पीड़िता के पिता द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, छोटू और सूरज दोनों उनके घर गए और बेटी का विश्वास जीतकर उसे अगवा कर ले गए। यह घटना मार्च के पहले सप्ताह में हुई थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश है। पुलिस ने छोटेलाल, जीतू और अशोक सहित 5-6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। 26 अप्रैल की घटना को चार दिनों बाद 30 अप्रैल को पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। पुलिस ने IPC और SC/ST ऐक्ट की धाराओं 147, 149, 323, 341, 354B, 376(D) & 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
उसके सीने के बीचो-बीच में नक्सलियों ने गोली मारी है। मृतक के बारे में जानकारी मिलते ही घर में मातम छा गया। जिसके बाद परिजनों ने इसकी जानकारी नजदीकी पुलिस थाने में दी। मृतक के शव को पखांजुर हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
"पीछे की टायर में हवा कम है, प्लीज आगे की सीट पर आके बैठ जाओ मैडम..." से शुरू हुआ छेड़खानी का खेल। पीड़िता को मदद के नाम पर Uber ने बिना पुलिस को बताए राइड कैंसल करके ड्राइवर इरफान की ही भागने में मदद कर दी। कंंपनी में शिकायत पर उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
कुछ दिन पहले सड़क पार करते समय एक पूर्व सैनिक ने मुस्लिम समझकर उसके परिवार पर अपनी कार से हमला कर दिया था। इसके बाद महज 8 दिनों के भीतर क्राउड-फंडिंग के जरिए धृति के इलाज के लिए 6 लाख डॉलर (करीब 4.17 करोड़ रुपये) से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं।
चुनावों के बीच गैंगरेप के इस मामले ने पूरे इलाके में रोष का माहौल पैदा कर दिया है। आरोपितों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। लेकिन अभी तक इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का बयान नहीं आया है।
इन लड़कियों से पहले तो फ़र्ज़ी शादी का कॉन्ट्रैक्ट किया जाता है, फिर इन्हें चीन ले जाकर देह व्यापार की काली इंडस्ट्री में धकेल दिया जाता है। पाकिस्तान की इस कार्रवाई को चीन द्वारा मसूद अज़हर मामले में भारत के सामने झुकने से जोड़ कर देखा जा रहा है।
जब जूनागढ़ के जंगलों में एटीएस की महिलाओं व इस अपराधी का आमना-सामना हुआ, तो वह थोड़ी देर भी टिक नहीं सका। अपनी जान बचाने के लिए उसने तुरंत ही घुटने टेक दिए। इसके बाद महिला अधिकारियों ने उसे गिरफ़्तार कर लिया।
ज़मानत मिलने के बाद उक्त युवक और उग्र हो गया और उसने रिटायर्ड स्टेशन मास्टर के घर पहुँच कर उनसे मारपीट की। विरोध करने पर उसने फायरिंग भी की। सूचना पर पुलिस फिर पहुँची लेकिन आरोपित तब तक फरार हो गया था।
4 मई को बच्ची का जन्मदिन था और उसके लिए ज़ोर-शोर से तैयारियाँ चल रही थीं। केक और कपड़ों तक के ऑर्डर दे दिए गए थे। बलात्कारी ने बताया कि उसने बदनामी के डर से लड़की को मार दिया। उसने शव को छिपाने के लिए उसके ऊपर 2 भारी और बड़े पत्थर भी रख दिए।