Monday, July 22, 2024
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जानें कौन हैं बागेश्वर के दिव्यांग पूरन, जिनकी PM मोदी ने की तारीफ़: 98वीं बार देश के साथ ‘मन की बात’, कहा – कोने-कोने तक पहुँचा डिजिटल इंडिया, सिंगापुर में भी UPI

दरअसल, पूरन सिंह राठौर का गत 15 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद से वह स्थानीय स्तर पर चर्चा में बने हुए थे। लेकिन, अब 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जिक्र किए जाने के बाद से पूरन देश भर में चर्चा का विषय हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (26 फरवरी 2023) को मन की बात (Mann Ki Baat) के जरिए देश को संबोधित किया। इसमें पीएम मोदी ने उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के लोक गायक दिव्यांग पूरन सिंह राठौर की प्रशंसा की। इसके अलावा उन्होंने वोकल फॉर लोकल के साथ होली मनाने का आह्वान किया। साथ ही कहा है कि डिजिटल इंडिया की ताकत देश के कोने-कोने में पहुँच रही है।

मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने लोक गायक दिव्यांग पूरन सिंह राठौर का जिक्र करते हुए कहा है, “पूरन सिंह एक दिव्यांग कलाकार हैं। वह राजुला-मलूशाही, न्युली, हुडका बोल, जागर जैसे विभिन्न संगीतों को लोकप्रिय बना रहे हैं। उन्होंने इससे जुड़ी कई ऑडियो रिकॉर्डिंग भी तैयार की हैं। पूरन सिंह जी ने उत्तराखंड के लोक संगीत में अपनी प्रतिभा दिखाकर कई पुरस्कार भी जीते हैं। समय की कमी के कारण, मैं यहाँ सभी पुरस्कार विजेताओं के बारे में बात नहीं कर पाऊँगा। लेकिन, मुझे यकीन है कि आप उनके बारे में जरूर पढ़ेंगे।”

दरअसल, पूरन सिंह राठौर का गत 15 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद से वह स्थानीय स्तर पर चर्चा में बने हुए थे। लेकिन, अब ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जिक्र किए जाने के बाद से पूरन देश भर में चर्चा का विषय हैं।

1 जनवरी 1984 को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के रीमा गाँव में जन्मे पूरन सिंह राठौर नेत्रहीन हैं। स्कूल जाने की उम्र में उन्हें गाय चराने जाना पड़ता था। जंगलों में गाय चराते समय ही वह लोकगीत गाते थे। बड़े हुए तो 11 साल की उम्र से मंच पर गीत गाना शुरू किया। उसी लोकगीत के बल पर आज वह लाखों दिलों के दिल पर राज कर रहे हैं।

पूरन सिंह राठौर पढ़े-लिखे नहीं हैं। वह गीत नहीं लिखते। लेकिन उनके गले से जो स्वर निकलता है वह लोगों को आनंद से भर देता है। पूरन जागर, ऋतु रैण, छपेली, झोड़ा, चांचरी, न्योली और उत्तराखंड फोक गाते हैं। थाली, डांगर, ढोल, दमुआ, हुड़ुका आदि वाद्य यंत्र बजाते हैं। उनकी 15 साल की बेटी रोशन 10वीं में पढ़ती है। वहीं, 13 साल की नेहा कक्षा 7 और 10 साल की गरिमा 5वीं और 6 साल का बेटा मयंक कक्षा 1 में पढ़ते हैं। पूरन अपने बच्चों की पढ़ाई और घर का पालन पोषण गायन से होने वाली कमाई से ही करते हैं।

चुनावों में प्रचार भी करते हैं पूरन

पूरन सिंह राठौर लोकसभा, विधानसभा और ग्राम पंचायत के चुनाव में प्रचार करते हैं। प्रचार करने के लिए वह गीत गाते हैं। उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार की वापसी के लिए भी पूरन ने चुनाव प्रचार किया था। 2019 के आम चुनाव में उन्होंने ‘कमल फूल में बटन दबाया, नरेंद्र मोदी को जरूर जिताया…’ समेत कुछ अन्य गीत गाए थे।

मन की बात के 98वें एपिसोड में राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा है कि सभी को अपने त्यौहार वोकल फॉर लोकल के संकल्प के साथ मनाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि तेजी से आगे बढ़ते देश में डिजिटल इंडिया की ताकत कोने-कोने में पहुँच रही है। ई-संजीवनी एप से वीडियो क्रॉन्फ्रेंस के माध्यम से डॉक्टरी सलाह ले सकते हैं। देश के सामान्य लोगों के लिए खासतौर से पहाड़ी क्षेत्र के लोगों के लिए ई-संजीवनी जीवन रक्षा का केंद्र बन रहा है।

इसके अलावा पीएम मोदी ने UPI ट्रांजेक्शन को लेकर कहा है, “भारत के यूपीआई की ताकत भी आप जानते ही हैं। दुनिया के कितने ही देश, इसकी तरफ आकर्षित हैं। कुछ दिन पहले ही भारत और सिंगापुर के बीच यूपीआई पे नाउ लिंक (UPI-Pay Now Link) लॉन्च किया गया। अब, सिंगापुर और भारत के लोग, अपने मोबाइल फ़ोन से उसी तरह पैसे भेज रहे हैं जैसे वे अपने-अपने देश के अन्दर करते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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