Saturday, December 5, 2020
Home देश-समाज हिन्दू घृणा से लेकर मुस्लिम भीड़ का आतंक, दिल्ली दंगों की जो बातें आपसे...

हिन्दू घृणा से लेकर मुस्लिम भीड़ का आतंक, दिल्ली दंगों की जो बातें आपसे छिपाई गई

मीडिया ने इस दौरान ख़ूब फेक न्यूज़ चलाया। कहीं कोई हिन्दू मरा, इसको कवर करने की बजाय ये खोजा जाने लगा कि कहाँ किसी हिन्दू ने किसी मुस्लिम को थप्पड़ मार दिया। हिन्दू इस पूरे दंगे के दौरान या तो आत्मरक्षा के लिए संघर्ष करते रहे या फिर घरों में दुबके रहे।

देश की राजधानी का एक हिस्सा जल रहा है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों में 42 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। 250 से भी अधिक घायल हुए हैं। यहाँ हम आपको अब तक के घटनाक्रम की पूरी जानकारी देंगे। सबसे पहले एक सवाल से शुरू करते हैं कि कोई आपके घर का दरवाजा 3 महीने से ब्लॉक कर रखे तो आप क्या करेंगे? दिल्ली के शाहीन बाग़ में ऐसा ही हो रहा था। सीएए विरोध के नाम पर पिकनिक मना रही मुस्लिम महिलाओं के कारण लाखों लोगों को परेशानी हुई, लगातार कई हफ़्तों तक। उन्हें दफ्तर पहुँचने में देरी होती थी, बच्चे घंटों स्कूल जाने-आने समय अटके रहते थे और लोगों का उधर से गुजरना मुश्किल था। लेकिन, मीडिया के अनुसार पीड़ित हिन्दुओं को गुस्साने का भी अधिकार नहीं है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रविवार (फरवरी 23, 2020) को अहमदाबाद पहुँचे। देश के लिए गर्व का क्षण था कि वहाँ दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन हुआ। लेकिन, कट्टर इस्लामी लोगों के लिए ये तबाही मचाने का सबसे अच्छा मौका था, क्योंकि वे इंटरनेशनल मीडिया के अटेंशन के भूखे रहते हैं। उन्होंने जफराबाद को नया शाहीन बाग़ बनाने की कोशिश तेज कर दी। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने रोज प्रताड़ना सह रही जनता की तरफ़ से आवाज़ उठाई और कहा कि दिल्ली पुलिस ने अगर उपद्रवियों को शांत नहीं किया तो वे भी विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

शरजील इमाम, वारिस पठान और इमरान प्रतापगढ़ी जैसे मुस्लिम नेताओं के भड़काऊ बयानों को ढकने के लिए मीडिया के एक बड़े वर्ग ने कपिल मिश्रा का सहारा लिया। यहाँ तक कि पुलिस पर गोलीबारी करते बेख़ौफ़ विचरते मोहम्मद शाहरुख़ को भी भगवाधारी साबित करने का कुत्सित प्रयास किया गया, लेकिन उसकी पहचान सामने आ जाने के बाद कपिल मिश्रा पर हमले और तेज़ कर दिए गए क्योंकि मोहम्मद शाहरुख़ को छिपाना जो था। पुलिसकर्मी दीपक दहिया को इन दंगों के ख़िलाफ़ सबसे बड़ा चेहरा बनना चाहिए था। आपने देखा कैसे वो उस बेख़ौफ़ अपराधी के सामने निडर होकर खड़े थे।

सोमवार (फरवरी 25, 2020) को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के 5 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया। ये सभी दिल्ली मेट्रो की ‘पिंक लाइन’ पर थे। इसके बाद एक भीड़ ने गोकुलपुरी में एक टायर मार्किट को फूँक दिया। इस्लामी दंगाइयों की गोली लगने से तीन छोटे-छोटे बच्चों के पिता कॉन्स्टेबल रतनलाल वीरगति को प्राप्त हो गए और डीसीपी अमित शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। डीसीपी ने बताया है कि अगर उस दिन वे बच के न निकलते तो उनकी भी लिंचिंग कर दी जाती। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की।

इस बीच मीडिया और लिबरलों का प्रोपेगेंडा चलता रहा। ‘ब्लू टिक’ वाले विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स से कपिल मिश्रा पर दंगों का इल्जाम डाला गया। मोहम्मद शाहरुख़, वारिस पठान और शरजील इमाम जैसों की बात तक नहीं की गई। मामला हाईकोर्ट में गया और वहाँ भी भाजपा नेताओं के बयानों की क्लिप चली। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली पुलिस का बचाव किया और कहा कि वो एसिड अटैक झेल रहे हैं, पिकनिक नहीं मना रहे।उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के कई विडियो आए हैं, जिसकी जाँच होगी। बुधवार को ट्रंप वापस चले गए। उसके बाद उसी रात राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने जिम्मेदारी संभाली।

इसके बाद इस दंगे का ऐसा सच सामने आया, जिसने सब को हिला कर रख दिया। आईबी के अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन के गुंडों ने मार डाला। चाँदबाग के नाले से उनका शव मिला। ताहिर हुसैन की बिल्डिंग का विडियो सामने आया। उसकी इमारत में करीब 3000 दंगाई जमा थे। उन्होंने लगातार आसपास के हिन्दुओं पर बमबारी और पत्थरबाजी की। यही लोग अंकित शर्मा सहित 4 लोगों को घसीटते हुए ले गए थे। दरिंदगी का आलम ये था कि अंकित की हत्या करते समय उनके शरीर पर लगातार 4 घंटे तक 6 दरिंदों ने 400 बार चाकुओं से वार किया। ताहिर हुसैन की फोटो सामने आई, जिसमें वो हाथ में डंडा लिए अपनी छत पर खड़े होकर गुंडों को निर्देशित करता हुआ दिखा।

ताहिर के बचाव में कई लिबरल उतर आए। उसने दावा किया कि उसे फँसाया जा रहा है लेकिन वो उन्हीं कपड़ों में सफाई देने आ गया, जिन कपड़ों में वो गुंडई कर रहा था। उसकी फैक्ट्री और घर सील कर लिया गया। जावेद अख्तर बौखला गए। इसी तरह शिव विहार में फैसल फ़ारूक़ के ‘राजधानी स्कूल’ को ‘अटैक बेस’ बनाया गया और वहाँ भी हिन्दुओं पर गोलीबारी, बमबारी और पत्थरबाजी हुई, जिनमें कई जानें गईं। उसके बगल के डीआरपी स्कूल को जला दिया गया, जो एक हिन्दू का था। फिर भी राजधानी स्कूल में तबाही की ख़बरें चलीं, जबकि वो दंगाइयों का पनाहगार बना था, जहाँ कई दिनों से साजिश रची जा रही थी और हथियार जमा किए जा रहे थे। पत्थर और बम दूर तक फेंकने के लिए गुलेल का इस्तेमाल किया गया।

अंकित शर्मा के साथ विनोद कुमार की हत्या भी सुर्खियाँ बनीं। ब्रह्मपुरी के निवासी विनोद कुमार को उनके बेटे के सामने इसलिए मार डाला गया, क्योंकि उनकी बाइक के स्टिकर पर ‘जय श्री राम’ लिखा था। उनके बेटे ने बताया कि 40 मुस्लिमों की भीड़ इस्लामी टोपी पहने आई और उन्होंने ‘अल्लाहु अकबर’ व ‘नारा-ए-तकबीर’ चिल्लाते हुए हमला बोल दिया। इसी तरह जौहरीपुर के विवेक जब अपनी दुकान में बैठे हुए थे, दंगाई मुस्लिम भीड़ आई और उन्होंने उसकी सिर में ड्रिल कर दिया। उनके सिर में लोहा घुसाए जाने के बाद उनकी सर्जरी हुई। जाफराबाद व आसपास के इलाक़ों के हिन्दुओं को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। लोगों ने वो सारी चीजें त्याग दीं, जिनसे प्रतीत हो कि वो हिन्दू हैं, जैसे- ॐ का टैटू, हाथ में कलावा या बाइक पर धार्मिक स्टीकर।

मीडिया ने इस दौरान ख़ूब फेक न्यूज़ चलाया। कहीं कोई हिन्दू मरा, इसको कवर करने की बजाय ये खोजा जाने लगा कि कहाँ किसी हिन्दू ने किसी मुस्लिम को थप्पड़ मार दिया। हिन्दू इस पूरे दंगे के दौरान या तो आत्मरक्षा के लिए संघर्ष करते रहे या फिर घरों में दुबके रहे। इस स्थिति में भी उन्होंने कई मुस्लिमों की जान बचाई। सुरक्षा बलों के खाने-पीने का ध्यान भी हिन्दुओं ने रखा, क्योंकि नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में फ़िलहाल कर्फ्यू लगा हुआ है और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं।

अब हम बात करेंगे कि आखिर ये दंगे भड़के क्यों? ये तो हम देख ही चुके हैं कि तैयारी काफ़ी पहले से थी और पत्थर, पेट्रोल बम व असलहों के रूप में हथियार कई दिनों से जमा किए जा रहे थे।

सीएए के विरोध में आंदोलन शुरू हुआ था, जिसमें राम मंदिर, तीन तलाक़ और अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के मजबूर फ़ैसलों के ख़िलाफ़ उग्र मुस्लिमों को भड़काया गया। नागरिकता तो एक की भी नहीं गई, जानें कई चली गईं। यूपी में कई शहरों में पुलिस और दंगाइयों की मुठभेड़ हुई थी, जिनमें 250 से भी अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। योगी सरकार के सख्त एक्शन के बाद दंगाइयों ने दिल्ली का रुख किया और यहाँ माहौल बनाया जाने लगा। शाहीन बाग़ में भारत का कटे-छँटे नक़्शे चस्पां किए गए। देशभर में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान एक के बाद एक सेलेब्रिटीज ने आकर भड़काऊ भाषण दिए और ‘फक हिंदुत्व’ जैसे आपत्तिजनक पोस्टर्स लहराए गए।

हाथ में तिरंगा लेकर और मुँह से राष्ट्रगान गाकर भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की बात की गई, जिसे मीडिया ने गाँधीवादी आंदोलन बताया। जहाँ गाँधी को ही फासिस्ट कहा गया, वो गाँधीवादी आंदोलन कैसे? हिन्दुओं ने अपना गुस्सा दबाए रखा, बार-बार उन्हें अपमानित किया जाता रहा। स्वस्तिक का अपमान तो जैसे उनका ट्रेंड ही बन गया। मीडिया के एक बड़े वर्ग ने अपने स्टूडियो में बैठ कर दंगाइयों का रोज बचाव किया और उन्हें एहसास दिलाया कि वे जो कर रहे हैं, एकदम सही है। पीड़ित हिन्दुओं को ही उलटा बदनाम किया गया। इससे दंगाइयों को शह मिली।

अब बात करते हैं दिल्ली दंगों की कुछ दर्दनाक कहानियों की, जिसे हर हिन्दू को जाननी चाहिए क्योंकि इससे सच्चाई आपके कानों तक पहुँचेगी और भविष्य में सतर्कता के लिए भी ये काम आएगी। जैसे, प्रीति नामक एक महिला ने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए दोनों छोटे-छोटे बच्चों को छत से नीचे फेंक दिया। मौजपुर में जम्मू कश्मीरी न्यूज़ पोर्टल के एक पत्रकार को गोली मार दी गई। पूरे प्रकरण की साजिश का गहरा स्तर देख कर विशेषज्ञों और ख़ुफ़िया एजेंसियों ने अंदेशा लगाया कि इसके पीछे पीएफआई और आईएसआई का हाथ हो सकता है। जाफराबाद में दंगाइयों ने स्कूल बस को निशाना बनाया। घोंडा के विकास ने बताया कि उनके मोहल्ले में 400 मुस्लिमों ने धावा बोला।

करावल नगर में तो हिन्दू बेटियों के साथ अश्लील हरकत की गई और उन्हें नंगा कर दिया गया। शिव विहार में इसी कारण हिन्दू गोली और पत्थर खाते हुए भी डटे रहे, ताकि दंगाई उनके घरों में न घुस पाएँ। ऑपइंडिया ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि मुस्लिम महिलाओं ने भी सुरक्षा बलों व हिन्दुओं पर छतों के ऊपर से एसिड अटैक किया। अभी तक मीडिया, लिबरलों और सेक्युलर लोगों का गैंग इसे ‘मुस्लिम विरोधी दंगा’ साबित कर के वास्तविकता को पलटने में लगा हुआ है। उनसे सावधान रहें!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Searched termsदिल्ली दंगा क्रोनोलॉजी, अंग्रेज मुसलमान, ब्रिटिश मुसलमान, कांग्रेस मुसलमान, एएमयू, लॉर्ड कर्जन, बंगाल विभाजन, बंगाल में दंगे, भारत में दंगे, हिंदू मुस्लिम दंगे, बंग भंग, अलग मुस्लिम देश की मांग, अब्दुल्ला शुहरावर्दी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, हिस्ट्री ऑफ फ्रीडम मूवमेंट इन इंडिया, सर सैयद अहमद, पाकिस्तान की मांग, दिल्ली दंगा, दिल्ली दंगा लिबरल गैंग, दिल्ली दंगा लिबरल मीडिया, दिल्ली दंगा हिंदूफोबिया, दिल्ली दंगा प्राइम टाइम, रवीश कुमार प्राइम टाइम, दिल्ली दंगा एनडीटीवी, दिल्ली दंगा सेकुलर मीडिया, दिल्ली दंगा की खबरें, दिल्ली दंगों में कौन शामिल, दंगा और मुसलमान, दिल्ली में मुसलमानों का दंगा, पीएम मोदी, नरेंद्र मोदी, दिल्ली दंगा मोदी, दिल्ली हिंसा मोदी, उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा मोदी, आईबी कॉन्स्टेबल की हत्या, अंकित शर्मा की हत्या, चांदबाग अंकित शर्मा की हत्या, दिल्ली हिंसा विवेक, विवेक ड्रिल मशीन से छेद, विवेक जीटीबी अस्पताल, विवेक एक्सरे, दिल्ली हिंदू युवक की हत्या, दिल्ली विनोद की हत्या, दिल्ली ब्रहम्पुरी विनोद की हत्या, दिल्ली हिंसा अमित शाह, दिल्ली हिंसा केजरीवाल, दिल्ली हिंसा उपराज्यपाल, अमित शाह हाई लेवल मीटिंग, दिल्ली पुलिस, दिल्ली पुलिस रतनलाल, हेड कांस्टेबल रतनलाल, रतनलाल का परिवार, ट्रंप का भारत दौरा, ट्रंप मोदी, बिल क्लिंटन का भारत दौरा, छत्तीसिंह पुरा नरसंहार, दिल्ली हिंसा, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, दिल्ली पुलिस, करावल नगर, जाफराबाद, मौजपुर, गोकलपुरी, शाहरुख, कांस्टेबल रतनलाल की मौत, दिल्ली में पथराव, दिल्ली में आगजनी, दिल्ली में फायरिंग, भजनपुरा, दिल्ली सीएए हिंसा, शाहीन बाग, शाहीनबाग प्रदर्शन, शाहीन बाग वायरल वीडियो, CAA NRC शाहीन बाग, CAA NRC असम, शाहीन बाग मास्टरमाइंड, cab and nrc hindi, CAA मुसलमान, नागरिकता कानून मुसलमान, नागरिकता कानून हिंसा, भारत विरोधी नारे, मुस्लिम हरामी क्यो होते है, nrc ke bare mein muslim mulkon ki rai, मुसलमान डरे हुए हैं या डरा रहे हैं, हिंसा में शामिल pfi और सीमी मुसलमान, हिन्दुत्व के विरोध का भूत, हमें चाहिए आजादी ये कैसा नारा है, हिंदुओं से चाहिए आजादी, rambhakt gopal, ram bhakt gopal, jamia violence, जामिया हिंसा, राम भक्त गोपाल
अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हैदराबाद में ओवैसी पस्त, TRS को तगड़ा नुकसान: 4 साल में 12 गुना बढ़ी बीजेपी की सीटें, ट्रेंड में ‘भाग्यनगर’; कॉन्ग्रेस 2 पर सिमटी

ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन चौंकाने वाला रहा है। AIMIM को बीजेपी ने तीसरे नंबर पर धकेल दिया है।

‘हर शुक्रवार पोर्क खाने को करते हैं मजबूर’: उइगरों के इलाकों को ‘सूअर का हब’ बना रहा है चीन

प्रताड़ना शिविर में रह चुकी उइगर महिलाओं ने दावा किया है कि चीन पोर्क खाने को मजबूर करता है। इनकार करने पर प्रताड़ित करता है।

‘इंदिरा सरकार के कारण देश छोड़ना पड़ा, पति ने दम तोड़ दिया’: आपातकाल के जख्म लेकर 94 साल की विधवा पहुँचीं सुप्रीम कोर्ट

आजाद भारत के इतिहास में आपातकाल का काला दौर आज भी लोगों की स्मृतियों से धुँधला नहीं हुआ है। यही वजह है कि 94 साल की विधवा वीरा सरीन 45 साल बाद इंसाफ माँगने सुप्रीम कोर्ट पहुँची हैं।

टेरर फंडिंग वाले विदेशी संगठनों से AIUDF के अजमल फाउंडेशन को मिले करोड़ों, असम में कॉन्ग्रेस की है साथी

LRO ने तुर्की, फिलिस्तीन और ब्रिटेन के उन इस्लामी आतंकी समूहों के नाम का खुलासा किया है, जिनसे अजमल फाउंडेशन को फंड मिला है।

हिजाब वाली पहली मॉडल का इस्लाम पर करियर कुर्बान, कहा- डेनिम पहनने के बाद खूब रोई; नमाज भी कई बार छोड़ी

23 वर्ष की हिजाब वाली मॉडल हलीमा अदन ने इस्लाम के लिए फैशन इंडस्ट्री को अलविदा कहने का फैसला किया है।

राहुल गाँधी की क्षमता पर शरद पवार ने फिर उठाए सवाल, कहा- उनमें निरंतरता की कमी, पर ओबामा को नहीं कहना चाहिए था

शरद पवार ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनमें 'निरंतरता' की कमी लगती है।

प्रचलित ख़बरें

‘ओ चमचे चल, तू जिनकी चाट के काम लेता है, मैं उनकी रोज बजाती हूँ’: कंगना और दिलजीत दोसांझ में ट्विटर पर छिड़ी जंग

कंगना ने दिलजीत को पालतू कहा, जिस पर दिलजीत ने कंगना से पूछा कि अगर काम करने से पालतू बनते हैं तो मालिकों की लिस्ट बहुत लंबी हो जाएगी।

जब नक्सलियों की ‘क्रांति के मार्ग’ में डिल्डो अपनी जगह बनाने लगता है तब हथियारों के साथ वाइब्रेटर भी पकड़ा जाता है

एक संघी ने कहा, "डिल्डो मिलने का मतलब वामपंथी न तो क्रांति कर पा रहे न वामपंथनों को संतुष्ट। कामपंथियों के बजाय रबर-यंत्र चुनने पर वामपंथनों को सलाम!"

एक ही परिवार के 3 भाइयों का शव बरामद, आँखें निकली हुईं: हत्या का आरोप लगा परिजनों ने मिर्जापुर में किया चक्का जाम

पुलिस अधीक्षक का कहना है कि लेहड़िया बंधी के पानी में तीन लड़कों का शव बरामद हुआ है। हत्या की आशंका जताई गई है, पोस्टमॉर्टम के लिए...

‘गुजराती कसम खा कर पलट जाते हैं, औरंगजेब की तरह BJP नेताओं की कब्रों पर थूकेंगे लोग’: क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता की धमकी

जब उनसे पूछा गया कि इस 'किसान आंदोलन' में इंदिरा गाँधी की हत्या को याद कराते हुए पीएम मोदी को भी धमकी दी गई है, तो उन्होंने कहा कि जिसने जो बोया है, वो वही काटेगा।

‘स्टैचू ऑफ यूनिटी या ताजमहल?’ – स्टैचू ऑफ लिबर्टी से भी ज्यादा पर्यटकों के आँकड़े चिढ़ा रहे ध्रुव राठी को

यूट्यूब की जनता को एंगेज रखना है, खुद को वामपंथी ब्रिगेड की यूथ विंग का मुखिया साबित करना है तो यह सब करना ही पड़ेगा। सरकार को गाली...

15274 मौतें, एंडरसन, शहरयार… सुषमा स्वराज ने जब राहुल गाँधी से कहा- अपनी ममा से पूछें डैडी ने…

सन् 1984। ऑपरेशन ब्लू स्टार का साल। इंदिरा गॉंधी की हत्या का साल। सिखों के नरसंहार का साल। सबसे प्रचंड बहुमत से...

किसान संगठनों का 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान, दिल्ली के सड़कों को ब्लॉक करने की धमकी भी दी

प्रदर्शन कर रहे किसान समूह ने ऐलान किया है कि वे 5 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूँकेंगे, 7 दिसंबर को अवॉर्ड वापसी और 8 दिसंबर को भारत बंद करेंगे।

हैदराबाद में ओवैसी पस्त, TRS को तगड़ा नुकसान: 4 साल में 12 गुना बढ़ी बीजेपी की सीटें, ट्रेंड में ‘भाग्यनगर’; कॉन्ग्रेस 2 पर सिमटी

ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन चौंकाने वाला रहा है। AIMIM को बीजेपी ने तीसरे नंबर पर धकेल दिया है।

TV पर कंडोम और ‘लव ड्रग्स’ के विज्ञापन पॉर्न फिल्मों जैसे: मद्रास HC ने अश्लील एड को प्रसारित करने से किया मना

टीवी चैनलों पर अश्लील और आपत्तिजनक विज्ञापन दिखाने के मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पास किया है।

‘हर शुक्रवार पोर्क खाने को करते हैं मजबूर’: उइगरों के इलाकों को ‘सूअर का हब’ बना रहा है चीन

प्रताड़ना शिविर में रह चुकी उइगर महिलाओं ने दावा किया है कि चीन पोर्क खाने को मजबूर करता है। इनकार करने पर प्रताड़ित करता है।

फ्रांस में ED ने विजय माल्या की 1.6 मिलियन यूरो की संपत्ति जब्त की, किंगफिशर के अकाउंट से भेजा था पैसा

ED ने भगोड़े विजय माल्या के ख़िलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फ्रांस में उसकी 1.6 मिलियन यूरो की प्रॉपर्टी जब्त की है।

‘तारक मेहता…’ के राइटर ने की आत्‍महत्‍या: परिवार ने कहा- उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे, हमें दे रहे हैं धमकी

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के लेखक अभिषेक मकवाना ने आत्महत्या कर ली है। शव कांदि‍वली स्‍थ‍ित उनके फ्लैट से 27 नवंबर को मिला।

‘हमने MP और शाजापुर को शाहीन बाग बना दिया’: जमानत देते हुए अनवर से हाईकोर्ट ने कहा- जाकर काउंसलिंग करवाओ

सीएए-एनआरसी को लेकर भड़काऊ मैसेज भेजने वाले अनवर को बेल देते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने काउंसलिंग का आदेश दिया है।

भारत ने कनाडा के उच्चायुक्त को किया तलब, ‘किसानों के प्रदर्शन’ पर जस्टिन ट्रूडो ने की थी बयानबाजी

कनाडा के उच्चायुक्त को तलब कर भारत ने जस्टिन ट्रूडो और वहाँ के अन्य नेताओं की टिप्पणी को देश के आंतरिक मामलों में "अस्वीकार्य हस्तक्षेप" के समान बताया है।

‘इंदिरा सरकार के कारण देश छोड़ना पड़ा, पति ने दम तोड़ दिया’: आपातकाल के जख्म लेकर 94 साल की विधवा पहुँचीं सुप्रीम कोर्ट

आजाद भारत के इतिहास में आपातकाल का काला दौर आज भी लोगों की स्मृतियों से धुँधला नहीं हुआ है। यही वजह है कि 94 साल की विधवा वीरा सरीन 45 साल बाद इंसाफ माँगने सुप्रीम कोर्ट पहुँची हैं।

‘विरोध-प्रदर्शन से कोरोना भयावह होने का खतरा’: दिल्ली बॉर्डर से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

कोविड 19 महामारी के ख़तरे का हवाला देते हुए दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की सीमा के नज़दीक से किसानों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,535FollowersFollow
359,000SubscribersSubscribe