इसके अलावा गुरुवार (अप्रैल 18, 2019) को भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव पर जूता फेंकते हुए हमला किया गया। इससे पहले दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी 2014 में रैली के दौरान थप्पड़ पड़ चुका है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि उनकी पार्टी मेहनती कार्यकर्ताओं की बजाय गुंडों को तरजीह दिए जाने से वह दुखी हैं। उन्होंने पार्टी के लिए हर तरफ से गालियाँ झेलीं पर यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी के भीतर ही उन्हें धमकाने वाले मामूली कार्रवाई के भी बिना बच निकलते हैं।
जहाँ एक तरफ मुकेश अंबानी देवड़ा का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राहुल गाँधी उनके भाई अनिल अंबानी पर हमलावर रुख़ अपनाते रहे हैं। देवड़ा को इस समय पूरे दक्षिण मुंबई में व्यापारी वर्ग की तरफ से समर्थन मिल रहा है। स्टेनलेस स्टील मर्चेंट एसोसिएशन, बुलियन, रत्न और ज्वेलरी एसोसिएशन से लेकर...
"वीडियो में ये साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे प्रद्योत किशोर ने अपने राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने की कोशिश की है। अगर ये इंसान पुलिस स्टेशन के अंदर किसी शख्स के ऊपर हाथ उठा सकता है, तो फिर तो ये कहीं भी किसी की भी हत्या कर सकता है।"
अनुरोध पंवार अपनी कार में पैसे ले जा रहा था, उसे 4 अप्रैल की रात को पुलिसकर्मियों के एक समूह ने रोका। चुनाव उद्देश्यों के लिए कालेधन की तलाशी के नाम पर तीनों पुलिसकर्मियों ने पंवार का बैग जब्त कर लिया। पुलिसकर्मियों ने पंवार को धमकाया और उसे वहाँ से भाग जाने के लिए कहा।
भाजपा उम्मीदवार देबाश्री चौधरी ने आरोप लगाया था कि TMC कार्यकर्ता मुस्लिमों के समूह के साथ प्रचार कर रहे थे और उन्होंने वहाँ एक बूथ पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश भी की थी।
वीडियो देखने से पता चलता है कि पूरे पोलिंग बूथ पर काफ़ी तोड़-फोड़ की गई। VVPAT मशीन और बैलट यूनिट सहित EVM ज़मीन पर पड़ा था। इस घटना के बाद चोपरा के बूथ नंबर 112 पर मतदान रोक दिया गया।
आज भले ही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के ऊपर से मामला पूरी तरह खतम न हुआ हो लेकिन यह भी सच है कि कॉन्ग्रेस के कार्यकाल में ऐसा कोई भी व्यक्ति दंडित नहीं किया जा सका जिसे हिन्दू आतंकी कहा गया।
रामपुर के प्रत्याशी और विवादित बयानों के ब्रांड अम्बैसडर बन चुके आजम खान के बचाव में बात करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि बीजेपी जनता का असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए तरह-तरह की बातें बना रही है। उनकी मानें तो मीडिया को इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए राहुल शेवाले ने यह कहते हुए सुले को शांत करना जारी रखा कि उन्होंने सुले या उनके पिता शरद पवार के बारे में कोई अपमानजनक बातें नहीं की हैं।