Homeरिपोर्टकेरल: कॉन्ग्रेस के तीन विधायकों पर रेप के मामले में एफआईआर दर्ज, मिल सकता...

केरल: कॉन्ग्रेस के तीन विधायकों पर रेप के मामले में एफआईआर दर्ज, मिल सकता था लोकसभा टिकट

सरिता एस नायर ने एर्नाकुलम कॉन्ग्रेस के विधायक हिबी एडेन पर बलात्कार और राज्य के पूर्व मंत्रियों अडूर प्रकाश एवं ए पी अनिल कुमार पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है।

केरल में कॉन्ग्रेस के तीन विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बता दें कि सरिता एस नायर ने इन तीनों के खिलाफ यौन दुराचार का आरोप लगाते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है। ऐसा बताया जा रहा है कि ये तीनों वो विधायक हैं, जिन्हें लोकसभा के लिए टिकट मिल सकता था।

करोड़ों रुपये के सौर ऊर्जा निवेश घोटाले के एक आरोपी सरिता एस नायर ने एर्नाकुलम कॉन्ग्रेस के विधायक हिबी एडेन पर बलात्कार और राज्य के पूर्व मंत्रियों अडूर प्रकाश एवं ए पी अनिल कुमार पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। विधायकों के खिलाफ ये एफआईआर फास्ट ट्रैक मामलों के लिए गठित एक विशेष अदालत में दायर की गई है।

हालाँंकि ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि एडेन को एर्नाकुलम लोकसभा सीट से मैदान में उतारा जा सकता है, तो वहीं प्रकाश को अत्तिंगल या अलाप्पुझा के लिए संभावित प्रत्याशी माना जा रहा था और अनिल कुमार को अलाथुर से टिकट मिल सकता था।

एडेन ने एफआईआर को कॉन्ग्रेस और उसके उम्मीदवारों की छवि खराब करने वाला करार दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह उनके लिए राजनीतिक रूप से उपयोग करने के लिए एक मुद्दा है।

कोच्चि स्थित सौर कंपनी टीम सोलर रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस, जो कि नायर और उसके लिव-इन पार्टनर बीजू राधाकृष्णन द्वारा चलाई जा रही है, के ऊपर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक सौर ऊर्जा परियोजना के लिए निवेशकों के करोड़ों रूपयों का घोटाला किया था।

इस घोटाले ने 2013 में कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार पर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री के कार्यालय से निकटता के कारण नायर निवेशकों को चकमा दे सकती है। गौरतलब है कि उस समय के मुख्यमंत्री ओमन चांडी के निजी सचिव टेनी जोप्पन को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -