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‘मुझे कोरोना हुआ तो पूरे परिवार को हो जाएगा’ – डर और घबराहट में IRS ऑफिसर ने एसिड पी कर की आत्महत्या

IRS अधिकारी की पहचान शिवराज सिंह ने एक हफ्ते पहले अपना कोरोना चेकअप कराया था। उन्हें चिंता थी कि उन्हें कोरोना न हो जाए। लेकिन उनका टेस्ट नेगेटिव आया था। अब पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि क्या इसके बाद उन्होंने फिर कोई कोरोना टेस्ट करवाया था।

दिल्ली के द्वारका इलाके में एक IRS अधिकारी की आत्महत्या का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि 56 वर्षीय अधिकारी के भीतर कोरोना का डर बैठ गया था। उन्हें आशंका थी कि अगर उन्हें कोरोना हुआ तो पूरे परिवार को हो जाएगा। इसी सोच में उन्होंने कार का एसिड पी लिया।

IRS अधिकारी की पहचान शिवराज सिंह के रूप में हुई। वह DOMS आरके पुरम में एडिशनल CIT के पद पर तैनात थे। वो द्वारका के समती कुंज अपार्टमेंट में रहते थे और 2006 बैच के थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि रविवार को दोपहर में द्वारका के एक अस्पताल से उन्हें जानकारी मिली कि एक शख्स ने सुसाइड कर लिया है और अस्पताल में उसका शव रखा हुआ है।

पुलिस अस्पताल पहुँची तो पता चला कि मृतक 56 साल के शिवराज थे, जो आयकर विभाग में एडीशनल कमिश्नर थे और फिलहाल उनकी पोस्टिंग आरके पुरम इलाके में आयकर विभाग के दफ्तर में थी।

जाँच में पता चला कि वे द्वारका सेक्टर 6 इलाके में अपनी कार के अंदर बेहोशी की हालत में पाए गए, फिर उन्हें अस्पताल लाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कार से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ।

इस नोट में कोरोना के शक के बारे में बात कही गई। सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया है कि उन्हें लगता है उनकी वजह से उनके परिवार को कोरोना का संक्रमण हो गया है। इसके अलावा अपने पत्र में अधिकारी ने अपने बच्चों को परेशान न करने की बात लिखी।

यहाँ बता दें कि शिवराज ने एक हफ्ते पहले अपना कोरोना चेकअप कराया था, उन्हें चिंता थी कि उन्हें कोरोना न हो जाए। लेकिन उनका टेस्ट नेगेटिव आया था। अब पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि क्या इसके बाद उन्होंने फिर कोई कोरोना टेस्ट करवाया था।

फिलहाल द्वारका दक्षिण थाना पुलिस ने उनके शव को लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि उनकी मौत की असली वजह क्या है।

पड़ताल में ये बात भी मालूम चली है कि शिवराज की कई दिनों से तबीयत खराब थी और वह शनिवार को अपनी गाड़ी लेकर बाहर निकले थे। पर, जब देर शाम वह घर नहीं लौटे तो उनकी तलाश शुरू हुई। बाद में उनकी गाड़ी घर से थोड़ी दूरी पर मिली। जिसमें वह पीछे की सीट पर पड़े थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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