परवीन शेख मुंबई के मशहूर स्कूल द सोमैया स्कूल की प्रिंसिपल हैं। ये स्कूल मुंबई के घाटकोपर-ईस्ट इलाके में आने वाले विद्या विहार में स्थित है। परवीन शेख 12 साल से स्कूल से जुड़ी हुई हैं, जिनमें से 7 साल वो बतौर प्रिंसिपल काम कर चुकी हैं।
लोकेश शर्मा ने बुधवार (24 अप्रैल 2024) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने कहा कि कॉल रिकॉडिंग वाली पेन ड्राइव उन्हें खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी थी।
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए जेमी डिमन ने कहा, "हम भारत को क्लाइमेट, लेबर और अन्य मुद्दों पर 'ज्ञान' देते रहते हैं और बताते हैं कि उन्हें देश कैसे चलाना चाहिए।
दुनिया भर में Reliance Jio दूसरा सबसे बड़ा 5G सब्स्क्राइब्स बेस है, इसके 10.80 करोड़ उपभोक्ता हैं। चुनाव बाद Jio का डेटा ट्रैफिक 20-25% बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
सैम पित्रोदा के दिए बयान पर आज बवाल हो रहा है लेकिन सच ये है कि भारत की जनता की संपत्ति के पीछे कॉन्ग्रेस 2011 से पड़ी थी। तब, पी चिदंबरम ने इस मुद्दे को उठाया था।
कॉन्ग्रेस पार्टी को हर सीट पर दमदार कैंडिडेट नहीं मिल रहे और कहीं कैंडिडेट आखिरी समय में मिल गए, और उन्होंने नामांकन दाखिल कर भी दिया, तो अब कॉन्ग्रेस की कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगानी पड़ रही है अपने ही कैंडिडेट को हराने के लिए।
कॉन्ग्रेस हिंदुओं से जीते-जी उनकी दौलत छीन कर बाँट देगी, तो मरने के बाद उनकी संपत्ति का 55 प्रतिशत हिस्सा भी ले लेगी। वारिसों को सिर्फ 45% हिस्सा ही मिलेगा।
रॉबर्ट वाड्रा ने दावा किया था कि अमेठी से कई लोग उन्हें फोन भी करते हैं। हालाँकि, सोनिया गाँधी के दामाद ने ये भी कहा था कि आखिरी फैसला पार्टी को लेना है।
अमेरिका की यूनिवर्सिटियों से हिंसा की घटना प्रकाश में आने के बाद वहाँ का प्रशासन सख्त हैं और गिरफ्तारियाँ की जा रही हैं। NY यूनिवर्सिटी में 133 लोग गिरफ्तार किए गए थे।
राम नवमी के मौके पर हुई हिंसा को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने कड़ा रुक अपनाया है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा कि जहाँ दो समुदाय 8 घंटे की भी शांति नहीं बना सकते, वहाँ चुनाव की कोई जरूरत नहीं है।
ऑस्ट्रेलियन पत्रकार अवनी डायस ने 20 अप्रैल 2024 को भारत छोड़ दिया। अब उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत सरकार उनकी लोकसभा चुनाव कवरेज में अडंगा लगा रही है।
अताबुल की उम्र लगभग 45 साल है। वो बेलहा किराने की दुकान चलाता है। उसके 2 बेटे हैं जो कतर देश में रहते हैं। पुजारी ने स्थानीय हिन्दू से एक जमीन खरीदी थी जिसे अताबुल मियाँ हड़पना चाहता है।
पहले ही कलाल मुस्लिमों को OBC का दर्जा दे दिया गया था, लेकिन इसी जाति के हिन्दुओं को इस सूची में स्थान पाने के लिए नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने तक का इंतज़ार करना पड़ा।