प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के इतने क़रीब हैं कि उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के शासन के दौरान भ्रष्टाचार एक्सीलेटर पर रहता है और विकास वेंटिलेटर पर रहता है। यही कॉन्ग्रेस की पहचान है।
प्रियंका जी को बताया गया है कि आप इंसान नहीं बल्कि लगभग अवतार हैं, कि लोग आपको सुनने नहीं बल्कि वे आपके कपड़े, नाक देखने आते हैं, वे यह भी देखने आते हैं कि भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश में आपकी त्वचा में प्रचूर मॉइस्चराइजेशन आखिर कैसे बना रहता है।
इक़बाल अंसारी ने कॉन्ग्रेस द्वारा अपने 60 वर्षों के शासन के दौरान अयोध्या की अनदेखी पर हमला किया। उन्होंने कहा कि शहर में कॉन्ग्रेस द्वारा कोई विकास कार्य नहीं किया गया, न तो रोज़गार उत्पन्न हुआ और न ही कोई मिल या कारखाना स्थापित किया गया।
कॉन्ग्रेस को यह बख़ूबी मालूम है कि पीएम मोदी ने पिछले पाँच साल में न सिर्फ़ अपने संसदीय क्षेत्र में विकास किया बल्कि समूचे भारत में विकास की नींव को मज़बूत भी किया।
कॉन्ग्रेस ने पार्टी फ़ंड से इसरो नहीं बनवाया था, न ही डीआरडीओ के कर्मचारियों और वैज्ञानिकों को सोनिया गाँधी के हस्ताक्षर वाले चेक जारी हुआ करते थे। कॉन्ग्रेस के नाम ये संस्थान महज़ संयोग के कारण हैं क्योंकि सबसे पहले सत्ता में वही आई।
अमेठी के मुसाफिरखाना कस्बे में लगे पोस्टर में लिखा गया है, "देख चुनाव पहन ली सारी, नहीं चलेगी होशियारी।" इन पोस्टर पर सपा छात्रसभा का नेता जयसिंह प्रताप यादव का नाम लिखा हुआ है।
वसीम के इस विवादित बयान से कॉन्ग्रेस में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है। नाराज़गी के चलते पार्टी की यूथ शाखा के प्रदेश महासचिव शरद शुक्ल ने वसीम के ख़िलाफ़ शिक़ायत भी की है।
कॉन्ग्रेस महासचिव की मानें तो देश में दियासलाई से लेकर मिसाइल तक बना कर देने का काम कॉन्ग्रेस ने किया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ़ विश्व का भ्रमण कर रहे हैं।
गडकरी ने न केवल विकास न होने के दावे पर सवाल उठाया, बल्कि इशारों में यह भी पूछ लिया कि क्या प्रियंका गाँधी यूपीए सरकार के समय में अपने हिंदुत्व का प्रदर्शन कर पातीं?