Thursday, April 15, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय अमेरिका: 28 साल बाद स्कूलों में योग पर लगा प्रतिबंध हटाएगा अलबामा, अंग्रेजी में...

अमेरिका: 28 साल बाद स्कूलों में योग पर लगा प्रतिबंध हटाएगा अलबामा, अंग्रेजी में होंगे आसन के नाम

अलबामा बोर्ड ऑफ एजुकेशन ने पब्लिक स्कूल क्लासरूम में 1993 में योग बैन करने को कहा था। इस प्रतिबंध के पीछे कन्जर्वेटिव ग्रुप्स का हाथ भी बताया जाता है।

अमेरिकी प्रांत अलबामा करीब 28 साल बाद स्कूलों में योग पर लगा प्रतिबंध हटाने जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अलाबामा हाउस ऑफ रिप्रेजेंटिव्स ने इससे संबंधित एक बिल को मँजूरी दे दी है। गुरुवार (12 मार्च 2021) को सदन में ये बिल 73-25 वोट के साथ पास किया गया। इसमें योग शिक्षा को ऐच्छिक रूप से स्कूलों में शामिल करने की बात की गई है।

हालाँकि, इसी के साथ ये भी कहा गया कि मंत्रों के उच्चारण और ‘नमस्ते’ कहना प्रतिबंधित होगा। लोकल स्कूल बोर्ड्स को इससे जुड़ी क्लास की समय सीमा व फ्रीक्वेंसी तय करनी होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बिल को डेमोक्रेटिक रिप्रजेंटेटिव के जेरेमी ग्रे द्वारा स्पॉन्सर किया गया। उन्होंने कहा, “मैं 7 साल से योग कर रहा हूँ। मुझे इसके फायदे पता हैं। ये मेरे दिल के करीब था और मुझे लगता है अलाबामा के भी होगा।”

ग्रे का कहना है कि कुछ शिक्षक वैसे भी योग करवाते हैं बिना ये समझे कि योग बैन है। बाकी भी इसकी शिक्षा देना चाहते हैं। मालूम हो कि वर्तमान में इस बिल के अनुसार योग आसन के नाम अंग्रेजी में पढ़ाए जाएँगे। ग्रे ने कहा, “कुछ सदस्यों को कई ईमेल आए कि योग हिंदुत्व का हिस्सा है। लेकिन वह (ग्रे) कहते हैं कि कुछ लोगों का दिमाग कभी नहीं बदल सकता।” 

बता दें कि अलबामा बोर्ड ऑफ एजुकेशन ने पब्लिक स्कूल क्लासरूम में 1993 में योग बैन करने को कहा था। इस प्रतिबंध के पीछे कन्जर्वेटिव ग्रुप्स का हाथ भी बताया जाता है।

उल्लेखनीय है कि इस सप्ताह पारित बिल का उद्देश्य छात्रों को व्यायाम और स्ट्रेचिंग तकनीक का अभ्यास करने की अनुमति देना है, लेकिन किसी भी धार्मिक भाषा से दूर रखते हुए। खबरों के अनुसार, नया बिल मंत्र, मुद्रा, मंडलों और नमस्ते अभिवादन के उपयोग को प्रतिबंधित करता है। 

इस प्रतिबंध को हटवाने के लिए जेरेमी ग्रे 3 साल से कोशिश कर रहे थे। वह खुद उत्तरी कैरोलिना राज्य के पूर्व खिलाड़ी हैं जो कई सालों से योग कर रहे हैं। उनका कहना है कि व्यायाम के जरिए बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे।

जिन लोगों ने सदन में योग के ख़िलाफ़ वोट दिया, उनके लिए ग्रे कहते हैं कि उन्हें ये देखकर लगता है कि कइयों को योग के बारे में गलत बताया गया है। उनके अनुसार, “मेरे बहुत से साथियों को सिर्फ इसके हिंदू धर्म का हिस्सा होने के बारे में बहुत सारे ईमेल मिले। यदि आप इसे स्थानीय वाईएमसीए में कर सकते हैं, तो आप इसे चर्चों में कर सकते हैं। जब पब्लिक स्कूलों की बात आती है तो यह समस्या क्यों है? कुछ लोग कभी भी अपने विचार नहीं बदल सकते।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

कोरोना पर कुंभ और दूसरे राज्यों को कोसा, खुद रोड शो कर जुटाई भीड़: संजय राउत भी निकले ‘नॉटी’

संजय राउत ने महाराष्ट्र में कोरोना के भयावह हालात के लिए दूसरे राज्यों को कोसा था। कुंभ पर निशाना साधा था। अब वे खुद रोड शो कर भीड़ जुटाते पकड़े गए हैं।

‘वीडियो और तस्वीरों ने कोर्ट की अंतरात्मा को हिला दिया है…’: दिल्ली दंगों में पिस्टल लहराने वाले शाहरुख को जमानत नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपित शाहरुख पठान को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

ESPN की क्रांति, धार्मिक-जातिगत पहचान खत्म: दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच की कॉमेंट्री में रिकॉर्ड

ESPN के द्वारा ‘बैट्समैन’ के स्थान पर ‘बैटर’ और ‘मैन ऑफ द मैच’ के स्थान पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जैसे शब्दों का उपयोग होगा।

‘बेड दीजिए, नहीं तो इंजेक्शन देकर उन्हें मार डालिए’: महाराष्ट्र में कोरोना+ पिता को लेकर 3 दिन से भटक रहा बेटा

किशोर 13 अप्रैल की दोपहर से ही अपने कोरोना पॉजिटिव पिता का इलाज कराने के लिए भटक रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,216FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe