Homeराजनीतिराजस्थान में कब्रिस्तान-मदरसों के लिए ₹5 करोड़, लोन लेंगे तो सब्सिडी भी... अल्पसंख्यकों के लिए...

राजस्थान में कब्रिस्तान-मदरसों के लिए ₹5 करोड़, लोन लेंगे तो सब्सिडी भी… अल्पसंख्यकों के लिए कुल ₹98.55 करोड़ की मंजूरी

गहलोत सरकार ने अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए 44 करोड़ रुपए आवंटित करने का फैसला किया। इंदिरा गाँधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना में लोन पर ब्याज सब्सिडी के लिए 5 करोड़ रुपए।

राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने अल्पसंख्यकों के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए का एक विकास कोष बनाने पर मुहर लगाई है। विकास कोष की अलग-अलग योजनाओं के लिए 98 करोड़ 55 लाख रुपए खर्च करने के संशोधित प्रस्ताव को सोमवार (17 जनवरी 2022) को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी

वक्फ भूमि, कब्रिस्तान और मदरसों के लिए 5 करोड़

प्रस्ताव के अनुसार, इस कोष से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के परम्परागत हुनर के विकास के लिए 50 लाख, अल्पसंख्यक लोगों को रोजगार देने के लिए अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के प्रशिक्षण पर दो करोड़, वक्फ भूमि या सार्वजनिक भूमि पर बने कब्रिस्तान, मदरसों एवं विद्यालयों में चारदीवारी निर्माण के लिए पाँच करोड़ रुपए खर्च किए जाएँगे।

इसके अलावा अल्पसंख्यक शिल्पकारों को विपणन प्रोत्साहन एवं सहायता के लिए एक करोड़ 25 लाख, जयपुर में अंग्रेजी माध्यम के आवासीय विद्यालय के निर्माण के लिए 21 करोड़ 80 लाख रुपए खर्च किए जाएँगे।

अल्पसंख्यक छात्रावासों में ई-स्टडी रूम

15 सरकारी अल्पसंख्यक छात्रावासों में ई-स्टडी रूम विकसित करने के लिए राज्य सरकार के कोष से 58 लाख रुपए आवंटित किए जाएँगे। गहलोत सरकार ने अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए 44 करोड़ रुपए आवंटित करने का फैसला किया है। इंदिरा गाँधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना में लोन पर ब्याज सब्सिडी के लिए 5 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।

अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए एक ‘शोध पीठ’

इसके साथ ही अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए एक ‘शोध पीठ’ की स्थापना की जाएगी और इसके लिए दो करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। गहलोत प्रशासन ने अल्पसंख्यक किसानों के लिए 15.42 करोड़ रुपए की लागत से सोलर पंप अनुदान योजना स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अल्पसंख्यक मेधावी युवा प्रोत्साहन योजना के लिए एक करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -