पीड़िता के भाई का कहना है कि उसकी बहन ने जब अपने मायके वालों को इसकी शिकायत की, तो उसके पति ने उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। पीड़िता के भाई ने थाने में उसके पति, जेठ, सास और जेठानी के खिलाफ शिकायत दी है।
कमरुद्दीन की गुरुवार शाम आरोपितों के साथ बहस हुई थी। उनलोगों ने उसे मारने की धमकी दी। बाद में उसे सलामताबाद जोहर मस्जिद के पास कल्लू स्टेडियम रोड पर पकड़ लिया और धारदार हथियार से वार किए। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस आरोपितों को पकड़ने में सफल रही।
गयूर अहमद की शादी अनीशा ने 7 वर्ष पहले हुई थी। उनके दो बच्चे भी हैं। इसी दौरान अनीशा को पड़ोस में रहने वाले क़सीम से प्यार हो गया। क़सीम सऊदी में कारपेंटर का काम करता था। पहले तो दोनों चोरी-छिपे मिलते थे, बाद में खुलेआम मिलना-जुलना चालू हो गया।
भीड़ ने नशे में घटनास्थल पर एक मामला सुलझाने पहुँचे दो पुलिसकर्मियों की जमकर धुनाई कर डाली। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मी शराब के नशे में एक पारिवारिक विवाद का निपटारा करने आए थे। फ़िलहाल दोनों घायल पुलिसकर्मियों का अलवर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
ED ने अदालत को बताया कि 317 बैंक खातों के जरिए धन शोधन किया गया है। ईडी ने कहा कि शिवकुमार के खिलाफ जाँच के अनुसार, शोधित धन 200 करोड़ रुपए से अधिक है और करीब 800 करोड़ रुपए मूल्य की बेनामी संपत्ति है।
गाँव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली एक नाबालिक बच्ची को आरोपित 3 जुलाई 2015 को उसके घर से रात में जब बच्ची अपनी दादी के पास सो रही थी, तभी उसे घर से उठाकर ले गए और कार से किशनगढ़बास में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि इस तरह की ख़बरें 'सेक्युलर मीडिया' द्वारा नहीं दिखाई जाती हैं और न ही कोई 'सेक्युलर नेता' इस तरह की वीडियो पर आपत्ति जताता है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए।
पुलिस ने युवती की तलाश में कई जगह दबिश दी, मगर कामयाबी नहीं मिली। तलाशी अभियान फिलहाल जारी है। इस दौरान पुलिस जमील के गाँव सरूरपुर भी पहुँची और पूछताछ के लिए 3 संदिग्धों को हिरसत में ले लिया है।
बिहार के नरकटियागंज और झंझारपुर में भी मुहर्रम के जुलुस के दौरान मारपीट और विवाद की खबर है। वहीं, दरभंगा के सिंहवारा में भी मुहर्रम जुलूस के दौरान झड़प हो गई, जिसमें 6 लोग जख्मी हो गए।
पुलिस द्वारा मामले में ढिलाई दिखाने के कारण परिवार ने खुद ही मामले की छानबीन करनी शुरू की। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खँगाले और एक कार के नंबर के आधार पर वसीम को पुलिस के हवाले किया।