Wednesday, September 29, 2021

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Barkha Dutt

‘तुम सच्ची पत्रकारिता पर धब्बा हो’: कश्मीरी हिंदुओं पर झूठ फैलाने पर लोगों ने बरखा दत्त पर उतारा गुस्सा, माँगी माफी

इतना सब होने के बावजूद भी बरखा दत्त और उनकी लॉबी के ये लोग मानने को तैयार नहीं हैं कि उनसे कोई गलती हुई है। साल 2004 में भले ही कोई बरखा या एनडीटीवी से जवाब माँगने वाला नहीं था। लेकिन अब.........

बरखा की जिहादन ‘हिरोइनों’ ने तथाकथित पत्रकार वामपंथन राणा अयूब के घटिया ट्वीट को दिया समर्थन

राणा अयूब ने कहा था कि नैतिक रूप से भ्रष्ट होने के कारण भारत में हर कोई अंदर से इतना ‘मरा’ है, कि एक वायरस इन्हें (भारतीयों को) क्या मार सकता है? इस असंवेदनशीलता के लिए उसे जमकर लताड़ लगी थी। लेकिन आयशा रेना और लदीदा ने उसका समर्थन किया है।

‘आज़ादी के लिए शहीद हुआ मेरा बेटा, 2 और बच्चों को भी बलिदान करने के लिए हूँ तैयार’

"मैं अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही हूँ, मेरा बच्चा भी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ना चाहता था लेकिन वह पहले ही देश के लिए कुर्बान हो गया। जरूरत पड़ी तो अपने अन्य दोनों बच्चों और खुद को भी इस लड़ाई में देश के लिए कुर्बान कर दूँगी।"

‘शरजील इमाम के खिलाफ सभी केस वापस लो’ – बरखा दत्त की Sheroes उतरीं ‘देशद्रोही’ के समर्थन में

"शरजील के ख़िलाफ़ असम और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है, वो निंदाजनक है। शरजील सिर्फ़ नागरिकता संशोधन कानून का मौख़िक आलोचक है और AMU में जो उसने असम के बारे में बयान दिया, उसे संघ के लोग और भाजपा प्रवक्ता गलत तरह से पेश कर रहे हैं।"

बरखा दत्त की बहन बहार की पकड़ी गई चोरी, किताब में टीप डाला जानकी लेनिन का आर्टिकल!

जानकी ने अपने निबंध में लिखे कुछ वाक्यों को शेयर किया। साथ ही बहार की किताब का स्क्रीनशॉट भी ट्वीट में डाला। हैरानी की बात यह थी कि जानकी के आर्टिकल और बहार की किताब में लिखे शब्दों में कोई फर्क नहीं है।

तू चल मैं आता हूँ: बरखा दत्त माँगे आज का ‘गाँधी’, याद आई लोमड़ी-कौव्वे की कहानी

मीडिया गिरोह ऐसे आंदोलनों की तलाश में रहता है, जहाँ अपना कुछ दाँव पर न लगे और मलाई काटने को खूब मिले। बरखा दत्त का ट्वीट इसकी प्रतिध्वनि है। यूॅं ही नहीं कहते- तू चल मैं आता हूँ, चुपड़ी रोटी खाता हूँ, ठण्डा पानी पीता हूँ, हरी डाल पर बैठा हूँ।

आप पत्रकार नहीं, दलाल हैं… वह सवाल जिसका जवाब सुन बरखा दत्त बगले झाँकने लगी

"या तो आप पत्रकार होते हैं और घटना की रिपोर्ट कर रहे होते हैं या आप दलाल होते हैं, चाहे आप किस भी तरह से अपने काम को महिमामंडित करें।"

26/11 के 11 साल: बरखा दत्त और उनके गैंग के कारण जब ख़तरे में पड़ गई सैकड़ों जिंदगी

बरखा दत्त ने एक इंटरव्यू में कबूल किया था कि मुंबई हमले के दौरान टीवी चैनलों और उनके पत्रकारों ने जिस तरह की रिपोर्टिंग की उससे सैकड़ों लोगों की जान ख़तरे में आ गई थी। यहॉं तक कि सुरक्षा बलों के जवानों की जान भी ख़तरे में पड़ गई थी।

कपिल सिब्बल और ‘पत्रकारों को Bitch कहने वाली’ उनकी पत्नी से बरखा दत्त ने मॉंगे सूद समेत ₹74 लाख

सिब्बल ने दावा किया था कि यह सब ट्वीट करने के पहले ही बरखा दत्त को चैनल से बर्खास्त किया जा चुका है। इसके पीछे उन्होंने कारण अनुशासनहीनता बताया था। इसके अलावा उन्होंने दत्त को एक भी पैसा देने से साफ़ इनकार कर दिया था।

कपिल सिब्बल और ‘पत्रकारों को Bitch कहने वाली’ उनकी पत्नी कोर्ट में तलब, बरखा दत्त ने किया है केस

बरखा ने आरोप लगाया था कि कपिल सिब्बल की पत्नी प्रोमिला सिब्बल तिरंगा टीवी में कार्यरत महिला कर्मचारियों को “कुतिया” या “बिच” कह कर बुलाती थीं। सिब्बल दम्पति के ख़िलाफ़ बरखा ने सिविल सूट दायर कर रखा है।

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