सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मिशनरियाँ हवाला के जरिए मोटी रकम भेज रही हैं। चर्चों और बड़े स्कूलों से भी पैसा आ रहा है, जिससे ये गैंग ग्रामीण इलाकों में जाल बिछा रहे हैं।
पहली बार नहीं है जब हिंदू संत या धार्मिक संगठन किसी तरह के परोपकारी कार्य कर रहे हो, सालों से ऐसा हुआ, लेकिन वामपंथियों ने कभी उसका प्रचार नहीं होने दिया।