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पत्रकारिता से जुड़ी हर बड़ी संस्था बेकार हो चुकी है: अशोक श्रीवास्तव, टीवी पत्रकार (डीडी न्यूज)

अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के सामने विरोध प्रदर्शन हुआ। यहीं पर हमने टीवी पत्रकार अशोक श्रीवास्तव से इस मुद्दे पर बातचीत की। उनसे जब एक चैनल को टारगेट करके हजारों पत्रकार पर श्रृंखलाबद्ध तरीके से किए गए हमले और बाकी ‘पत्रकारों’ की चुप्पी पर राय पूछी गई तो उन्होंने कहा, “मैं मानता हूँ कि जो लोग आज चुप बैठे हैं, वो पत्रकार नहीं, ‘पत्तलकार’ हैं। जो पत्तल लेकर बैठे रहते हैं कि सरकार उनकी पत्तल में कुछ डाल दे।”

वो आगे कहते हैं कि ये पत्रकार सरकार के पैसे और सहानुभूति पर ही पलते हैं और अभी इसलिए विरोध नहीं कर रहे हैं कि कल को कहीं अगर केंद्र में कॉन्ग्रेस समर्थित सरकार आ गई तो इन्हें बंगले और विदेशी यात्राओं की सुविधा नहीं मिलेगी। उनका कहना था कि एक जज पर हमला होता है, तो पूरे जज एक हो जाते हैं, एक वकील पर हमला होता है, तो पूरे वकील एक हो जाते हैं, लेकिन पत्रकारों की कौम एक साथ नहीं होती, क्योंकि वो सरकार के दम पर पलते हैं।

वहीं, ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ या ‘प्रेस क्लब’ जैसी बड़ी संस्थाओं के बारे में बात करते हुए अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि ये सभी संस्थाएँ अप्रासंगिक हो चुकी है। ये बिकी हुई कलम के लोग हैं। अशोक श्रीवास्तव ने कहा, “बहुत सारे आवाज न उठाने वाले पत्रकार इसलिए भी परेशान हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इसने इतनी जल्दी टीआरपी ले ली। इसने हमारी टीआरपी खत्म कर दी। एक साल में 2 चैनल खड़े कर दिए। अगर आप में दम है तो अर्णब से कॉम्पिटीशन कीजिए। आप उससे बड़ा एम्पायर खड़ा कीजिए, लेकिन नहीं कर पाओगे तो कहोगे कि ये तो पत्रकारिता नहीं है। आप कौन हो सर्टिफिकेट देने वाले?”

अशोक श्रीवास्तव ने इण्डिया टुडे के प्रोपेगेंडा पत्रकार राजदीप सरदेसाई और एनडीटीवी के प्रोपेगेंडा पत्रकार रवीश कुमार की पत्रकारिता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वो जो कुछ भी कर रहे हैं, वो पत्रकारिता है क्या? पत्रकारिता का सर्टिफिकेट कोई किसी को नहीं दे सकता है।

अशोक श्रीवास्तव के साथ हमारी पूरी बातचीत इस लिंक पर क्लिक करके देखें

बाला साहब की नालायक औलाद ने राष्ट्र का विश्वास तोड़ा: हिमंत बिस्वा सरमा

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की बुधवार (अक्टूबर 04, 2020) सुबह मुंबई पुलिस द्वारा जबरन गिरफ्तारी करने के बाद, बहुत से लोग उनके समर्थन में आए हैं। वहीं असम के शिक्षा और वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उद्धव सरकार को जमकर लताड़ा है। हिमंत बिस्वा सरमा ने उद्धव ठाकरे को बालासाहेब ठाकरे का नालायक बेटा तक कहा।

सरमा ने कहा कि उद्धव ने राष्ट्र के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बाला साहेब ठाकरे का नालायक बेटा करार दिया और कहा कि ठाकरे ने अपने दिवंगत पिता, महाराष्ट्र और देश को बदनाम किया है।

सरमा ने मुंबई के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह पूरे भारत में सबसे कायर अधिकारी हैं। उन्होंने कहा- “मैंने सुना था कि मुंबई पुलिस कमिश्नर एक मजबूत अधिकारी थे लेकिन अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार करने के लिए उन्हें एके-47 के साथ पुलिस भेजनी पड़ी, इसका मतलब है कि वह पूरे भारत में सबसे कायर अधिकारी हैं।”

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि महाराष्‍ट्र सरकार को फौरन अर्णब गोस्‍वामी को रिहा करना चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। असम के लोग उनकी करतूत को बारीकी से देख रहे हैं। सीएम को लोकतंत्र की आवाज सुननी चाहिए और एक साधारण पत्रकार को परेशान नहीं करना चाहिए।

महाराष्ट्र सरकार की आलोचना करते हुए, असम के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे ‘राजनीति से प्रेरित’ कदम बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसा लगता है जैसे ‘महाराष्ट्र में आपातकाल के दिन वापस आ गए हैं।’

गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के संस्थापक अर्णब गोस्वामी की गिरफ़्तारी की निंदा की थी। उन्होंने कहा कि ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ और अर्णब गोस्वामी के खिलाफ सत्ता की शक्ति का दुरूपयोग करना व्यक्तिगत अधिकारों का हनन है। अमित शाह ने गोस्वामी पर कार्रवाई को लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला करार दिया।

इसी कड़ी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले पर ‘लेफ्ट-लिबरल’ लोगों की चुप्पी पर सवाल उठाया। उद्धव सरकार की आलोचना करते और कॉन्ग्रेस को घेरते हुए उन्होंने पूछा,”महाराष्ट्र सरकार आपातकाल को वापस लाने की कोशिश कर रही है।”

उन्होंने उल्लेख किया कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में काफी समय से अपशब्द कहे जाते रहे हैं लेकिन बीजेपी ने दूर-दूर तक भी वो नहीं किया जो कॉन्ग्रेस ने किया है।”

वहीं कंगना रनौत ने महाराष्ट्र की सरकार को ‘सोनिया सेना’ करार देते हुए कहा कि उनसे पहले तो कितने ही बलिदानियों के गले काटे गए और उन्हें लटका दिया गया, सिर्फ फ्री स्पीच के लिए। उन्होंने कहा, “एक आवाज़ बंद करेंगे तो कई आवाज़ें उठ जाएँगी। कितनी आवाजों को बंद करेंगे आप?”

कंगना ने पूछा कि आपको कोई पेंगुइन, पप्पू सेना या सोनिया सेना कहता है तो गुस्सा क्यों आता है? उन्होंने कहा कि आप ये सब हो, तभी कोई कहता है। बता दें कि मुंबई पुलिस ने अर्नब गोस्‍वामी को एक इंटीरियर डिजाइनर की आत्महत्या से जुड़े दो साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया है।

‘मेरे साथ 9 पुलिसवालों ने मारपीट की, मुझे धक्का दिया’: अर्णब ने दिखाए हाथ पर चोट के निशान, कल होगी सुनवाई

मुंबई पुलिस ने आज सुबह रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। कथित तौर पर इस दौरान पुलिस ने उनके और उनके नाबालिग बेटे के साथ हाथापाई की और परिजनों से बदतमीजी भी की। वहीं, अब अर्णब ने वीडियो संदेश जारी कर इस बात की पुष्टि की है कि मुंबई पुलिस ने उनके साथ मारपीट की।

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्णब ने अपने वीडियो में कहा, उनके साथ प्रदीप पाटिल समेत 8 पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की है और मारपीट की है। उन्हें धक्का दिया और गले से पकड़ा। उन्होंने कहा, पुलिस द्वारा जबरन मुझे घर से उठाकर लाया गया है। यहाँ तक कि मेरे पैरों में जूते भी नहीं थे।

अर्णब ने हाथ में जख्म भी दिखाया और कहा कि, मैंने डॉक्टरों को अपनी चोट दिखाई, जो कि उनके अनुसार मुंबई पुलिस द्वारा उनके साथ की गई मारपीट में उन्हें लगी है। इस दौरान आप देख सकते है कि वीडियो में पुलिस उन्हें ले जाती हुई दिख रही और वो पुलिस से लगातार धक्का न देने की बात भी कह रहे हैं।

बॉम्बे हाई कोर्ट कल, बृहस्पतिवार को दोपहर 3 बजे अर्णब गोस्वामी की अवैध गिरफ्तारी की याचिका पर सुनवाई करेगी। पुलिस द्वारा अर्णब के साथ मारपीट करने और उनके शरीर पर चोट लगने के बाद, अलीबाग अदालत ने उनके मेडिकल चेकअप का आदेश दिया था। ये पूरी घटना कैमरे पर कैद हो गई जब पुलिस अर्नब को उनके घर से घसीटकर ले जा रही थी।

अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर तमाम लोग अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। एक तरफ जहाँ दिल्ली प्रेस क्लब के बाहर पत्रकार प्रदर्शन करते हुए दिखाई दी, तो वहीं, बीजेपी के बड़े नेता कॉन्ग्रेस और उद्धव की सरकार को घेरते हुए नजर आ रहे।

इसी कड़ी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले पर ‘लेफ्ट-लिबरल’ लोगों की चुप्पी पर सवाल उठाया। उद्धव सरकार की आलोचना करते और कॉन्ग्रेस को घेरते हुए उन्होंने पूछा,”महाराष्ट्र सरकार आपातकाल को वापस लाने की कोशिश कर रही है”, उन्होंने कहा कि “विदेश में कई मीडिया आउटलेट्स ने राज्य सरकार के हमले को नजरअंदाज कर दिया है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में काफी समय से अपशब्द कहे जाते रहे हैं लेकिन बीजेपी ने दूर-दूर तक भी वो नहीं किया जो कॉन्ग्रेस ने किया है।

उन्होंने कहा, “नापसंद होने पर भी एक स्व-निर्मित पत्रकार का लगातार उत्पीड़न अस्वीकार्य है।” उनके मुताबिक, “अर्णब को गिरफ्तार करने के लिए सशस्त्र पुलिस भेजने से महाराष्ट्र सरकार की असुरक्षा दिख गई।” कॉन्ग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कि उन्होंने पूछा कि क्या सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी ने इस कार्रवाई को मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “महाराष्ट्र सरकार ने रिपब्लिक के अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार कर मीडिया की आवाज़ को दबाने की कोशिश की है, जिसका मैं विरोध करता हूँ। महाराष्ट्र सरकार ने सत्ता का दुरुपयोग कर इमरजेंसी जैसे हालात बना दिए हैं, जनता इन्हें इसके लिए कभी माफ़ नहीं करेगी।”

बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ने कहा, “सत्य की बात जो भी करेगा हम उसके साथ हैं। अर्णब के साथ गलत हो रहा है। सच के आवाज से उद्धव सरकार डर गई है। ये लोकतंत्र है, लोग कहते हैं BJP लोकतंत्र की हत्या करती है लेकिन BJP हमेशा लोकतंत्र की रक्षा करती है।”

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, देश के खिलाफ षड्यंत्र करने वाले की सच्चाई सामने लाने वाले अर्णब की गिरफ्तारी गलत है। महाराष्ट्र सरकार से उन्हें तुरंत छोड़ने की माँग करता हूँ।

बाबा का ढाबा: यूट्यूबर ने लगाया मानहानि का आरोप, कांता प्रसाद ने कहा- गलत साबित हुए तो माँग लेंगे माफ़ी

पिछले महीने दिल्ली के जिस ‘बाबा का ढाबा’ ने देशभर में सुर्खियाँ बटोरीं, वह अब फिर से खबरों में है। मगर इस बार गलत कारणों से। बाबा को दुनिया भर में मशहूर करने वाले यूट्यूबर गौरव वासन ने ढाबा मालिक 80 वर्षीय बुजुर्ग कांता प्रसाद पर मानहानि का आरोप लगाया है। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में ‘बाबा का ढाबा’ से जुड़े मामले की जाँच के बीच यूट्यूबर गौरव वासन ने कहा कि उन्हें बदनाम किया जा रहा है। हालाँकि, बाबा का ढाबा के मालिक का कहना है कि अब अगर वो गलत साबित हुए तो गौरव वासन से माफ़ी माँग लेंगे क्योंकि आखिरकार गौरव ने उनकी मदद की है।

गौरव का दावा है कि उन्होंने ढाबा मालिक को 3.78 लाख रुपए की राशि सौंपी थी। वासन ने ‘बाबा का ढाबा’ के मालिक का वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड किया था जिसके बाद यह वीडियो वायरल हुआ और लोग ढाबा मालिक कांता प्रसाद की मदद के लिए आगे आए थे। हालाँकि वीडियो वायरल होने के करीब एक महीने बाद ढाबा मालिक कांता प्रसाद ने इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर गौरव वासन के खिलाफ पैसों की हेराफेरी की शिकायत दर्ज कराई है।

कांता प्रसाद ने कहा कि उन्हें वासन से 2.33 लाख रुपए का चेक हासिल हुआ। जब उनसे बाकी राशि के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि उनके नाम पर वासन ने कितने रुपए जमा किए, इस बारे में या तो वासन को या फिर देने वाले को ही जानकारी होगी।

‘गलत हुए तो माँग लेंगे माफ़ी’

वहीं, NBT की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद से जब इस बारे में पूछा गया कि अगर पुलिस की जाँच में गौरव वासन पर उनके द्वारा लगाए गए आरोप गलत साबित हुए तो वो क्या करेंगे? इस पर कांता प्रसाद ने कहा कि समय आने पर देखेंगे कि क्या करना है।

उन्होंने कहा कि अभी इस सम्बन्ध में जाँच हो रही है और उन्हें माफी माँगने में कोई झिझक नहीं होगी, क्योंकि गौरव ने उनका भला ही किया था, लेकिन छोटी सी बात के लिए वो खुद फंस गए। कांता प्रसाद ने कहा कि जाँच में गलत साबित हुए तो वो माफी माँग लेंगे हालाँकि, इस बात का पछतावा रहेगा, क्योंकि अगले व्यक्ति ने मदद ही की थी।

इस आरोप से इनकार करते हुए वासन ने कहा, “झूठे दावे करके वह मुझे बदनाम कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि मेरे बैंक खाते में मदद के लिए 25 लाख रुपए आए, जो कि सही नहीं है।” जब उनसे पूछा गया कि उन्हें मदद के लिए कितनी राशि मिली तो वासन ने बताया कि उनके पास इस संबंध में करीब 3.78 लाख रुपए आए जिसमें पेटीएम से मिली राशि भी शामिल है। 

गौरव वासन ने दावा किया कि उन्होंने कांता प्रसाद को दो चेक दिए- एक चेक एक लाख रुपए जबकि दूसरा चेक 2.33 लाख रुपए का था, जबकि 45,000 रुपए प्रसाद को पेटीएम के जरिए दिए।

गौरव वासन पर लगा डोनेशन के दुरुपयोग का आरोप 

बता दें कि सोशल मीडिया पर बुजुर्ग दंपत्ति की वीडियो वायरल होने के कुछ दिन बाद एक अन्य यूट्यूबर लक्ष्य चौधरी ने गौरव वासन पर कुछ गंभीर आरोप लगाए थे। लक्ष्य का इल्जाम था कि जो पैसे बुजुर्ग दंपत्ति के लिए माँगे गए, वह उन तक नहीं पहुँचे।

ऑनलाइन स्कैमिंग पर बनाई गई वीडियो में लक्ष्य चौधरी ने समझाया था कि कैसे लोग इसी तरह की इमोशनल वीडियो बना कर पैसे ऐंठते हैं। इसके बाद उन्होंने गौरव वासन को लेकर कहा कि उसने बाबा का ढाबा के लिए डोनेशन माँगा लेकिन उन लोगों के साथ पैसे नहीं शेयर किए।

एक इंटरव्यू में भी कांता प्रसाद ने यह स्वीकारा था कि उन्हें अभी तक गौरव से कोई रुपए नहीं मिले हैं। इस पर चौधरी ने गौरव पर फंड गबन करने के आरोप लगाए और कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी कांता प्रसाद को मदद नहीं पहुँचाई गई है। यूट्यूबर लक्ष्य ने कहा था कि गौरव ने कांता प्रसाद की मदद के लिए अपना कॉन्टैक्ट दिया और कांता प्रसाद के बैंक डिटेल्स की जगह अपनी ही अकॉउंट डिटेल्स शेयर की।

कांता प्रसाद ने एक वीडियो में कहा, “मुझे कोई डोनेशन ऑनलाइन नहीं मिली। पैसों की मदद मुझे सिर्फ़ कैश के रूप में मिली है। मुझे अमिताभ बच्चन तक से  डोनेशन मिली है। लेकिन इसके अलावा मुझे कोई ऑनलाइन डोनेशन नहीं मिली।”

आगे वह कहते हैं, “मुझे गौरव ने कहा था कि मैं किसी से अपनी बैंक की जानकारी न साझा करूँ। जब वीडियो वायरल हुई तो मैंने अपना मोबाइल सुशांत को दिया। गौरव ने हमें कोई पैसे नहीं दिए, चाहे कैश हो या ऑनलाइन। जो भी उसने इकट्ठा किया, वह उसी के पास है। मेरा बैंक अकॉउंट बंद हो गया है।”

अर्णब पर मुंबई पुलिस की एक और FIR, गिरफ्तारी के वक्त महिला पुलिस को मारने का लगाया आरोप

मुंबई पुलिस ने अर्णब गोस्वामी पर एक और FIR दर्ज की है। इस एफआईआर में कहा गया है कि जब पुलिस की टीम अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार करनी पहुँची तो उस दौरान उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी से मारपीट की।

जबकि हम सबने टीवी पर देखा कि अर्णब को गिरफ्तार करने के लिए एके-47 के साथ पुलिस फोर्स उनके घर पहुँची थी। मुंबई पुलिस ने अर्णब गोस्वामी के घर में घुसकर न केवल रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ को गिरफ्तार करने की कोशिश की, बल्कि उनके नाबालिग बेटे और बुजुर्ग सास-ससुर सहित उनके परिवार पर भी शारीरिक हमला किया।

रिपब्लिक टीवी चैनल के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनमें पुलिस अर्णब गोस्वामी के घर के अंदर जबरन घुसती दिख रही है और दोनों के बीच बहस होती दिख रहा है। इस बीच मुंबई पुलिस उनके साथ बदसलूकी भी करती साफ़ नजर आती है।

कथित तौर पर, 30-40 से अधिक मुंबई पुलिस के जवान डराने-धमकाने के लिए एके-47 जैसे हथियारों को लेकर गए थे। उन्होंने अर्णब गोस्वामी को बालों से खींचकर रायगढ़ पुलिस स्टेशन में हिरासत में लेने के लिए एक पुलिस वैन में जबरन बैठाया। इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें मुंबई पुलिस का काफी बुरा बर्ताव देखा जा सकता है, जिसमें न केवल अर्णब गोस्वामी और उनके परिवार को धमकी दी गई, बल्कि उनके परिवार पर भी हमला किया गया।

बता दें कि अर्णब गोस्वामी को महाराष्ट्र सीआईडी ने साल 2018 में इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक की मौत की जाँच के सिलसिले में हिरासत में लिया है। पुलिस उन्हें रायगढ़ थाने ले गई। अर्णब गोस्वामी ने पुलिस वैन से कहा, “इन्होंने मुझे मारा है। मेरे साथ शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार किया है।”

अर्णब गोस्वामी की पत्नी सीनियर एडिटर साम्यब्रता रे गोस्वामी को भी पुलिस अधिकारियों ने पकड़ लिया और फिर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। मुंबई पुलिस ने भी जबरदस्ती उसे वीडियो रिकॉर्ड करने से रोकने की कोशिश की। मुंबई पुलिस को साम्यब्रता के हाथों से कागजात छीनते हुए भी देखा जा सकता है और उन्हें यह कहते सुना गया, “आपको बस इस पर हस्ताक्षर करना है।”

अर्णब गोस्वामी ने वीडियो में कहा, “मैं रिपब्लिक टीवी का संपादक हूँ, आपने मेरा शारीरिक शोषण किया है, क्या यह सही है? सचिन, आप  मुझे बताओ। मैं सहयोग करूँगा लेकिन मुझे शारीरिक हमला स्वीकार नहीं है। मैं अपने वकीलों की सलाह लूँगा। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें।”

एक पुलिस अधिकारी, जो अर्णब को वॉर्निंग दे रहे थे, उन्होंने यूनिफॉर्म भी नहीं पहना था। इस पर अर्णब की पत्नी ने सवाल उठाए थे। वीडियो में अर्णब को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मेरे बेटे को मारा गया है।” रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्णब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने उनकी बेल्ट पकड़कर खींचा और उन पर वार किया जिससे उन्हें कुछ चोटें आईं। अर्णब ने मुंबई पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें परिवार से बात करने से भी रोका गया, इसके बाद अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस अपने साथ वैन में ले गई।

रिपब्लिक टीवी के मुताबिक, अर्णब के घर पहुँची पुलिस टीम के पास कोई समन, दस्तावेज या कोर्ट के पेपर तक नहीं थे। इसके बाद भी पुलिस ने अपनी जाँच का हवाला दे-दे कर चैनल के पत्रकार निरंजन नारायणस्वामी और संजय पाठक को अर्णब के घर में घुसने से रोका, साथ ही सभी प्रवेश व निकास की जगहों को बंद करवा दिया।

चैनल का कहना है कि उन्हें कुछ इस तरह से वैन में लेकर जाया गया, जैसे वो एक अपराधी हों। उनकी पत्नी ने उन पुलिसकर्मियों को ‘एनकाउंटर कॉप्स’ और चैनल ने इसे अघोषित आपातकाल का फासीवादी कदम बताया है।

अहमदाबाद: फ्रांस के खिलाफ मुस्लिमों को भड़काने का प्रयास कर रहे कॉन्ग्रेस पार्षद समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

वेजलपुर पुलिस ने अहमदाबाद के जुहापुरा इलाके में सड़कों पर फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के पोस्टर चिपकाने के लिए अमवाड नगर निगम के कॉन्ग्रेस पार्षद हाजीभाई सहित 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ मैक्रों के कड़े रुख के प्रति अपनी नाराजगी और विरोध दर्ज करने के लिए मुस्लिमों द्वारा 1 नवंबर को सड़क पर पोस्टर चिपकाए गए थे।

इन 7 लोगों के खिलाफ आईपीसी धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा), 269 ​​(जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण के फैलने की संभावना ), 270 (घातक बीमारी जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने की संभावना ) और 120BB (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आपदा प्रबंधन धारा 54, सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम 3 और 4 को नुकसान, और द प्रेस एंड रेजिस्टर ऑफ बुक एक्ट सेक्शन 3 का केस भी दर्ज किया गया है।

निगरानी दल के हेड कांस्टेबल जोगाभाई कर्मनभाई ने 1 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई कि दोपहर 12:30 बजे, कुछ लोगों ने सार्वजनिक सड़कों पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के चेहरे पर जूते के प्रिंट के साथ के 150 पोस्टर चिपकाए। उन्होंने शिकायत में उल्लेख किया कि ये लोग इलाके में मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को भड़काना चाहते हैं और किसी गंभीर हिंसा का कारण बन सकते हैं।

पुलिस ने इस घटना के पीछे 50 वर्षीय यूनुस सबरहुसैन कादरी, करीम मुज़फ़्फ़रभाई कुरैशी की 46 वर्षीय नजमबेन पत्नी, 54 वर्षीय मोहम्मद यूनुस, 36 वर्षीय मुसकीम अब्दुलकदार मास्टर, 59 वर्षीय हाजी असरारबाग अब्दुलशाकुर मिर्ज़ा, 45 वर्षीय मोहम्मदलिम हुसैन शेख और 48 वर्षीय अब्दुलहमीद मोहम्मद शरीफ शेख और प्रिंटिंग प्रेस के मालिक के साथ लगभग 10-15 लोगों का हाथ पाया गया है।

बता दें इसी तरह के पोस्टर वड़ोदरा नवाबवाड़ा के रोपुरा में भी देखे गए थे, जहाँ पुलिस ने लोगों को बरगलाने के मामले तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। मुंबई के भिड़ी बाजार में भी इसी तरह का एक कारनामा देखने को मिला था।

कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ फ्रांस की इस लड़ाई का भारत ने समर्थन किया है। हालाँकि, इस मामले में इस्लामिक देशों ने फ्रांस और फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान किया है। वहीं पाकिस्तान और तुर्की ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के खिलाफ बयान जारी करते हुए इस्लाम और मुस्लिमों के खिलाफ उनके कार्यों और भाषणों की निंदा भी की है। मुस्लिम नेताओं ने प्रेस स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रपति के समर्थन का भी जोरदार विरोध किया है, जिसमें शार्ली एब्दो को पैगंबर मुहम्मद के कार्टून प्रकाशित करने की अनुमति दी गई थी।

गौरतलब है कि फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों ने पिछले कुछ हफ्तों में कथित तौर पर कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई हमलों का सामना किया है। ये हमले फ्रांस के एक शिक्षक सैमुअल पैटी, जिन्हें पैगंबर मुहम्मद के कार्टून को अपनी कक्षा में दिखाने के लिए मार डाला गया था, की हत्या की निंदा के परिणामस्वरूप किए गए।

इस हमले के बाद कथित तौर पर तीन लोगों को नीस में मार दिया गया था। वहीं ऑस्ट्रिया में भी एक हमला हुआ था जिसमें तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था और कई लोग भी घायल हुए थे। हमले को मद्देनजर रखते हुए फ्रांस ने विदेशों में रहने वाले फ्रांसीसी लोगों को बचाने के लिए दुनिया भर के कई स्थानों पर अपने दूतावासों को बंद कर दिया है।

दिल्ली में कोरोना की थर्ड वेव, केजरीवाल बोले- ICU बेड के लिए जाएँगे सुप्रीम कोर्ट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोरोना वायरस की तीसरी लहर का डर सताने लगा है। दिल्ली में बढ़ रहे संक्रमण के मामलों को लेकर सीएम ने कहा है कि वह स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सभी जरूरी कार्रवाई करेंगे। केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी माना है कि दिल्ली में कोरोना की ‘तीसरी लहर’ है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह भी कहा है कि वह दिल्ली में कोरोना की थर्ड वेव को लेकर बृहस्पतिवार (नवंबर 4, 2020) को रिव्यू मीटिंग करेंगे। अस्पतालों में बेडों की कोई कमी न हो इसके लिए तैयारी चल रही है।

उन्होंने बताया कि आज उनकी सरकार हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है जिसमें उन्होंने 33 प्राइवेट अस्पतालों में 80 फीसद आईसीयू बेड रिजर्व करने के लिए कहा था। बता दें कि दिल्ली मुख्यमंत्री का यह बयान कोरोना के बढ़ते आँकड़े देखने के बाद आया है। अकेले दिल्ली में मंगलवार को 6, 275 कोरोना केज दर्ज किए गए हैं जबकि अब तक संक्रमण के कुल आँकड़े 4 लाख हो चुके हैं।

सीएम केजरीवाल ने यह भी बताया कि पराली को गलाने के लिए बनाए गए डी-कंपोजर को लेकर उन्होंने हीराँकि गाँव का दौरा किया और छिड़काव के बाद स्थिति की समीक्षा की। वह मीडिया से बात करते हुए कहते हैं –

“मैं जनता को सूचित करना चाहता हूँ कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से कोरोना मामलों में वृद्धि हो रही है। मैं इसे शहर में महामारी की तीसरी लहर कहूँगा क्योंकि सितंबर के अंत में और अक्टूबर की शुरुआत में, हर दिन कोरोना के 3 हजार मामले आ रहे थे।”

केजरीवाल ने जनता से परेशान न होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल, दिल्ली में कोरोना बेड की कमी नहीं है। हालाँकि उनके संज्ञान में आया है कि बड़े निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर वाले केवल कुछ आईसीयू बेड खाली पड़े हैं। लेकिन यह मुद्दा एक या दो दिन में हल हो जाएगा जब सुप्रीम कोर्ट उच्च न्यायलय के निर्णय पर अपना फैसला सुनाएगा।

यहाँ बता दें कि पराली की परेशानी के संबंध में अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर के जरिए जानकारी दी है कि दिल्ली के खेतों में बायो-डिकम्पोज़र तकनीक कामयाब रही। पराली खाद में बदल गई है जिससे दिल्ली का किसान संतुष्ट भी है और खुश भी। वह आगे लिखते हैं, “हमारे किसान पराली जलाना नहीं चाहते। हमने उनको समाधान भी दिया है और सुविधा भी, अब दूसरे राज्यों को भी बहाने छोड़ अपने किसानों को ये सुविधा देनी चाहिए।”

बागपत: BJP नेता ने मस्जिद में किया हनुमान चालीसा-गायत्री मंत्र का पाठ, मौलाना ने दी थी परमिशन

मथुरा के नंदगाँव स्थित नंदबाबा मंदिर परिसर में नमाज अदा करने के चर्चित प्रकरण के बाद अब बागपत के विनयपुर गाँव की मस्जिद में हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र पढ़ा गया। मस्जिद में भाजपा की जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं जनसंख्या फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनुपाल बंसल ने इसे फेसबुक पर ‘लाइव’ भी किया। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि जाँच कराई गई है। मौलाना से अनुमति लेने के बाद ही पाठ किया गया। 

बागपत में खेकड़ा क्षेत्र के विनयपुर गाँव में भाजपा नेता मनुपाल बंसल मंगलवार (नंवबर 3, 2020) को मस्जिद में पहुँचे। उनका कहना है कि मौलाना अली हसन से इजाजत लेने के बाद उन्होंने भाईचारे के लिए पवित्र स्थान मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ किया। हनुमान चालीसा के पाठ को फेसबुक पर लाइव किया गया। गायत्री मंत्र भी पढ़ा गया। 

इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं। मनुपाल बंसल जिला पंचायत चुनाव की तैयारियाँ में भी जुटे हुए हैं। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि पुलिस ने जानकारी मिलते ही मामले की जाँच कराई। मौलाना की सहमति ली गई थी। मनुपाल बंसल विनयपुर की मस्जिद में जाते रहते हैं।

वायरल वीडियो में डगरपुर गाँव निवासी व भाजपा नेता मनुपाल बंसल नजर आ रहे हैं। जो पहले मस्जिद के मौलाना अली हसन से पाठ करने की अनुमति लेते हैं और फिर वहीं बैठकर गायत्री मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

इस वीडियो में वह यह भी अपील कर रहे हैं कि कोई ऐसे मामलों को तूल न दें। लोग आपसी सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी लोग भाईचारे से रहें। कोई तर्क-वितर्क न करें। हम सब हिंदुस्तानी हैं, कोई किसी पर कटाक्ष न करें।

वहीं मस्जिद के मौलाना अली हसन ने कहा कि ऊपर वाले का नाम कहीं भी बैठकर लिया जा सकता है। सब जगह उसकी बनाई हुई है। उन्होंने ही मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठन करने की इजाजत दी थी। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। सभी लोग भाईचारे से काम लें। इस मामले में भाजपा के जिलाध्यक्ष सूरजपाल का कहना है कि पार्टी की जिला कार्यकारिणी के सदस्य मनुपाल ने मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले मौलाना की अनुमति ली थी।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री पप्पन राणा द्वारा घोषणा की गई थी कि शुक्रवार को वह बड़ौत स्थित फूंस वाली मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके बाद फूंस वाली मस्जिद के शहरी इमाम मौलाना आरिफ उल हक, प्रबंधक अख्तर चौधरी, इसरार खान और जमीयत उलेमा हिंद के तहसील अध्यक्ष शाबिर ने एसपी अभिषेक सिंह से मुलाकात की और कहा कि पुलिस ऐसा होने से रोके।

उनका कहना था कि इस तरह से किसी की भावना को ठेस नहीं पहुँचनी चाहिए। जिसके बाद एसपी ने उन्हें विश्वास दिलाते हुए कहा कि नियम के खिलाफ किसी भी कार्य को नहीं करने दिया जाएगा। इसके साथ ही जिलाधिकारी भी इस पूरे मामले में निगरानी बनाए हुए हैं।

बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश में मथुरा के एक मंदिर में नमाज पढ़ने के बाद गोवर्धन इलाके की ईदगाह में चार युवकों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। ईदगाह मस्जिद में मंगलवार (नवंबर 3, 2020) सुबह किए गए इस हनुमान चालीसा पाठ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस एक्शन में आई और तत्काल चारों युवकों को हिरासत में ले लिया गया। 

इससे पहले ब्रज चौरासी कोस यात्रा करते हुए दो मुस्लिम युवकों द्वारा नंदगाँव स्थित नंदबाबा मंदिर परिसर में नमाज अदा करने के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जिसके बाद यूपी पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान फैजल खान और चाँद मोहम्मद के रूप में हुई थी।

लल्लनटॉप ने छुपाया, ऑल्टन्यूज़ के मो. जुबैर ने दिखाया: कथित मोदी समर्थक निकला ‘कम्युनिस्ट पार्टी का भावी विधायक’

प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘ऑल्टन्यूज़’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने ‘दी लल्लनटॉप’ वेबसाइट के इंटरव्यू का एक हिस्सा शेयर किया। इस वीडियो में एक व्यक्ति मोदी सरकार की खामियों को गिनाता नजर आता है। वीडियो में यह समझाते हुए देखा जा सकता है कि आखिर मोदी चुनाव कैसे जीत जाते हैं और राहुल गाँधी चुनाव क्यों हार जाते हैं। हिटलर के लिंग का ‘फैक्ट चेक’ कर चर्चा में आई प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘दी लल्लनटॉप’ ने दावा किया कि यह शख्स मोदी समर्थक है।

हालाँकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘दी लल्लनटॉप’ की इस ‘चालाकी’ का पर्दाफाश कर दिया। सोशल मीडिया यूजर अंकुर सिंह ने उस शख्स के फेसबुक प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया कि उसका नाम बीजे बिकास (बिदेश्वर नाथ झा) है और वह कोई आम मोदी समर्थक नहीं बल्कि एक पत्रकार है। वीडियो में नजर आ रहे शख्स बीजे बिकास के सोशल मीडिया प्रोफाइल में आप देख सकते हैं कि उसने खुद को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का भावी विधायक उम्मीदवार बताया है।

अंकुर सिंह ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए लिखा कि ‘दी लल्लनटॉप’ और इसके एडिटर सौरभ द्विवेदी ने उसे मोदी के खिलाफ बोलने वाले पत्रकार बताने की बजाय उसे मोदी समर्थक के रूप में पेश किया। एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने भी उसके प्रोफाइल की फोटो शेयर करते हुए प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘दी लल्लनटॉप’ की पोल खोल दी।

अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इनके मजे लिए हैं। एक यूजर ने लिखा, “कॉन्ग्रेस और लालू मिल के लोगों को बड़ा खुशहाल रखते थे ना ?? सिलेंडर, राशन,खाद, बैंक और तो छोड़ो एक समय था जब पीसीओ में लाइन लगती थी! ब्लैक अलग से? और लालू जैसे जिसने जानवरों का हक नहीं छोड़ा वो आम आदमी को छोड़ेगा?”

इस्लामी प्रचार वेबसाइट ‘ऑल्टन्यूज़’ के सहसंस्थापक मोहम्मद जुबैर के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “अबे तू जा कर पंक्चर की ही दुकान लगा। कम से कम वो तो सही से कर लेगा।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “गजब का ड्रामा तैयार किया है लल्लनटॉप ने और उसको सोशल मीडिया में फैलाने का कार्य मोहम्मद जुबैर ने बखूबी निभाया है। जनता बहुत समझदार है कृपया इस तरह का ड्रामा दिखाकर अपनी औकात बयाँ न करें।”

बता दें कि मोहम्मद जुबैर द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में शख्स मोदी सरकार की बुराई करते हुए कहता है, “मैं ये चीज फैक्ट बता रहा हूँ कि हिंदू होकर के कि मुस्लिम को अगर परेशानी किसी मुद्दे पर हो रही है और मोदी जी कर रहे हैं, तो वो अच्छा है।”

वहीं एक अन्य वीडियो में यही पत्रकार बीजे बिकास कहता है, “उसके घर में 200 रुपए नहीं आ रहा है कि परिवार ठीक से चलेगा लेकिन मोदी को वोट देंगे, क्योंकि टीवी पर बुलेटिन चलता है कि पाक और चीन में मोदी ने किया वार। उससे जनता खुश है। लोगों को ये नहीं पता कि चीन और पाक का बॉर्डर कहाँ से शुरू होता है। कौन पीएम है, कौन सीएम है, उनको कुछ नहीं पता है।”

गौरतलब है कि हाल ही में मोहम्मद जुबैर ने भ्रामक वीडियो पोस्ट कर लोगों में हिन्दू-घृणा को स्थापित कर हिन्दुओं को भी ‘कट्टरपंथी’ साबित करने का बचकाना प्रयास किया था। मोहम्मद जुबैर ने तनिष्क इंदौर के एक शोरूम का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया था।

वीडियो शेयर करते हुए जुबैर ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। जुबैर ने सोशल मीडिया यूजर्स को यह बताने की कोशिश की थी कि किस तरह हिंदू एक विज्ञापन की वजह से तनिष्क शोरूम में काम कर रहे लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं और शोरूम में घुसकर नारेबाजी कर रहे हैं। जबकि मामला इसके बिलकुल विपरीत था।

BJP कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल की पुलिस ने सड़क पर घसीटा, महिला मोर्चा के साथ बदसलूकी

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से बीजेपी कार्यकर्ता और पुलिस के बीच झड़प की खबर सामने आ रही है। दरअसल पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता कानून-व्यवस्था को लेकर सड़क पर उतर आए और इसके खिलाफ प्रदर्शन किया। इस पर बंगाल पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की और उन्हें जबरन उठाया। CNN News18 ने ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी।

मीडिया हाउस ने पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का वीडियो भी शेयर किया है। इसमें देखा जा सकता है कि पुलिस जबदस्ती बीजेपी कार्यकर्ताओं को उठा रही है और घसीटते हुए बाहर निकाल रही है। पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की।

पुलिस ने बीजेपी महिला मोर्चा की सदस्य के साथ भी बदसलूकी की। उन्हें घसीट कर ले जाते हुए देखा जा सकता है। मीडिया हाउस ने बताया कि बंगाल पुलिस ने कई बीजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी कर लिया है। 

इस तरह की घटना तब सामने आई है, जब गृह मंत्री अमित शाह राज्य का दौरा करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह साल 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक मामलों का जायजा लेने के लिए आज (नवंबर 4, 2020) से पश्चिम बंगाल की दो दिवसीय यात्रा पर जाएँगे। अमित शाह अपने दौरे पर कई संगठनात्मक बैठक करेंगे।

कोविड-19 के प्रकोप के दौरान अमित शाह का यह बंगाल का पहला दौरा होगा। उन्होंने पिछली बार एक मार्च को राज्य का दौरा किया था। हालाँकि कोविड-19 के दौरान वर्चुअल माध्यम से बंगाल के लोगों को संबोधित किया था। बिहार चुनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री का यह दौरा महत्व रखता है, क्योंकि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पिछले सप्ताह उनसे मुलाकात कर राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति की आलोचना की थी।

भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष सहित भाजपा के आला नेता भी बंगाल की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते रहे हैं और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग कर चुके हैं। अमित शाह ने भी हाल में अपने साक्षात्कार में बंगाल की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई थी।