दिल्ली में एक बड़े नेता के क़रीबी के यहाँ से 230 करोड़ रुपए के अवैध लेन-देन का पता चला है। टैक्स हेवेन कहे जाने वाले देशों में 80 कंपनियों की मौजूदगी के सुबूत भी मिले हैं। दिल्ली के पॉश इलाक़ों में कई बेनामी और अवैध संपत्ति का भी पता लगा है।
फ़िल्मों में गुंडों को उड़-उड़ कर मारने वाले तेलुगू अभिनेता नंदमुरी बालाकृष्णा उस वक़्त रील और रियल लाइफ का फ़र्क़ भूल गए, जब उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता की जम कर पिटाई कर दी और उसके फोन को छीन कर फेंक दिया। हाल ही में उन्होंने एक पत्रकार को भी पीटा था।
ये चौंकाने वाला है कि जिस उत्तर प्रदेश के लिए प्रियंका गाँधी को जोर-शोर से लॉन्च किया गया है, उसी यूपी में कॉन्ग्रेस गठबंधन को 80 में से महज 3 सीटें मिलेंगी। दिल्ली में AAP का खाता तक नहीं खुलेगा। पिछले आम चुनाव की तरह इस बार भी भाजपा सातों सीटों पर कब्ज़ा करेगी।
घाटी के सारे नेताओं के देशविरोधी बयान।महबूबा मुफ़्ती ने भी धारा 370 को लेकर कहा कि पूरा देश जल उठेगा। फ़ारूक़ के बेटे उमर ने जम्मू कश्मीर के लिए अलग पीएम-राष्ट्रपति की माँग की थी। ग़ुलाम नबी आज़ाद ने जम्मू कश्मीर पुलिस को दुश्मन बताया था।
ममता बनर्जी ने एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता और राजनीति से बाहर निकालने की बात कही। इतना ही नहीं, उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि मोदी के मुँह को चिपकने वाले सर्जिकल टेप से चिपका देना चाहिए।
कुल मिलाकर देखें तो आंतरिक कलह, समाज के सभी वर्गों के बीच गडकरी की स्वीकार्यता और सबसे अव्वल उनके विकास कार्यों की आड़ में दबी कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं की नाराज़गी के कारण पार्टी शायद पहले से ही इस सीट को हारी हुई मान कर चल रही है।
इस समय पूरे विपक्ष की हालत एक जैसी हो चुकी है। सब भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए लुभावने वादे कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस का हाल हम उसके घोषणा पत्र में देख ही चुके हैं। अब अखिलेश, मायावती और चंद्रशेखर की राजनीति भी उनपर सवालिया निशान लगा रही है।
“बापू ने 1947 में कहा था, कॉन्ग्रेस का काम समाप्त, अब कॉन्ग्रेस का विसर्जन कर दो। वो जानते थे कि कॉन्ग्रेस का मतलब अब एक परिवार होने जा रहा है। बापू के सपने को साकार करने के लिए भाई-बहन आ चुके हैं।”
जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने आर्टिकल 35A हटाने की बात कही है। इसके लिए अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए पार्टी ने कहा कि ये आर्टिकल राज्य के विकास में बाधक है। भाजपा ने कहा है कि वो कर की दर घटाने की अपनी नीति जारी रखेगी ताकि ईमानदार करदाताओं को फ़ायदा हो।