जमात का मरकज पूरे देश में कोरोना वायरस संक्रमण का हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। तमिलनाडु में ही गुरुवार को 24 घंटे में जो 96 नए केस सामने आए थे उनमें से 84 मरकज से ही जुड़े थे।
महाराष्ट्र कोरोना से देश का सर्वाधिक प्रभावित राज्य है। सीएम उद्धव ठाकरे का अनुभवहीन होना इसका कारण बताया जा रहा है। इस बीच ऐसी भी चर्चा चल निकली है कि साख बचाने के लिए राज्य सरकार पीआर कैंपेन चला रही है। उर्वशी रौतेला ने अपना बचाव करते-करते एक ट्वीट से इसको और हवा दी है।
यह वीडियो बिहार के बेतिया मंडल कारा का है, जहाँ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को साँस लेने में समस्या हुई। जब उनका दम घुटने लगा तो प्रशासन में उनके सहकर्मियों ने उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुँचाया। संक्रमण से लड़ाई में पहली पंक्ति के ये योद्धा खुद के आपातस्थिति में कैसे निपटें, इसके लिए प्रशासन की ओर से यह मॉक ड्रिल किया गया।
कोरोना संक्रमित डॉक्टर ओमप्रकाश चौहान ने शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया। वे लॉकडाउन के दौरान भी अपनी क्लीनिक में मरीजों को देख रहे थे। तीन दिन पहले उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बताया यह भी जा रहा है कि वे पहले से ही शुगर और बीपी के मरीज थे।
जनता कर्फ्यू के दिन थाली बजाने पर पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम युवकों ने रेवंत सिंह को धमकाया। कहा कि यहाँ मोदी का नहीं हमारा कानून चलता है। फिर 4 अप्रैल को उन पर घात लगाकर हमला किया। 5 दिन कोमा में रहने के बाद उनकी मौत हो गई।
सीवान के एक ही परिवार के इतने लोगों के संक्रमित होने की बात सामने आने के बाद राज्य में हड़कंप मचा हुआ है। इस परिवार का एक शख्य ओमान से लौटा था। तीन जिलों सीवान, बेगूसराय और नवादा की सीमाएंँ सील कर दी गई हैं।
"अब अस्पताल में भर्ती संक्रमित जमातियों को अपनी भूल का एहसास हो गया है। इससे पहले वे संक्रमण फैलाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे थे, लेकिन बिगड़ते हालात को देख उनके व्यवहार में बदलाव आया है। अब आसानी से वे दवाइयाँ खा रहे हैं, क्योंकि यह उनके भले के लिए ही है।"
कमलनाथ की योजना इस मेगा इवेंट के जरिए राज्य की ब्रांडिंग करनी थी। उस समय भी शिवराज सिंह चौहान ने तत्कालीन एमपी सरकार को सलाह दी थी कि इस आयोजन पर इतना पैसा खर्च करने की जगह इसका इस्तेमाल किसानों की कर्ज माफ़ी तथा बाढ़ राहत में किया जाना चाहिए।