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केजरीवाल ने नजीब के परिवार को दिए ₹5 लाख और सरकारी नौकरी, कपिल मिश्रा ने कहा- आतंकी बनो, इनाम पाओ

“केजरीवाल सरकार की नई स्कीम - आतंकवादी बनो, इनाम पाओ। 5 लाख रुपए और सरकारी नौकरी। दिल्ली में 5 साल में 40,000 बच्चे खोए। उनमें से केवल एक पर केजरीवाल मेहरबान। नजीब के बारे में चर्चा है कि वो आतंकवादी बन चुका है। फिर केजरीवाल सिर्फ एक परिवार पर मेहरबान क्यों?”

यूनिवर्सिटी कैम्पसों की वामपंथी हिंसा: लाल सलाम की बत्ती बनाने का समय आ चुका है, वरना ये आग लगा देंगे

तुमने सत्ता में रह कर ऐसा क्या किया कि तुम्हें हर जगह से नकार दिया गया? फिलहाल 2-3 यूनिवर्सिटी तक सिमट चुके हो। वहाँ भी जब तुम छात्रसंघ जैसी संस्था के अध्यक्ष बन जाते हो, तो अपने विरोधियों के द्वारा बुलाए लोगों को कैम्पस में घुसने तक नहीं देते, हिंसा पर उतर आते हो! आखिर तुम किस लोकतांत्रिक तरीके की बात करते हो?

रोमिला थापर जी, सीवी न सही सुरख़ाब के जो पर लगे हैं आप पर वही दिखा दीजिए हमें…

आखिर रोमिला थापर से सीवी क्यों न माँगी जाए? इसे ऐसे क्यों दिखाया जा रहा है कि विश्वविद्यालय ने रोमिला थापर के ऊपर कोई परमाणु हथियार डेटोनेट कर दिया है? लिबरपंथी और वामपंथी क्षुब्ध क्यों हैं? एक कागज का टुकड़ा माँगने पर इसे अपने सम्मान पर लेने जैसी कौन सी बात हो गई?

JNU की रोमिला थापर से CV माँग कर गुनाह किया है इस क्रूर, घमंडी, तानाशाही सरकार ने

जहाँ कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री से डिग्री दिखाओ जी कहा जा रहा था, वहाँ एक रिटायर हो चुके प्रोफेसर से, सीवी माँगना गलत क्यों है? अगर वो कहें कि ये ऐसी जगह है जहाँ डिग्री की जरूरत ही नहीं होती, तो ये भी पूछिएगा कि प्रधानमंत्री होने के लिए कौन सी शैक्षणिक योग्यताएँ जरूरी हैं?

मैं अपना सीवी नहीं दूँगी: रोमिला थापर ने JNU के नियम-क़ायदों को मानने से किया इनकार

रोमिला थापर ने कहा कि उनको मिली मान्यता जीवन भर के लिए है और जेएनयू उनकी सीवी माँग कर मूल्यों का उल्लंघन कर रहा है। फिलहाल उनका जेएनयू के साथ अपना सीवी साझा करने का कोई इरादा नहीं है।

FACT CHECK: रोमिला थापर को जानबूझ कर परेशान कर रहा है JNU? वामपंथियों के अफवाह का सच

क्या रोमिला थापर जेएनयू जैसे बड़े संस्थानों के नियम-क़ायदों से ऊपर हैं? क्या वह किसी संस्था में उसके नियम-क़ानून का पालन किए बिना बने रहना चाहती हैं। आख़िर उनके के पास ऐसा क्या है कि जेएनयू उनके कहे अनुसार अपना काम करे?

प्रोफेसर बने रहना है तो योग्यता साबित करनी होगी, CV दिखाइए: JNU का रोमिला थापर को नोटिस

JNU प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से कई प्रोफेसर झटके में हैं। उनका कहना है कि प्रोफेसर एमेरिटस को पहले कभी भी CV जमा कर अपनी योग्यता साबित नहीं करनी पड़ी है। एक बार जो इस पद पर काबिज़ हो गया, वह अमूमन जीवन-भर बना रहता है। खुद प्रोफेसर थापर 1993 से यानी 26 वर्षों से इस पद पर कायम हैं।

हमारे बुजुर्गों ने गलतियॉं की भुगत हम रहे, JNU का नाम बदल कर MNU कर दो: हंसराज हंस

जेएनयू का नाम बदलने का सुझाव पहली बार नहीं आया है। इससे पहले 2016 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि जेएनयू ऐसे लोगों का अड्डा बनती जा रही है जो देश के खिलाफ साजिश में शामिल है। उन्होंने इसका नाम बदल कर सुभाष चन्द्र बोस यूनिवर्सिटी रखने की मॉंग की थी।

वामपंथी फट्टू तो होते थे, लेकिन JNU वालों ने कल रात नई मिसाल पेश की है

JNU में तो दो बार से सारे वामपंथियों के नितम्ब चिपक कर एक होने के बाद ही चुनाव जीते जा रहे हैं, इस साल कितने चिपकेंगे ये देखने की बात है। घर में कॉफी पीने वाला लेनिनवंशी पब्लिक में लाल चाय पीने लगता है और छत पर मार्लबोरो फूँकता माओनंदन कॉलेज के स्टाफ क्लब में बीड़ी पीता दिखता है।

Video: ‘हिन्दुस्तान तो फासिस्ट है, ये हमारे लिए लानत है’ – JNU में फिर शुरू हुआ ‘आजादी गैंग’ का खेल

"आप लोग डरिए मत, ये हम कह रहे हैं... ये जुल्म कश्मीरी बर्दाश्त नहीं करेगा। हिन्दुस्तान तो फासिस्ट है... ये हमारे लिए एक लानत है और मैं इस लानत को स्वीकार नहीं करूँगा।"

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