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बंद होने के कगार पर ‘द हिन्दू’ मुंबई संस्करण, 3 माह की सैलेरी देकर पत्रकारों से माँगा इस्तीफ़ा

'द हिन्दू' के मुंबई संस्करण के 20 से अधिक पत्रकारों को संस्थान द्वारा 25 जून से 30 जून तक इस्तीफा देने को कहा गया है।

आत्मनिर्भर प्रदेश से हासिल होगा आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य, टूटेगी चीन की कमर: वॉलेट से साजिशों को जवाब देने का अभियान

आत्मनिर्भर उत्तरप्रदेश रोजगार अभियान अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है। चीन के षड्यंत्र को दिया जा सकता है समुचित प्रत्युत्तर।

बिशप स्कॉट गर्ल स्कूल की प्राचार्या ने स्कूल फीस पर शिकायत पर अभिभावक से की हाथापाई, करियर खराब करने की दी धमकी

पटना के बिशप स्कॉर्ट गर्ल्स स्कूल की प्राचार्या ने एक अभिभावक के साथ बदसलूकी करते हुए उनका मोबाइल छीन लिया था और उनके साथ हाथापाई भी की।

PM मोदी ने लॉन्च किया आत्मनिर्भर यूपी अभियान: 31 जिले, 25 श्रेणियाँ, 1.25 करोड़ श्रमिकों को दिया जाएगा काम

पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने आत्मनिर्भर यूपी की शुरुआत कर दी है। इसके जरिए 1.25 करोड़ मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा। इस मौके पर पीएम ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से बात भी की।

कोरोनिल पर बवाल के बाद Fair & Lovely पर उठे सवाल, कंपनी ने कहा- बदला जाएगा 45 साल पुराने प्रॉडक्ट का नाम

संगठनों का आरोप था कि क्रीम में गोरापन शब्द को जिस तरह से इस्तेमाल किया जाता है उससे ये प्रतीत होता है कि सिर्फ गोरी महिलाएँ ही खूबसूरत होती हैं।

दिल्ली: गृहमंत्री अमित शाह ने 10,000 बेड वाले राधा स्वामी सत्संग व्यास COVID-19 केंद्र की जिम्मेदारी ITBP को सौंपी

आईटीबीपी कर्मियों की कई टीमों सहित मेडिकल और सहायक कर्मचारियों ने आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्टेकहोल्डर्स से कई चर्चाएँ भी की। यह भवन भारत की सबसे बड़ी कोविड केयर फैसीलिटी है।

लिबरलमैन: देखें लिबरलों-वामपंथियों के पाखंडों की पोल खोलती वायरल हो रही ये 5 वीडियो क्लिप

सोशल मीडिया पर The Daily Switch नाम के राजनीतिक, मीडिया और कल्चर वेबसाइट ने विश्व के नए सुपरहीरो 'लिबरलमैन' और 'उदारवादियों' की हरकतों को शेयर किया है।

दर्द कोरोनिल नहीं, आयुर्वेद है: वामपंथी गैंग को चाहिए गोरों का सर्टिफिकेट, रामदेव से इनका गुर्दा छिल जाता है

बाबा रामदेव ने कोरोनिल क्या लॉन्च की, वामपंथी गैंग बिना सबूत घृणा फैलाने में लग गया। इसकी वजह क्या है?

क्या वाकई ‘कोरोनिल’ बेचने के​ लिए रामदेव को प्रचार की जरूरत है?

शुक्र मनाइए कि रामदेव बनिया बन गए तो कई मीडिया हाउस चल रहे हैं। जरा मीडिया कंपनी के मालिकों से पूछिए कि नोटबंदी के बाद रामदेव के विज्ञापन का सहारा न होता तो उनका क्या हुआ होता?

तब्लीगियों को तो गाली दे रहे थे, खुद रथ यात्रा? वो इसलिए कि थूकने वालों और पूजने वालों में अंतर है, और रहेगा

कोरोना को हल्के में लेने वाले, डॉक्टरों पर हमला करने वालों, थूकने, मल-मूत्र त्यागने वाले अधम श्रेणी के मनुष्यों की तुलना स्वामी जगन्नाथ के सेवायतों से करना धूर्तता है।

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