Homeराजनीति'गाड़ न दिया तो अपने बाप की बेटी नहीं': कॉन्ग्रेस की जिस महिला नेता...

‘गाड़ न दिया तो अपने बाप की बेटी नहीं’: कॉन्ग्रेस की जिस महिला नेता के लिए अलका लांबा ने कहा ‘जूते मार बाहर करो’ उसने दी चुनौती, कहा- यह ब्राह्मणों का अपमान

अलका लांबा ने मधु शर्मा को तुरंत बैठक से बाहर निकलने को कह दिया। इस पर मधु शर्मा ने उन्हें जवाब दिया कि उनकी नियुक्ति अलका लांबा ने ही की और नियुक्ति पत्र भी दिया है। मधु शर्मा के इस जवाब पर अलका लांबा ने बता दिया कि मध्य प्रदेश में कई नियुक्तियाँ फर्जी हैं।

मध्य प्रदेश में महिला कॉन्ग्रेस की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हंगामा हो गया। यह बैठक महिला कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ले रहीं थी। इस बैठक में प्रदेश की महामंत्री मधु शर्मा को अलका लांबा ने जूते मारकर बाहर निकालने की बात की। इसके बाद मधु शर्मा बैठक से बाहर चली आईं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बैठक भोपाल में मंगलवार (16 जुलाई, 2024) को हो रही थी। इसमें महिला कॉन्ग्रेस के पदाधिकारियों को बुलाया गया था। बैठक में 50 से अधिक पदाधिकारियों को शामिल होना था लेकिन यहाँ मात्र 19 पदाधिकारी ही पहुँचे थे।

बैठक में सिंगरौली की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री मधु शर्मा भी मौजूद थीं। उन्होंने यहाँ बैठक के लिए बनाई गई सूची पर आपत्ति जताई। शर्मा ने प्रश्न उठाया कि उनका इस सूची में नाम नहीं है। इस पर अलका लांबा ने उनके साथ बहस चालू कर दी।

अलका लांबा ने मधु शर्मा को तुरंत बैठक से बाहर निकलने को कह दिया। इस पर मधु शर्मा ने उन्हें जवाब दिया कि उनकी नियुक्ति अलका लांबा ने ही की और नियुक्ति पत्र भी दिया है। मधु शर्मा के इस जवाब पर अलका लांबा ने बता दिया कि मध्य प्रदेश में कई नियुक्तियाँ फर्जी हैं।

मधु शर्मा इस पर भड़क गईं और पूछा कि क्या पदाधिकारियों को बैठक में जूते खाने बुलाया गया है। अलका लांबा इसके बाद अभद्रता पर उतर आईं और कहा कि मधु शर्मा जूते खाने लायक हैं और उन्हें जूते मरकर बाहर निकाल दिया जाए। मधु शर्मा ने इस पर उन्हें चुनौती दे डाली कि उन्हें बैठक से कोई नहीं निकाल सकता। मधु शर्मा ने कहा कि अगर अलका लांबा अपने बाप की बेटी हैं तो उन्हें बैठक से निकाल कर दिखाएँ। मधु शर्मा ने कहा कि अगर ऐसा होगा तो अलका लांबा को जमीन में गाड़ देंगी, ऐसा नहीं किया तो अपने बाप की बेटी नहीं।

मधु शर्मा ने इसे ब्राम्हण और विंध्य क्षेत्र का अपमान बताया। मधु शर्मा ने कहा कि वह पिछले 4 दशक से कॉन्ग्रेस में हैं जबकि अलका लांबा कुछ समय पहले ही पार्टी में आई है। उन्होंने कहा कि लांबा पहले AAP में रह चुकी हैं। मधु शर्मा ने कहा कि अलका लांबा अव्यावहारिक महिला हैं। इस मामले में अलका लांबा की तरफ से कोई बयान अभी सामने नहीं आया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -