अब्दुल्ला रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से 2017 में चुनाव जीते थे। नवाब काज़िम ने हाई कोर्ट में उनके निर्वाचन को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि 25 साल से कम उम्र होने के कारण अब्दुल्ला चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे।
पुलिस ने बताया कि देर रात छात्रों ने नारेबाजी की तो उन्हें शांत करा दिया गया। इसके बाद सुबह दोबारा करीब 150 छात्रों ने पत्थरबाजी की। लेकिन, हालात पर काबू पाने में पुलिस को ज्यादा देर नहीं लगी।
उस्मान ने दरवाजे पर दस्तक दी। दरवाजा खुलते ही बुजुर्ग के गले पर वार किया। फिर आकिब के साथ भीतर दाखिल हुआ। बुजुर्ग की पत्नी को दोनों ने बेड पर धकेला और चाकू से गला रेत दिया।
1991 के प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट के हिसाब से भी इस स्थल का 15 अगस्त, 1947 को मूल स्वरूप हिन्दू मंदिर ही था। इस धार्मिक स्वरूप की तस्दीक करने और ऐतिहासिक परिस्थितियों के साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) से सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है।
कुछ लोगों ने महात्मा गाँधी का नाम भी सुझाया तो छात्रों ने यह कहकर इसे ख़ारिज किया कि वाराणसी में पहले से ही महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ है। उन्होंने कहा कि सावरकर का नाम भी चल सकता है क्योंकि वो भी महामना के सहयोगी रहे हैं।
15 साल की बच्ची हाफिजगंज के ग्राम कमुआ में हाईस्कूल की छात्रा है। जब वह स्कूल जा रही थी तो गाँव के तीन युवकों की नजर उस पर पड़ी... दो को ग्रामीणों ने दबोचा, एक फरार। दो समुदायों से मामला जुड़ा होने के कारण गॉंव में पसरा तनाव।
“मैं दुबई में 6 हज़ार दिरम पर नौकरी करता हूँ, तुम्हारी क्वॉलिफ़िकेशन के लिहाज़ से 10 हज़ार दिरम यानी भारतीय करंसी के अनुसार क़रीब दो लाख रुपया महीना मिल जाएगा। यहाँ आ जाओ।” - पाकिस्तानी नदीम इक़बाल ने ऐसे अपने जाल में फँसाया था मेरठ की हिंदू लड़की को।
यह पहला झूठ नहीं था, जिसे हरिशंकर ने अपने बेटे को बचाने के लिए बोला। इससे पहले वो बताया था कि उसका बेटा घटना वाले दिन लखनऊ में परीक्षा देने गया था। लेकिन एडमिट कार्ड या कोई दूसरा सबूत पेश नहीं कर पाया। फिर उसने हाईकोर्ट में अस्पताल की पर्ची जमा करवा दी। लेकिन अब यह भी फर्जी!