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SC ने AAP के संजय सिंह से कहा: आपकी दलील नहीं सुनी जाएगी, आपके साथ जो करना है, वो करेंगे

CJI गोगोई की अध्यक्षता में राफेल मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इंकार कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है। CJI ने अपने वक्तव्य में कहा, “संजय सिंह ने राफेल मामले में कोर्ट के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिस कारण हम उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे। हम बाद में संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं।”

कोर्ट ने संजय सिंह के वकील संजय हेगड़े से कहा कि कोर्ट संजय सिंह के बयान को गंभीरता से ले रही है और इस पर उचित कार्रवाई भी की जाएगी। CJI ने कहा, “आपने हमारे फैसले पर अवांछित टिप्पणी की थी। हम निश्चित रूप से इस बारे में कोई कार्रवाई करेंगे।”

कोर्ट ने पिछले साल 14 दिसंबर के अपने आदेश में राफेल डील की जाँच की माँग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद फैसले के खिलाफ रिव्‍यू पेटिशन दायर की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट राफेल डील को लेकर 14 दिसंबर 2018 के अपने फैसले के खिलाफ दायर रिव्यू पेटिशन पर सुनवाई कर रहा है।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच इस पर सुनवाई कर रही है। राफेल डील को लेकर विपक्षी दल, खासकर कॉन्ग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गाँधी, सरकार पर लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि इस रक्षा सौदे में भ्रष्‍टाचार हुआ है। हालाँकि, मोदी सरकार साफ कर चुकी है कि इस रक्षा सौदे में कोई भ्रष्‍टाचार नहीं हुआ है और यूपीए के दौर में हुई डील से सस्‍ते में राफेल विमान खरीदे जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि राफेल सौदे के मामले में सुप्रीम कोर्ट 14 दिसंबर को केंद्र सरकार को क्लीन चिट दे चुकी है। राफेल सौदे को लेकर फाइल किए गए रिव्यु पेटिशन पर कोर्ट ने आज से सुनवाई शुरू की। इससे पहले ओपन कोर्ट में सुनवाई करते हुए हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील प्रशांत भूषण को भी फटकारा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण द्वारा किसी भी प्रकार की अतिरिक्त एफिडेविड लेने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह ऐसे किसी भी प्रकार की अतिरिक्त एफिडेविड या डॉक्यूमेंट को को स्वीकार नहीं करेगा, जो उसके समक्ष फाइल नहीं किए गए हों।

सबूत माँगने वाले नेताओं को जेट के नीचे बाँध कर अगले मिशन पर ले जाएँ: जनरल वीके सिंह

पूर्व सेना प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने ट्विटर पर IAF द्वारा आतंकवादियों पर की गई एयर स्ट्राइक के सबूत माँग रहे लोगों पर कटाक्ष किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है, “रात 3:30 बजे मच्छर बहुत थे, तो मैंने HIT मारा। अब मच्छर कितने मारे, ये गिनने बैठूँ, या आराम से सो जाऊँ?”

वीके सिंह ने यह भी कहा, “अगली बार जब भारत कोई कार्रवाई करे तो जो विपक्षी नेता प्रश्न उठाते हैं, उन्हें फाइटर प्लेन के नीचे बाँध के ले जाएँ। जब बम गिराया जाएगा तो उन्हें वहीं से टारगेट दिख जाएगा। इसके बाद उनको वहीं पर उतार दें। वे लोग टारगेट की जगहों को गिन लें और वापस आ जाएँ।”

ये पूछे जाने पर कि उनके इस ट्वीट का क्या मतलब था? जनरल वीके सिंह ने कहा, “क्या आप मारे गए आतंकियों को गिन सकते हैं? बमों ने इमारतों को निशाना बनाया। क्या 1000 kg बमों के धमाके से मौतें नहीं होंगी? अगर मौतें हुईं तो आप उसका अनुमान लगा सकते हैं। मुझे नहीं पता कि कौन इसकी गिनती कर सकता है। इस तरह की बातें करना दुर्भाग्यपूर्ण है।”

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह जैसे कई विपक्षी नेता भारतीय सेना और IAF का मजाक बनाते नजर आ रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले को ‘दुर्घटना’ बताया तो वहीं नवजोत सिंह सिद्धू जैसे कुछ नेता तो एयर स्ट्राइक पर ही यह कहकर सवाल उठा रहे हैं कि आतंकी मारने गए थे या पेड़ गिराने? बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा एयर स्ट्राइक में 250 से अधिक आतंकियों के मारे जाने के दावे के बाद से विपक्ष हमलावर है कि उनके पास यह आँकड़ा कहाँ से आया?

आतंकी अफजल के बेटे को भारतीय होने में शर्म, ‘आधार कार्ड सिर्फ फायदे के लिए करता हूँ यूज’

आतंकवादी अफजल गुरु के बेटे को टाइम्स ऑफ इंडिया ने ‘प्राउड इंडियन’ बताते हुए एक रिपोर्ट की थी। लेकिन वो कहीं से भी भारत पर गर्व करने लायक इंसान नहीं है – यह बात उसने खुद स्वीकारी है, पूरे होशो-हवास में, 2 मिनट 20 सेकंड के वीडियो में। 5 मार्च 2019 की शाम को सोशल मीडिया पर शेयर हुए इस वीडियो में आतंकी अफजल के बेटे गालिब गुरु ने इस रिपोर्ट पर आश्चर्य जताया। उसने कहा कि रिपोर्ट को न सिर्फ गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया बल्कि उसमें ‘अजीब बातें’ भी लिखीं गई हैं।

ऊपर के वीडियो में गालिब ने कहा, “ये इनका बेसिक इशू था कि मेरे पासपोर्ट के बारे में उन्होंने बोला था कि बाइट निकालेंगे आपके पासपोर्ट के बारे में। लेकिन जब उनका आर्टिकल सुबह में पढ़ा था तो उसमें क्लेअरली डिफरेंट चीजें थीं। मैंने सिम्पली… मेरा प्रोपेगेंडा एक ही था कि अगर मेरे पास आधार कार्ड है तो व्हाई कांट आई हैव अ पासपोर्ट? ये मेरे लिए प्रोपेगेंडा था। उनको मैंने इसलिए बोला था कि, फॉर एक्ज़ाम्पल, इस साल मेरा NEET का सेकंड ट्राय है, अगर नहीं होता तो टर्की मुझे स्कॉलरशिप देती है इसलिए मैंने उनको बोला था कि मेरा पासपोर्ट होना चाहिए। लेकिन उन्होंने क्लेअरली डिफरेंट लिखा है इसके बारे में। उन्होंने थोड़ी अजीब चीजें भी लिखी हैं इनके बारे में। मिक्स अप किया है कि मैं इंडियन सिटिज़न प्राउड हूँ। एक चीज मैं बोलना चाहता हूँ कि हाउ केन आई बी प्राउड इंडियन सिटिज़न? (मैं एक भारतीय नागरिक होने पर गर्व कैसे कर सकता हूँ?) उन्होंने मेरे पापा को मारा है। उन्होंने मेरे पूरे परिवार के साथ अन्याय किया है। तो मैं भारत पर गर्व कैसे कर सकता हूँ? मेरा यही प्रोपेगेंडा था कि जब मेरे पास आधार कार्ड है तो पासपोर्ट क्यों नहीं हो सकता?”

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ओर से यह रिपोर्ट पत्रकार आरती सिंह टीकू और रोहन दुआ ने की थी। 5 मार्च को प्रकाशित हुए इस रिपोर्ट में गालिब को ऐसे पेश किया गया है, जिसे अपने आधार कार्ड पर गर्व है और वो अब इंडियन पासपोर्ट बनवाना चाहता है, जो उसकी भारतीय पहचान को और सशक्त बनाएगा। इस रिपोर्ट को जब गालिब ने पढ़ा तो उसे बहुत आश्चर्य हुआ और इसी के विरोध में उसने ऊपर के वीडियो में अपने ‘दिल की बात’ कही।

रिपोर्ट में गालिब के लिए लिखी गई बात और उसके वीडियो में आसमान-जमीन का अंतर है। गालिब ने वीडियो में कहा कि वह भारतीय होने में गर्व कैसे कर सकता है जबकि भारत की सरकार ने न केवल उसके पिता की हत्या की बल्कि कश्मीर के साथ भी अन्याय भी किया। गालिब ने स्पष्ट किया कि उसने एक प्रोपेगेंडा के तहत टाइम्स ऑफ इंडिया को बाइट दिया। इसके पीछे उसका एकमात्र मकसद भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करना था।

इस बात की पूरी संभावना है कि गालिब बाद में अपने इस वीडियो वाले बयान से पलट जाए। लेकिन सच्चाई यही है कि लुटियन मीडिया गिरोह आतंकी अफजल की छवि को उसके बेटे के माध्यम से बदलना चाहता है। यह आरोप नहीं है, बल्कि इसका पुख्ता सबूत नीचे का ट्वीट है। पढ़िए सागरिका घोष को और समझिए ‘गैंग’ कैसे काम करता है।

आतंकी अफजल गुरु को दिसंबर 2001 में हुए संसद हमले का दोषी पाया गया था। इस अपराध के लिए उसे 9 फरवरी 2013 को फाँसी दी गई थी।

आज़म ख़ान के बनवाए अवैध उर्दू गेट पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 3 घंटे में ढाह दिया

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आज़म ख़ान द्वारा बनवाए गए उर्दू गेट को प्रशासन ने बुलडोजर चलवा कर ढाह दिया। यह उर्दू गेट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के स्वार रोड पर बनवाया गया था। आज़म ख़ान ने इसे अपने विधायक फंड से बनवाया था। सपा शासनकाल में बने इस गेट की ऊँचाई बहुत कम थी लेकिन तब आज़म के मंत्री होने के कारण कई शिकायतों के बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं की गई। अब योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद जनता की शिकायतों का संज्ञान लिया गया। इस गेट की ऊँचाई इतनी कम थी कि यहाँ से बस और ट्रक भी नहीं निकल पाते थे। ऐसे में, हमेशा दुर्घटना का ख़तरा बना रहता था। कई दुर्घटनाएँ हुई भी थी।

इस गेट को गिराने के लिए प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी से काम लिया। भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। ऐसा नहीं है कि शिकायत मिलने के बाद अचानक से इस गेट को गिरा दिया गया। शासन ने इसके लिए एसआईटी की जाँच बिठाई थी, जिसमे इसे अवैध पाया गया। शहरी क्षेत्र में होने के बावजूद इसके निर्माण के लिए रामपुर विकास प्राधिकरण से अनुमति तक नहीं ली गई थी। अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने पाया कि स्वार रोड पीडब्ल्यूडी की है लेकिन बिना उसकी अनुमति के इसे बनवाया गया था। इसे नियम के विरुद्ध माना गया।

आज बुधवार (मार्च 6, 2019) सुबह बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी पहुँचे और 6 बुलडोजर का प्रयोग कर के गेट को 3 घंटे की मशक्कत के बाद ढाह दिया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गेट के आसपास के आधा किलोमीटर तक के क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई थी। इस गेट का निर्माण कराने वाले अधिकारियों से भी वसूली की जाएगी। वहीं आज़म ख़ान ने कहा कि इस रस्ते से ओवरलोड ट्रक गुजरते थे, इसी कारण दुर्घटनाएँ होती थी। उन्होंने कहा कि हादसों को रोकने के लिए ही उन्होंने इस गेट का निर्माण करवाया था।

इस गेट को बनवाने में ₹40 लाख ख़र्च किए गए थे। आज़म खान उत्तर प्रदेश की सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद भी संभाल चुके हैं। अक्सर विवादों में रहने वाले आज़म ख़ान को सपा सरकार के दौरान प्रदेश की सबसे ताक़तवर शख्सियतों में गिना जाता था।

राफेल सुनवाई: प्रशांत भूषण और ‘द हिन्दू’ ने लिया चोरी किए डाक्यूमेंट्स का सहारा, होगी जाँच

राफेल सौदे के मामले में सुप्रीम कोर्ट 14 दिसंबर को केंद्र सरकार को क्लीन चिट दे चुकी है। राफेल सौदे को लेकर फाइल किए गए रिव्यु पेटिशन पर कोर्ट ने आज से सुनवाई शुरू की। ओपन कोर्ट में सुनवाई करते हुए हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील प्रशांत भूषण को फटकारा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण द्वारा किसी भी प्रकार की अतिरिक्त एफिडेविड लेने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह ऐसे किसी भी प्रकार की अतिरिक्त एफिडेविड या डॉक्यूमेंट को को स्वीकार नहीं करेगा, जो उसके समक्ष फाइल नहीं किए गए हों।

वहीं केंद्र सरकार ने वकील प्रशांत भूषण की प्रारंभिक याचिकाओं पर आपत्ति जताई। केंद्र सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि प्रशांत भूषण व उनके पक्ष के अन्य वकीलों ने जिन डाक्यूमेंट्स का सहारा लिया, वो चोरी के हैं। उन्होंने कहा कि इन डाक्यूमेंट्स को मंत्रालय के वर्तमान या पूर्व अधिकारियों द्वारा धोखे से चोरी कर लिया गया था। जब अदालत ने पूछा कि सरकार इसको लेकर क्या कर रही है, तो वेणुगोपाल ने बताया कि इस मामले की जाँच बिठाई गई है।

सुनवाई के बीच में ही लंच का समय हो जाने के कारण 2 बजे दोपहर तक सुनवाई स्थगित कर दी गई। इसके बाद वेणुगोपाल कोर्ट को बताएँगे कि इस मामले में सरकार ने क्या स्टेप्स लिए हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि समाचारपत्रों में प्रकाशित और रिव्यु पेटिशन के साथ जोड़े गए रिपोर्ट्स विशेषाधिकृत हैं और इस पर नोट नहीं लिया जा सकता। उन्होंने याद दिलाया कि यह मामला रक्षा सौदे से जुड़ा है और इसमें देश की सुरक्षा शामिल है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि ‘द हिन्दू’ द्वारा प्रकाशित किए गए राफेल सम्बंधित काग़ज़ात ‘ऑफिसियल सीक्रेट ऐक्ट’ के तहत आते हैं।

अटॉर्नी जनरल ने दिलाया कि हालिया घटनाओं से हमें इस बात का एहसास हो गया है कि यह कितना महत्वपूर्ण और संवेदनशील सौदा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्क्रूटनी भविष्य में होने वाले सौदों पर भी प्रभाव डालेगी। कोई भी देश भारत के साथ इस तरह के सौदों में शामिल होने से हिचकिचाएगा। उन्हें ऐसा लगेगा कि भारत को इस प्रकार के सौदों को पूरा करने के लिए टीवी चैनल्स, संसद और फिर अदालत से होकर गुजरना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि उन दोनों पेपर और पेटिशन के साथ उनकी रिपोर्ट्स जोड़ने वाले वकीलों के ख़िलाफ़ अभियोजन चलाया जाएगा।

कुंभ सफाईकर्मियों के लिए PM मोदी ने निजी बचत से दान किए ₹21 लाख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी व्यक्तिगत बचत से कुंभ सफाई कर्मचारी कॉर्पस फंड में ₹21 लाख दान दिए। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संपन्न हुए प्रयागराज महाकुंभ में सफाई कार्य में जुटे 5 कर्मचारियों के पाँव भी धोए थे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए मोदी ने ट्वीट किया, “उत्तर प्रदेश, खासकर प्रयागराज के लोगों को बधाई। इस कुंभ ने हमारी संस्कृति, आध्यात्मिकता को शानदार तरीके से दर्शाया और इसे आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जाएगा।” PM मोदी की टिप्पणी 50 दिवसीय धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कुंभ मेले के समापन के एक दिन बाद आई है।

24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवित्र संगम पर मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना के साथ ही त्रिवेणी संगम में दुग्धाभिषेक किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने सफाई कर्मचारियों व स्वच्छाग्रहियों को सम्मानित किया था और सफाईकर्मियों के पैर भी धोए थे।

इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा था कि कुंभ में हठ योगी, तप योगी और मंत्र योगी भी हैं और इनके साथ मेरे कर्मयोगी भी हैं। ये कर्मयोगी वो लोग हैं जो दिन रात मेहनत कर कुंभ में सुविधा मुहैया कराए हैं। इन कर्मयोगियों में नाविक भी हैं। इन कर्मयोगियों में स्थानीय निवासी भी हैं। कुंभ के कर्मयोगियों में साफ सफाई से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। इन्होंने साफ सफाई को पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना दिया।

ज्ञात हो कि कुंभ मेले के दौरान करीब 22,000 सफाईकर्मी और स्वच्छाग्रही तथा 12000 सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगी थी। जिनका पीएम मोदी ने आभार प्रकट किया।

अपनी निजी बचत को पहले भी दान कर चुके हैं PM नरेंद्र मोदी

कुंभ सफाईकर्मियों के लिए ₹21 लाख दान करने से पहले भी पीएम मोदी इस तरह की दरियादिली दिखा चुके हैं। हाल ही में सियोल शांति पुरस्कार के तौर पर मिली एक करोड़ ₹30 लाख की राशि को पीएम मोदी ने गंगा की सफाई के लिए चल रहे नमामि गंगे प्रॉजेक्ट को दान कर दी थी। इसके अलावा पीएम के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें मिले स्मृति चिह्नों की नीलामी से प्राप्त ₹3.40 करोड़ भी उन्होंने नमामि गंगे प्रॉजेक्ट को दान कर दिए थे। 2015 में भी उन्हें मिले उपहारों की नीलामी की गई थी, इससे मिले ₹8.33 करोड़ भी उन्होंने नमामि गंगे मिशन को दान कर दिए थे।

‘शादी से पहले सेक्स करने से फैलता है HIV’- केरल की 10वीं की पुस्तक का बेहूदा ज्ञान

केरल की दसवीं की पुस्तक में बच्चों को उलूल-जलूल ज्ञान दिया जा रहा है। सरकारी स्कूल की पुस्तकों में लिखा गया है कि शादी से पहले और शादी से इतर सेक्स सम्बन्ध बनाने से एचआईवी फैलता है। केरल के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली बायोलॉजी की पुस्तक में यह ज्ञान दिया गया है। राज्य द्वारा दसवीं कक्षा के लिए जारी की गई बायोलॉजी की किताब के पेज संख्या 60 पर लिखा हुआ है कि ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस (HIV) विवाहपूर्व या विवाहेतर यौन संबंधों की वजह से फैल सकता है।

इस पेज पर ग्राफ़िक्स बना कर एचआईवी फैलने के कारणों को दर्शाया गया है। इसमें से एक कारण विवाहेतर यौन संबंधों को भी बताया गया है। किताब में छपी इस गलत जानकारी को एक शिक्षक ने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इसके बाद यह मामला प्रकाश में आया। नीचे दिए गए चित्र में आप देख सकते हैं कि कैसे छात्रों को गलत जानकारी परोसी जा रही है।

लोक शिक्षण निदेशालय (डॉयरेक्टरेट ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन) ने बताया कि साल 2015-16 के शैक्षणिक सत्र में इस संशोधित संस्करण को शामिल किया गया था। इस किताब को स्कूल के शिक्षकों और विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा घोषित किया गया था और वर्तमान टीम इसमें शामिल नहीं थी।

केरल की पुस्तकों में बेहूदा ज्ञान

केरल में अभी वामपंथी दल सीपीआई की सरकार है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केरल सरकार सबरीमाला और संघ स्वयंसेवकों की लगातार हत्या जैसे मामलों के कारण पहले से ही विवादों में घिरी हुई है। केरल स्थित पलक्कड़ के डॉक्टर अरुण ने केरल सरकार से पूछा कि वायरस को कैसे पता चलता है कि कोई व्यक्ति शादीशुदा है या नहीं? स्टेट काउन्सिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) की रिसर्च अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इस त्रुटि की पहचान कर ली है और अगले शैक्षणिक सत्र से इसे सही कर लिया जाएगा।

एचआईवी वायरस ही एड्स का कारण है, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को निशाना बनाता है। ये ख़ासकर टी-सेल्स को निशाना बनाता है, जो संक्रमण को नियंत्रित करने के जिम्मेदार होते हैं। इस बीमारी को लेकर लोगों में तरह-तरह की भ्रांतियाँ हैं। अगर कोई एचआईवी से पीड़ित है तो उसके साथ यौन सम्बन्ध बनाने या फिर इंजेक्शन निडल शेयर करने से यह बीमारी फैलती है।

अगर आपको एचआईवी एड्स से सम्बंधित किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए तो आप योग्य डॉक्टर की सलाह के अलावा ‘राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन‘ की वेबसाइट कर जाकर पढ़ सकते हैं। यह वेबसाइट भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ऑपरेट की जाती है।

पाकिस्तान द्वारा F-16 के दुरुपयोग को US ने बताया गंभीर मुद्दा, जाँच जारी

पाकिस्तान द्वारा एफ-16 लड़ाकू विमानों का दुरुपयोग करने को लेकर अमेरिका ने भौहें चढ़ा ली है। अमेरिका ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताया है। बता दें कि भारत द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर ‘एयर स्ट्राइक’ करने के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने अमेरिका से ख़रीदी हुई एफ-16 का इस्तेमाल कर भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। जवाब में भारतीय वायु सेना ने एक एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। अब अमेरिका ने कहा है कि वह इस मुद्दे की काफ़ी बारीकी से जाँच कर रहा है। हालाँकि, पाकिस्तानी वायु सेना ने इसका खंडन किया था।

भारत पहले ही पाकिस्तान द्वारा एफ-16 के दुरुपयोग के सबूत पेश कर चुका है। भारत ने विमान के कुछ टूटे हिस्सों के चित्र भी जारी किए थे। इतना कुछ होने के बावजूद पाकिस्तान मानने को तैयार नहीं हो रहा है और लगातार इस बात को नकार रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्‍ता लेफ्टिनेंट कर्नल कोन फॉल्कनर ने इस बाबत कहा- “विदेशी सैन्य बिक्री समझौते में गैर प्रकटीकरण समझौतों के कारण हम उपयोगकर्ता के समझौते जैसे विषय पर चर्चा नहीं कर सकते हैं।”

अमेरिका उच्च तकनीकी रक्षा उपकरणों के मामले में विश्व के सबसे बड़े विक्रेताओं में से एक है। समझौते का पालन न करने वाले देशों के साथ अमेरिका का सख्ती से पेश आने का इतिहास रहा है। ऐसे में, पाकिस्तान का भी बचना मुश्किल है। पाकिस्तान को एफ-16 आतंकियों का सफाया करने और आत्मरक्षा के लिए दिया गया था। पाकिस्तान पर पहले से ही इसके दुरुपयोग को लेकर कई प्रतिबन्ध लगे हुए हैं।

एक अन्य ख़बर के मुताबिक़, अमेरिका ने पाकिस्तान पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अमेरिका ने उनके देश में आने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को मिलने वाले वीज़ा की अवधि घटा दी है। पहले पाकिस्तानी नागरिकों को जो 5 साल का वीज़ा मिलता था, अब उसकी अवधि घटाकर सिर्फ़ 3 महीने कर दी गई है। इतना ही नहीं, वीजा के लिए लगने वाली फ़ीस में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। अगर कोई पाकिस्तानी 12 महीने से अधिक अमेरिका में रहना चाहता है तो उसे पाकिस्तान लौट कर अपने वीजा रिन्यू करना पड़ेगा।

अमिका ने जो आँकड़े जारी किए हैं, उनसे पता चलता है कि उसने सिर्फ़ 2018 में 38 हज़ार से भी अधिक पाकिस्तानियों को वीजा देने से इनकार कर दिया था। अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकी संगठनों पर नकेल न कसने के लिए जम कर लताड़ भी लगाई है।

कॉन्ग्रेस से गठबंधन की भीख माँगते ‘आत्ममुग्ध बौने’ को मिली दुत्कार, ट्विटर पर मीम्स की बरसात

अभी हाल ही में अरविन्द केजरीवाल को आत्ममुग्ध बौना बताते हुए कुमार विश्वास ने उन पर तंज कसा था। अब ‘आत्ममुग्ध बौने’ का लोग भी मजा ले रहे हैं। दरअसल, कई महीनों से कॉन्ग्रेस के साथ एक अदद गठबंधन को तरस रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री को निराशा हाथ लगी। जिस शीला दीक्षित के ख़िलाफ़ उनके पास हज़ारों पन्नों के सबूत हुआ करते थे, आज उन्हीं शीला दीक्षित के सामने हाथ जोड़ कर खड़े केजरीवाल को शीला ने ऐसी ठोकर मारी कि वो कहीं के न रहे। मिन्नतें की, सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस को सराहा, मोदी को गालियाँ दी- लेकिन सब बेकार। ट्विटर पर लोग कैसे चुप रहते। उन्होंने भी ख़ूब मजे लिए।

ट्विटर पर लोगों ने केजरीवाल द्वारा कॉन्ग्रेस की मिन्नतें करने को फ़िल्मों से जोड़ा और केजरीवाल को राजपाल यादव तो कॉन्ग्रेस को तनुश्री दत्ता के रूप में दिखाया। आप भी देखिए ढोल फ़िल्म के इस दृश्य द्वारा कैसे केजरीवाल के मजे लिए गए। इसी क्रम में ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के डायलॉग से केजरीवाल का स्वागत किया गया। बता दें कि केजरीवाल ‘फिल्म समीक्षक’ भी हैं।

लोगों ने इसी तरह इंसान से लेकर जानवर और पशु-पक्षियों तक के हावभाव को दर्शा कर केजरीवाल से मज़ाक किया। नीचे देखिए कैसे केजरीवला को कंगना रनौत के बहुचर्चित डायलॉग से जोड़ा गया। कॉन्ग्रेस द्वारा ठुकराने के बाद सरजी फिर अपने वही पुराने वाले जुमले पर लौट आए- ‘सब मिले हुए हैं जी!’

अरविन्द केजरीवाल धरना के लिए भी जाने जाते हैं। ऐसे में, कॉन्ग्रेस द्वारा ठुकराए गए केजरीवाल को उनके धरनों को लेकर भी हास्य ट्वीट किए गए। आप भी ऐसे ट्वीट्स के मजे लें।

मंगलवार (मार्च 5, 2019) को दिन में पहले तो ख़बर आई थी कि कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी की डील फाइनल होने वाली है और दोनों ही पार्टियाँ तीन-तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन दोपहर तक तस्वीर साफ़ हुई और कॉन्ग्रेस ने केजरी को ठेंगा दिखा दिया। ट्विटर ने केजरीवाल के जले पर नमक में नींबू मिला कर छिड़का गया।

आप ऊपर देख सकते हैं कि कैसे लोगों ने प्रसिद्ध संगीतकार हिमेश रेशमिया के गाने ‘दर्द दिलों के कम हो जाते…’ को लेकर केजरीवाल और राहुल का चित्रण किया। इसके बाद एक अन्य पुराने गाने को लेकर लोगों ने कुछ यूँ पंक्तियाँ जोड़ी- “दर्द ए दिल, दर्द ए गठबंधन, दिल में जगाया आपने।”

इसके बाद तो हद ही हो गई। एक यूजर ने केजरीवाल को उनके तन-बदन में आग लगा हुआ दिखाया।

भारतीय राजनीति को लेकर बात चल रही हो और नरेंद्र मोदी बीच में न आएँ- ऐसा कैसे हो सकता है। लोगों ने मोदी के ठहाके लगाते हुए चित्र लगा कर केजरीवाल को चिढ़ाया।

और अंत में- इस म्यूजिक के साथ आप भी केजरीवाल के मजे लीजिए ताकि आपका दिन भी मस्त हो जाए।

केजरी-कथा अनंत है और हमें विश्वास है कि उन्हें भविष्य में ऐसे झटके लगते रहेंगे और ट्विटर मजे लेता रहेगा। लोगों की क्रिएटिविटी को दाद देते हुए हम भी कामना करते हैं कि आख़िर कभी न कभी, केजरीवाल की ओर देखेगी कॉन्ग्रेस।

Rape के बाद पीड़िता को जलाने की कोशिश, महिला ने दिखाई हिम्मत और ख़ुद जल कर ख़ाक हुआ दुष्कर्मी

पश्चिम बंगाल की मालदा में एक महिला ने हिम्मत दिखाते हुए दुष्कर्मी को आग में खींच लिया। दरअसल, दुष्कर्मी ने पहले महिला के साथ बलात्कार किया और फिर उसे आग में झुलसा कर मारना चाहा। लेकिन, हिम्मती महिला ने उक्त दुष्कर्मी को भी आग की लपटों में खींच लिया, जिस से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार (मार्च 5, 2019) को इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि महिला का मालदा मेडिकल कॉलेज एन्ड हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पीड़िता के अनुसार, आरोपित अक्सर उसे परेशान किया करता था और सोमवार (मार्च 4, 2019) को मौक़ा देखते ही वह उसके घर में घुस आया।

विधवा महिला ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि पहले तो आरोपित ने उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। इसके बाद महिला ने साहस का परिचय देते हुए आरोपित को कस कर पकड़ लिया। आसपास के लोगों ने घर से आग की लपटें निकलती देखी, जिसके बाद वहाँ भीड़ जमा हो गई। अंदर जाने पर लोगों ने पाया कि पीड़िता और उक्त दुष्कर्मी- दोनों ही आग के लपटों से घिरे हुए हैं। इसके बाद दोनों को अस्पताल पहुँचाया गया लेकिन आरोपित ने दम तोड़ दिया।

पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। जाँच के बाद इस घटना से जुडी अन्य बातें सामने आएगी। लोग उक्त महिला की हिम्मत की तारीफ़ कर रहे हैं। पीड़िता के चेहरे व हाथों को आग के कारण नुकसान पहुँचा है। वह मानिकचक थाने में आने वाली सुभास कॉलोनी की निवासी हैं। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि आरोपित अपने घर से 35 किलोमीटर दूर सुभास कॉलोनी क्यों आया?