Home Blog Page 1245

टोपी वाले ड्राइवर ने बीच सड़क पर खड़ी की ट्रक, चादर बिछाकर पढ़ने लगा नमाज: Video वायरल होने के बाद गुजरात पुलिस ने किया गिरफ्तार

गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर शहर का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक मुस्लिम शख्स बीच रोड पर ट्रक खड़ा कर नमाज पढ़ते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। जानकारी के अनुसार, बीच सड़क पर नमाज पढ़ने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने इस सम्बन्ध में पालनपुर (पश्चिम) के एक थाने में 12 जनवरी 2024 को मामला दर्ज किया था। इसके अगले दिन शनिवार (13 जनवरी 2024) को पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस सम्बन्ध में की गई कार्रवाई का ब्योरा भी दिया है। पुलिस ने बताया है कि सड़क पर नमाज पढ़ने वाले शख्स पर भारतीय दंड संहिता की धारा 283, 186 और 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जाँच में यह सामने आया है कि जिस ट्रक के सामने आरोपित नमाज पढ़ रहा था, वह उसी का है। वीडियो पालनपुर शहर के अरोमा सर्कल का बताया जा रहा है। यह वीडियो शुक्रवार (12 जनवरी, 2024) को वायरल हो गया था। वीडियो में दिखता है कि सड़क पर एक ट्रेलर ट्रक कारों से भरा हुआ खड़ा है। ट्रक के आगे एक मुस्लिम शख्स सर पर टोपी लगाए चादर लेकर बैठा है। वह वायरल वीडियो में बीच सड़क पर नमाज पढ़ते हुए दिखता है। ड्राइवर का नाम बाछल खान बताया गया है।

यह वीडियो यहाँ से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने बना लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया जो वायरल हो गया। इसके बाद यह मामला जब पुलिस के संज्ञान में आया तो उसने इस पर FIR दर्ज कर ली और इसकी जाँच की। इसके बाद इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया।

गौरतलब है कि इससे पहले रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, गार्डन, बड़े शॉपिंग मॉल और शैक्षणिक संस्थानों समेत कई सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने के वीडियो सामने आ चुके हैं। पिछले कुछ समय से ऐसी घटनाएँ बढ़ी हैं। सार्वजनिक स्थल पर नमाज पढ़ने की घटनाओं से गुजरात भी अछूता नहीं है। जूनागढ़ के ऊपरकोट किले के बगीचे के साथ-साथ वडोदरा की एमएस यूनिवर्सिटी में नमाज पढ़े जाने के वीडियो पहले ही सामने आ चुके हैं।

जटाओं से रामरथ खींचकर अयोध्या ला रहे रामभक्त बद्री, 22 जनवरी को लगाएँगे प्रभु की शरण में हाजिरी: 1992 में लिया संकल्प 32 साल बाद होगा पूरा

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में होने जा रहा है। इसी के साथ राम लला के भक्तों के अनोखे संकल्प भी पूरे होंगे। इन्हीं भक्तों में एक मध्य प्रदेश के दमोह के बद्री विश्वकर्मा भी हैं, जिन्होंने राम मंदिर बनने पर रामरथ को अपनी जटा से खींचकर अयोध्या तक लाने का संकल्प लिया था।

अब बद्री विश्वकर्मा का यह संकल्प पूरा करने में लगे हैं। वह 11 जनवरी, 2024 को दमोह के बटियागढ़ से अयोध्या के लिए निकले हैं। वह 14 जनवरी को महोबा के संकटमोचन मंदिर पहुँचे तो वहाँ उनका स्वागत हुआ।

इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा, “अभी तक हमें 566 किलोमीटर चलना है। 300 से 350 किलोमीटर और बचा है। हमने 1992 में संकल्प लिया था। हमारा संकल्प था कि भव्य राम मंदिर बने और हमारे राम मंदिर में श्री राम प्रभु जी विराजमान हो जाएँ तो हम अपनी जटा से रथ बाँधकर पैदल यात्रा करेंगे। अब मुझे 22 तारीख को वहाँ पहुँचना है श्री राम चंद्र जी के चरणों में हाजिरी लगाना है।”

उन्होंने आगे कहा, “जो कोई नहीं करवा सका वो काम हमारे मोदी जी और योगी जी ने करवा दिया है। वो ऐसे संत हैं। मैं उन्हें संत मानता हूँ और मैं सबसे ज्यादा उन्हें धन्यवाद देता हूँ।” वो कहते हैं कि रामभक्तों को इतना प्रेम कभी नहीं मिला।

वो बताते हैं कि 11 दिन में पूरी होने वाली इस यात्रा में हर दिन वो 50 से 60 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। उनका रथ छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से आशीर्वाद लेने के लिए भी जाएगा। इस यात्रा में उनके साथ प्रेरणा देने वाले मनोज देवलिया भी हैं।

उनकी यात्रा गुरुवार को दोपहर 12:30 बजे बटियागढ़ श्रीराम के मंदिर से अयोध्या के लिए निकली थी। यात्रा के रवाना होने से पहले महंत श्री भगवान वेदांताचार्य ने सवा लाख मानस पाठ किया।

बताते चलें कि बद्री विश्वकर्मा खली के नाम से भी दमोह में मशहूर हैं। वो अपनी छाती पर पत्थर रखवाकर उसे हथौड़े से फुड़वाते हैं। हनुमान के उपासक बद्री इंडिया गॉट टैलेंट और खतरों वाले रियलिटी शोज में भी गए है। उनके स्टंट को बॉलीवुड हस्तियों किरण खेर, करण जौहर, मिथुन चक्रवर्ती समेत कई फिल्मी सितारें देख चुके हैं।

राम मंदिर के फैसले पर कहा था ‘₹#डी का बिकना’, मुनव्वर राना का 71 की उम्र में निधन: किडनी, लीवर, हार्ट सब हुआ खराब, वेंटिलेटर से भी नहीं आई सांस

मशहूर शायर मुनव्वर राना का 71 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया। पिछले काफी समय से मुनव्वर बीमार थे। उनका इलाज पीजीआई में चल रहा था। वह वहाँ आईसीयू वार्ड में भर्ती थे। रविवार (14 जनवरी 2024) को साढ़े 11 बजे के आसपास उन्होंने अंतिम सांस ली।

जानकारी के मुताबिक, पिछले दो साल से मुनव्वर को किडनी की बीमारी थी। वह तब से डायलिसिस पर चल रहे थे। इसके साथ उन्हें लीवर की भी बीमारी सीओपीडी थी। 9 जनवरी को हालत खराब होने पर उन्हें पीजीआई में एडमिट किया गया था जहाँ 14 जनवरी को उन्होंने आखिरी सांस ली।

डॉक्टरों ने मीडिया को बताया कि मुनव्वर को किडनी की बीमारी तो थी ही। लेकिन जब 9 जनवरी को उन्हें एडमिट किया गया तो उन्हें सीओपीडी के साथ हार्ट की भी दिक्कत थी, जिसके चलते वेंटिलेटर पर रखा गया। सेहत में सुधार होने के बाद वेंटिलेटर से हटाया गया था लेकिन ज्यादा समय तक बिना वेंटिलेटर रह नहीं सके। दोबारा उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा, जहाँ रविवार को उनका निधन हो गया।

बता दें कि देश के मशहूर शायर मुनव्वर राना कई साहित्यिक अवार्ड पा चुके थे। लेकिन पिछले काफी समय से वो विवादों के कारण खबरों में रहते थे। उन्होंने राम मंदिर का फैसला देने वाले जज के लिए कहा था, “भारत के पूर्व CJI रंजन गोगोई जितने कम दाम में बिके, उतने में हिंदुस्तान की एक ₹#डी भी नहीं बिकती है।“

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की दोबारा सरकार बनने से पहले कहा था कि अगर योगी सरकार दोबारा लौटी तो यूपी छोड़ दूँगा। हालाँकि, हुआ ऐसा कुछ नहीं। मगर 2022 में जब योगी सरकार लौटी तो इसके बाद राना की तबीयत बिगड़ने की खबरें मीडिया में जरूर आईं।

इसी तरह उनकी बेटी के कॉन्ग्रेस ज्वाइन करने, चुनाव लड़ने और मतदान में नोटा से भी कम वोट पाने के बाद राना की काफी फजीहत हुई थी। उनके बेटे ने भी संपत्ति के लालच में अपने ऊपर जब झूठी फायरिंग करवाई थी, तब भी मुनव्वर का नाम उछला था।

इसके अलावा फ्रांस में हुए आतंकी हमले पर भी राना ने अपनी राय दी थी जहाँ एक कार्टून दिखाने के बाद टीचर पर अटैक हुआ था। राना ने आतंकी का बचाव करते हुए कहा था कि अगर कोई उनके माता-पिता का ऐसा कार्टून बना देगा तो वो उसे मार ही देंगे।

’15 मार्च तक मालदीव खाली करें भारत के जवान’: राष्ट्रपति मुइज्जू की धमकी के बाद दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बैठक, पाँव पसारने का मौका ढूँढ रहा चीन

मालदीव ने भारत को अपने सैनिकों और अन्य साजो-सामान वापस लेने के लिए कहा था, अब इस बारे में दोनों तरफ के उच्चाधिकारियों की बैठक हुई है। चीन के दौरे से लौटने के बाद मुइज्जू सरकार और भारत सरकार के समकक्षों के बीच ये हाई लेवल मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में कई मुद्दों से इतर जो मुद्दा सबसे अहम रहा, वो ये है कि मालदीव की जमीन से भारतीय सैनिकों की वापसी कब तक होगी। दरअसल, मालदीव में भारत की एक छोटी सी टुकड़ी मौजूद है, जो मालदीव को दिए डॉर्नियर विमान, हेलीकॉप्टरों को ऑपरेट करती है।

मुइज्जू को मालदीव में भारत विरोधी के तौर पर ही सत्ता मिली है। ऐसे में भारत से बढ़ते तनाव के बीच वो अपनी कुर्सी को लेकर चिंतित हैं। हाल ही में माले के मेयर चुनाव में मुइज्जू के समर्थक प्रत्याशी की हार के बाद उन पर भारत विरोधी कामों में तेज़ी लाने का भी दबाव है, क्योंकि आम जनता अब भारत के नज़दीक जाती दिख रही है। ऐसे में मालदीव की राजधानी में एक हाई लेवल मीटिंग हुई है, जिसमें मालदीव-भारत संबंधों के अतिरिक्त भारतीय सैनिकों की वापसी के मुद्दे पर भी बात हुई। चूँकि मुइज्जू इसी वादे के साथ चुनाव जीते थे कि वो भारतीय सैनिकों को मालदीव की जमीन से हटा देंगे, ऐसे में उनके लिए ये जरूरी काम हो चला है।

इस समय मालदीव में 77 भारतीय सैन्यकर्मी हैं। मालदीव में पहले हेलीकॉप्टर का प्रबंधन करने के लिए 24 भारतीय सैन्यकर्मी, डोर्नियर विमान का प्रबंधन करने के लिए 25 भारतीय, दूसरे हेलीकॉप्टर का प्रबंधन करने के लिए 26 भारतीय और रखरखाव और इंजीनियरिंग के लिए दो अन्य भारतीय कर्मी हैं। ऐसे में वो चाहता है कि जल्द से जल्द भारत मालदीव की जमीन से हट जाए, ताकि चीन को पैर फैलाने का मौका दिया जा सके।

दरअसल, मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू शनिवार (13 जनवरी 2023) को ही चीन की पाँच दिन की यात्रा से लौटे हैं। उन्होंने मालदीव पहुँचते ही कहा था कि हमारा देश भले ही छोटा है लेकिन हमें बुली करने का लाइसेंस किसी के पास नहीं है। हालाँकि, मुइज्जू ने प्रत्यक्ष तौर पर किसी का नाम लेकर ये बयान नहीं दिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका निशाना भारत की तरफ है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से भारत-मालदीव के बीच तनाव चल रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने के बाद भारतीयों ने मालदीव को निशाने पर लिया था। इस विवाद के बाद मालदीव के तीन मंत्री जो मुइज्जू के नजदीकी माने जाते थे, उन्हें अपनी कुर्सी गँवानी पड़ी थी। वहीं, इस विवाद के बाद हजारों भारतीयों ने मालदीव का ट्रिप कैंसिल कर दिया था, जिसके बाद मालदीव की हालत खराब है।

काले खाँ ने हिन्दू किसान नेता को मार डाला, भाई घायल: मंदिर के लिए चंदा माँग रहे थे, पुलिस ने नकारा सांप्रदायिक एंगल

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रविवार सुबह (14 जनवरी, 2024) दो भाई राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन गाँव के मंदिर में होने वाले कार्यक्रम के लिए चंदा माँग रहे थे। जय श्रीराम नारे लगाते दोनों भाइयों पर गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर ने तलवार और तमंचे से हमला किया। हालाँकि, उन्नाव पुलिस ने अपने ताज़ा बयान में किसी भी प्रकार के धार्मिक एंगल को नकार दिया है। पुलिस के अनुसार, FIR में वादिनी द्वारा ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

इसमें एक भाई की मौत हो गई और दूसरा बुरी घायल हो गया। मृतक विनोद कश्यप किसान नेता था। हत्या के बाद लोगों ने गंगा पुल पर जाम लगा दिया। लोगों ने नारेबाजी करते हुए आरोपित के एनकाउंटर की माँग की। इसे लेकर इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात है।

पुलिस ने मृतक की पत्नी प्रीति कश्यप की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर गंगा घाट रामफल प्रजापति के मुताबिक, झगड़ा हुआ है, मामले जाँच की जा रही है और आरोपित पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक,अयोध्या में 22 जनवरी, 2024 को प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन गाँव के मंदिर में होने वाले कार्यक्रम के लिए मोहल्ला चंपा पुरवा में भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव विनोद कश्यप अपने छोटे भाई दुर्गा शंकर कश्यप उर्फ बउआ के साथ चंदा इकट्ठा कर रहे थे।

रविवार सुबह दोनों जय श्रीराम का जयघोष करते चंदा माँग रहे थे। इस दौरान गोताखोर मोहल्ले में रहने वाला हिस्ट्रीशीटर काले खाँ अपने साथियों के साथ पहुँचा और उनसे गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। काले खाँ ने बड़े भाई विनोद पर तलवार से हमला किया। जब बड़े भाई को बचाने के लिए छोटे भाई दुर्गा शंकर आए तो उन्हें तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद काले खाँ हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गया।

दोनों भाइयों को पास के अस्पताल में ले जाया गया। यहाँ से बड़े भाई को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया। वहाँ डॉक्टरों ने किसान नेता विनोद को मृत घोषित कर दिया। घायल छोटे भाई दुर्गा शंकर ने बताया कि उनके मोहल्ले में मंदिर है। वहाँ 22 जनवरी वहाँ कार्यक्रम होना है।

उन्होंने आगे बताया, “भाई और मैं इसी के लिए चंदा माँगने गए थे। काले खाँ ने हम पर हमला कर दिया। वह कह रहा था कि ज्यादा जय श्रीराम के नारे लगा रहे हो। इसके बाद हमें दौड़ा दिया गया।” घायल छोटे भाई के मुताबिक, “मेरे और मेरे बड़े भाई के साथ मारपीट की गई। मेरे हाथ खून से रंगे हुए थे। मैं पुलिस के पास गया, तो पुलिस एप्लिकेशन देने की बात करने लगी। किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।”

उन्होंने आगे कहा, “हमें दौड़ाया गया, हमारे हाथ खून से अभी तक सने हैं। मैंने कहा कि मैडम पैर छू रहे हैं। मैडम, सर जल्दी चलिए। अगर पुलिस वक्त पर पहुँच जाती, तो यह घटना नहीं होती।”

मौके पर मौजूद लोगों का कहना था की हिस्ट्रीशीटर काले ख़ाँ का कई साल से इलाके में आतंक है। वह कई आपराधिक वारदातें कर चुका है। उसके डर की वजह से लोग थाने में उसकी शिकायत नहीं करते।

पुलिस ने खारिज की धार्मिक एंगल की बात

उन्नाव पुलिस ने इस संबंध में बयान जारी कर बताया कि गंगाघाट में दो समुदायों के बीच 14 जनवरी को मारपीट की घटना घटित हुई थी, उसके संबंध में एक पक्ष के द्वारा थाना गंगाघाट पर तहरीर दी गई कि उनके परिवार के सदस्यों पर दूसरे पक्ष के काले नाम व्यक्ति द्वारा पैसे की माँग की गई एवं उनके साथ मारपीट की गई तथा पत्थर मारा गया, जिस कारण परिवार के दो व्यक्तियों को चोटें आईं।

पुलिस ने आगे बताया कि उन्होंने इस मामले को दर्ज करके दोनों घायलों को उपचार हेतु अस्पताल पहुँचाया, लेकिन वहाँ पर विनोद कश्यप नामक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। इसी मामले में अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन हो चुका है।

उन्होंने मीडिया में प्रसारित खबरों को लेकर कहा कि कुछ रिपोर्ट्स में इस घटना के पीछे धार्मिक कारण बताया जा रहा है, लेकिन प्रथम सूचना रिपोर्ट में ऐसा कुछ भी नहीं बताया गया था। पुलिस के अनुसार, सभी तथ्यों की जाँच कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

‘150 करोड़ लोगों के नेता हैं PM मोदी, उन पर ख़राब टिप्पणी की चुकानी पड़ेगी कीमत’: अभिनेता नागार्जुन ने रद्द की मालदीव की ट्रिप, बोले – अब लक्षद्वीप जाऊँगा

मालदीव को भारत से पंगा लेना भारी पड़ गया है। इस मुल्क को सबक सिखाने वाली भारतीय हस्तियों की लिस्ट में साउथ के एक्टर नागार्जुन अक्किनेनी का नाम भी शामिल हो गया है। नागार्जुन ने मालदीव की हॉलीडे ट्रिप रद्द करने का ऐलान कर डाला और वो भी ‘बॉयकॉट मालदीव’ कैंपेन में शामिल हो गए।

संगीतकार एम एम कीरावनी के साथ एक वीडियो अनुभवी स्टार नागार्जुन ने दावा किया कि वह अपने परिवार के साथ छुट्टियों के लिए मालदीव जाने की योजना बना रहे थे। इसमें वो कहते हैं, “मुझे छुट्टियों के लिए 17 जनवरी को मालदीव जाना था क्योंकि मैं अपने परिवार के लिए ज्यादा वक्त नहीं निकाल सका था। मैं ‘बिग बॉस’ और ‘ना सामी रंगा’ के लिए 75 दिनों तक बगैर ब्रेक के काम कर रहा था।”

उन्होंने आगे कहा, “अब मैंने अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और अगले हफ्ते लक्षद्वीप जाने की सोच रहा हूँ। मैं कई बार मालदीव जा चुका हूँ। दरअसल, मुझे 17 जनवरी को छुट्टियों के लिए मालदीव जाना था, लेकिन मैंने इस साल मालदीव नहीं जाने का फैसला किया क्योंकि उनके मंत्रियों की भारत और पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणियाँ भयानक थीं।”

तेलुगू फिल्मों में दशकों से सक्रिय नागार्जुन आगे कहते हैं, “हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनके मंत्रियों की टिप्पणियाँ खराब थीं और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। पीएम मोदी 1.5 अरब लोगों के नेता हैं और दुनिया भर में उनका बहुत सम्मान किया जाता है।”

नागार्जुन अपनी गाँवों पर केंद्रित फिल्म ‘ना सामी रंगा’ की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि ‘द घोस्ट’ जैसी कुछ नाकामियों के बाद फिर से बॉक्स ऑफिस पर वापसी कर सकें। ये फिल्म 2019 में आई मलयालम फिल्म ‘पोरिंजू मरियम जोस’ की आधिकारिक तेलुगु रीमेक है। बताते चलें कि एक्टर नागार्जुन पहले नहीं है जिन्होंने ‘बॉयकॉट मालदीव’ कैंपेन का समर्थन किया है। इससे पहले क्रिकेट, बॉलीवुड जगत की हस्तियों सहित ट्रिप ऑपरेट करने वाली भारतीय कंपनियाँ मालदीव को आईना दिखा चुकी है।

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉयज (FWICE) ने भी एक प्रेस रिलीज जारी करके मालदीव में शूटिंग का विरोध किया तो वहीं MEA ने मालदीव के हाई कमिश्नर इब्राहीम हबीब को तलब किया। मालदीव विवाद में इजरायल भारत के समर्थन में उतरा और लक्षद्वीप में प्रोजेक्ट की शुरुआत का ऐलान किया।

दरअसल पीएम मोदी की लक्षद्वीप की यात्रा को लेकर मालदीव के चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू सरकार के तीन मंत्रियों ने आपत्तिजनक बयान दिए थे। इसे लेकर भारतीयों ने खासा एतराज जताया। इन तीनों मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया गया, लेकिन से मामला ठंडा नहीं पड़ा।

मोहम्मद मुइज्जू की सरकार निशाने पर आ गई है। मालदीव में संसदीय अल्पसंख्यक नेता अली अजीम ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की अपील की। वहीं ताजा घटनाक्रम में मुइज्जू की पार्टी पीपुल्स नेशनल कॉन्ग्रेस मालदीव की राजधानी माले के मेयर का चुनाव हार गई है। मुइज्जू की पार्टी के उम्मीदवार ऐशथ अजीमा शकूर बुरी तरह से हारी हैं। इन चुनावों में भारत समर्थक मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार आदम अजीम को भारी जीत मिली है।

कॉन्ग्रेस का हाथ छोड़ मिलिंद देवड़ा ने CM शिंदे की मौजूदगी में थामा शिवसेना का भगवा झंडा: सिद्धिविनायक मंदिर में किया दर्शन, बोले- पीएम मोदी का विजन पसंद

पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में उन्होंने रविवार (14 जनवरी 2024) को पार्टी की सदस्यता ली। पार्टी में शामिल कराने के बाद एकनाथ शिंदे ने उन्हें भगवा झंडा भी दिया। मिलिंद देवड़ा ने शिवसेना में शामिल होने के बाद अपने आपको भावुक दिन बताया।

उन्होंने कहा, “मैंने कभी सोचा नहीं था कि 55 सालों का कॉन्ग्रेस का साथ छोड़कर मैं शिवसेना में आऊँगा।” मिलिंद देवड़ा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को जमीनी नेता बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के विजन को बहुत बड़ा बताया।

देवड़ा ने कहा कि बीते 10 सालों में मुंबई में एक भी आतंकी हमला नहीं होना, ये बताता है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश बेहतर काम कर रहा है। उन्होंने घोषणा की है कि अब फिर से मुंबई को आर्थिक राजधानी बनाना है। फाइनेंस के मामले में मुंबई को फिर से आगे ले जाना है।

कॉन्ग्रेस पर गलत लोगों का कब्जा, सच बोलने वालों को छोड़नी पड़ती है पार्टी

मिलिंद देवड़ा के कॉन्ग्रेस से इस्तीफे पर कॉन्ग्रेस के नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “कॉन्ग्रेस में कुछ ऐसे लोगों का कब्जा हो गया है, जो न तो सच सुनना चाहते हैं न सनातन और राम की बात सुनना चाहते हैं। जो श्रीराम और सच की बात तथा जमीनी हकीकत को बताने की कोशिश करेगा, उसे कॉन्ग्रेस छोड़नी पड़ रही है… भगवान राम के मंदिर के निमंत्रण को जिस तरह ठुकराने का काम किया गया है, मुझे लगता है कि उनका प्रकोप शुरु हो गया है…।”

सिद्धिविनायक मंदिर में किए दर्शन

शिवसेना ज्वॉइन करने से पहले मिलिंद देवड़ा सिद्धिविनायक मंदिर गए। उन्होंने मंदिर में दर्शन किए और आशीर्वाद लेकर शिवसेना में नई पारी की शुरुआत की। देवड़ा ने एक्स पर लिखा, “मैंने श्री सिद्धिविनायक मंदिर में जाकर श्री गणपति जी के दर्शन किए और बाबा के आशीर्वाद से नई ऊर्जा मिली। गणपति महाराज जी से मुंबई और देश की सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।”

मिलिंद देवड़ा बाला साहेब ठाकरे की समाधि स्थल पर भी गए। उन्होंने एक्स पर आगे लिखा, “आदरणीय श्री बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने महाराष्ट्र के लिए जो काम किया है, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। महाराष्ट्र के प्रत्येक व्यक्ति के मन में उनका स्थान अटल है। आज मैंने इस अवसर पर उन्हें नमन करते हुए हमारे राज्य के प्रत्येक व्यक्ति के लिए काम करने का संकल्प लिया।”

कौन हैं मिलिंद देवड़ा?

मिलिंद देवड़ा मुंबई से कॉन्ग्रेस के नेता रहे हैं। वो दो बार लोकसभा सांसद रहे और यूपीए सरकार के समय केंद्रीय मंत्री भी थे। मिलिंद देवड़ा 14वीं लोकसभा में सबसे कम उम्र के सांसद थे। उनके पिता मुरली देवड़ा कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं में से एक रहे हैं। वो राजीव गाँधी के बहुत करीबी माने जाते थे। मुरली देवड़ा कई बार केंद्रीय मंत्री रहे थे।

प्रधानमंत्री आवास में स्वदेशी प्रजाति की गायों को दुलारते PM मोदी, अपने हाथ से खिलाया चारा: सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपने आधिकारिक आवास पर मकर संक्रान्ति पर गायों को खाना खिलाने की तस्वीरें सामने आई हैं। प्रधानमंत्री इन तस्वीरों में गायों को दुलारते हुए दिख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आज (14 जनवरी, 2024) को पोंगल भी मनाया है।

प्रधानमंत्री की इन तस्वीरों में वह प्रधानमंत्री आवास पर पली गायों को चारा खिलाते हुए दिख रहे हैं। एक तस्वीर में वह गायों से स्नेह जताते हैं। उनके आसपास कई सारी गाय मौजूद हैं। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास पर मौजूद यह सभी गाय भारतीय प्रजातियों की हैं।

प्रधानमंत्री के आवास पर मौजूद अधिकाँश गाय पुन्गनूर प्रजाति कि बताई जा रही हैं। यह गाय आकार में काफी छोटी होती हैं और देखने में काफी सुन्दर लगती हैं। इन गायों को संरक्षित करने के लिए विशेष प्रयास भी किए जा रहे हैं। पुन्गनूर आंध्र प्रदेश की गायों की एक प्रजाति है।

प्रधानमंत्री इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री एल मुरुगन के घर पर पहुँचे। यहाँ उन्होंने तमिल त्यौहार पोंगल भी मनाया और यहाँ मौजूद लोगों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान यहाँ बनाए जा रहे प्रसाद में भी हिस्सा लिया और साथ यहाँ आयोजित किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और तेलंगाना की राज्यपाल तमिलसाई सौंदराजन भी मौजूद रहीं। यहाँ प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत तमिल से की। उन्होंने इस दौरान कहा कि पोंगल का त्यौहार एक भारत- श्रेष्ठ भारत को दर्शाता है। उन्होंने यहाँ लोगों की अच्छे जीवन की कामना की।

प्रधानमंत्री ने कहा, “कल ही देश ने लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया, कुछ लोग आज उत्तरायण मना रहे हैं, कुछ कल मनाएँगे। माघ बीहू आने वाला है। मैं इन सभी पर्वों को बधाई देता हूँ।” प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पूरे पर्व के केंद्र में किसान हैं। उन्होंने कहा कि भारत का हर त्यौहार किसी ना किसी रूप से गाँव, किसानी और फसल से जुड़ा होता है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान एक गीत प्रस्तुत करने वाली एक लड़की को खुश हो कर अपनी शॉल भेंट की। लड़की ने प्रधानमंत्री मोदी के पैर छुए। प्रधानमंत्री इसके अलावा अन्य कलाकारों से भी मिले। गौरतलब है कि पोंगल का त्यौहार तमिल लोगों द्वारा चार दिनों तक मनाया जाता है।

‘हाथ काट दूँगा…’: केरल में सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन के नेता ने दी खुलेआम धमकी, FIR दर्ज, मौलवियों की संस्था से जुड़ा है नाम

केरल में इस्लामी संस्था ‘समस्त केरल सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन’ (SKSSF) के एक नेता का विवादित बयान सामने आया है। SKSSF के उपाध्यक्ष सतार पंथाल्लुर ने विवादित बयान देते हुए हाथ काटने की धमकी दी है। इसके बाद पुलिस ने शनिवार (13 जनवरी) FIR दर्ज कर ली। समस्त केरल सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन दरअसल इस्लामी संगठन ‘समस्त केरल जमीयतुल उलेमा’ का छात्र विंग है।

सतार ने उन लोगों के हाथ काटने की धमकी दी है, जो कि केरल जमीयतुल उलेमा के पदाधिकारियों का अपमान करते हैं। केरल के मलप्पुरम की एक सभा में बोलते हुए सतार ने कहा था, “SKSSF के कार्यकर्ता हर उस आदमी का हाथ काट देंगे जो कि संस्था के नेताओं का अपमान करेगा या उनकी छवि बिगड़ने की कोशिश करेगा। संस्था के कार्यकर्ता उसके लिए जान देने को तैयार हैं।”

सतार पंथाल्लुर ने इस्लाम की वहाबी विचारधारा की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, “वहाबी विचारधारा ने ISIS जैसे आतंकियों को मान्यता दी है। केरल में मुस्लिमों को इसका बोझ सहना पड़ता अगर संस्था ने ऐसे लोगों के साथ हाथ मिलाया होता।” बता दें कि केरल जमीयतुल उलेमा केरल में सुन्नी मुस्लिमों का बड़ा संगठन है, जिसका मुस्लिमों में बड़े स्तर पर प्रभाव है।

इस संगठन की विगत कुछ दिनों से केरल की एक और इस्लामी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) से अनबन चल रही है। हालाँकि, संस्था का एक धड़ा IUML का समर्थन भी करता है, लेकिन दूसरा धड़ा कम्युनिस्ट पार्टियों का नजदीकी माना जाता है। IUML केरल की विपक्ष की पार्टी है। इसका कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन है। वहीं, कम्युनिस्ट पार्टी केरल की सत्ता में हैं।

सतार पंथाल्लुर उन लोगों में से माने जाते हैं जो कि संस्था में IUML का प्रभाव नहीं होने देना चाहते। उनका बयान भी IUML के महासचिव PMA सलाम के बयान के विरोध में देखा जा रहा है। सलाम ने कुछ दिन पहले ही संस्था के मुखिया मुहम्मद जिफरी मुत्थाकोया थंगल के विरुद्ध अपमानजनक बयान दिया था।

सतार पंथाल्लुर के हाथ काटने वाले इस बयान पर अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सतार पंथाल्लुर के खिलाफ मलप्पुरम में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई है। जिले के पुलिस अधीक्षक का कहना है कि उनका यह बयान दंगा भड़का सकता है।

राम से ऐसे जुड़ा नाता कि स्कॉटलैंड से आगरा चली आईं जूली बेंटले, रामलला के दर्शन का कर रहीं इंतज़ार: मुँहबोले बेटे के गाँव में ढोल बजा कर स्वागत

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में होने जा रहा है, लेकिन उनके दर्शन के लिए देश के लोग ही नहीं बल्कि विदेशी भी उतने ही उत्साहित है। यूके से उत्तर प्रदेश के आगरा आई 65 साल की महिला जूली बेंटले भी राम भक्तों में से एक है।

वो अपने मुंहबोले बेटे आगरा के 24 साल के भानु प्रताप सिंह के घर आई है। वो यहाँ रामलला के राम मंदिर में विराजने के साल ही उनके दर्शनों की चाह लेकर आई हैं। स्कॉटलैंड की बेंटले गुरुवार (11 जनवरी, 2024) को आगरा दिल्ली हाईवे पर रुनकता में भानु प्रताप के घर पहुँचीं।

भानु के परिवार ने उनका शानदार स्वागत किया। जूली भानु को अपना बेटा मानती हैं। पेशे से इंजीनियर रहीं जूली रामभक्त हैं। भगवान श्रीराम में उनकी आस्था है। वो राम भक्त भगवान हनुमान को भी मानती हैं। उन्हें भारतीय धर्म और हिंदू संस्कृति बहुत पसंद है।

जूली ने कहा, “मैं अपने बेटे से मिलने आगरा (भारत) आया हूँ। सभी ने ढोल बजाकर मेरा स्वागत किया जो मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। मैंने भी खुशी-खुशी गाँववालों के साथ ढोल-नगाड़ों पर डांस किया। मैं यहाँ रुनकता में भानु के घर पर छह दिनों तक रहूँगी, धार्मिक स्थलों का दौरा करूँगी और भारतीय संस्कृति के बारे में सीखूंगी।”

बेंटेले का दिल 22 जनवरी, 2024 को श्रीराम के दर्शन करने अयोध्या जाने का था, लेकिन उन्हें वीजा को लेकर कुछ परेशानी पेश आ गई। उनका कहना है कि अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन इस साल ही करने हैं। इसके लिए वो इस साल फिर से भारत आएँगी और रामलला के दर्शन करेंगी। बेंटेले अयोध्या विवाद से वाकिफ हैं। वो कहती हैं, “भगवान राम 500 साल बाद अयोध्या में आ रहे हैं। यहाँ 22 जनवरी के दिन लोग दिवाली मना रहे हैं। मैं जल्द भारत वापस आकर अयोध्या दर्शन के लिए जाऊँगी।”

भानु एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में एंकर का काम करता है। भानु और जूली की पहली मुलाकात लगभग एक साल पहले राजस्थान के भरतपुर जिले के लक्ष्मी विलास पैलेस में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। उस दौरान जूली बेंटले भरतपुर में केवलादेव घाना पक्षी अभयारण्य देखने आई थीं।

जब जूली को समारोह और समृद्ध भारतीय संस्कृति का पता चला तो वह बेहद प्रभावित हुईं। तभी जूली बेंटले और भानु प्रताप की पहली मुलाकात हुई। समारोह में उन्होंने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर लिए और तब से वो संपर्क में हैं।

भानु बताते हैं कि जूली के साथ ऑनलाइन संपर्क में रहने के दौरान उनके बीच माँ-बेटे का रिश्ता बन गया। वो अपने मुँहबोले बेटे भानु से दुख-सुख भी शेयर करती हैं। बताते चलें कि जूली बेंटले की कोई संतान नहीं है जबकि 3 साल पहले उनके पति की भी मौत हो चुकी है।

भानु कहते हैं, “उन्होंने मुझे अपने बेटे के रूप में स्वीकार किया। मैं भी उन्हें अपनी माँ मानता हूँ। वह एक माँ की तरह मेरा ख्याल रखती हैं। अब हम माँ-बेटे हैं।” जूली भी कहती हैं कि भानु प्रताप को वो अपना बेटा मानती हैं।