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क्या किराना हिल्स के आसपास के गाँव खाली कराए गए, न्यूक्लियर रेडिएशन लीक के सवाल का अमेरिका ने क्यों नहीं दिया जवाब? पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर स्ट्राइक के चर्चे

भारत ने 7 मई, 2025 को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य अड्डों को निशाना बनाने की कोशिश की। भारत ने इसका तगड़ा जवाब दिया और उसके 11 एयरबेस तबाह कर दिए। इसी के साथ यह भी रिपोर्ट्स सामने आईं कि भारत ने पाकिस्तान के परमाणु हथियार स्टोरेज फैसिलिटी पर हमला किया है। यह फैसिलिटी सरगोधा एयरबेस के साथ बनी किराना हिल्स बताई गई। हालाँकि, भारतीय वायुसेना ने इस हमले से इनकार किया, लेकिन लगातार आ रही सूचनाओं से किराना हिल्स को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं।

इससे पहले सोशल मीडिया में लगातार एक विमान को किराना हिल्स पर हमले से जोड़ कर देखा गया था। यह विमान अमेरिकी एनर्जी विभाग का बीचक्राफ्ट B350 था। इसको लेकर कहा गया था कि यह पाकिस्तान के भीतर परमाणु हथियार फटने के चलते हुए रेडियो विकिरण की जाँच करने आया है। यह भी दावे किए गए थे कि एक अमेरिकी टीम भी यहाँ जाँच करने आई है। इसको लेकर अब अमेरिका ने कोई भी जवाब देने से इनकार कर दिया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय से 13 मई, 2025 को इस संबंध में प्रश्न किया गया था। इस प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगट से एक पत्रकार ने पूछा, “क्या अमेरिका ने पाकिस्तान में कुछ जगह परमाणु विकिरण के रिसाव की रिपोर्ट के बाद इस्लामाबाद या पाकिस्तान में कोई टीम भेजी है?”

इस पर टॉमी पिगट ने कहा, “मेरे पास इस पर कहने के लिए अभी कुछ नहीं है।” इसी पर पत्रकार ने आगे और भी सवाल जब पत्रकार ने करना चाहा तो प्रवक्ता पिगट ने इस सवाल को टाल दिया। उन्होंने आगे दोनों देशों के बीच सीजफायर पर बात चालू कर दी।

अमेरिका का इस सवाल को टालना इस पूरे मामले को और खिचड़ी बना गया। यदि अमेरिका ने ऐसी कोई टीम पाकिस्तान नहीं भेजी थी तो स्पष्ट रूप से इनकार कर सकता था। हालाँकि, उसने ना स्पष्ट रूप से इस पर इनकार किया और ना ही यह स्वीकार किया कि उसने कोई ऐसी टीम भेजी है।

इस बीच किराना हिल्स को लेकर और भी दावे सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने बताया है कि पाकिस्तानी फौज किराना हिल्स के आसपास के गाँव खाली करवा रही है। इस संबंध में पाकिस्तान का एक वीडियो का हवाल दिया जा रहा है।

इस वीडियो को बना रहा शख्स एक गाँव दिखाता है जो खाली हो चुका है। इसमें यह व्यक्ति दावा करता है कि वह जिस गाँव में खड़ा है वह पूरी तरह से खाली हो चुका है और यहाँ कोई भी मर्द-औरत नहीं बचे हैं। वह बताता है कि इस गाँव को फ़ौज ने सख्ती से खाली करवा लिया है।

इस वीडियो में बोलने वाला शख्स परमाणु हथियार पर हमले और किराना हिल्स का नाम नहीं लेता। सोशल मीडिया पर दावा है कि यह वीडियो किराना हिल्स के पास गाँव का है। इसको लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन लगातार किराना हिल्स को लेकर आशंकाएँ जताई जा रही हैं।

किराना हिल्स पहाड़ का नाम है। यह इलाका पूरी तरह से पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने अपने कब्जे में ले रखा है। यहाँ पाकिस्तान ने पहाड़ के नीचे अपनी स्टोरेज फैसिलिटी बनाई हुई है, इसमें हथियार रखे जाते हैं। यह भी सामने आया है कि यहाँ पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियार छुपाए हुए हैं। 

सबसे पहले यहाँ के एक धमाके की वीडियो, उसके बाद पाकिस्तान के भीतर अमेरिकी विमान की आमद और फिर ईजिप्ट से कथित तौर पर बोरान लेकर आने वाले विमानों ने परमाणु हथियारों पर हमले की थ्योरी को बल दिया है। हालाँकि, इसको लेकर वायुसेना ने पूरी तरह से इनकार कर दिया था।

‘राजनयिक’ बन दिल्ली के पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात था ISI का एजेंट एहसान उर रहीम, पंजाब में गिरफ्तार जासूसों से मिला कनेक्शन: मोदी सरकार ने भारत छोड़ने का दिया आदेश

भारत ने मंगलवार (13 मई 2025) को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत पाकिस्तानी नागरिक एहसान उर रहीम उर्फ दानिश को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ यानी आवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दानिश भारत में ISI के लिए जासूसी कर रहा था। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को पाकिस्तान के उच्च आयोग को इस बारे में सूचना दे दी है। साथ ही दानिश को 24 घंटे में भारत छोड़ने के निर्देश दिए हैं।

विदेश मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान में कहा, “भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत एक पाकिस्तानी अधिकारी को अवांछित व्यक्ति घोषित किया है क्योंकि वह भारत में अपने पद के अनुरूप काम नहीं कर रहा था। अधिकारी को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। इस संबंध में पाकिस्तान उच्चायोग के कार्यवाहक राजदूत को एक विरोध पत्र (डिमार्शे) जारी किया गया।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब पुलिस ने पिछले सप्ताह अमृतसर में रहीम के लिए जासूसी कर रहे दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी की। रहीम इन लोगों के संपर्क में था। पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार को इस बारे में सूचना दी। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने रहीम को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया।

अप्रैल की शुरुआत में, भारत ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक साद अहमद वाराइच को दिल्ली में तलब किया और उसके सैन्य राजनयिकों को औपचारिक तौर पर ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ दिया।

भारत की ये कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद की गई है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। मरने वालों से उनका धर्म पूछा गया और गैर मुस्लिम होने पर मार दिया गया।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि एक्शन के तहत पाकिस्तान उच्च आयोग की कुल संख्या को 55 से घटाकर 30 रह जाएगी।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ किया। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया गया।

अब्दुल समद ने पहले लक्ष्मी के पेट में चाकू घोंपा, फिर रेत दिया गला… क्योंकि उससे नहीं रखना चाहती थी रिश्ता: नागपुर से 300 किमी दूर आकर जबलपुर में की हत्या

जबलपुर के देवताल पहाड़ी पर शुक्रवार (9 मई 2025) को 18 साल की लक्ष्मी अहिरवार की बेरहमी से हत्या हुई थी। इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है और हत्यारोपित अब्दुल समद (19) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने में 48 से भी कम घंटे लगाए और सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए उसे पकड़ा। हत्यारा नागपुर भागने की फिराक में था। अब्दुल ने अपनी क्रूरता का इकबाल करते हुए बताया कि लक्ष्मी ने उससे दूरी बनाई, जिसके गुस्से में उसने हत्या की साजिश रची और उसे चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लक्ष्मी मूल रूप से छतरपुर के खजुराहो की रहने वाली थी। वह अपने परिवार के साथ जबलपुर में देवताल गार्डन के पास मंदिर निर्माण में मजदूरी करने आई थी। जनवरी 2025 में नागपुर में काम के दौरान उसकी मुलाकात अब्दुल से हुई। अब्दुल वहाँ वॉटर प्लांट में काम करता था। दोनों में दोस्ती हुई और फोन पर बातें शुरू हो गईं। लक्ष्मी के खजुराहो लौटने पर अब्दुल ने उसे 10 हजार का मोबाइल गिफ्ट किया। लेकिन मई से लक्ष्मी ने उसकी कॉल्स उठाना बंद कर दिया। अब्दुल को शक हुआ कि लक्ष्मी किसी और लड़के से बात करती है। उसने लक्ष्मी के पुराने फोन की कॉल हिस्ट्री देखी, जिसमें खजुराहो के एक लड़के से बातचीत का पता चला।

लक्ष्मी ने अब्दुल के मुस्लिम होने की वजह से रिश्ता तोड़ने का फैसला किया। यह बात अब्दुल को बर्दाश्त नहीं हुई। उसने ठान लिया कि वह लक्ष्मी को सबक सिखाएगा। 7 और 8 मई को वह लक्ष्मी से मिलने जबलपुर आया। 9 मई को उसने मिठाई लाकर लक्ष्मी से कसम खाने को कहा कि वह किसी और से बात नहीं करती। लक्ष्मी ने मिठाई खाने और कसम लेने से इनकार कर दिया। गुस्से में आगबबूला अब्दुल ने दो चाकू निकाले और लक्ष्मी पर ताबड़तोड़ वार किए। पहले पेट में चाकू घोंपा, फिर उसका गला रेत कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

हत्या के बाद अब्दुल मौके से फरार हो गया और शहर के एक होटल में छिप गया। वह नागपुर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसकी मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के आधार पर अंधमूक बायपास से गिरफ्तार कर लिया। अगर अब्दुल लक्ष्मी का मोबाइल अपने साथ ले गया होता, तो शायद वह पुलिस की पकड़ से बच सकता था। गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा की अगुवाई में बनी विशेष टीम ने सीसीटीवी, तकनीकी साक्ष्य और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया। अब्दुल ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल लिया और उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया।

यह घटना प्रेम में धोखे और धार्मिक अंतर की वजह से बढ़ी नफरत का नतीजा है। अब्दुल की दरिंदगी ने एक मासूम जिंदगी छीन ली।

जिस BSF जवान को छोड़ने पर मजबूर हुआ पाकिस्तान, उसके बदले अपने शौहर को छुड़ाना चाहती थी आतंकी यासीन मलिक की बीवी: अधनंगी पेंटिग्स बनाने वाली मुशाल मलिक का Video

आतंकी यासीन मलिक की पाकिस्तानी बीवी ऑपरेशन सिंदूर के बाद डरी हुई है। वह पाकिस्तान की सरकार से यासीन मलिक को वापस लाने के लिए सौदा करने को कह रही है। आतंकी की बीवी चाहती है कि पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा पकड़े गए BSF जवान के बदले यासीन मलिक का सौदा हो। हालाँकि, ऑपरेशन सिंदूर के बाद खौफ में आए पाकिस्तान ने पहले ही BSF जवान को भारत को वापस सौंप दिया है। इस बीच यासीन मलिक की बीवी की वीडियो वायरल हो रही है।

यासीन मलिक का सौदा करने की कही बात

DAWN न्यूज चैनल पर एक पत्रकार के साथ इंटरव्यू में मौजूद आतंकी यासीन मलिक की बीवी मुशाल मलिक ने यह सारी बातें कही हैं। मुशाल मलिक ने इस इंटरव्यू में दावा किया कि उसकी अपने शौहर से बीते 6 सालों से कोई बात नहीं हो रही है क्योंकि सारी फोन लाइनें बंद हो चुकी हैं।

मुशाल मलिक ने इस बात की आशंका जताई कि आतंकी यासीन मलिक को भारत में फाँसी पर लटकाया जा सकता है। वायुसेना अधिकारियों को मारने वाले यासीन मलिक के खिलाफ कोई सबूत नहीं है, यह दावा भी मुशाल मलिक ने किया।

मुशाल मलिक ने इसके बाद यासीन मलिक का सौदा करने की बात चालू की। पहले उसने दावा किया कि एक भारतीय महिला पायलट शिवांगी सिंह पाकिस्तान के कब्जे में है, लेकिन बाद में खुद उसने स्पष्ट किया कि यह मामला नहीं है।

मुशाल मलिक चाहती थी कि कथित तौर पर पाकिस्तान के कब्जे में भारतीय महिला पायलट के बदले यासीन मलिक की माँग करे। हालाँकि, जब उसकी इन उम्मीदों पर पानी फिरा तो वह दूसरे सौदे में जुट गई। उसने कहा कि पाकिस्तान की सरकार रेंजर्स द्वारा हिरासत में लिए गए BSF जवान के बदले यासीन मलिक को रिहा करने की माँग करे।

मुशाल मलिक की यह बातें कुछ-कुछ 1999 के कंधार विमान हाइजैक से मिलती जुलती थीं। तब भी आतंकियों ने एक विमान हाइजैक कर भारतीय नागरिकों को अगवा किया था और उनके बदले आतंकी मौलाना मसूद अजहर को रिहा करवा ले गए थे।

मुशाल का यह पैंतरा हालाँकि इस बार नहीं चलने वाले क्योंकि BSF जवान को बुधवार (14 मई, 2025) को पाकिस्तान से वापस ले आया गया। पाकिस्तान को वैसे भी BSF जवान को छोड़ना ही पड़ता क्योंकि उस पर भारत का काफी दबाव था और वह स्वयं ही ऑपरेशन सिंदूर के बाद डरा हुआ था।

ऐसे में किसी आतंकी के बदले उसका सौदा हो ही नहीं सकता था। यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब मुशाल मलिक भारत के खिलाफ जहर उगलती रही है। वह पाकिस्तान में अपनी बेटी के साथ रहती है। उसका और उसकी बेटी का इस्तेमाल पाकिस्तानी फौज करती है। दोनों से भारत विरोधी प्रोपेगेंडा चलवाया जाता है।

पाकिस्तानी सरकार में मिली थी जगह

मुशाल मालिक को 2023 में पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार उल काकर ने अपना सलाहकार बनाया था। उसे मानवाधिकार मामलों पर सलाहकार बनाया गया था। मुशाल को उसके भारत विरोधी प्रोपेगेंडा का इनाम दिया गया था। मुशाल एक आर्टिस्ट भी है जो अक्सर अपनी अधनंगी पेंटिंग्स को लेकर चर्चा में रहती हैं।

यासीन मलिक और मुशाल मलिक की जान पहचान 2005 में हुई थी। दोनों ने साल 2009 में निकाह किया। ये पूरी निकाह सेरेमनी लाइव टेलीकास्ट हुई थी। निकाह के समय मुशाल की उम्र 23 थी और यासीन 42 साल का था। मुशाल हुसैन मलिक अर्धनग्न पेंटिंग बनाती है।

मुशाल 6 साल की उम्र से पेंटिंग बनाती है और उनकी खासियत ही ये है कि वो अधनंगी औरतों की पेंटिंग बनाती है। उनकी कुछ पेंटिंग में जो महिला दिखती है उसे पीठ दिखाते, स्तन छिपाते देखा जा सकता है। वह पेस्टल, चारकोल के अलावा ग्लास पेंटिंग भी करती हैं वरना पहले वो वाटर कलर पेटिंग्स तक सीमित थीं।

कौन है आतंकी यासीन मलिक?

यासीन मलिक वो आतंकी है, जो कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार में सीधे तौर पर शामिल था। यासीन मलिक जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट नामक इस्लामी आतंकी संगठन चलाता था। लेकिन बाद में भारतीय सेना की कार्रवाई के डर से गाँधीवाद का ढोंग करने लगा था।

कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार में उसे खूब भाव दिया जाता था। यहाँ तक कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक उससे हाथ मिलाते दिखते थे। यासीन मलिक ने 4 भारतीय वायुसेना अधिकारियों की जम्मू-कश्मीर में हत्या कर दी थी। इस मामले में वह वर्तमान में जेल है। उसे उम्रकैद की सजा दी जा चुकी है।

यासीन मलिक सिर्फ इन हत्याओं में ही नहीं बल्कि अनेकों कश्मीरी पंडितों की हत्याओं में भी शामिल था। उसका नाम महबूबा मुफ़्ती की बहन रूबिया सईद के अपहरण में भी शामिल था। यासीन मलिक को मोदी सरकार आने के बाद आतंक के मामलों में प्रभावी रूप से सजा दी गई है।

राकेश बन बहारे आलम ने हिंदू माँ-बेटी को फँसाया, हरियाणा से UP लाकर निकाह-धर्म परिवर्तन की थी तैयारी: पुलिस ने पीड़िताओं को बचाया

उत्तर प्रदेश की शाहजहाँपुर पुलिस ने बहारे आलम और जाने आलम उर्फ छोटू नाम के सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। हिंदू माँ-बेटी को झाँसा देकर ये हरियाणा के फरीदाबाद से लेकर आए थे। नाबालिग लड़की से निकाह कर उसका धर्म परिवर्तन कराने की तैयारी थी।

हिंदू संगठनों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर पीड़ित माँ-बेटी को बचाया। पीड़ित मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। फरीदाबाद में काम करने के दौरान राकेश बनकर बहारे आलम उनके संपर्क में आया था।

रिपोर्टों के अनुसार मुस्लिम युवक ने पहचान छिपाकर महिला और उसकी नाबालिग बेटी से दोस्ती की थी। बेटी की शादी कराने की बात कह कर महिला को झाँसे में लिया और 11 मई 2025 को उन्हें लेकर शाहजहाँपुर चले आए।

मामला शाहजहाँपुर के खुटार क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन बाद बहारे आलम ने अपने छोटे भाई जाने आलम उर्फ छोटू को भी फरीदाबाद बुला लिया। उसका भी परिचय हिंदू नाम से कराया गया था। लेकिन जब लड़की को छोटू के मुस्लिम होने की भनक लगी तो उसने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों भाई उस पर निकाह और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगे।

ये बात जब हिन्दू संगठनों को पता चली तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस जब आरोपितों के घर पहुँची तो उन्हें हिन्दू महिला और उसकी बेटियाँ मिली। इनमें एक 15 साल की है, जबकि दूसरी 4 साल की है। पुलिस ने मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

राजदूत पर कार्रवाई से तिलमिलाया पाकिस्तान, भारतीय डिप्लोमैट को दिया 24 घंटे में देश छोड़ने का अल्टीमेटम: लगातार हो रहे एक्शन से परेशान हो रहा आतंकी मुल्क, कर रहा अजब-गजब कार्रवाई

भारत स्थित पाकिस्तानी उच्च आयोग में काम कर रहे एक अधिकारी को मंगलवार (13 मई 2025) को भारत में सरकार ने ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया था। इससे तिलमिलाए पाकिस्तान ने भी इस्लामाबाद में भारतीय उच्च आयोग के अधिकारी को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित कर 24 घंटे में पाक छोड़ने का समय दे दिया।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्च आयोग का एक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों के खिलाफ काम कर रहा था इसलिए उसे ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित किया गया है और 24 घंटे में पाकिस्तान छोड़ने पर निर्देश दिए गए हैं। इस बयान में आगे कहा गया कि भारतीय अधिकारी को मंगलवार को विदेश मंत्रालय बुलाया गया था और पाकिस्तान सरकार के इस फैसले की जानकारी दी गई।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के एक्शन में भारत में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। इसके अलावा पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए। इनमें से एक फैसला भारत में स्थित पाकिस्तानी दूतावास के कर्मचारियों की संख्या को घटाना भी था।

इससे पहले भारत सरकार ने पाकिस्तानी दूतावास में काम कर रहे हैं एक अधिकारी को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित किया था। भारत में इस अधिकारी पर जासूसी में शामिल होने का आरोप लगा था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारी भारत में अपनी स्थिति के अनुरूप गतिविधियों में शामिल नहीं था।

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों को मार दिया गया था। इसके बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच में तनाव का माहौल है। जवाबी कार्रवाई में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ मिशन से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एयर स्ट्राइक कर 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसमें लश्कर-ए-तैयबा, जाश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के लगभग 100 आतंकी मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी में भारत के कुछ शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया जिसे भारतीय सेना ने असफल कर दिया। हालांकि इस बीच दोनों देशों में कई तरह के अन्य एक्शन भी लिए गए।

क्या होता है ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’

‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ का अर्थ है किसी विदेशी राजनयिक या डिप्लोमैट को मेजबान देश में अवांछित मानना। आमतौर पर यह राजनयिक मामलों में उपयोग होता है। यह फैसला तब लिया जाता है जब कोई अधिकारी ऐसी गतिविधियों में शामिल होता है जिससे मेजबान देश की संप्रभुता या सुरक्षा खतरे में पड़ सकती हो। इस तरह की गतिविधियों में जासूसी करना, कूटनीतिक नियमों का उल्लंघन या कोई अन्य गैरकानूनी काम आदि हो सकते हैं।

मुंबई को फिर दहलाने की धमकी: ईमेल भेज कर दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- बम विस्फोट को रोक सको तो रोक लो

महाराष्ट्र सरकार मंत्रालय के आपदा प्रबंधन विभाग को सोमवार (12 मई 2025) शाम एक अनजान ईमेल मिला है, जिसमें अगले 48 घंटों में बम विस्फोट की धमकी दी गई है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत मंत्रालय के पूरे इलाके की तलाशी ली, लेकिन उन्हें कोई भी शक पैदा करने वाली चीज नहीं मिली। ईमेल में यह नहीं बताया गया था कि बम कहाँ रखा जाएगा।

आपदा प्रबंधन विभाग के बड़े अधिकारी ने बताया कि उन्हें सोमवार (12 मई 2025) को यह ईमेल मिला था। ईमेल में लिखा था कि अगले दो-तीन दिनों में या 48 घंटों के भीतर मुंबई में कहीं भी धमाका हो सकता है। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब देश की सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है, जिसके चलते मुंबई पुलिस और नौसेना पहले से ही सतर्क हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के कंट्रोल रूम ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। इसके साथ ही, आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की एक टीम भी मंत्रालय में आई और उन्होंने भी जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ईमेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए उसके इंटरनेट एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है।

एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि मंत्रालय, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) जैसी जरूरी जगहों की सुरक्षा जाँच करने की योजना बनाई गई थी। अधिकारी ने कहा, “हमने सोमवार (12 मई 2025) को मंत्रालय की सुरक्षा का जायजा लिया। यह सिर्फ एक संयोग था कि उसी दिन आपदा प्रबंधन विभाग को यह धमकी भरा ईमेल मिला।” बड़े अधिकारियों के मुताबिक, ईमेल भेजने वाले ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए सावधानी बरतें।

PL-15, HQ -9, JF-17… ऑपरेशन सिंदूर ने ‘चाइनीज हथियारों’ का भी निकाल दिया जनाजा: पाकिस्तान ने 5 साल में ₹40 हजार करोड़ फूँके, पर भारत के सामने हुए भोथरा

भारत ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेन्स को भेदते हुए सैकड़ों किलोमीटर भीतर तक वार किया। इसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य निशानों को ठिकाना बनाने का प्रयास किया। इसमें वह ना बुरी तरह फेल हुआ बल्कि उसके भेजे ड्रोन और मिसाइल पत्तों की तरह गिरे। भारत ने इसके बाद पाकिस्तान के राडार स्टेशन उड़ाए और उसके एयरबेस भी तबाह कर दिए। इस दौरान पाकिस्तान के सभी हथियार फेल हो गए।

ऑपरेशन सिंदूर में जहाँ पाकिस्तान की काफी फजीहत हुई तो वहीं चीन की साख को भी गंभीर झटका लगा है। पाकिस्तान की फौज की जहाँ हमले रोकने में अक्षमता स्पष्ट हुई तो वहीं चीनी हथियारों की गुणवत्ता भी सामने आ गई। चाहे चीनी एयर डिफेन्स सिस्टम हो या फिर उसकी मिसाइलें, कोई भी हथियार भारत के खिलाफ नहीं चल पाया। यहाँ तक कि उसके ड्रोन भी भारत ने मार गिराए। इस सबके चलते चीनी हथियारों को लेकर अब कई प्रश्न उठ रहे हैं।

पत्ते की तरह गिरी PL-15 मिसाइल

10 मई, 2025 को सीजफायर से पहले पाकिस्तान ने रात को भारत पर कई हथियारों से हमला किया। पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन और मिसाइल चलाए। उसने भारत के शहरों, सैन्य अड्डों और विमानों को निशाना बनाया। ऐसे ही एक हमले में पाकिस्तान ने चीन में बनी PL-15 मिसाइल का इस्तेमाल किया।

यह मिसाइल पाकिस्तान ने भारत के पंजाब राज्य पर चलाई थी। इसका निशाना संभवतः कोई एयरक्राफ्ट रहा होगा। हालाँकि, यह अपना निशाना नहीं हिट कर सकी। यह जमीन पर किसी पत्ते की तरह गिरी और होशियारपुर में इसका मलबा बरामद हुआ। तब तक यह मिसाइल फटी नहीं थी।

PL-15 मिसाइल पर लगी मार्किंग से इस बात की पुष्टि हो गई थी। होशियारपुर से इसे सेना ने रिकवर कर लिया। PL-15 को चीन ने ही विकसित किया है। उसकी वायुसेना इसका इस्तेमाल करती है। यह एक बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल है। यह दुश्मन के एयरक्राफ्ट को हवा में मार गिरा सकती है। इसकी रेंज 200 किलोमीटर चीन ने बताई है।

भारत से हुई लड़ाई में चीन की इस मिसाइल की पोल खुल गई। वह किसी भारतीय एयरक्राफ्ट को भेदना तो दूर, जमीन तक पर कहीं हमला नहीं कर सकी। चीन दावा करता रहा है कि PL-15 आधुनिक तकनीक से लैस है और GPS जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भी करती है। पाकिस्तानी फ़ौज को भी उसने यही सब बता कर यह बेची थी। लेकिन भारत के खिलाफ यह कबाड़ सिद्ध हुई।

HQ-9 और HQ-16 डिफेन्स सिस्टम रह गए खड़े

पाकिस्तान की सबसे बड़ी विफलता उसके एयर डिफेन्स का पूरी तरह फेल होना रहा। सबसे पहले भारत ने जब पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 जगह आतंकी ठिकानों को मिसाइल, ड्रोन और बाकी हथियारों से निशाना बनाया तो उसका एयर डिफेन्स सिस्टम सोता रह गया।

POK के मुजफ्फराबाद से लेकर मुरीदके और बहावलपुर तक भारत ने आतंकी ठिकाने बिना अपने विमान सीमा पार भेजे तबाह कर दिए पर एक भी ड्रोन या मिसाइल पाकिस्तान नहीं इंटरसेप्ट कर सका। इसके बाद जब भारत ने 10 मई, 2025 को पाकिस्तान में 11 एयरबेस तबाह किए तब भी उसके एयर डिफेन्स खड़े रह गए।

पाकिस्तान वर्तमान में चीन के बनाए हुए HQ-16 और HQ-9 एयर डिफेन्स सिस्टम का इस्तेमाल करता है। HQ-9 जहाँ 125 किलोमीटर तो HQ-16 लगभग 50 किलोमीटर की रेंज वाला एयर डिफेन्स सिस्टम है। पाकिस्तान के लिए चीन ने इसमें बदलाव किए हैं। हालाँकि, इसका कोई फायदा नहीं हुआ है।

यह एक भी भारतीय मिसाइल, ड्रोन या लोइटेरिंग म्युनिशन नहीं पकड़ पाए। भारत ने तो इन डिफेन्स सिस्टम को ही तबाह कर दिया। यह भी सामने आया कि चीन ने पाकिस्तान को कम रेंज वाला सिस्टम बेचा है। उसके यहाँ HQ-9 सिस्टम 250 किलोमीटर तक मार करता है। इसके बाद चीनियों ने पाकिस्तान के यह हथियार उपयोग करने की क्षमता पर भी प्रश्न उठाए।

JF-17 और ड्रोन भी हुए फेल

सिर्फ मिसाइल और एयर डिफेन्स सिस्टम ही नहीं बल्कि चीन ने पाकिस्तान को JF-17 लड़ाकू विमान भी बेचा हुआ है। पाकिस्तान इसके निर्माण में अपना योगदान बताता है लेकिन असल में यह एक चीनी एयरक्राफ्ट ही है। भारत से तनाव के दौरान संभवतः पाकिस्तान के JF-17 विमान भी गिरे हैं।

भारतीय सेनाओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में वायु सेना के DG ऑपरेशंस एके भारती ने स्पष्ट किया है कि इस तनाव के दौरान कुछ पाकिस्तानी विमान गिरे हैं। हालाँकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह F-16 थे या JF-17। लेकिन इस बात की कहीं ज्यादा संभावना है कि पाकिस्तान के JF-17 विमान मलबे में तब्दील हो गए हों।

इनके अलावा पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए चीन में बने ड्रोन का भी इस्तेमाल किया था। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ चीन के विंग लूँग और CH-II ड्रोन इस्तेमाल किए थे। इन्हें भी भारत ने सीमा पर ही मार गिराया है। इनमें से कोई भी ड्रोन भारत के किसी टार्गेट को हिट नहीं कर पाया।

चीन पर ही निर्भर है पाकिस्तान

चीन की रक्षा प्रणालियाँ भारत के खिलाफ फेल भले हो गई हों लेकिन पाकिस्तान उन्हीं पर निर्भर है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पाकिस्तान का लगभग 81% रक्षा सामान पाकिस्तान से आता है। 2019 से 2023 के बीच पाकिस्तान ने चीन से 5 बिलियन डॉलर (₹40 हजार करोड़) का रक्षा समान आयात किया है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन के हथियारों के भारत के खिलाफ फेल होने के बाद अब पाकिस्तान वापस से अमेरिका और बाकी पश्चिमी देशों से हथियार खरीदने पर जोर लगाएगा। हालाँकि, उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह जल्दी संभव नहीं दिखता। चीन की हैसियत रक्षा बाजार में इस घटना के बाद घट जाएगी।

चीन की बनाई अधिकांश रक्षा प्रणालियाँ पाकिस्तान में फेल हो गईं, ऐसे में उन्हें अब कोई नया देश नहीं खरीदना चाहेगा। वहीं भारत में बनी रक्षा प्रणालियों और हथियारों को लेकर माँग अब बढ़ने वाली है। इस तनाव के बाद कबाड़ साबित हुए चीनी हथियारों को अब कोई भी देश तवज्जो नहीं देना चाहेगा।

खाली करना होगा PoK, सिंधु जल समझौता रहेगा निलंबित: भारत ने पाकिस्तान से बातचीत की ‘शर्त’ कर दी क्लियर, कहा- कश्मीर पर तीसरा पक्ष स्वीकार्य नहीं

भारत ने पाकिस्तान से POK को खाली करने को कहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ा कोई भी मामला केवल द्विपक्षीय तरीके से ही हल होगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भले ही पाकिस्तान के साथ सीजफायर हो गया हो, सिंधु जल समझौता निलंबित ही रहेगा।

यह सारी बातें भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार (13 मई, 2025) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमारा लंबे समय से रुख रहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय रुप से हल करना होगा। इस नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।”

उन्होंने कहा कि लंबित मामला पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है।” विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के विदेशी मीडिया को दिए गए साक्षात्कार पर बोलते हुए कहा कि पाकिस्तानी अपनी हार को भी उपलब्धियों की तरह पेश कर रही है।

रणधीर जायसवाल ने कहा, “पिछले हफ्ते ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद और अन्य आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। उसके बाद हमने उसकी सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया और प्रमुख एयरबेसों को निष्क्रिय कर दिया। अगर पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसे उपलब्धियों के रूप में पेश करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है।”

MEA प्रवक्ता ने बताया कि 9 मई 2025 की रात तक पाकिस्तान भारत को बड़े हमले की धमकी दे रहा था, लेकिन जब 10 मई 2025 की सुबह उनकी कोशिश विफल हो गई और उन्हें भारत की तरफ से विनाशकारी जवाब मिला तो पाकिस्तान के सुर बदल गए। उन्होंने बताया कि इसके बाद पाकिस्तान DGMO ने भारत से संपर्क किया।

उन्होंने आगे कहा, “उसी दिन सुबह 12.37 बजे पाकिस्तान के DGMO ने हमसे संपर्क किया, क्योंकि तकनीकी कारणों से वे हॉटलाइन के माध्यम से भारत से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। फिर भारतीय DGMO की उपलब्धता के आधार पर दोपहर 03.35 बजे कॉल तय की गई।”

सिंधु जल संधि रहेगी स्थगित

सिंधु जल समिति पर बोलते हुए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) के निर्णय के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया गया है। सिंधु जल संधि सद्भावना और मित्रता की भावना से संपन्न हुई थी, जैसा कि संधि की प्रस्तावना में निर्दिष्ट है।”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कई दशकों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर इन सिद्धांतों को स्थगित रखा है, ऐसे में CCS के निर्णय के अनुसार भारत संधि को तब तक स्थगित रखेगा जब तक कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से त्याग नहीं देता।

पीछे मिग-29, S-400… सामने भारत माता की जयकारे लगाते जवान, पाकिस्तान और इस्लामी आतंकियों से बोले PM मोदी- घर में घुसकर मारेंगे, बचने का मौका तक नहीं देंगे

राष्ट्र को संबोधित करने की अगली सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब स्थित आदमपुर एयरबेस पहुँचे। यहाँ उन्होंने S-400 और मिग-29 के साथ तस्वीरें दिखाकर पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को ध्वस्त किया। पीएम मोदी ने आदमपुर में भारतीय वायु सैनिकों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित करते हुए पाकिस्तान और इस्लामी आतंकियों को चेतावनी दी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय जवानों के पराक्रम की सराहना की। पीएम मोदी ने आदमपुर एयरबेस को वीरों की धरती बताकर देश की थल, जल और नौसेना को सलाम किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान तीनों सेनाओं का तालमेल शानदार था।

उन्होंने कहा, “मैं सुबह-सुबह वीरों के दर्शन करने आया हूँ। जब वीरों के पैर धरती पर पढ़ते हैं तो धरती धन्य हो जाती है, ऐसे ही मेरा जीवन भी धन्य हो गया।” ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा यह भारत की नीति, नीयत और निर्णायत क्षमता की त्रिवेणी है।

उन्होंने कहा, “जब हमारी बहनों और बेटियों का सिंदूर छीना गया तो आतंकियों को घर में घुसकर कुचला। वो कायरों की तरह छिपते रहे लेकिन वो भूल गए, उन्होंने जिसे ललकारा है वो हिंद की सेना है। अब उन्हें समझ आ गया है कि भारत की ओर नजर उठाने का एक ही अंजाम होगा तबाही। भारत में निर्दोष लोगों का खून बहाने का अंजाम होगा विनाश और महाविनाश।”

पीएम ने कहा, “भारतीय सेना ने पाकिस्तानी फौज को बता दिया है कि पाकिस्तान में ऐसा कोई ठिकाना नहीं है जहाँ बैठकर आतंकवादी चैन की साँस ले सके… हम घर में घुसकर मारेंगे और बचने का एक मौका नहीं देंगे। दुश्मनों हमारी मिसाइलें और ड्रोन्स के बारे में सोचकर कई दिन तक नींद नहीं आएगी।”

पीएम मोदी ने महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक पर लिखी गई पंक्तियाँ भी सुनाई। यह कविता, “कौशल दिखलाया चालों में, उड़ गया भयानक भावों में, निर्भीक गया वो ढालों में, सरपट दौड़ा करवालों में” थी। पीएम मोदी ने कहा कि यह पंक्तियाँ आज के आधुनिक हथियारों पर सटीक बैठती हैं।

आधुनिक तकनीक पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एयरफोर्स ने पाकिस्तान में भीतर छिपे आतंक के अड्डे को निशाना बनाया। पीएम मोदी ने कहा, “सिर्फ 20-25 मिनट में सीमा पार टारगेट को भेदना, यह सिर्फ मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस प्रोफेशनल फोर्स ही कर सकती है।”

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में मैनपावर के साथ मशीन का तालमेल भी लाजवाब रहा। सभी एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह सामने आए। पीएम ने कहा कि पाकिस्तान की लाख कोशिश के बाद भी एयरबेस हो या फिर दूसरे डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर आँच नहीं आने दी। जहाँ भारत ने सैन्य बल का इस्तेमाल किया तो वहीं पाकिस्तान ने सिविलियंस एयरक्राफ्ट भेज दिया था।

इस पर बोलते हुए पीएम ने कहा, “मैं कल्पना कर सकता हूँ कि वो पल कितना कठिन होगा जब सिविलियंस एयरक्राफ्ट दिख रहा हो। लेकिन आपने बहुत सावधानी से आम लोगों को नुकसान पहुँचाए बिना जवाब दिया। मैँ गर्व के साथ कह सकता हूँ कि आप सभी अपने लक्ष्यों पर बिल्कुल खरे उतरे।”

पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत ने सिर्फ सैन्य कार्रवाई को स्थगित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर पाकिस्तान ने फिर से आतंकी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस दिखाया तो भारत उसका मुँहतोड़ जवाब देगा।

पीएम मोदी ने कहा, “ये जवाब अपनी शर्तों पर और अपने तरीके से देंगे। सेना को लगातार मुस्तैद रहना है। हमे दुश्मन को याद दिलाना है कि ये नया भारत है। ये भारत शांति चाहता है लेकिन अगर मानवता पर हमला होता है तो भारत युद्ध के मोर्चे पर दुश्मन को मिट्टी में मिलाना अच्छी तरह जानता है।”

गौरतलब है कि पीएम ने सोमवार (13 मई 2025) रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय सेना को बधाई दी थी। साथ ही पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया था।

उन्होंने कहा कि भारत का एक्शन अभी सिर्फ स्थगित हुआ है, खत्म नहीं। पाकिस्तान अगर आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा, तो भारत उसकी हर हरकत का हिसाब लेगा। पीएम मोदी ने कहा था कि टेरर और टॉक एक साथ नहीं चलते। अगर पाकिस्तान से कोई बात होगी, तो वो सिर्फ आतंकवाद और POK पर होगी।