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‘जिस लुटेरे ने मठ-मंदिर तोड़े, उसके नाम से नगर का नाम मंजूर नहीं’, होशंगाबाद हुआ नर्मदापुरम: CM शिवराज का ऐलान

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तर्ज पर शहर का नाम बदले जाने की राह पर अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी चल पड़े हैं। शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले होशंगाबाद का नाम बदलकर ‘नर्मदापुरम’ किए जाने की घोषणा की है। माँ नर्मदा की जयंती के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज अपनी पत्नी संग शामिल हुए और मंच से उन्होंने होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम रखने की बात भी कह दी।

ये नेता कर चुके हैं माँग 

उन्होंने कहा कि जल्द ही केंद्र को होशंगाबाद का नाम बदलने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। सीएम की इस घोषणा के बाद बीजेपी नेताओं में खुशी की लहर है। बता दें कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम किए जाने की माँग की थी। दोनों बीजेपी नेताओं ने कहा था कि कब तक लुटेरे हुशंगशाह के नाम से होशंगाबाद को पहचाना जाए? जिस लुटेरे ने हमारे मठ-मंदिर तोड़े, भगवान भोले के मंदिर भोजपुर का शिखर तोड़ा उसके नाम से नगर का नाम मंजूर नहीं? मोक्ष दायिनी पुण्य सलिला माँ नर्मदा जिनके दर्शन मात्र से पुण्य मिलता हो, जिनके आशीर्वाद से मध्य प्रदेश के खेत लहलहाते हों उनके नाम से नगर पहचाना जाना चाहिए। शिवराज सरकार ने पहले ही संभाग का नाम नर्मदापुरम संभाग रखा है। अब नगर का नाम भी नर्मदापुरम रखा जाए।

नए नाम का ऐलान करते हुए सीएम ने कहा कि होशंगाबाद के अस्पताल को सभी सुविधा युक्त अस्पताल बनाया जाएगा। साथ ही ऑडिटोरियम, दशहरा मैदान का उन्नयन किया जाएगा। नर्मदा के तट पर एक सभा को संबोधित करते हुए चौहान ने लोगों से पूछा कि क्या सरकार को होशंगाबाद का नाम बदलना चाहिए। इस पर लोगों ने उनको हाँ में जवाब दिया। 

चौहान ने इसके आगे लोगों से से पूछा, ‘‘नया नाम क्या होना चाहिए? इस पर लोगों ने उत्तर दिया– ‘‘नर्मदापुरम’’। इसके बाद चौहान ने कहा कि अब हम केन्द्र को होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम करने का प्रस्ताव भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नर्मदा नदी के किनारे सीमेंट कंक्रीट का जंगल बनाने की अनुमति नहीं देगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नर्मदा किनारे पर बसे शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर खुशी जताते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार (फरवरी 20, 2021) सुबह को फटाखे फोड़े। शर्मा ने कहा, ‘‘यह एक ऐतिहासिक क्षण है। नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की जीवन रेखा है। होशंगाबाद अब तक एक हमलावर होशांगशाह के नाम से जाना जाता था लेकिन अब मध्य प्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा के नाम से जाना जाएगा। ये खुशी की बात है। मैं जन भावनाओं का सम्मान करते हुए यह घोषणा करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूँ।’’

अब होशंगाबाद शहर का नाम बदलने पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “मैं सीएम शिवराज को बधाई देता हूँ। उन्होंने होशंगाबाद का नाम बदलने की बात कही है। मैं भी समर्थन करता हूँ। चाहे हलाली डैम हो या कोई और… ऐसे स्थानों का नाम बदला जाना चाहिए, जो गुलामी के नाम के परिचायक हैं।”

भयंकर आर्थिक संकट से जूझ रही कॉन्ग्रेस: बैठकों में चुनाव की जगह फंड इकट्ठा करना पार्टी के लिए बना बड़ा सिरदर्द

देश के इतिहास के सबसे पुराने राजनीतिक दलों में से एक कॉन्ग्रेस ने पिछले कुछ समय में शायद ही कोई अच्छी ख़बर सुनी हो। इस तरह की तमाम बुरी ख़बरों के बीच कॉन्ग्रेस से जुड़ी एक और बुरी ख़बर सामने आई है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ पार्टी गम्भीर आर्थिक संकट से जूझ रही है। यहाँ तक दावा किया जा रहा है कि ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी की प्रदेश ईकाईयों की बैठकों में आर्थिक संकट चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा है। संगठन के तमाम शीर्ष नेताओं ने इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए पिछले महीने महाराष्ट्र, झारखंड और पंजाब के नेताओं से मुलाक़ात की थी। 

अमूमन इन बैठकों में संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष का चयन और अन्य पदों का वितरण शामिल है। लेकिन कॉन्ग्रेस की पिछली कुछ बैठकों में आर्थिक मुद्दा चिंता का विषय बना रहा। बैठक में शामिल होने वाले नेताओं और पदाधिकारियों को कहा गया कि वह आर्थिक संकट से निपटने की जिम्मेदारी को गम्भीरता से लें। रिपोर्ट के मुताबिक़ कॉन्ग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी के आर्थिक विकल्प पिछले कुछ समय में सीमित हुए हैं इसलिए बैठकों में उन पर चर्चा ज़रूरी हो गई थी।

कॉन्ग्रेस के लिए यह आर्थिक संकट बड़ा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, केरल, असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुदुचेरी। इस पर पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना था कि 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में संगठन की प्रबंधन क्षमता की परीक्षा होगी। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए प्रदेश संगठन से मदद माँगी गई है। इसी दौरान राजधानी दिल्ली स्थित पार्टी का नया मुख्यालय भी एक चर्चा का विषय है। आगामी कुछ समय तक उसका निर्माण कार्य जारी रहेगा। 

2014 के आम चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद से ही कॉन्ग्रेस के लिए फंड इकट्ठा करना चुनौती से कम नहीं है। इस दौरान देश के कई बड़े राज्यों में भाजपा ने चुनाव जीत कर सत्ता हासिल की है। पंजाब, छत्तीसगढ़ और राजस्थान ही तीन ऐसे राज्य हैं जहाँ कॉन्ग्रेस की सरकार बची है। बाकी महाराष्ट्र और झारखंड में कॉन्ग्रेस सहयोगी दल की भूमिका में है, जहाँ बड़े चेहरे शिवसेना, एनसीपी और जेएमएम हैं।

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि फंडिंग एक राजनीतिक दल के लिए अहम बिंदुओं में से एक है। रिपोर्ट के मुताबिक़ कॉन्ग्रेस आर्थिक सहयोग इकट्ठा करने के लिए प्रतिनिधि नियुक्त करने की योजना पर काम कर रही है। इस आर्थिक संकट की वजह से पार्टी के सांसद और विधायक भी काफी दबाव में हैं।  

‘लड़कियों का रेप हुआ, जबरन जला दिया’: उन्नाव मामले पर कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने फैलाई फेक न्यूज़, यूपी पुलिस ने दर्ज की FIR

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने उन्नाव में दो लड़कियों की मौत और एक की गंभीर स्थिति वाली घटना को लेकर रेप की झूठी अफवाह फैलाई है। यूपी पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता के इस झूठ का पर्दाफाश किया है। उदित राज ने दावा किया था कि उनकी पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले से बात हुई है और पुलिस ने उन्हें बड़ी मुश्किल से उन्नाव के पीड़ित परिजनों से मिलने दिया। उदित राज ने लिखा, “पीड़ित परिजनों ने बताया है कि बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ है।”

उन्होंने ये भी दावा कर डाला कि मर्जी के खिलाफ मृतक लड़कियों की लाशें जला दी गईं। उन्नाव पुलिस ने प्रेस रिलीज के माध्यम से इस झूठ का भंडाफोड़ करते हुए बताया कि असोहा थाना अंतर्गत बबुरहा में हुई घटना में उदित राज ने भ्रामक, गलत और साक्ष्यों की उपेक्षा करके आक्रोश फैलाने वाली पोस्ट की है। ‘मृतकों के साथ बलात्कार होने और उनकी लाशें बिना मर्जी के जलाने’ वाली बात झूठी अफवाह है।

उन्नाव पुलिस ने कहा कि जनमानस को भड़काने के लिए इस तरह का बयान दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों लड़कियों के साथ किसी भी प्रकार के बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है। ऊपर से सच्चाई ये है कि शवों को जलाया भी नहीं गया है, उन्हें दफनाया गया है। ये काम पुलिस ने नहीं, परिजनों ने ही किया है। पुलिस ने कहा कि ये सब बिना किसी दबाव के स्वेच्छापूर्ण तरीके से किया गया। उदित राज ने फेक न्यूज़ फैलाई।

उन्नाव पुलिस ने झूठी अफवाहों का किया भंडाफोड़

उन्नाव पुलिस ने कहा है कि पूर्व सांसद ने उक्त ट्वीट जानबूझ कर मनगढंत और फर्जी ख़बरें फैलाने के लिए किया गया। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई। इसीलिए, उनके खिलाफ कोतवाली सदर उन्नाव थाना में IPC की धारा-155 और आईटी एक्ट 66 के तहत FIR दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है। उदित राज ने पुलिस पर केस की लीपापोती का आरोप लगाया था। उन्होंने यूपी भवन पर प्रदर्शन भी किया।

बता दें कि पड़ताल में पता चला है कि पूरा मामला एक तरफा प्रेम का था। लड़कियों की कीटनाशक पिलाकर हत्या करने की कोशिश हुई थी, जिनमें 2 की मौत हो गई। इस बात को आरोपित विनय ने स्वयं स्वीकार किया है। उसने बताया कि लड़की के इंकार करने पर उसने पानी की बोतल में कीटनाशक मिलाकर उसे पिलाया, लेकिन वह पानी अन्य दोनों लड़कियों ने भी पी लिया। तीनों लड़कियाँ दोनों आरोपित लड़कों को जानती थीं।

केजरीवाल के स्वास्थ्य मंत्री के कोरोना इलाज में हुए ₹2.5 लाख खर्च, सरकारी खजाने से भरा निजी अस्पताल का बिल: RTI में खुलासा

कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली में एक ओर जहाँ गरीबों को बिस्तर और दवाई नसीब नहीं हो पा रही थी, वहीं दूसरी ओर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के कोरोना वायरस के इलाज के दौरान 2,54,898 रुपए का खर्च आया है। एक आरटीआई के जवाब में इस बात की जानकारी मिली है। आरटीआई कार्यकर्ता विवेक पांडेय ने एक आरटीआई दायर कर इस मामले में जानकारी माँगी थी।

विवेक पांडेय 10 जनवरी 2021 को आरटीआई डाल कर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन के इलाज पर दिल्ली सरकार द्वारा किए गए खर्चों का विवरण माँगा था। जिसका जवाब देते हुए कहा गया है कि राजीव गाँधी सुपर स्पेशेलिटी अस्पताल में हुए इलाज का बिल ऑफिस में उपलब्ध नहीं है। वहीं, साकेत के मैक्स सुपर स्पेशेलिटी अस्पताल में उनके इलाज के दौरान 2,54,898 रुपए दिल्ली सरकार की तरफ से भरे गए थे। केजरीवाल सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन का इलाज इस अपस्ताल में 19 जून 2020 से 26 जून 2020 तक चला था।

उस समय मैक्स अस्पताल दैनिक रूप से रूटीन जनरल वार्ड के 25,090 रुपए, रूटीन ट्विन-शेयरिंग के लिए 27,190 रुपए, रुटीन वार्ड प्लस प्राइवेट रूम के लिए 30,490 रुपए, बिना वेंटीलेटर के आईसीयू के लिए 53,050 रुपए और वेंटीलेटर के साथ आईसीयू के लिए 72,550 रुपए चार्ज कर रहा था।

गौरतलब है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन में कोविड-19 के लक्षण दिखने के बाद उन्हें राजीव गाँधी सुपर स्पेशेलिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार (जून 15, 2020) को उन्हें साँस लेने में दिक्कत शुरू हुई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहाँ उन्हें कुछ समय तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। सत्येंद्र जैन ने दिल्ली सरकार से ये बिल वसूल किया था।

सत्येंद्र जैन के अस्पतला में भर्ती होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने पूछना शुरू कर दिया कि आखिर वो घर पर क्यों नहीं है? दरअसल लोगों ने उनसे यह सवाल इसलिए किया था क्योंकि इससे पहले सत्येंद्र जैन ने कोविड-19 के मरीजों को लेकर इस बात को स्पष्ट किया था कि अगर कोरोना किसी को हो भी जाता है, तो वह अस्पताल की ओर न भागें, क्योंकि उसका इलाज घर में रखकर किया जाएगा, उसे प्रॉपर गाइड किया जाएगा, डॉक्टर उसे घर पर आकर देखेंगे। हालत बहुत बिगड़ने पर ही अस्पताल में एडमिट किया जाएगा। 

बता दें कि सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के लिए बाहरी लोगों को जिम्मेदार ठहराया था। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इसकी जिम्मेदारी लेने के बजाय बाहरी लोगों पर इसका दोष मढ़ना शुरू कर दिया था। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उनका कहना था कि सक्रिय मामलों की संख्या में वृद्धि का कारण दिल्ली के बाहर के लोग हैं। जो कोरोना वायरस का टेस्ट दिल्ली में करा रहे हैं।

फायरिंग करते हुए भाग रहा था 4 साल की बच्ची से रेप करने वाला अपराधी, अब ज़िंदगी भर लँगड़ाते हुए चलेगा: UP पुलिस का कमाल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। उसमें एक अपराधी लँगड़ा कर चलता हुआ दिख रहा है और उसके पाँव में पट्टी बँधी हुई है। पुलिस उसे सहारा देकर चला रही है। दरअसल, ये घटना मेरठ के सिंभावली थाना क्षेत्र की है और उक्त अपराधी पर बलात्कार का आरोप है।

उसने एक 4 वर्षीय नाबालिग बच्ची का अपहरण कर के उसके साथ दरिंदगी की थी। पुलिस की गश्त के दौरान उससे मुठभेड़ हुई। शलभ मणि त्रिपाठी ने बताया, “UP पुलिस की गोली के असहनीय दर्द से कराहते इस दानव ने अपने परिचित परिवार की बालिका से गुनाह किया। नतीजा सामने है। डाक्टरों के मुताबिक, जान तो बच गई पर ये ताउम्र घिसट-घिसट कर ही चल पाएगा। बताते हैं, भागते वक्त फायरिंग कर रहा था, लिहाजा पुलिस को भी मजबूरन गोली दागनी पड़ी।”

बता दें कि एक स्थानीय किसान की 2 पुत्रियाँ ट्यूशन पढ़ कर आ रही थीं, लेकिन रास्ते में उसकी 4 वर्षीय पुत्री का एक बाइक सवार ने अपहरण कर लिया। बाद में बच्ची कोतवाली किठौर क्षेत्र अंतर्गत गाँव महलवाला के जंगल में बदहवास अवस्था में पड़ी हुई मिली थी। सिंभावली और किठौर थानों की पुलिस ने बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ रेप की पुष्टि हुई। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद पुलिस ने आश्वासन दिया था कि 24 घंटे में आरोपित को धर-दबोचा जाएगा।

शनिवार (फरवरी 20, 2021) को गुप्त सूचना के आधार पर यूपी पुलिस ने मध्य गंग नहर पटरी पर वाहन चेकिंग शुरू की, लेकिन बाइक पर सवाल अपराधी ने रुकने की बजाए फायरिंग शुरू कर दी और भागना की कोशिश की। पुलिस की जवाबी गोलीबारी में उसके पैर में गोली लगी और वो घायल हो गया। अनुज कुमार नामक ये अपराधी किला परीक्षितगढ़ स्थित गोविंदपुरी का निवासी है। उससे पूछताछ जारी है।

राम मंदिर-RSS के खिलाफ जहर उगलकर मुस्लिमों को डराने वाले PFI नेता अनीस अहमद के खिलाफ होगी कार्रवाई, कर्नाटक के गृहमंत्री ने भाषण को बताया देशविरोधी

कर्नाटक (Karnataka) के गृहमंत्री बासवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के महासचिव अनीस अहमद के भाषण को ‘देश विरोधी’ और ‘नफरत भरा’ करार दिया है। शुक्रवार (फरवरी 19, 2021) को बोम्मई ने कहा कि उन्होंने पुलिस से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा है।

मुस्लिमों को डराने की कोशिश करते हुए आरएसएस-राम मंदिर के खिलाफ उगला था जहर

बासवराज बोम्मई मंगलुरू के नजदीक उल्लाल में गुरुवार को ‘पॉपुलर फ्रंट डे’ के अवसर पर पीएफआई के महासचिव अनीस अहमद (Anees Ahmed) के भाषण पर प्रतिक्रिया जता रहे थे। 7 फरवरी को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस पर मंगलुरू में PFI महासचिव अनीस अहमद ने जहरीला भाषण दिया। भाषण में अनीस अहमद ने केंद्र की भाजपा सरकार और आरएसएस के खिलाफ जमकर जहर उगला था।

अहमद ने आरोप लगाए कि पीएफआई को लगातार निशाना बनाया जाता रहेगा। उन्होंने पीएफआई के गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को ‘हीरो’ बताया। साथ ही उन्होंने अनुयायियों व मुस्लिमों से कहा कि उन लोगों का बहिष्कार करें जो राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे हैं, जिस तरह उन्होंने एनआरसी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह ‘आरएसएस का मंदिर है न कि राम का मंदिर है।’

बोम्मई ने कहा, ‘‘उन्होंने देश के खिलाफ बोला है, संविधान के खिलाफ बोला है। यह देश विरोधी भाषण है, नफरत भरा भाषण है जो देश के लोगों के बीच विभाजन करने का प्रयास है। खासकर उन्होंने आरएसएस के बारे में बात की है, जो देश के सबसे अधिक देशभक्त संगठनों में एक है।’’

राज्य के गृहमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि पीएफआई नेता ने राम मंदिर के बारे में बात की जबकि उच्चतम न्यायालय ने इसके निर्माण की अनुमति दी है। मंत्री ने कहा, ‘‘पीएफआई ने कई बार अपना असली रंग दिखाया है। यह सर्वाधिक देश विरोधी और गैर जिम्मेदाराना बयान है। मैंने स्थानीय पुलिस से पूरे मामले का संज्ञान लेने और कार्रवाई करने के लिए कहा है।’’

गौरतलब है कि कर्नाटक के मंगलुरू में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के महासचिव अनीस अहमद ने आरएसएस और राम मंदिर के नाम पर भड़काऊ भाषण दिया था। अनीस अहमद ने मुसलमानों को RSS के नाम पर डराया भी और भड़काया भी। इसके बाद मुसलमानों ये ये भी कहा कि अगर अपनी आवाज़ नहीं उठाई, तो उन्हें कुचल दिया जाएगा।

उसने CAA से लेकर दिल्ली दंगे और किसान आंदोलन हर चीज़ का ज़िक्र किया और एजेंडा बिल्कुल साफ था मुसलमानों के मन में जहर घोलना। अनीस ने कहा- “इंडिया का असल दुश्मन बिना किसी संदेह के आरएसएस है। कोविड आया चला गया… पोलिया आया चला गया। इसके लिए वैक्सीन भी आ जाती है लेकिन आरएसएस ऐसा एक वायरस है जिसके लिए अभी कोई वैक्सीन नहीं आई है। इंशा अल्लाह वो वैक्सीन पॉपुलर फ्रंट लेकर आएगा।”

भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने पूर्व बसपा सांसद अकबर अहमद पर लगाया बदसलूकी का आरोप: FIR दर्ज

भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने बसपा के पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी पर अभद्रता का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में दिल्ली स्थित वसंत कुंज थाने में बसपा नेता के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई है। भाजपा नेता ने एफ़आईआर में बताया है कि 5 फरवरी 2021 को वह अपने परिचित के रात्रि भोज में शामिल हुई थीं, जहाँ बसपा के पूर्व सांसद अकबर अहमद ने उनके साथ बदसलूकी की।

घटना के बाद शाजिया इल्मी ने पुलिस से इस घटना की शिकायत की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 7 फरवरी 2021 को वसंत कुंज थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 506 (धमकी देना) और 509 (महिला के साथ दुर्व्यवहार) के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई थी।

एक समाचार समूह से बात करते हुए दिल्ली भाजपा की उपाध्यक्ष इल्मी ने कहा कि वह इस मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहती थीं। वह जिस परिचित के यहाँ गई थीं उन्होंने और उनके परिजनों ने भी अकबर अहमद को रोकने का प्रयास किया था।

इसके बावजूद पूर्व बसपा सांसद ने किसी की बात नहीं सुनी उल्टा और अपमानित करना शुरू कर दिया। इसके अलावा शिकायत में यह भी कहा गया है कि अकबर अहमद ने हिन्दू देवी देवताओं पर भी अनैतिक टिप्पणी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पूर्व बसपा सांसद ने शाजिया इल्मी को अपशब्द भी कहे।

इस आयोजन में रात के लगभग साढ़े नौ बजे कृषि कानून और भारत- दक्षिण अफ्रीका व्यापार सम्भावनाओं पर चर्चा हो रही थी। तभी पूर्व बसपा सांसद ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी की। इसके बाद शाजिया इल्मी के लिए भी अभद्र टिप्पणी की। इस घटना को लेकर अकबर अहमद की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं दक्षिण पश्चिम डीसीपी इंगीत प्रताप सिंह का इस मामले पर कहना है कि अकबर अहमद पर एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है।  

पत्रकार रह चुकी शाजिया इल्मी मूल रूप से कानपुर की रहने वाली हैं। अक्सर समाचार चैनलों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखती हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर आम आदमी पार्टी से शुरू किया था लेकिन कुछ ही समय बाद भाजपा में शामिल हो गई थीं। अकबर अहमद डंपी बसपा के टिकट पर आजमगढ़ से सांसद रह चुके हैं। 72 वर्षीय अकबर अहमद अक्सर अपने बयानों की वजह से सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। वह बसपा के टिकट पर दो बार आजमगढ़ से सांसद रह चुके हैं। पहली बार वह 1998 में सांसद चुने गए थे और इसके बाद 2008 में चुनाव जीता था। 

राम कुमार नहीं, मोहम्मद हनीफ निकला 9 साल की बच्ची का रेप और हत्या करने वाला: पहचान बदल 12 वर्षों से कर रहा था नौकरी

पश्चिम बंगाल के जोड़ाबागान में एक बलात्कार और हत्या के मामले में जाँच के दौरान आरोपित को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। 9 वर्षीय नाबालिग लड़की के रेप एवं मर्डर केस में गिरफ्तार आरोपित के बारे में पता चला है कि वो पिछले 12 वर्षों से अपनी पहचान छिपा कर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। बिहार और झारखंड में फर्जी पते के जरिए उसने जाँचकर्ताओं को भी गुमराह किया। आरोपित का नाम मोहम्मद हनीफ है।

लेकिन, वो राम कुमार उर्फ़ लम्बू के नाम से रह रहा था और एक स्थानीय इमारत में बतौर सिक्योरिटी गार्ड कार्यरत था। उसने खुद को समस्तीपुर और गिरिडीह का निवासी बताया था, लेकिन पुलिस को पता चला है कि वो झारखंड के देवघर का रहने वाला है। उसने फर्जी पते के साथ अपने फर्जी दस्तावेज भी बना लिए थे। बंगाल पुलिस की टीम बिहार-झारखंड में उसके बारे में पता लगाने निकली थी, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे।

अब इन नई सूचनाओं को लेकर उससे फिर से पूछताछ की जाएगी। देवघर पुलिस उसका इतिहास खँगाल रही है और उन सूचनाओं का बंगाल पुलिस को भी आगे की कार्रवाई के लिए इंतजार है। जॉइंट सीपी (क्राइम) मुरलीधर शर्मा ने बताया कि बैकग्राउंड की जाँच न होने की वजह से मोहम्मद हनीफ को ये जॉब मिल गई थी। एक अन्य आरोपित रणवीर ताँती उर्फ़ रघुवीर की पहचान को लेकर भी अब संदेह खड़ा हो गया है।

पुलिस इसकी भी जाँच कर रही है। वो मार्बल काटने की तकनीक में दक्ष है। पुलिस फाइनल चार्जशीट में इस धोखाधड़ी वाली करतूत का भी डिटेल में वर्णन करेगी। पुलिस ये पता कर रही है कि उसने इस काण्ड की साजिश पहले ही तो नहीं रच ली थी। ये मामला फरवरी 3, 2021 का है। नाबालिग पीड़िता ने कुछ ही दिन पहले अपना नौवाँ जन्मदिन मनाया था। सोवाबाजार में उसका घर था, लेकिन वो अपनी बड़ी बहन के साथ मामा के यहाँ आई हुई थी।

पहुँचने के कुछ ही देर बाद वो अपनी दोस्तों के साथ बाहर खेलने निकली थी। बच्ची की नानी ने उसे पहले ही उस इमारत के पास जाने से मना किया था जहाँ ये वारदात हुई, लेकिन लुका-छिपी खेलते-खेलते वो वहाँ चली गई। आरोपित ने उसे बिरयानी और चिप्स का लालच दिया। इसके बाद उसका रेप किया गया और फिर हत्या कर दी गई। उस समय वो शराब के नशे में भी था। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल भी कर ली थी।

ट्विटर ने सस्पेंड किया रिंकू शर्मा के परिवार के लिए ₹1 करोड़ जुटाने वाली वैशाली पोद्दार का अकाउंट

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर ने भाजपा नेता वैशाली पोद्दार का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने बताया कि ट्विटर ने बिना कोई कारण बताए ये हरकत की है। उन्होंने ‘ब्रिंग बैक वैशाली’ हैशटैग ट्रेंड कराने की भी अपील की। वैशाली पोद्दार दिल्ली के मंगोलपुर में हुए रिंकू शर्मा हत्याकांड के बाद उनके परिजनों के लिए धन इकट्ठा करने के अभियान में शामिल रही थीं।

उन्होंने ही ‘Crowdcash’ नामक वेबसाइट पर रिंकू शर्मा के परिवार के लिए धन दान करने हेतु अपील की थी, जिसका पूर्व मंत्री कपिल शर्मा ने समर्थन किया था। इस अभियान के तहत 1 करोड़ रुपए की धनराशि इकट्ठी कर के रिंकू शर्मा के परिवार को दी गई। वैशाली ट्विटर के माध्यम से लगातार इस अभियान का प्रचार-प्रसार कर रही थीं और रिंकू शर्मा के परिवार को न्याय दिलाने की माँग भी कर रही थीं।

वैशाली पोद्दार ट्यूनीशिया में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में जा चुकी हैं। उन्होंने भाजयुमो में जिला उपाध्यक्ष और भाजपा में जिला आईटी इंचार्ज का पद संभाला था। साथ ही वो BJYM दिल्ली की स्टेट एग्जीक्यूटिव सदस्य भी रह चुकी हैं। रिंकू शर्मा की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भी वो उपस्थित रही थीं। रमेश सोलंकी और कपिल मिश्रा सहित कई नेताओं ने उनके समर्थन में ट्विटर इंडिया को टैग कर के ट्वीट किया।

Twitter ने भाजयुमो नेता वैशाली पोद्दार का हैंडल सस्पेंड किया

बिहार से ताल्लुक रखने वाली वैशाली पोद्दार के समर्थन में कई अन्य लोगों ने भी ट्वीट्स किए। एक यूजर ने लिखा कि राष्ट्रवादियों के अकाउंट को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और अमेरिका के बाद ट्विटर अब भारत में इस तरह की हरकतें कर रहा है। कई लोगों ने पूछा कि क्या किसी हिन्दू की हत्या के बाद उसके परिवार की सहायता करना कोई अपराध है? लोगों ने सरकार से भी ट्विटर के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

संत जोसेफ स्कूल का संचालक बेंजामिन छात्र से अप्राकृतिक यौनाचार के मामले में गिरफ्तार, कमरे में बुलाकर किया गंदा काम

बिहार के लखीसराय में एक स्कूल के निदेशक द्वारा छात्र के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करने का मामला सामने आया है। छात्र के अप्राकृतिक यौन शोषण का ये मामला कबैया थाना क्षेत्र बायपास रोड स्थित संत जोसेफ स्कूल (St. Joseph’s School) का है। आरोप है कि स्कूल के संचालक बेंजामिन जयपाल ने कक्षा 6 के एक छात्र को अपने कमरे में बुला कर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। कबैया पुलिस ने इस घृणित हरकत की सूचना मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।

छात्र को मेडिकल जाँच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। परिजनों ने बताया कि उक्त छात्र घर लौटते समय रो रहा था। जब उसे पूछा क्या कि बात क्या है? तो उसने बताया कि स्कूल के निदेशक ने उसके साथ ‘गंदी हरकत’ की है। परिजनों ने माँग की है कि बेंजामिन जयपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जबकि, निदेशक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा और बेबुनियाद करार दिया है।

हिन्दू संगठनों और स्थानीय लोगों ने जताया आक्रोश

आरोपित निदेशक का कहना है कि उक्त छात्र की माँ के साथ कुछ दिनों पहले उसका विवाद हुआ था, इसीलिए बदले की भावना से उसके खिलाफ ये आरोप लगाए गए हैं। कबैया थानाध्यक्ष राजीव कुमार छात्र का बयान और आरोपित निदेशक से पूछताछ में लगे हुए हैं। डीएसपी रंजन कुमार ने आश्वासन दिया कि इस मामले का स्पीड ट्रायल कराकर दोषी को सजा दिलाने का कार्य पुलिस द्वारा किया जाएगा। उन्होंने पीड़ित को न्याय दिलाने की बात कही।

‘हिंदुस्तान’ के स्थानीय संस्करण में प्रकाशित खबर (साभार)

छात्र ने पुलिस को बताया कि निदेशक ने सबसे पहले तो उसे अपने कमरे में बुलाया और पाँव दबवाने लगा। इसके बाद उसने गलत कार्य किया और विरोध करने पर छात्र को पिटाई की धमकी दी। छात्र की आक्रोशित माँ ने स्कूल में निदेशक का दरवाजा खटखटाया लेकिन वो बाहर नहीं निकला, जिसके बाद उसने पुलिस में जाकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने कहा कि इस तरह की हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

माँ और पुलिस का बयान (साभार: लखीसराय लाइव)

स्थानीय हिन्दू कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए कहा कि बुद्धिजीवी वर्ग छात्र के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करने वाले आरोपित बेंजामिन को बचाने में लगा हुआ है और ऐसी स्थिति रही तो लखीसराय में हिन्दुओं का सर्वनाश हो जाएगा। स्थानीय लोगों ने आरोपित को फाँसी देने की माँग करते हुए मार्च निकाला। पीड़ित माँ ने भी उक्त स्कूल निदेशक को कड़ी सजा देने की माँग करते हुए कहा कि बात एक बच्चे की नहीं है, उस स्कूल में कई बच्चे पढ़ते हैं और सभी परिजन चिंतित हैं।