Saturday, July 31, 2021
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‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर हावड़ा में BJP कार्यकर्ता की हत्या, 2 अन्य को रॉड से पीटा

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की लगातार बढ़ रही वारदातों को लेकर केंद्र सरकार भी गंभीर है और राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने गृह मंत्री अमित शाह से मिल कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया है।

पश्चिम बंगाल में फिर से भाजपा के एक कार्यकर्ता के मारे जाने की ख़बर आई है। राजनीतिक हिंसा से ग्रस्त राज्य में ताज़ा घटना हावड़ा जिले की है। बंगाल भाजपा ने कहा है कि उसके एक कार्यकर्ता को सिर्फ़ ‘जय श्री राम’ बोलने पर मार डाला गया। पुलिस ने 43 साल के समतुल डोलोई की मौत की पुष्टि की है, जिसका शव अमता थाना क्षेत्र के सरपोता गाँव से एक खेत में मिला। हालांकि, मौत के कारणों पर अधिकारियों ने अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। भाजपा ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों पर हत्या के आरोप लगाए हैं। डोलोई रविवार (जून 9, 2019) की रात एक समारोह में गए हुए थे लेकिन उनके देर रात न लौटने के कारण लोगों को शक हुआ। इसके बाद सोमवार को उनका शव मिला।

भाजपा हावड़ा ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष अनुपम मालिक के अनुसार, डोलोई भाजपा समर्थक थे और उन्हें तृणमूल के कार्यकर्ताओं द्वारा सिर्फ़ इसीलिए मार डाला गया क्योंकि उन्होंने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए थे। तृणमूल विधायक समीर पांजा ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि जाँच के बाद ही मौत के पीछे की असली वजह सामने आएगी। डोलोई अमता क्षेत्र में स्थित चलुनिया गाँव के निवासी थे।

भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेताओं ने शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात करते हुए कहा कि डोलोई की हत्या काफ़ी बेरहमी से की गई है। इस सम्बन्ध में प्रदेश भाजपा ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। कहा जा रहा है कि हालिया लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने बूथ पर भाजपा उम्मीदवार को बढ़त दिलाई थी। डोलोई के एक रिश्तेदार ने कहा कि मृतक ने एक कार्यक्रम के दौरान कई बार ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया था। इससे कार्यक्रम में शामिल तृणमूल के कुछ सक्रिय कार्यकर्ता काफ़ी नाराज़ हो गए।

इसके थोड़ी देर बाद वह लापता हो गए और उनकी लाश मिली। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने से पहले मृत्यु के समय और कारणों को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। तृणमूल ने आरोप लगाया कि हर मरने वाला अब एक भाजपा कार्यकर्ता है और भाजपा ने ऐसी मौतों को राजनीतिक रंग देना जारी रखा है। तृणमूल ने इस घटना को आपसी दुश्मनी का परिणाम बताया। बता दें कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की लगातार बढ़ रही वारदातों को लेकर केंद्र सरकार भी गंभीर है और राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने गृह मंत्री अमित शाह से मिल कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया है।

इसके अलावा सोदपुर की एक अन्य घटना में दो सिक्यूरिटी गार्ड को तृणमूल के कार्यकर्ताओं द्वारा लोहे के रॉड से पीटे जाने की ख़बर भी आई है। दोनों ने भाजपा समर्थित यूनियन बनाने की कोशिश की थी, जिससे तृणमूल ट्रेड यूनियन के लोग भड़क उठे। दोनों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खरदाह पुलिस स्टेशन में इस मामले में तृणमूल ट्रेड यूनियन विंग के 6 कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सोमवार को भाजपा ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करते हुए अपने कार्यकर्ताओं की हत्या के ख़िलाफ़ ‘काला दिवस’ मनाया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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