बकैत के पोस्ट और प्राइम टाइम से पता चलता है कि उसे मालूम था कि किसान क्या करने वाले हैं!
गाजीपुर बॉर्डर पर टिकैत सहित किसान नेताओं को अल्टीमेटम: भारी सुरक्षा बल की तैनाती में शुरू डेरा-डंडा उखाड़ने की तैयारी
किसान आंदोलन का अराजक चेहरा देखने के बाद यूपी पुलिस एक्शन मोड में है। गाजियाबाद जिला प्रशासन ने गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दिया है। कहा गया है कि जल्द ही जगह को खाली कर दिया जाए। मौके पर जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडेय समेत प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी मौजूद हैं। उनके अलावा भारी मात्रा में सुरक्षा बल की तैनाती हो गई है। दोपहर को फ्लैग मार्च भी किया गया है।
जिलों के डीएम-एसपी से कहा गया है कि वे अपने-अपने जिलों में धरने पर बैठे किसानों से अपील करें कि वे अपने-अपने घरों को लौट जाएँ। प्रशासन की ओर से किसानों के घर लौटने के लिए बस की व्यवस्था किए जाने की भी बात कही जा रही है।
#BreakingNews : भारतीय किसान यूनियन अध्सक्ष नरेश टिकैत ने धरना खत्म करने को कहा
— ABP News (@ABPNews) January 28, 2021
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इंडिया टुडे में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि प्रदर्शनस्थल पर टेंट आदि समेट लिए गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरह से जारी रहेगा। पुलिस चाहे तो गिरफ्तार कर सकती है। वह सरेंडर नहीं करेंगे। जरूरत पड़ने से ग्रामों से और लोगों को बुलाया जाएगा।
#BREAKING | गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का धरना खत्म कराने की तैयारी; गाजियाबाद के DM, SP यूपी गेट पहुंचे
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इसके साथ ही किसान नेता युद्धवीर सिंह ने कहा है कि वह अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे, चाहे तो प्रशासन उन्हें गिरफ्तार कर ले। इधर, भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष नरेश टिकैत ने धरना खत्म करने को कहा है।
ताजा सूचना के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की मनमानी के चलते गाजीपुर बॉर्डर पर स्थानीयों ने किसान आंदोलन के विरोध में नारेबाजी की है। इससे पहले बता दें उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार ने गुरुवार को दिल्ली की हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण कहा था।
उन्होंने कहा था कि घटना के बाद कुछ किसान संगठनों ने स्वेच्छा से नोएडा के चिल्ला बॉर्डर और दलित प्रेरणा स्थल से आंदोलन वापस ले लिया है। जहाँ तक बागपत का संबंध है, स्थानीय अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उन्होंने किसानों को एनएचएआई की परियोजना के बारे में समझाया और उन्होंने बुधवार रात अपना धरना समाप्त कर दिया। यूपी गेट पर अब भी कुछ लोग डटे हुए हैं, हालाँकि, अब उनकी संख्या पहले से काफी कम हो गई है।
एडीजी प्रशांत कुमार ने साफ कहा कि अगर दिल्ली पुलिस ने हिंसा के संबंध में उनकी कोई मदद माँगी तो वो उनकी (यूपी पुलिस) मदद जरूर करेंगे। वह कहते हैं, “हम ऐसे किसी भी तत्व की अनुमति नहीं देंगे जिसने राष्ट्रीय पर्व के दौरान हमारे राज्य में ऐसा किया हो। लोगों ने हमें आश्वासन दिया है कि वे किसी भी उपद्रवी तत्व को आश्रय नहीं देंगे।”
बता दें कि यूपी गेट पर गाजियाबाद जिले के सभी थानों से फोर्स बुला ली गई है। जिला प्रशासन ने किसानों को यूपी गेट खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। पुलिस यूपी गेट पर ड्रोन कैमरे से निगरानी कर रही है। साथ ही यूपी गेट पर कुछ लोग पहुँचे हैं, जो ‘हमारी बॉर्डर खाली करो’ के नारे लगा रहे हैं। इसी प्रकार चिल्ला बॉर्डर पर भी आंदोलन को वापस ले लिया गया है। वहाँ भारी मात्रा में पुलिस की तैनाती हुई है। टिकरी बॉर्डर पर भी सुरक्षा कड़ी है। यहाँ किसान कानून का विरोध कर रहे हैं।
ट्रैक्टर रैली ने महिलाओं को रौंदा: 2 की मौत, 5 की हालत नाजुक- बहुत ही खौफनाक है Video
26 जनवरी को किसानों की तरफ से निकाली जा रही ट्रैक्टर रैली के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। पंजाब के अमृतसर में किसानों के समर्थन में निकली जा रही रैली में अचानक से एक ट्रैक्टर ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया और कई महिलाओं को रौंद दिया। इस घटना में 2 महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं 5 महिलाओं को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं।
2 Old Women were Killed & 3 got Injured when a Tractor ran over them during Tractor Parade#FarmersProtest pic.twitter.com/hWGIq4olWY
— Chhoro Marwadi (@ChhoroMarwadi) January 28, 2021
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना मंगलवार को अमृतसर के अटारी-वेरका बाईपास पर स्थित कस्बा वल्ला में निकाली जा रही ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई। जिसमें भारी संख्या में महिलाएँ और बच्चे शमिल थे। इस दौरान पानी का टैंकर लेकर आ रहे एक ट्रैक्टर के चालक का इस पर से नियंत्रण खो गया। उसने टैंकर सहित ट्रैक्टर विरोध मार्च कर रही महिलाओं पर चढ़ा दिया और उन्हें रौंदते हुए कई मीटर तक चला गया।
मौके पर पहुँची स्थानीय पुलिस की तरफ से ड्राईवर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसकी पहचान सुख पुत्र गुलजार सिंह निवासी गाँव मक्खण विंडी के रूप में हुई है, जो कि राज मिस्त्री का काम करता है। पुलिस पूछताछ में दोषी चालक ने बताया कि उसे टैंकर चलाना नहीं आता था। न ही उसके पास कोई लाइसेंस है। पुलिस की तरफ से ड्राईवर को गिरफ्तार करके अगली कार्रवाई की जा रही है।
वल्ला के एसएचओ संदीप शर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि, आरोपित ने स्वीकार किया कि उसे ट्रैक्टर चलाना नहीं आता था। न ही उसके पास कोई लाइसेंस था। पुलिस ने दोनों महिलाओं के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बाकी घायल महिलाओं को भर्ती कराया गया है। वहीं इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल पसर गया। साथ ही ट्रैक्टर परेड भी स्थगित कर दी गई।
गौरतलब है कि 26 जनवरी को ही आईटीओ पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते समय प्रदर्शनकारी नवनीत का ट्रैक्टर पलट गया था। जिसके चलते उनकी मौत हो गई थी। नवनीत की मौत के बाद परिवार वालों ने बताया कि पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हुई हैं। मगर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गया है और इसकी पुष्टि हो गई है कि किसान की मौत गोली लगने से नहीं बल्कि ट्रैक्टर पलटने से हुई थी।
‘कॉन्ग्रेस नेता ने बेटी को बनाया बंधक’ – मंत्री के सामने माँ-बेटी ने थप्पड़-चप्पलों से पीटा: भाग कर खाया जहर
कॉन्ग्रेस नेताओं की चुनौतियाँ ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं, चाहे राजनीतिक हों या सामाजिक। ऐसी ही एक घटना हुई छत्तीसगढ़ स्थित अंबिकापुर के सरगुजा में, जहाँ एक महिला ने अपनी दो बेटियों के साथ मिल कर युवा कॉन्ग्रेस नेता ओनिमेश सिन्हा को थप्पड़ मारा और चप्पल से पिटाई की। घटना के वक्त सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहेरिया भी मौजूद थे।
इस घटना के बाद कॉन्ग्रेस नेता ने जहर खा लिया। जहर खाने से पहले ओनिमेश सिन्हा ने फेसबुक पर एक पोस्ट भी किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “मैं जा रहा हूँ साथियों भोलेनाथ के पास, अलविदा! मेरे जाने के बाद सत्य की जीत होगी अलविदा।”
फ़िलहाल युवा कॉन्ग्रेस नेता ओनिमेश सिन्हा को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस घटना की वजह से कॉन्ग्रेस के छत्तीसगढ़ नेतृत्व में खलबली मची हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सरगुजा स्थित शंकरगढ़ क्षेत्र की निवासी महिला ने आरोप लगाया था कि युवा कॉन्ग्रेस नेता ओनिमेश सिन्हा ने उनकी बड़ी बेटी को बंधक बनाया था। महिला ने इस घटना की शिकायत कोतवाली में की थी। इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता की माँ ने आईजी से भी शिकायत की थी।
26 जनवरी के मौके पर ओनिमेश सिन्हा छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री शिव डहेरिया से मिलने सरगुजा सर्किट पहुँचे। पीड़िता की माँ को इस बात की जानकारी मिली तो वह अपनी दो बेटियों के साथ वहाँ पहुँच गईं। पहुँचते ही उन्होंने युवा कॉन्ग्रेस नेता को सभी के सामने थप्पड़ जड़ दिया। उनके तेवर देख कर ओनिमेश को वहाँ से भागना पड़ा।
इस घटना की जानकारी मिलते ही एसपी टीआर कोशिमा मौके पर पहुँचे और उन्होंने हालात सामान्य कराए। इस बात से निराश होकर ओनिमेश ने गुरूवार की सुबह जहर खा लिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर्स का कहना है कि वह फ़िलहाल ख़तरे से बाहर हैं लेकिन उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
कॉन्ग्रेस के अन्य नेताओं का कहना है कि ये वारदात ओनिमेश का राजनीतिक करियर ख़त्म करने की साजिश है। ये कॉन्ग्रेस नेता की छवि धूमिल करने और उन्हें साज़िश में फँसाने के लिए किया गया है।
आरोप लगाने वाली महिला ने ओनिमेश सिन्हा की शिकायत मंत्री शिव डहेरिया से भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ओनिमेश उनके मोहल्ले में घुस कर गाली-गलौच और मारपीट कर चुका है। उन पर पहले से ही तमाम आपराधिक मामले दर्ज हैं। महिला की सारी बातें सुनने के बाद शिव डहेरिया ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी।
अब TV पर नहीं दिखेंगे* राजदीप सरदेसाई, इंडिया टुडे ने काट ली एक महीने की सैलरी भी: रिपोर्ट्स
इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई को लेकर खबर है कि प्रबंधन ने उन्हें ऑफ एयर कर दिया है। इसके अलावा उनकी एक माह की सैलरी भी काटे जाने की सूचना है। जानकारी के मुताबिक सरदेसाई पर यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर उनके कुछ पोस्ट्स को लेकर की गई है।
कथिततौर पर उनके ट्विट्स राष्ट्रपति कोविंद व 26 जनवरी के दिन मारे गए किसान से संबंधित थे। उन पर फर्जी खबर फैलाने का भी आरोप है। प्रबंधन ने राजदीप के ट्वीट्स को ग्रुप की सोशल मीडिया पॉलिसी से अलग माना है। इसीलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 2 हफ़्ते के लिए ऑफ़ एयर कर दिया। साथ ही 1 महीने सैलरी न देने का निर्णय लिया।
Sources in India Today telling me Rajdeep Sardesai taken off air over unverified tweet. Faces one month salary cut, high likelihood of him quitting
— Abhijit Iyer-Mitra (@Iyervval) January 28, 2021
बता दें कि इससे पहले राजदीप के बयानों के कारण उनका विरोध सोशल मीडिया पर खूब हुआ था। सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एम नागेश्वर राव ने उन्हें लेकर लिखा था, “राजदीप भारत के विरोध में उकसाने के लिए जाने जाते हैं।” उन्होंने इंडिया टुडे से सरदेसाई की बातचीच का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “यह वीडियो स्पष्ट रूप से भारत सरकार के खिलाफ जंग छेड़ने के अपराध को स्थापित करता है जो आईपीसी धारा 121 के तहत दंडनीय है जिसकी सजा मौत या आजीवन कारावास होती है। दिल्ली पुलिस को इसे हिरासत में लेना चाहिए।”
Rajdeep Sardesai is a known anti-India agent provocateur.
— M. Nageswara Rao IPS(R) (@MNageswarRaoIPS) January 27, 2021
This?video clearly establishes his crime of abetting waging of war against Government of India punishable under section 121 IPC with death or life imprisonment.@DelhiPolice @CPDelhi should book him.@HMOIndia@PMOIndia pic.twitter.com/3U8dzCzN3q
गौरतलब है कि अक्सर अपने ट्विटर अकाउंट से फर्जी खबरें फ़ैलाने वाले राजदीप सरदेसाई को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जाती है। गणतंत्र दिवस की सुबह से ही किसानों के प्रदर्शन के बीच, दिल्ली के DDU मार्ग पर एक व्यक्ति की ट्रैक्टर पलटने के कारण मौत हो गई थी। आईटीओ के पास पूरे चौक पर सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर खड़े रहे। जिसे लेकर समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक और फेक न्यूज़ फैला दी और पोल खुलने पर अपना ट्वीट चुपके से डिलीट भी कर दिया।

दरअसल, राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है। राजदीप ने ट्विटर पर लिखा, “पुलिस फायरिंग में आईटीओ पर 45 साल के नवनीत की मौत हो गई है। किसानों ने मुझे बताया कि उसका ‘बलिदान’ व्यर्थ नहीं जाएगा।”
लेकिन हकीकत ये है कि ट्रैक्टर रैली और उपद्रव के दौरान जिस व्यक्ति की मौत हुई, वह पुलिस फायरिंग में नहीं, बल्कि ट्रैक्टर पलटने से मारा गया था। दरअसल, ड्राइवर ने काफी तेज रफ्तार से चल रहे ट्रैक्टर को अचानक से मोड़ दिया, जिसकी वजह से संतुलन बिगड़ गया और ट्रैक्टर पलट गया। इस दौरान किसान की मौत हो गई। सोशल मीडिया पर लोग ‘ट्विटर’ से सवाल कर रहे हैं कि क्या फेक न्यूज़ फ़ैलाने और राजधानी में दंगे भड़काने का प्रयास कर रहे राजदीप सरदेसाई का अकाउंट प्रतिबंधित किया जाएगा या नहीं?
गाजीपुर बॉर्डर पर एक्शन में UP पुलिस, किया फ्लैग मार्च: ‘किसानों’ पर कभी भी हो सकती है कार्रवाई!
गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच वहाँ भारी सुरक्षा बल की तैनाती हो गई है। खबर है दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर बॉर्डर में यूपी पुलिस और केंद्रीय बलों ने फ्लैग मार्च किया है। न्यूज 24 पत्रकार प्रभाकर कुमार मिश्रा ने प्रदर्शनस्थल से वीडियो जारी करके इसकी जानकारी दी।
उन्होंने दिखाया कि कैसे बॉर्डर पर फ्लैग मार्च हो रहा है। इसमें वह सारी गतिविधियों को देख कर कहते नजर आ रहे हैं कि संदेश साफ है कि कभी भी किसानों पर कार्रवाई हो सकती है।
#FarmersProtest गाज़ीपुर बॉर्डर, फ्लैग मार्च। @news24tvchannel pic.twitter.com/tDMx9Min6f
— Prabhakar Kr Mishra (@PMishra_Journo) January 28, 2021
बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर के पास किसानों के आंदोलन के मद्देनजर भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी को करीब दस कंपनियाँ तैनात हैं। गाजियाबाद पुलिस के भी बड़े अफसर यहाँ पर तैनात हैं।
इससे पहले गणतंत्र दिवस पर घटी घटना के बाद यूपी के बागपत में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 दिन से चल रहे धरने को रातोंरात हटवा दिया था। वहाँ भी पुलिस फोर्स की तैनाती हुई थी। अब गाजीपुर में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों का दल यहाँ धरने पर बैठा है।
ट्विटर पर सक्रिय अकॉउंट्स से दावा किया जा रहा है कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसी भी समय यूपी पुलिस अपनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। वहाँ यूपी परिवहन की बसें मँगा ली गई हैं और पुलिस के वाहन भी मौके पर मौजूद हैं।
गाजीपुर बॉर्डर पर किसी भी समय यूपी पुलिस का लट्ठ बजना प्रारम्भ हो सकता है।
— Prashant Patel Umrao (@ippatel) January 28, 2021
यूपी परिवहन की बसें मंगा ली गयी हैं और पुलिस के वाहन मौजूद हैं।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने लिखा है, “शाहीनबाग, घंटाघर, हाथरस में एजेंडे के लिए बेनकाब नक्सली फिर UP में झूठ फैलाने बढे़ हैं। ये वही हैं, जिनकी ज़ुबान से लाल किले पर एक शब्द ना फूटे। UP Police के प्रयास से धरने शांतिपूर्वक खत्म हुए। UP प्रभु राम की झाँकी को पहला स्थान मिलने की खुशी में डूबा है। यहाँ दिलजलों की दाल नहीं गलेगी।”
शाहीनबाग,घंटाघर,हाथरस में एजेंडे के लिए बेनकाब नक्सली फिर UP में झूठ फैलाने बढे़ हैं,ये वही हैं जिनकी ज़ुबान से लालकिले पर एक शब्द ना फूटे,UP Police के प्रयास से धरने शांतिपूर्वक खत्म हुए,UP प्रभु राम की झांकी को पहला स्थान मिलने की खुशी में डूबा है,यहां दिलजलों की दाल नहीं गलेगी
— Shalabh Mani Tripathi (@shalabhmani) January 28, 2021
सना खान के अतीत पर वीडियो: इस्लाम के रास्ते पर निकल चुकी हिरोइन ने कहा – ‘मत बनाओ, यह पाप है’
बॉलीवुड में पहचान बनाने के बाद इस्लाम के रास्ते पर चलने वाली सना खान एक बार फिर अपनी पुरानी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल इस बार उन्होंने अपने ट्रोल्स को जवाब दिया है। सना खान ने बताया कि एक यूजर ने उनके बीते कल पर वीडियो तैयार किया और उनके बारे में नेगेटिव बातें कीं। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि ऐसे करके किसी को भी डिप्रेशन में मत डालो।
अपनी पोस्ट में सना ने लिखा, “कुछ लोग मुझ पर लंबे समय से नकारात्मक वीडियो बना रहे हैं, लेकिन मैंने संयम बनाया हुआ था। मगर हाल ही में एक व्यक्ति ने मेरे पास्ट के बारे में हाईलाइट कर वीडियो बनाया और मेरे बारे में अजीबोंगरीब बातें कीं। क्या आप यह नहीं जानते हैं कि सामने वाले व्यक्ति को उसकी गलती का एहसास दिलाना, जिससे वह पहले ही तौबा कर चुका है, पाप है। इस बात से मेरा दिल टूट गया है।”
सना ने नेगेटिव वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का नाम न बताते हुए पोस्ट में लिखा, “मैं उसका नाम नहीं बताना चाहती क्योंकि मैं वो नहीं करना चाहती, जो उस शख्स ने मेरे साथ किया है, लेकिन यह सब बहुत बुरा है। अगर आप किसी का समर्थन नहीं कर सकते हैं तो कृपया शांत रहें। किसी को अवसाद की ओर मत धकेलिए, ऐसे भद्दे कमेंट करके, जिससे उस व्यक्ति को बार-बार उसके अतीत पर शर्मिंदगी महसूस हो। कई बार आप इन सब चीजों से आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन कुछ मेरे जैसे भी होते हैं, जो सोचते हैं कि काश वह वापस उस दौर में जाकर चीजों को बदल सकते। कृपया अच्छे रहें और लोगों को वक्त के हिसाब से बदलने दें।”
गौरतलब है कि मुफ्ती अनस से निकाह के बाद चर्चा में बनी रहने वाली सना खान ने पिछले साल फरवरी में अपने पूर्व प्रेमी मेल्विन लुईस से ब्रेक अप किया था। उन्होंने कोरियाग्राफर पर बेवफाई का आरोप लगाया था। साथ ही एक लंबा पोस्ट लिखा था। उन्होंने कहा था:
“मेरा मेल्विन के साथ ब्रेकअप हो गया है, क्योंकि वह मुझे धोखा दे रहा था। मैंने उसे पूरे दिल से प्यार किया था और उसके प्रति कमिटेड थी। बदले में मुझे जो मिला, उससे मुझे दुख पहुँचा है और मैं हिल गई हूँ। मुझे चिंता हो रही है और मैं डिप्रेशन में हूँ।”
धोखे के बारे में पूछे जाने के बाद उन्होंने कहा था,
“कुछ दिन पहले मुझे लगा कि वह कुछ कर रहा है। चूँकि मुझे संदेह था, इसलिए मैंने उसका मोबाइल फोन ले लिया, जिसे उसने मुझसे वापस ले लिया और मैसेजे डिलीट करना शुरू कर दिया। तब मुझे एहसास हुआ कि लोगों ने मुझे उसके बारे में जो भी बताया था, वह सच था और मैंने रिश्ता खत्म कर दिया। मुझे बाद में यह भी पता चला है कि वह पहले से ही किसी और को डेट कर रहा है। मुझे पता है कि वह लड़की कौन है, लेकिन उसका नाम उजागर करना मेरे लिए ठीक नहीं है।”

