैतिक रूप से इतनी मजबूत हैं कि वह कभी झूठ नहीं बोलेंगी। यही मेरा जवाब है।"
उन्होंने मायावती के द्वारा भाजपा को मनुवादी बोलने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि भाजपा मुनुवादी थी तो उन्होंने पार्टी का समर्थन लेकर सरकार क्यों बनाई? उस समय उन्हें सत्ता सुख चाहिए था, तो भाजपा मनुवादी नहीं थी। 2014 में जब लोकसभा चुनाव में वो जीरो पर आ गईं, तो भाजपा पर हमलावर हो गई हैं।
कॉन्ग्रेस पार्टी मनमोहन सिंह को कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की सीटों के जरिए भी राज्यसभा नहीं भेज सकती है क्योंकि इस समय इन राज्यों में भी पद रिक्त नहीं हैं।
सोनिया की इस क़वायद का मक़सद 23 मई को आने वाले चुनावी नतीजों से पहले विपक्षी दलों के बीच आपसी समझ विकसित कर लेना है, ताकि वो जनादेश हासिल करने के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से सरकार बनाने का पहला न्यौता पाने की स्थिति में ख़ुद को सक्षम साबित कर सकें।
मालदा और बशीरहाट में ऐसी घटनाएँ सामने आईं जहाँ कट्टरपंथी, हिन्दुओं के ख़िलाफ़ काफ़ी उग्र होते नज़र आए, जबकि इन्हीं हिंसात्मक हमलों में हिन्दुओं को बचाने की कोशिश में पुलिस महकमा पूरी तरह से विफल रहा।
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए नवजोत कौर के सभी आरोपों का खंडन किया और कहा, “कौर को दो जगह अमृतसर और भटिंडा से टिकट का ऑफ़र दिया गया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। वो चंडीगढ़ से चुनाव लड़ना चाहती थीं।”