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रेलवे की नौकरी पर लौटे बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक, पर प्रदर्शन से हटने की खबरों को किया खारिज: कहा- जारी रहेगा आंदोलन

"यह खबर बिलकुल गलत है। इंसाफ की लड़ाई में न हम में से कोई पीछे हटा है, ना हटेगा। सत्याग्रह के साथ-साथ रेलवे में अपनी ज़िम्मेदारी को साथ निभा रही हूँ। इंसाफ मिलने तक हमारी लड़ाई जारी है। कृपया कोई गलत खबर ना चलाई जाए।"

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ आंदोलनरत पहलवानों को लेकर पिछले कुछ दिनों में सूत्रों के हवाले से कई खबरें बाहर आई है। अब रिपोर्टों में बताया गया है कि बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक ने रेलवे की अपनी नौकरी फिर से ज्वाइन कर ली है। तीनों शुरुआत से ही इस आंदोलन का चेहरा रहे हैं।

इनके रेलवे की नौकरी पर वापसी के साथ ही पहलवानों के आंदोलन के भविष्य को लेकर भी अटकलें शुरू हो गई है। कहा जा रहा था कि साक्षी मलिक प्रदर्शन से अलग हो गईं हैं। लेकिन उन्होंने पीछे हटने की खबरों को खारिज किया है। वहीं बजरंग पूनिया ने भी कहा है कि उन्होंने आंदोलन वापस नहीं लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर रेलवे मुख्यालय के रिकॉर्ड से पता चला है कि साक्षी मलिक ने 31 मई को ही रेलवे के बड़ौदा हाउस में नौकरी ज्वाइन कर ली थी। साक्षी रेलवे में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में कार्यरत हैं। दो अन्य पहलवानों बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने भी अपनी-अपनी नौकरी ज्वाइन कर ली है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि तीनों कुछ दिन पहले ही नौकरी पर लौटे हैं।

नौकरी में वापस लौटने की खबरों के बीच पहलवानों के आंदोलन से हटने की खबरें भी मीडिया में सामने आ रहीं थीं। लेकिन रियो ओलंपिक की मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक ने ट्वीट कर कहा है, “यह खबर बिलकुल गलत है। इंसाफ की लड़ाई में न हम में से कोई पीछे हटा है, ना हटेगा। सत्याग्रह के साथ-साथ रेलवे में अपनी ज़िम्मेदारी को साथ निभा रही हूँ। इंसाफ मिलने तक हमारी लड़ाई जारी है। कृपया कोई गलत खबर ना चलाई जाए।”

वहीं, बजरंग पूनिया ने ट्विटर पर लिखा है, “आंदोलन वापस लेने की खबरें कोरी अफ़वाह हैं। ये खबरें हमें नुकसान पहुँचाने के लिए फैलाई जा रही हैं। हम न पीछे हटे हैं और न ही हमने आंदोलन वापस लिया है महिला पहलवानों की एफआईआर उठाने की खबर भी झूठी है। इंसाफ मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी।”

इससे पहले मीडिया में इन पहलवानों के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 3 जून 2023 की रात करीब 11 बजे मुलाकात होने की भी खबर आई थी। बताया गया था कि यह बैठक करीब दो घंटे चली थी। साथ ही यह दावा भी मीडिया रिपोर्टों में किया गया था कि नाबालिग पहलवान ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ की गई शिकायत कोर्ट में वापस ले ली है।

टाइम्स नाउ नवभारत का दावा है कि नाबालिग पहलवान ने शुक्रवार ( 2 जून 2023) को पटियाला हाउस कोर्ट में जाकर अपनी शिकायत वापस ली। उसने मजिस्ट्रेट के सामने कहा कि बृज भूषण शरण ने सिंह ने कभी भी उसका यौन उत्पीड़न नहीं किया। हालाँकि, हिंदुस्तान लाइव ने नाबालिग पहलवान के पिता के हवाले से शिकायत वापस लेने के दावों को बेबुनियाद बताया। नाबालिग पहलवान के पिता ने कहा कि पहलवानों को लेकर फेक न्यूज चलाई जा रही। इससे पहले मेरी बेटी की उम्र को लेकर भी गलत खबर चलाई गई थी। उन्होंने कहा, “वह नाबालिग है और मैं अपनी शिकायत क्यों वापस लूँ।”

गौरतलब है कि इस पहलवान की उम्र को लेकर भी पिछले दिनों विवाद हुआ था। खुद को इस पहलवान का चाचा बताने वाले एक शख्स ने दावा किया था कि उनकी भतीजी बालिग है। साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया जैसे पहलवान उसका इस्तेमाल कर उनके परिवार को गुमराह कर रहे हैं। लेकिन बाद में इस लड़की के पिता ने मीडिया को बताया था कि जब उनकी बेटी का एक कैंप के दौरान यौन शोषण हुआ वह नाबालिग थी। इसी तरह न्यूज एजेंसी एनआई सूत्रों के हवाले से बता चुकी है कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, उसको लेकर दिल्ली पुलिस को अब तक साक्ष्य नहीं मिले हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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