Friday, July 19, 2024
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‘स्कूल में मुझे धक्का दिया, हिजाब हटा दिया’: मुस्लिम छात्रा ने ‘हेट क्राइम’ का मचाया हल्ला, पुलिस जाँच में नहीं मिले सबूत

"जाँच से पता चला है कि किसी भी छात्र द्वारा कोई नस्लीय टिप्पणी नहीं की गई थी।"

अमेरिका के वर्जीनिया स्थित फेयरफैक्स हाई स्कूल की एक मुस्लिम छात्रा द्वारा लगाया गया हेट क्राइम का आरोप निराधार पाया गया है। सिटी ऑफ़ फेयरफैक्स पुलिस विभाग की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि छात्रा द्वारा हिजाब हटाने का आरोप मनगढ़ंत है। इसका कोई सबूत नहीं मिला है।

बता दें कि स्कूल की एक मुस्लिम छात्रा ने आरोप लगाया था कि कुछ छात्रों के समूह ने उसे धक्का दिया और उसका हिजाब हटा दिया। इससे उसके बाल दिखने लगे। इसके बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि उसके ऊपर नस्लीय टिप्पणी भी की गई। पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मामले की जाँच जारी है।

पुलिस ने शनिवार (18 दिसंबर 2021) को जारी एक बयान में कहा, “जाँच से पता चला है कि किसी भी छात्र द्वारा कोई नस्लीय टिप्पणी नहीं की गई थी।” सिटी ऑफ़ फेयरफैक्स पुलिस डिपार्टमेंट की प्रेस रिलीज के अनुसार, छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसका हिजाब हटाया गया था। कई सोशल मीडिया साइटों पर विवाद के दौरान नस्लीय टिप्पणी करने की बात कही जा रही है। यह झूठी है।

हालाँकि, छात्रा के वकील ने पुलिस के बयान को खारिज कर दिया है। अमेरिकन-अरब एंटी डिस्क्रिमिनेशन कमिटी के लीगल एवं पॉलिसी डायरेक्टर अबेद अयूब ने कहा, “हम सिटी ऑफ़ फेयरफैक्स पुलिस विभाग के फैसले से पूरी तरह असहमत हैं। कई गवाहों ने इस बात की पुष्टि की है कि विवाद के दौरान पीड़ित का हिजाब जबरन हटाया गया था। गवाहों ने पीड़ित के इस बयान की भी पुष्टि की कि कक्षा में छात्र नस्लवादी और इस्लामोफोबिक चित्रण में लगे हुए थे और उस पर हमले से पहले नस्लवादी टिप्पणी की थी। इसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ कई बार साझा किया गया था।”

वहीं काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस के राष्ट्रीय संचार निदेशक इब्राहिम हूपर का कहना है कि भले ही नस्लीय गालियों का इस्तेमाल नहीं किया गया हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह हेट क्राइम नहीं था। बता दें कि मुस्लिम छात्रा के द्वारा हिजाब हटाने और छात्रों के समूह के द्वारा परेशान करने की बात सामने आने बाद गुरुवार को सैकड़ों छात्रों ने फेयरफैक्स स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया था और न्याय की माँग की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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