मध्य प्रदेश में पहले तो तीर्थ दर्शन योजना के तहत चुने गए हजारों बुजुर्गों की यात्रा आखिरी समय में रद्द कर दी गई। उसके बाद कमलनाथ के मंत्री गोविंद सिंह ने इस योजना को बंद करने की वकालत करते हुए कहा कि आईफा अवॉर्ड जैसे आयोजन विकास के लिए जरूरी हैं।
“उस समय तक राशि निश्चित रूप से जमा हो जाना चाहिए, वरना फिर हम आपको दिखाएँगे कि हम कितने कठोर हो सकते हैं।” - सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी उन टेलीकॉम कंपनियों पर की, जिन्होंने पिछले 4 महीनों से एक पैसा भी नहीं चुकाया था।
"इस मामले को एनसीपी SIT से जाँच करवाना चाहती है। केंद्र सरकार ने इसे NIA को सौंप दिया है और महाराष्ट्र के सीएम भी बीजेपी के लाइन पर चलते हुए इसे NIA को सौंपे जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। क्या दिल्ली में कॉन्ग्रेस नेतृत्व को इसकी जानकारी है?"
सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऑर्डर में फरवरी 14, 2020 शुक्रवार की रात 11.59 PM से पहले बकाया रकम चुकाने को कहा है। भारती एयरटेल पर 35,586 करोड़ रुपए का बकाया है। वहीं वोडाफोन को 50,000 करोड़ रुपए 23 जनवरी से पहले चुकाना है।
CPI नेता कन्हैया कुमार इन दिनों CAA, NRC और NPR के खिलाफ 'जन-गण-मन यात्रा' पर निकले हुए हैं, लेकिन उन्हें लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बिहार के जिस भी जिले में वह अब तक पहुँचे हैं, उनमें से अधिकतर जगहों पर कन्हैया कुमार के काफिले पर हमला बोला गया है।
मीडिया के लोग आतंकवादियों के एक 'आम आदमी' से आतंकवादी बनने की घटना का बेहद फ़िल्मी तरीके से महिमामंडन करते नजर आते हैं। आतंकवादियों से अलग यह अपना एक अलग किस्म का बौद्धिक जिहाद चला रहे होते हैं, जिनका पहला संघर्ष सामान्य विवेक और तर्क क्षमता से नजर आता है।
इंस्टाग्राम हैंडल iawaken.in और @fuckbjp नाम का ट्विटर हैंडल। इन्हीं दोनों हैंडल से गार्गी कॉलेज में छेड़छाड़ के दौरान भगवा झंडे और जय श्रीराम के नारों का प्रोपेगेंडा रचा गया। अब इन दोनों हैंडल से सब कुछ गायब है, लेकिन मीडिया ने बिना जाँच-पड़ताल किए प्रोपेगेंडा को पूरी हवा दी। अब CCTV से भी...
आज वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों को नमन करने का दिन था। लेकिन, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने इस मौके को भी सियासत के लिए चुना। अपने ट्वीट से राहुल गॉंधी ने जाहिर कर दिया है कि साल भर में उनकी विकृत सोच बदल नहीं पाई है।
14 फरवरी 2019 को हुए फिदायीन हमले की पहली बरसी पर हम आपके लिए लाए हैं वीरगति प्राप्त जवानों की झकझोर देने वाली कहानियॉं। उस दिन पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे।