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मोदी सरकार

‘हर वक्त मोदी को खलनायक बताने से कुछ नहीं मिलेगा, आपको समझना होगा कि वह कैसे इतने सम्माननीय बने’

"वह (मोदी) ऐसी भाषा में बात करते हैं जो उन्हें लोगों से जोड़ती है। जब तक हम यह न मान लें कि वह ऐसे काम कर रहे हैं, जिन्हें जनता सराह रही है और जो पहले नहीं किए गए, तब तक हम इस व्यक्ति का मुकाबला नहीं कर पाएँगे।"

Article 370 हटाने का तरीका बेहतरीन रणनीति का नमूना: रजनीकांत

2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से पद्म-विभूषण प्राप्त करने वाले रजनीकांत शुरू में (1995 में) कॉन्ग्रेस-समर्थक हुआ करते थे।

Article 370: सरदार जयंती पर अस्तित्व में आएगा UT जम्मू-कश्मीर और लद्दाख

केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद देश के अन्य प्रदेशों की विधानसभा की तरह ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल भी पॉंच साल ही होगा। जब तक गुलाम कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं बनता सदन की 24 सीटें खाली रहेंगी। यूटी लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।

मोदी है तो मुमकिन है: संसद में कामकाज का बना रिकॉर्ड, कई ऐतिहासिक विधेयक पास

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने बताया कि इस बार कुल 35 बैठकें हुईं और 104.92 प्रतिशत कामकाज हुआ। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह 1952 के बाद सबसे स्वर्णिम सत्र रहा है। इसमें 134 फीसदी कामकाज हुआ।

34 साल के सांसद ने कॉन्ग्रेसियों के लिए ऐसा क्या कहा कि PM मोदी को शेयर करनी पड़ गई Video

भाजपा की ओर से लोक सभा में मोर्चा संभालने वालों में से एक थे लद्दाख के सांसद जाम्यांग त्सेरिंग नामग्याल, जिन्होंने राज्य के विभाजन के समर्थन में लद्दाख का पक्ष रखा।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश: J&K की स्थिति दिल्ली जैसी, लद्दाख होगा चंडीगढ़ के जैसा

महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए केंद्र सरकार ने वर्तमान जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दिया है। इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। इस तरह मोदी सरकार ने राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का निर्णय लिया है: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख।

होटल में करने वाले थे मीटिंग, पुलिस ने मना कर दिया… अब घर पर करेंगे: महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ़्ती ने केंद्र से सवाल किया कि यात्रियों, पर्यटकों और छात्रों को कश्मीर से जाने को कहा गया है, कश्मीरियों को राहत देने की कोशिश नहीं की जा रही है। कहाँ गई इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत?”

आतंकवाद के खिलाफ नया UAPA संशोधन बिल, 2019 राज्यसभा में पास: अब शख्स भी घोषित हो सकेगा आतंकी

राज्यसभा में विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) मतलब UAPA संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया। बिल के पक्ष में 147 और विपक्ष में 42 वोट पड़े। इस बिल में आतंक से संबंध होने पर संगठन के अलावा किसी शख्स को भी आतंकी घोषित करने का प्रावधान शामिल है।

डेरेक ‘नो ब्रेन’: न तो विधेयक पिज़्ज़ा है और न ही संसद चुंगी का अखाड़ा

जब सरकार संवैधानिक दायरे में रह कर, तय तरीके से, तय समय में, वोटिंग के जरिए बिल पास करा रही है तो एक हिस्से को इससे समस्या क्या है? डेरेक की आपत्ति का मूल बेहद खोखला है। उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या किसी तरह का कोई गलत बिल पास हुआ है?

99 Vs 84 मतों से राज्यसभा में पारित हुआ तीन तलाक बिल: 3 साल की सजा, जुर्माने का प्रावधान शामिल

मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति दिलाने के मकसद से राज्यसभा में पेश विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए विभिन्न दलों के सदस्यों ने इसे अपराध की श्रेणी में डालने के प्रावधान पर आपत्ति भी जताई और कहा कि इससे पूरा परिवार प्रभावित होगा।

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