Friday, April 3, 2026
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कभी नोबेल पुरस्कार के लिए जताया ट्रंप का आभार, कभी लोकतंत्र बहाली की उठाई माँग: क्या इसी सत्ता परिवर्तन के लिए वेनेजुएला की विपक्षी नेता महीनों से लगा रही थीं अमेरिका को मक्खन?

यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब कुछ महीने पहले विपक्षी नेता मारिया मचाडो ने नोबेल शांति पुरस्कार जीतने के बाद इसे अमेरिकी राष्ट्रपति को समर्पित किया था

अमेरिका ने शनिवार (3 जनवरी 2026) को वेनेजुएला पर कई हवाई हमले किए। राजधानी कराकस में रात करीब 2 बजे लड़ाकू विमानों से कई ठिकानों पर बमबारी की गई जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। इन हमलों की पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर अमेरिका पहुँचा दिया है।

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में नार्को-टेररिज्म साजिश, कोकीन तस्करी, मशीनगन और घातक हथियार रखने व उसकी साजिश जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह हमला अचानक नहीं माना जा रहा बल्कि अमेरिका से टकराव के बाद वेनेजुएला में लंबे समय से चल रहे सत्ता परिवर्तन के प्रयासों का हिस्सा बताया जा रहा है। खास बात यह है कि यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब कुछ महीने पहले विपक्षी नेता मारिया मचाडो ने नोबेल शांति पुरस्कार जीतने के बाद इसे अमेरिकी राष्ट्रपति को समर्पित किया था और वेनेजुएला में ‘आजादी और लोकतंत्र’ के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप की खुलकर माँग की थी।

मारिया मचाडो के नोबेल शांति पुरस्कार जीतने पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने उनसे फोन पर बात की थी। ट्रंप के मुताबिक, मचाडो ने उनसे कहा कि उन्होंने यह नोबेल पुरस्कार उनके सम्मान में स्वीकार किया है और उनका मानना है कि इसके असली हकदार ट्रंप ही हैं। दोनों नेताओं के बीच दिखी यह आपसी सराहना वेनेजुएला में बीते और आने वाले घटनाक्रम की दिशा को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं छोड़ती।

दिसंबर 2025 में मारिया मचाडो ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर अमेरिकी दबाव का समर्थन किया था। उन्होंने दुनियाभर से अपील की थी कि वेनेजुएला में तानाशाही शासन से जुड़े ड्रग्स, हथियारों और मानव तस्करी के पैसों की सप्लाई रोकी जाए। मचाडो ने कहा था कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि वेनेजुएला जल्द आजाद होगा और यह बहुत जल्दी होने वाला है।

ट्रंप ने मादुरो सरकार पर नारकोटिक आतंकवाद का आरोप लगाया

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टकराव की मुख्य वजह राष्ट्रपति निकोलस मादुरो सरकार पर लगाए गए अमेरिकी आरोप हैं। अमेरिका का दावा है कि मादुरो शासन ने हजारों प्रवासियों को जबरन अमेरिका की दक्षिणी सीमा की ओर धकेला और अमेरिकी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी करवाई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि मादुरो ने जेलों और मानसिक अस्पतालों से कैदियों को निकालकर अमेरिका भेजा।

ट्रंप ने मादुरो पर ड्रग तस्करी में शामिल होने और आतंकी संगठनों से जुड़े होने के भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि वेनेजुएला कोकीन तस्करी का बड़ा ट्रांजिट रूट बन गया है, जिससे अमेरिका में ड्रग संकट गहराया। ट्रंप के मुताबिक, वेनेजुएला की नावें कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत महासागर के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी कर रही थीं।

ड्रग कार्टेल से निपटने के पारंपरिक अमेरिकी तरीकों से हटकर, ट्रंप प्रशासन ने सितंबर 2025 में वेनेजुएला के ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। बीते महीनों में अमेरिका ने संदिग्ध ड्रग तस्करी वाली नावों पर हमले किए, जिसे ट्रंप ने ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ बताया।

आजादी का समय आ गया है: अमेरिकी हमले के बाद मारिया

वेनेजुएला में अमेरिकी हवाई हमलों के बाद मारिया ने X पर बयान जारी किया है। मारिया ने लिखा, “वेनेजुएला के लोगों आजादी का समय आ गया है। अमेरिका की सरकार ने कानून बनाए रखने का अपना वादा पूरा किया है। हम व्यवस्था बहाल करेंगे, राजनीतिक कैदियों को रिहा करेंगे, एक शानदार देश बनाएँगे और अपने बच्चों को घर वापस लाएँगे।”

उन्होंने आगे कहा, “आज हम अपना जनादेश लागू करने और सत्ता संभालने के लिए तैयार हैं। जब तक लोकतांत्रिक परिवर्तन पूरा नहीं हो जाता, तब तक हम सतर्क, सक्रिय और संगठित रहें। एक ऐसा परिवर्तन जिसमें हम सभी की जरूरत है।”

वेनेजुएला पर US का हमला, सत्ता परिवर्तन का ऑपरेशन

साल 2020 में न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में निकोलस मादुरो पर ‘नार्को-टेररिज्म साजिश’ के आरोपों में मामला दर्ज किया गया था। अमेरिका का कहना है कि वह ड्रग कार्टेल्स के साथ सशस्त्र संघर्ष में है और इन्हीं कार्टेल्स को मादुरो संरक्षण देते हैं या उनका नेतृत्व करते हैं।

हालाँकि, वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं। उनका कहना है कि यह अमेरिका की साजिश है, जिसका मकसद उन्हें सत्ता से हटाकर वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर कब्जा करना है।

गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिकी हमलों से कुछ दिन पहले ही मादुरो ने ड्रग तस्करी और अवैध प्रवासन के मुद्दों पर अमेरिका के साथ सहयोग की पेशकश की थी। 2020 में दर्ज मामले को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मादुरो को अमेरिका में उन आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी देश के भीतर सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि वेनेजुएला पर हमला कॉन्ग्रेस की मंजूरी के बिना किया गया।

वेनेजुएला में जो कुछ हो रहा है, वह दुनिया के लिए नया नहीं है। इससे पहले वियतनाम, इराक,अफगानिस्तान और सीरिया जैसे देशों में भी इसी तरह की रणनीति देखी जा चुकी है, जहाँ अमेरिका ने अपने विरोधी शासन को गिराकर मनपसंद सत्ता स्थापित करने की कोशिश की है।

(यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में अदिति ने लिखी है जिसको पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे)

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