Monday, September 21, 2020
Home देश-समाज हिन्दू घृणा से लेकर मुस्लिम भीड़ का आतंक, दिल्ली दंगों की जो बातें आपसे...

हिन्दू घृणा से लेकर मुस्लिम भीड़ का आतंक, दिल्ली दंगों की जो बातें आपसे छिपाई गई

मीडिया ने इस दौरान ख़ूब फेक न्यूज़ चलाया। कहीं कोई हिन्दू मरा, इसको कवर करने की बजाय ये खोजा जाने लगा कि कहाँ किसी हिन्दू ने किसी मुस्लिम को थप्पड़ मार दिया। हिन्दू इस पूरे दंगे के दौरान या तो आत्मरक्षा के लिए संघर्ष करते रहे या फिर घरों में दुबके रहे।

देश की राजधानी का एक हिस्सा जल रहा है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों में 42 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। 250 से भी अधिक घायल हुए हैं। यहाँ हम आपको अब तक के घटनाक्रम की पूरी जानकारी देंगे। सबसे पहले एक सवाल से शुरू करते हैं कि कोई आपके घर का दरवाजा 3 महीने से ब्लॉक कर रखे तो आप क्या करेंगे? दिल्ली के शाहीन बाग़ में ऐसा ही हो रहा था। सीएए विरोध के नाम पर पिकनिक मना रही मुस्लिम महिलाओं के कारण लाखों लोगों को परेशानी हुई, लगातार कई हफ़्तों तक। उन्हें दफ्तर पहुँचने में देरी होती थी, बच्चे घंटों स्कूल जाने-आने समय अटके रहते थे और लोगों का उधर से गुजरना मुश्किल था। लेकिन, मीडिया के अनुसार पीड़ित हिन्दुओं को गुस्साने का भी अधिकार नहीं है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रविवार (फरवरी 23, 2020) को अहमदाबाद पहुँचे। देश के लिए गर्व का क्षण था कि वहाँ दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन हुआ। लेकिन, कट्टर इस्लामी लोगों के लिए ये तबाही मचाने का सबसे अच्छा मौका था, क्योंकि वे इंटरनेशनल मीडिया के अटेंशन के भूखे रहते हैं। उन्होंने जफराबाद को नया शाहीन बाग़ बनाने की कोशिश तेज कर दी। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने रोज प्रताड़ना सह रही जनता की तरफ़ से आवाज़ उठाई और कहा कि दिल्ली पुलिस ने अगर उपद्रवियों को शांत नहीं किया तो वे भी विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

शरजील इमाम, वारिस पठान और इमरान प्रतापगढ़ी जैसे मुस्लिम नेताओं के भड़काऊ बयानों को ढकने के लिए मीडिया के एक बड़े वर्ग ने कपिल मिश्रा का सहारा लिया। यहाँ तक कि पुलिस पर गोलीबारी करते बेख़ौफ़ विचरते मोहम्मद शाहरुख़ को भी भगवाधारी साबित करने का कुत्सित प्रयास किया गया, लेकिन उसकी पहचान सामने आ जाने के बाद कपिल मिश्रा पर हमले और तेज़ कर दिए गए क्योंकि मोहम्मद शाहरुख़ को छिपाना जो था। पुलिसकर्मी दीपक दहिया को इन दंगों के ख़िलाफ़ सबसे बड़ा चेहरा बनना चाहिए था। आपने देखा कैसे वो उस बेख़ौफ़ अपराधी के सामने निडर होकर खड़े थे।

सोमवार (फरवरी 25, 2020) को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के 5 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया। ये सभी दिल्ली मेट्रो की ‘पिंक लाइन’ पर थे। इसके बाद एक भीड़ ने गोकुलपुरी में एक टायर मार्किट को फूँक दिया। इस्लामी दंगाइयों की गोली लगने से तीन छोटे-छोटे बच्चों के पिता कॉन्स्टेबल रतनलाल वीरगति को प्राप्त हो गए और डीसीपी अमित शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। डीसीपी ने बताया है कि अगर उस दिन वे बच के न निकलते तो उनकी भी लिंचिंग कर दी जाती। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की।

- विज्ञापन -

इस बीच मीडिया और लिबरलों का प्रोपेगेंडा चलता रहा। ‘ब्लू टिक’ वाले विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स से कपिल मिश्रा पर दंगों का इल्जाम डाला गया। मोहम्मद शाहरुख़, वारिस पठान और शरजील इमाम जैसों की बात तक नहीं की गई। मामला हाईकोर्ट में गया और वहाँ भी भाजपा नेताओं के बयानों की क्लिप चली। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली पुलिस का बचाव किया और कहा कि वो एसिड अटैक झेल रहे हैं, पिकनिक नहीं मना रहे।उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के कई विडियो आए हैं, जिसकी जाँच होगी। बुधवार को ट्रंप वापस चले गए। उसके बाद उसी रात राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने जिम्मेदारी संभाली।

इसके बाद इस दंगे का ऐसा सच सामने आया, जिसने सब को हिला कर रख दिया। आईबी के अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन के गुंडों ने मार डाला। चाँदबाग के नाले से उनका शव मिला। ताहिर हुसैन की बिल्डिंग का विडियो सामने आया। उसकी इमारत में करीब 3000 दंगाई जमा थे। उन्होंने लगातार आसपास के हिन्दुओं पर बमबारी और पत्थरबाजी की। यही लोग अंकित शर्मा सहित 4 लोगों को घसीटते हुए ले गए थे। दरिंदगी का आलम ये था कि अंकित की हत्या करते समय उनके शरीर पर लगातार 4 घंटे तक 6 दरिंदों ने 400 बार चाकुओं से वार किया। ताहिर हुसैन की फोटो सामने आई, जिसमें वो हाथ में डंडा लिए अपनी छत पर खड़े होकर गुंडों को निर्देशित करता हुआ दिखा।

ताहिर के बचाव में कई लिबरल उतर आए। उसने दावा किया कि उसे फँसाया जा रहा है लेकिन वो उन्हीं कपड़ों में सफाई देने आ गया, जिन कपड़ों में वो गुंडई कर रहा था। उसकी फैक्ट्री और घर सील कर लिया गया। जावेद अख्तर बौखला गए। इसी तरह शिव विहार में फैसल फ़ारूक़ के ‘राजधानी स्कूल’ को ‘अटैक बेस’ बनाया गया और वहाँ भी हिन्दुओं पर गोलीबारी, बमबारी और पत्थरबाजी हुई, जिनमें कई जानें गईं। उसके बगल के डीआरपी स्कूल को जला दिया गया, जो एक हिन्दू का था। फिर भी राजधानी स्कूल में तबाही की ख़बरें चलीं, जबकि वो दंगाइयों का पनाहगार बना था, जहाँ कई दिनों से साजिश रची जा रही थी और हथियार जमा किए जा रहे थे। पत्थर और बम दूर तक फेंकने के लिए गुलेल का इस्तेमाल किया गया।

अंकित शर्मा के साथ विनोद कुमार की हत्या भी सुर्खियाँ बनीं। ब्रह्मपुरी के निवासी विनोद कुमार को उनके बेटे के सामने इसलिए मार डाला गया, क्योंकि उनकी बाइक के स्टिकर पर ‘जय श्री राम’ लिखा था। उनके बेटे ने बताया कि 40 मुस्लिमों की भीड़ इस्लामी टोपी पहने आई और उन्होंने ‘अल्लाहु अकबर’ व ‘नारा-ए-तकबीर’ चिल्लाते हुए हमला बोल दिया। इसी तरह जौहरीपुर के विवेक जब अपनी दुकान में बैठे हुए थे, दंगाई मुस्लिम भीड़ आई और उन्होंने उसकी सिर में ड्रिल कर दिया। उनके सिर में लोहा घुसाए जाने के बाद उनकी सर्जरी हुई। जाफराबाद व आसपास के इलाक़ों के हिन्दुओं को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। लोगों ने वो सारी चीजें त्याग दीं, जिनसे प्रतीत हो कि वो हिन्दू हैं, जैसे- ॐ का टैटू, हाथ में कलावा या बाइक पर धार्मिक स्टीकर।

मीडिया ने इस दौरान ख़ूब फेक न्यूज़ चलाया। कहीं कोई हिन्दू मरा, इसको कवर करने की बजाय ये खोजा जाने लगा कि कहाँ किसी हिन्दू ने किसी मुस्लिम को थप्पड़ मार दिया। हिन्दू इस पूरे दंगे के दौरान या तो आत्मरक्षा के लिए संघर्ष करते रहे या फिर घरों में दुबके रहे। इस स्थिति में भी उन्होंने कई मुस्लिमों की जान बचाई। सुरक्षा बलों के खाने-पीने का ध्यान भी हिन्दुओं ने रखा, क्योंकि नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में फ़िलहाल कर्फ्यू लगा हुआ है और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं।

अब हम बात करेंगे कि आखिर ये दंगे भड़के क्यों? ये तो हम देख ही चुके हैं कि तैयारी काफ़ी पहले से थी और पत्थर, पेट्रोल बम व असलहों के रूप में हथियार कई दिनों से जमा किए जा रहे थे।

सीएए के विरोध में आंदोलन शुरू हुआ था, जिसमें राम मंदिर, तीन तलाक़ और अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के मजबूर फ़ैसलों के ख़िलाफ़ उग्र मुस्लिमों को भड़काया गया। नागरिकता तो एक की भी नहीं गई, जानें कई चली गईं। यूपी में कई शहरों में पुलिस और दंगाइयों की मुठभेड़ हुई थी, जिनमें 250 से भी अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। योगी सरकार के सख्त एक्शन के बाद दंगाइयों ने दिल्ली का रुख किया और यहाँ माहौल बनाया जाने लगा। शाहीन बाग़ में भारत का कटे-छँटे नक़्शे चस्पां किए गए। देशभर में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान एक के बाद एक सेलेब्रिटीज ने आकर भड़काऊ भाषण दिए और ‘फक हिंदुत्व’ जैसे आपत्तिजनक पोस्टर्स लहराए गए।

हाथ में तिरंगा लेकर और मुँह से राष्ट्रगान गाकर भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की बात की गई, जिसे मीडिया ने गाँधीवादी आंदोलन बताया। जहाँ गाँधी को ही फासिस्ट कहा गया, वो गाँधीवादी आंदोलन कैसे? हिन्दुओं ने अपना गुस्सा दबाए रखा, बार-बार उन्हें अपमानित किया जाता रहा। स्वस्तिक का अपमान तो जैसे उनका ट्रेंड ही बन गया। मीडिया के एक बड़े वर्ग ने अपने स्टूडियो में बैठ कर दंगाइयों का रोज बचाव किया और उन्हें एहसास दिलाया कि वे जो कर रहे हैं, एकदम सही है। पीड़ित हिन्दुओं को ही उलटा बदनाम किया गया। इससे दंगाइयों को शह मिली।

अब बात करते हैं दिल्ली दंगों की कुछ दर्दनाक कहानियों की, जिसे हर हिन्दू को जाननी चाहिए क्योंकि इससे सच्चाई आपके कानों तक पहुँचेगी और भविष्य में सतर्कता के लिए भी ये काम आएगी। जैसे, प्रीति नामक एक महिला ने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए दोनों छोटे-छोटे बच्चों को छत से नीचे फेंक दिया। मौजपुर में जम्मू कश्मीरी न्यूज़ पोर्टल के एक पत्रकार को गोली मार दी गई। पूरे प्रकरण की साजिश का गहरा स्तर देख कर विशेषज्ञों और ख़ुफ़िया एजेंसियों ने अंदेशा लगाया कि इसके पीछे पीएफआई और आईएसआई का हाथ हो सकता है। जाफराबाद में दंगाइयों ने स्कूल बस को निशाना बनाया। घोंडा के विकास ने बताया कि उनके मोहल्ले में 400 मुस्लिमों ने धावा बोला।

करावल नगर में तो हिन्दू बेटियों के साथ अश्लील हरकत की गई और उन्हें नंगा कर दिया गया। शिव विहार में इसी कारण हिन्दू गोली और पत्थर खाते हुए भी डटे रहे, ताकि दंगाई उनके घरों में न घुस पाएँ। ऑपइंडिया ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि मुस्लिम महिलाओं ने भी सुरक्षा बलों व हिन्दुओं पर छतों के ऊपर से एसिड अटैक किया। अभी तक मीडिया, लिबरलों और सेक्युलर लोगों का गैंग इसे ‘मुस्लिम विरोधी दंगा’ साबित कर के वास्तविकता को पलटने में लगा हुआ है। उनसे सावधान रहें!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Searched termsदिल्ली दंगा क्रोनोलॉजी, अंग्रेज मुसलमान, ब्रिटिश मुसलमान, कांग्रेस मुसलमान, एएमयू, लॉर्ड कर्जन, बंगाल विभाजन, बंगाल में दंगे, भारत में दंगे, हिंदू मुस्लिम दंगे, बंग भंग, अलग मुस्लिम देश की मांग, अब्दुल्ला शुहरावर्दी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, हिस्ट्री ऑफ फ्रीडम मूवमेंट इन इंडिया, सर सैयद अहमद, पाकिस्तान की मांग, दिल्ली दंगा, दिल्ली दंगा लिबरल गैंग, दिल्ली दंगा लिबरल मीडिया, दिल्ली दंगा हिंदूफोबिया, दिल्ली दंगा प्राइम टाइम, रवीश कुमार प्राइम टाइम, दिल्ली दंगा एनडीटीवी, दिल्ली दंगा सेकुलर मीडिया, दिल्ली दंगा की खबरें, दिल्ली दंगों में कौन शामिल, दंगा और मुसलमान, दिल्ली में मुसलमानों का दंगा, पीएम मोदी, नरेंद्र मोदी, दिल्ली दंगा मोदी, दिल्ली हिंसा मोदी, उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा मोदी, आईबी कॉन्स्टेबल की हत्या, अंकित शर्मा की हत्या, चांदबाग अंकित शर्मा की हत्या, दिल्ली हिंसा विवेक, विवेक ड्रिल मशीन से छेद, विवेक जीटीबी अस्पताल, विवेक एक्सरे, दिल्ली हिंदू युवक की हत्या, दिल्ली विनोद की हत्या, दिल्ली ब्रहम्पुरी विनोद की हत्या, दिल्ली हिंसा अमित शाह, दिल्ली हिंसा केजरीवाल, दिल्ली हिंसा उपराज्यपाल, अमित शाह हाई लेवल मीटिंग, दिल्ली पुलिस, दिल्ली पुलिस रतनलाल, हेड कांस्टेबल रतनलाल, रतनलाल का परिवार, ट्रंप का भारत दौरा, ट्रंप मोदी, बिल क्लिंटन का भारत दौरा, छत्तीसिंह पुरा नरसंहार, दिल्ली हिंसा, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, दिल्ली पुलिस, करावल नगर, जाफराबाद, मौजपुर, गोकलपुरी, शाहरुख, कांस्टेबल रतनलाल की मौत, दिल्ली में पथराव, दिल्ली में आगजनी, दिल्ली में फायरिंग, भजनपुरा, दिल्ली सीएए हिंसा, शाहीन बाग, शाहीनबाग प्रदर्शन, शाहीन बाग वायरल वीडियो, CAA NRC शाहीन बाग, CAA NRC असम, शाहीन बाग मास्टरमाइंड, cab and nrc hindi, CAA मुसलमान, नागरिकता कानून मुसलमान, नागरिकता कानून हिंसा, भारत विरोधी नारे, मुस्लिम हरामी क्यो होते है, nrc ke bare mein muslim mulkon ki rai, मुसलमान डरे हुए हैं या डरा रहे हैं, हिंसा में शामिल pfi और सीमी मुसलमान, हिन्दुत्व के विरोध का भूत, हमें चाहिए आजादी ये कैसा नारा है, हिंदुओं से चाहिए आजादी, rambhakt gopal, ram bhakt gopal, jamia violence, जामिया हिंसा, राम भक्त गोपाल
अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ठुड्डी के बगल में 1.5 इंच छेद, आँख-नाक से खून; हाथ मुड़े: आखिर दिशा सालियान के साथ क्या हुआ था?

दिशा सालियान की मौत को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब एंबुलेंस ड्राइवर ने उनके शरीर पर गहरे घाव देखने का दावा किया है।

सिर्फ 194 दिन में बिहार के हर गाँव में फास्ट इंटरनेट, जुड़ेगा ऑप्टिकल फाइबर से, बनेगा देश का पहला ऐसा राज्य

गाँवों में टेली-मेडिसिन के द्वारा जनता को बड़े अस्पतालों के अच्छे डॉक्टरों की सलाह भी मिल सकेगी। छात्र तेज गति इंटरनेट उपलब्ध होने से...

कॉलेज-किताबें सब झूठे, असल में जिहादियों की ‘वंडर वुमन’ बनना चाहती थी कोलकाता की तानिया परवीन

22 साल की तानिया परवीन 70 जिहादी ग्रुप्स का हिस्सा थी। पढ़िए, कैसे बनी वह लश्कर आतंकी। कितने खतरनाक थे उसके इरादे।

सपा-बसपा ने 10 साल में दी जितनी नौकरी, उससे ज्यादा योगी सरकार ने 3 साल में दिए

सपा और बसपा ने अपने 5 साल के कार्यकाल में जितनी नौकरियाँ दी, उससे ज्यादा योगी आदित्यनाथ की सरकार 3 साल में दे चुकी है।

सुदर्शन ‘UPSC जिहाद’ मामला: ऑपइंडिया, इंडिक कलेक्टिव ट्रस्ट और UpWord ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की ‘हस्तक्षेप याचिका’

मजहब विशेष के दोषियों को बचाने के लिए मीडिया का एक बड़ा वर्ग कैसे उनके अपराध को कम कर दिखाता है, इसको लेकर ऑपइंडिया ने एक रिपोर्ट तैयार की है।

बिहार में कुछ अच्छा हो, कोई अच्छा काम करे… और वो मोदी से जुड़ा हो तो ‘चुड़ैल मीडिया’ भला क्यों दिखाए?

सुल्तानगंज-कहलगाँव के 60 km के क्षेत्र को “विक्रमशिला गांगेय डॉलफिन सैंक्चुअरी” घोषित किया जा चुका है। इस काम को और एक कदम आगे ले जा कर...

प्रचलित ख़बरें

‘उसने अपने C**k को जबरन मेरी Vagina में डालने की कोशिश की’: पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

“अगले दिन उसने मुझे फिर से बुलाया। उन्होंने कहा कि वह मुझसे कुछ चर्चा करना चाहते हैं। मैं उसके यहाँ गई। वह व्हिस्की या स्कॉच पी रहा था। बहुत बदबू आ रही थी। हो सकता है कि वह चरस, गाँजा या ड्रग्स हो, मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है लेकिन मैं बेवकूफ नही हूँ।”

संघी पायल घोष ने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया – जया बच्चन

जया बच्चन का कहना है कि अनुराग कश्यप पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर पायल घोष ने जिस थाली में खाया, उसी में छेद किया है।

व्हिस्की पिलाते हुए… 7 बार न्यूड सीन: अनुराग कश्यप ने कुबरा सैत को सेक्रेड गेम्स में ऐसे किया यूज

पक्के 'फेमिनिस्ट' अनुराग पर 2018 में भी यौन उत्पीड़न तो नहीं लेकिन बार-बार एक ही तरह का सीन (न्यूड सीन करवाने) करवाने का आरोप लग चुका है।

प्रेगनेंसी टेस्ट की तरह कोरोना जाँच: भारत का ₹500 वाला ‘फेलूदा’ 30 मिनट में बताएगा संक्रमण है या नहीं

दिल्ली की टाटा CSIR लैब ने भारत की सबसे सस्ती कोरोना टेस्ट किट विकसित की है। इसका नाम 'फेलूदा' रखा गया है। इससे मात्र 30 मिनट के भीतर संक्रमण का पता चल सकेगा।

कहाँ गायब हुए अकाउंट्स? सोनू सूद की दरियादिली का उठाया फायदा या फिर था प्रोपेगेंडा का हिस्सा

सोशल मीडिया में एक नई चर्चा के तूल पकड़ने के बाद कई यूजर्स सोनू सूद की मंशा सवाल उठा रहे हैं। कुछ ट्विटर अकाउंट्स अचानक गायब होने पर विवाद है।

जया बच्चन का कुत्ता टॉमी, देश के आम लोगों का कुत्ता कुत्ता: बॉलीवुड सितारों की कहानी

जया बच्चन जी के घर में आइना भी होगा। कभी सजते-संवरते उसमें अपनी आँखों से आँखे मिला कर देखिएगा। हो सकता है कुछ शर्म बाकी हो तो वो आँखों में...

नुसरत जहां की फोटो दिखा लुभा रहा था वीडियो चैट ऐप, TMC सांसद के कंप्लेन पर हरकत में आई पुलिस

टीएमसी सांसद नुसरत जहां ने अपनी तस्वीर के गलत इस्तेमाल को लेकर एक वीडियो चैट ऐप के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।

रिया का ड्रग्स कनेक्शन छोटा नहीं, दुबई और आतंकी समूहों से जुड़े हैं तार: NCB प्रमुख राकेश अस्थाना

एनसीबी प्रमुख राकेश अस्थाना ने एक इंटरव्यू में कहा है कि रिया के मामले से बड़े ड्रग्स रैकेट का पता चला है कि जिसके लिंक दुबई और आतंकी समूहों से जुड़े हुए हैं।

ठुड्डी के बगल में 1.5 इंच छेद, आँख-नाक से खून; हाथ मुड़े: आखिर दिशा सालियान के साथ क्या हुआ था?

दिशा सालियान की मौत को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब एंबुलेंस ड्राइवर ने उनके शरीर पर गहरे घाव देखने का दावा किया है।

सिर्फ 194 दिन में बिहार के हर गाँव में फास्ट इंटरनेट, जुड़ेगा ऑप्टिकल फाइबर से, बनेगा देश का पहला ऐसा राज्य

गाँवों में टेली-मेडिसिन के द्वारा जनता को बड़े अस्पतालों के अच्छे डॉक्टरों की सलाह भी मिल सकेगी। छात्र तेज गति इंटरनेट उपलब्ध होने से...

जिसे आज ताजमहल कहते हैं, वो शिव मंदिर ‘तेजो महालय’ है: शंकराचार्य ने CM योगी से की ‘दूषित प्रचार’ रोकने की अपील

ओडिशा के पुरी स्थित गोवर्धन मठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने ताजमहल को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि ये प्राचीन काल में भगवान शिव का मंदिर था और इसका नाम 'तेजो महालय' था।

बिहार को ₹14000+ करोड़ की सौगात: 9 राजमार्ग, PM पैकेज के तहत गंगा नदी पर बनाए जाएँगे 17 पुल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के 45945 गाँवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवाओं से जोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गाँव के किसान...

‘गलत साबित हुई तो माफी माँग छोड़ दूँगी ट्विटर’: कंगना ने ट्रोल करने वालों को कहा पप्पू की चंपू सेना

अपने ट्वीट को तोड़-मरोड़कर पेश करने वालों को कंगना रनौत ने चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि यदि यह साबित हो गया कि उन्होंने किसानों को आतंकी कहा था तो वे ट्विटर छोड़ देंगी।

कॉलेज-किताबें सब झूठे, असल में जिहादियों की ‘वंडर वुमन’ बनना चाहती थी कोलकाता की तानिया परवीन

22 साल की तानिया परवीन 70 जिहादी ग्रुप्स का हिस्सा थी। पढ़िए, कैसे बनी वह लश्कर आतंकी। कितने खतरनाक थे उसके इरादे।

सपा-बसपा ने 10 साल में दी जितनी नौकरी, उससे ज्यादा योगी सरकार ने 3 साल में दिए

सपा और बसपा ने अपने 5 साल के कार्यकाल में जितनी नौकरियाँ दी, उससे ज्यादा योगी आदित्यनाथ की सरकार 3 साल में दे चुकी है।

सुदर्शन ‘UPSC जिहाद’ मामला: ऑपइंडिया, इंडिक कलेक्टिव ट्रस्ट और UpWord ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की ‘हस्तक्षेप याचिका’

मजहब विशेष के दोषियों को बचाने के लिए मीडिया का एक बड़ा वर्ग कैसे उनके अपराध को कम कर दिखाता है, इसको लेकर ऑपइंडिया ने एक रिपोर्ट तैयार की है।

हमसे जुड़ें

263,159FansLike
77,972FollowersFollow
322,000SubscribersSubscribe
Advertisements