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‘योगी की सरकार बनी तो पलायन कर दूँगा’: तालिबान को स्वतंत्रता सेनानी बताने वाले मुनव्वर राना बोले- आज डर से मुस्लिम घर में छुरी भी नहीं रख रहे

तालिबान को लेकर मुनव्वर राना ने कहा कि दो बड़े दुश्मनों को, जो रूस और अमेरिका से ज़िंदगी भर लड़े हों, तो उन पर कितने जुल्म हुए होंगे इसका भी हिसाब निकाला जाना चाहिए। 

तालिबान से हमदर्दी और भाजपा से दिल की अनंत गहराइयों से नफरत करने वाले विवादित शायर मुनव्वर राना (Munawwar Rana) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा (Uttar Pradesh Assembly Election) के लिए होने वाली वोटिंग से पहले एक बार फिर पलायन का राग अलापा है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में फिर से योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार बन जाती है तो वे पलायन कर जाएँगे।

मुनव्वर ने कहा, “मैं पहले ही कह चुका हूँ कि अगर योगी आएगा तो मैं पलायन कर दूँगा। इस बात को स्पष्ट तौर पर नोट कर लिया जाए।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कारण मुस्लिमों में इतना खौफ है कि कोई बोल नहीं रहा है। उन्होंने कहा, “मुस्लिमों ने अपने घरों में छुरी रखना तक बंद कर दिया कि पता नहीं योगी उनको बंद करवा दे।”

मुनव्वर राना ने कहा कि 6 महीना पहले उन्होंने कहा कि था कि AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की मदद से योगी सरकार आएगी तो उन्हें काफी तंग किया गया था। उनका आरोप है कि ऐसा कहने के कारण उनके खिलाफ कई केस दर्ज किए गए थे। उन्होंने कहा कि ओवैसी की बेवकूफी के कारण प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बन जाएगी।

अपने स्वभाव के अनुसार भाजपा पर कटाक्ष करते हुए मुनव्वर ने कहा, “हम अभी बोलेंगे कि ‘आराम’ कर रहे हैं तो ये बोलने लगेंगे कि हमारे ‘राम’ में आप ‘आ’ क्यों रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए मुनव्वर ने कहा कि चीन के डर से उन्होंने शुगर को चीनी बोलना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि कैराना में 10 हिंदुओं के पलायन की बात होती है, लेकिन यहाँ हजारों मुस्लिम पलायन कर रहे हैं। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

बता दें कि मुनव्वर राना ने इस्लामिक आतंकी संगठन तालिबान को स्वतंत्रता सेनानी कहा था। वहीं, महर्षि वाल्मिकी को डाकू कहा था। मुनव्वर ने तालिबान के साथ वाल्मिकी की तुलना की थी। इस बयान के बाद उनके खिलाफ कई एफआईआर हुई थी। ‘न्यूज नेशन’ चैनल पर दीपक चौरसिया से बात करते हुए मुनव्वर राना ने कहा कि दो बड़े दुश्मनों को, जो रूस और अमेरिका से ज़िंदगी भर लड़े हों, तो उन पर कितने जुल्म हुए होंगे इसका भी हिसाब निकाला जाना चाहिए। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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