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पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार-अल-इस्लाम का ‘शहादत मॉड्यूल’, ट्रेस न हो पाने वाले एप के जरिए बातचीत: ‘जिहादी सोच’ वाले युवाओं की कर रहे थे भर्ती

हरेज शेख की गिरफ्तारी हावड़ा जंक्शन से जबकि अनवर शेख को चेन्नई से पकड़ा गया था। इन तीनों से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार अल इस्लाम का नेटवर्क पश्चिम बंगाल में खड़ा करने की कोशिश में जुटे हुए थे।

बांग्लादेश के आतंकी संगठन ‘अंसार-अल-इस्लाम’ के पश्चिम बंगाल में सक्रिय होने का खुलासा हुआ है। इस विदेशी आतंकी संगठन ने यहाँ पर ‘शहादत मॉड्यूल’ बना रखा है। आपस में बातचीत के लिए आतंकी ऐसे एप का प्रयोग करते हैं जो जल्दी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर नहीं आ पाता। इस मॉड्यूल में ज्यादा से ज्यादा आतंकियों की भर्ती भी करवाई जा रही है। ‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि इसका खुलासा कोलकाता पुलिस की STF (स्पेशल टास्क फ़ोर्स) ने किया है। STF ने अंसार-अल-इस्लाम के 3 आतंकी गिरफ्तार किए है जिन्होंने पूछताछ में अपने खतरनाक मंसूबों का खुलासा किया है।

‘दैनिक जागरण’ के मुताबिक मुताबिक, पश्चिम बंगाल पुलिस की कोलकाता STF ने 22 जून, 2024 को मोहम्मद हबीबुल्लाह नाम के आतंकी को गिरफ्तार किया था। हबीबुल्लाह को वर्द्धमान जिले से पकड़ा गया था। हबीबुल्लाह ही ‘शहादत मॉड्यूल’ का चीफ बताया जा रहा है। इस पर काफी पहले से कोलकाता STF नजर रखे हुए थी। पूछताछ में हबीबुल्लाह ने खतरनाक मंसूबों के अलावा अपने गिरोह में जुड़े साथियों के नाम भी बताए। हबीबुल्लाह के बयान के आधार पर STF ने 25 जून को हरेज शेख और 28 जून को अनवर शेख को दबोच लिया था।

हरेज शेख की गिरफ्तारी हावड़ा जंक्शन से जबकि अनवर शेख को चेन्नई से पकड़ा गया था। इन तीनों से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार-अल-इस्लाम का नेटवर्क पश्चिम बंगाल में खड़ा करने की कोशिश में जुटे हुए थे। यहाँ ये इसका ‘शहादत मॉड्यूल’ तैयार कर रहे थे, जिसके लिए अड़े पैमाने पर युवाओं की भर्ती करवाई जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए ये सभी आरोपित बातचीत के लिए टेलीग्राम सहित कुछ अन्य ऐसे एप का प्रयोग करते थे जिनको आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता।

बताया जा रहा है कि पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए इन आतंकियों ने अपने फर्जी नाम भी रख रखे थे। बातचीत में ये आतंकी कई कोडवर्ड का भी प्रयोग करते थे जिसे पुलिस डिकोड करने के प्रयास में लगी हुई है। इंटरनेट के जरिए ये आतंकी जिहादी सोच के युवाओं को चिह्नित करते थे फिर उनसे बातचीत की जाती थी। भारत में यह संगठन हबीबुल्लाह ही ऑपरेट करता था। उसका निर्देश सभी मानते थे। फ़िलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि गिरफ्तार आतंकियों ने अपने नेटवर्क की जड़ें भारत में कितनी गहरी कर रखी हैं।

बताते चलें कि अंसार अल इस्लाम बांग्लादेश में भी एक प्रतिबंधित आतंकी समूह है। इस संगठन से जुड़े लोगों पर बांग्लादेश में भी अल्पसंख्यकों और सैन्य बलों पर हमले सहित कई अन्य आतंकी और आपराधिक आरोप लगे हैं। हाल में ही जून 2024 में बांग्लादेश की पुलिस ने कॉक्स बाजार से इस आतंकी संगठन के 3 सदस्य गिरफ्तार किए थे। इनकी पहचान मोहम्मद ज़करिया, मोहम्मद नियामत उल्लाह और मोहम्मद ओजायर के तौर पर हुई थी। इन सभी की उम्र 20 वर्ष के आसपास है। माना जाता है कि इस गिरोह के लोग अफगानिस्तान में सक्रिय तालिबानियों को अपना आदर्श मानते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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