Home Blog Page 1255

डोनाल्ड ट्रम्प के कई लड़कियों के साथ यौन संबंध: ‘सेक्स टेप’ केस में बोली पीड़िता

अभी दुनिया भर में जेफरी एप्सटीन के साथ बड़े-बड़े नेताओं और सेलेब्स का नाम जुड़ने के कारण बवाल मचा हुआ है। जेफ्री एप्सटीन लड़कियों की तस्करी करने वाला माफिया था, जिसके पास अमेरिका के वर्जीनिया में 72 एकड़ का एक प्राइवेट द्वीप भी था। इसका नाम है – लिटिल सेंट जेम्स आइलैंड। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों डोनाल्ड ट्रम्प एवं बिल क्लिंटन के अलावा UK के प्रिंस एंड्रू तक का नाम जेफरी एप्सटीन के ग्राहकों में जुड़ा है। मामला अमेरिका की अदालत में चल रहा है।

इसी बीच पीड़िताओं में से एक सारा रैनसम सामने आई हैं। उन्होंने बताया है कि डोनाल्ड ट्रम्प के कई लड़कियों के साथ यौन संबंध थे, जिनमें से एक सारा की दोस्त भी थी। बकौल सारा रैनसम, जेफरी एप्सटीन के न्यूयॉर्क स्थित टाउनहाउस पर डोनाल्ड ट्रम्प देखे गए थे। सारा ने बताया, “मेरी दोस्त ने मुझे डोनाल्ड ट्रम्प के साथ उसकी अनौपचारिक दोस्ती के बारे में बताया था। डोनाल्ड ट्रम्प के मन में उसके लिए कुछ न कुछ था। उसने मुझे बताया कि कैसे ट्रम्प लगातार बताते रहते थे कि वो ‘कुसुमित (Pert) निप्पल्स’ को कितना पसंद करते हैं।”

पीड़िता ने ये भी बताया कि उसने डोनाल्ड ट्रम्प की हरकतों के कारण कई बार लड़कियों की निप्पल्स में दर्द हो जाता था और वो इसकी गवाह है। सारा रैनसम ने आरोप लगाया कि जेफरी एप्सटीन के न्यूयॉर्क स्थित बँगले पर उसने अपनी दोस्त को डोनाल्ड ट्रम्प के साथ देखा था। कोर्ट में डाले गए दस्तावेज में तो सारा ने डोनाल्ड ट्रम्प को ‘Pedophile (बच्चों के प्रति कामुकता रखने वाला)’ तक बता दिया है। साथ ही उन्होंने बिल क्लिंटन पर भी कई आरोप लगाए हैं।

कोर्ट के दस्तावेज में पीड़िता ने कहा है, “डोनाल्ड ट्रम्प मेरी दोस्त की निप्पल्स को तब तक उँगलियों से दबा कर हिलाते रहते थे और चूसते रहते थे, जब तक उन पर एकदम से निशान न बन जाएँ। एक शाम जब मैं और मेरी दोस्त साथ नहा रही थी तो उसने मुझे अपने निप्पल्स दिखाए। ये काफी दुःखदायी था। वो लाल हो गए थे और सूजे हुए थे। मैं उसके निप्पल्स को देख कर डर गई थी।” उसने कहा कि ट्रम्प व क्लिंटन वगैरह ने जो किया उन्हें इसकी सज़ा मिलनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि बिल क्लिंटन के खिलाफ चुप रहने के लिए उनकी पत्नी हिलेरी ने लोगों को भेज कर जबरन उनसे समझौते के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाए। उन्होंने कहा कि 2008 में उनकी एक दोस्त ने एप्सटीन, क्लिंटन, गायक ब्रेनसन और ट्रम्प के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पीड़िता ने कहा कि उल्टा उसकी दोस्त को ‘गंदी वेश्या और झूठी’ महसूस कराया गया। ‘क्लिंटन फाउंडेशन’ ने लड़की को चुप रहने के लिए पैसे भी दिए थे।

‘भगवान राम और हनुमान का भक्त हूँ’: साउथ अफ्रीका के केशव महाराज ने बताया क्यों उनके आते ही मैदान में बजने लगता है ‘राम सियाराम’

साउथ अफ्रीका के स्पिनर व अपनी हिंदू आस्था के लिए पहचाने जाने वाले केशव महाराज ने खुलासा किया है कि भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान जब वो बल्लेबाजी के लिए आते थे, तो ‘राम सियाराम’ गाना क्यों बजाया जाता था।

दरअसल, ऐसा इसलिए होता था क्योंकि खुद केशव महाराज ने ही एंट्रेंस सॉन्ग बजाने वाले शख्स को ये गाना बजाने को कहा था। केशव के अनुसार इस गाने के कारण उन्हें अपने जोन में आने में मदद मिलती थी और वो एकाग्र होकर गेम खेल पाते थे।

महाराज ने इस गाने को लेकर कहा– “ये मेरा एंट्रेंस गाना है। मैं भगवान हनुमान और भगवान राम का भक्त हूँ इसलिए सोचता हूँ कि ये गाना एकदम फिट है।”

उन्होंने कहा, “यह एक ऐसी चीज थी, जिसे मैंने खुद मीडिया लेडी से कहा था और ये सॉन्ग लगाने की रिक्वेस्ट की थी। भगवान का मेरे ऊपर काफी आर्शीवाद रहा है। उन्होंने मुझे हर समय राह दिखाई है, तो मैं कम से कम ये तो कर ही सकता हूँ। इससे मुझे अपने जोन में आने में मदद मिलती है। जब आप मैदान में प्रवेश करें तो फिर बैकग्राउंड में ‘राम सियाराम’ की धुन सुनना अच्छा लगता है।”

बता दें कि भारत साउथ अफ्रीका के बीच पिछले दिनों टेस्ट सीरिज हुई थी। ये सीरिज 1-1 के साथ ड्रॉ रही। लेकिन इसकी चर्चा केशव महाराज के कारण खूब हुई। हाल में जब उन्हें भारत के खिलाफ टेस्च मैच मैदान में उतरते देखा गया तो उनकी एंट्री के समय भी ‘राम सियाराम’ गाना बजा। इसे सुनकर विराट कोहली ने भी उन्हें नमन किया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

देख सकते हैं कि इसमें भारतीय टीम के खिलाड़ी विराट कोहली गाना सुनकर भगवान श्री राम के अंदाज में धनुष चलाते नजर आते हैं और उसके बाद नमन करते हैं।

केशव महाराज का एंट्रेंस सॉन्ग देखकर विराट कोहली का रिएक्शन

ब्रिटेन से ₹58 करोड़ की फंडिंग, रोहिंग्या-बांग्लादेशी मुस्लिमों को भारत में बसाता था: यूपी ATS ने NGO चलाने वाले अबू सालेह को दबोचा

उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने रोहिंग्याओं को अवैध रूप से देश में बसाने वाले सिंडिकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। लखनऊ से आरोपित अबू सालेह मंडल है और वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। 50 साल का मंडल एक एनजीओ भी चलाता है, जिसमें वह इन कामों के लिए देश-दुनिया से फंडिंग लेता है। उस पर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

यूपी एटीएस ने अबू सालेह मंडल के पास एक लाख रुपए नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किया है। मंडल ने यूपी के देवबंद स्थित मदरसे से पढ़ाई की है। वह एक सिंडिकेट बनाकर म्यांमार से आने वाले रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए अवैध एवं फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाकर उन्हें भारत के अलग-अलग शहरों में बसाता था। इसकी जानकारी यूपी एटीएस को काफी समय से मिल रही थी।

इस इनपुट के आधार पर यूपी एटीएस ने कार्रवाई करने के लिए एक टीम बनाई। इसके बाद इस सिंडिकेट से जुड़े 6 लोगों की गिरफ्तारी की थी। गिरफ्तार लोगों में अदिलुर रहमान असरफी, अबु हुरैरा गाजी, शेख नजीबुल हक, तानिया मंडल, इब्राहिम खान और मोहम्मद अब्दुल अव्वल शामिल है। इनसे पूछताछ के बाद मंडल के कारनामों की जानकारी मिली थी।

अबू सालेह ने ATS को बताया कि वह हरोआ-अल जमियातुल इस्लामिया दारूल उलूम मदरसा और कबीरबाग मिल्लत एकेडमी नाम से दो ट्रस्ट चलाता है। इन ट्रस्टों के FCRA खातों में ब्रिटेन के उम्मा वेलफेयर ट्रस्ट से साल 2018-22 तक लगभग 58 करोड़ रुपए आए। उम्मा ट्रस्ट को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और उनकी मदद करने के कारण अमेरिका प्रतिबंधित कर चुका है।

विदेशों से मिले इस फंड के एक बड़े हिस्से को वह अपनी टीम के सदस्यों के मार्फत फर्जी बिलिंग कराकर नगद हासिल कर लेता था। इतना ही नहीं, अबू सालेह ने अब्दुल्ला गाजी नाम के एक आरोपित के साथ मिलकर गाजी फूड्स सप्लाई और गाजी मैसनरीज नाम से फर्जी फर्म बना लिया और इसके जरिए फंडों की बिलिंग की गई। यह फर्म केवल कागजों में है।

एटीएस की पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि उसे कुछ नकदी उसे हवाला के जरिए भी मिले थे। इन पैसों का इस्तेमाल वह रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिमों को भारत में घुसपैठ कराने और उन्हें बसाने के लिए करता था। इतना ही नहीं, वह इन लोगों को आर्थिक मदद भी देता था और फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाता था। कुछ पैसों का इस्तेमाल वह अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में भी करता था।

यूपी एटीएस ने जब सबूत जुटा लिए तो अबू सालेह मंडल को लखनऊ के मानकनगर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एटीएस के एडीजी मोहित अग्रवाल का कहना है अबू सालेह मंडल के खिलाफ पुख्ता सबूत है। उन्होंने यह भी कहा कि उससे कुछ अहम जानकारियाँ हासिल करना बाकी है। इसके लिए जरूरत पड़ी तो उसे पुलिस रिमांड पर भी लिया जाएगा।

बताते चलें कि ATS ने जुलाई 2023 में एक साथ मथउरा, अलीगढ़, हापुड़ सहित कई जिलों में छापेमारी करके अवैध रूप से रह रहे 60 से अधिक रोहिंग्या मुस्लिमों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए रोहिंग्याओं को पशुओं के कटान वाली फैक्ट्री में नौकरी दी गई थी। इनके पास भी फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद हुए थे।

नाले की सफाई और टोंटी सही कराने जैसे कामों पर खर्च कर दिए ₹29 करोड़, अरशद-अहमद जैसों को ठेका: RTI खुलासे के बाद घिरे ‘शीशमहल’ वाले अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने अपने आधिकारिक आवास में छोटे-मोटे कामों के लिए वर्ष 2015 से 2022 के बीच ₹29 करोड़ खर्च कर दिए। यह खुलासा एक RTI से हुआ है। भाजपा ने इसको लेकर केजरीवाल पर प्रश्न उठाए हैं।

एक्स (पहले एक्स) पर सुमित जोशी नाम के शख्स ने इस RTI की एक फोटो डाली है। RTI में प्रश्न पूछा गया था कि केजरीवाल के दिल्ली के आधिकारिक आवास पर वर्ष 2015 से लेकर वर्ष 2022 तक सिविल कामों (इलेक्ट्रिक वायरिंग, प्लंबिंग और लकड़ी के काम) पर कितना पैसा खर्च किया गया और इसका ठेका किसे दिया गया।

RTI के जवाब में दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बताया है कि 31 मार्च 2015 से 27 दिसम्बर 2022 तक केजरीवाल के आवास में प्लंबिंग (टोंटी, पाइप और पानी की आपूर्ति से जुड़े अन्य काम), बिजली के कामों और लकड़ी के कामों पर ₹29.56 करोड़ खर्चे गए हैं।

वहीं दिल्ली के PWD विभाग ने यह काम करने वाले ठेकेदारों के विषय में भी जानकारी दी है। इनमें से मुनज़रीन अहमद को ₹21.89 लाख, मोहम्मद अरशद को ₹17.21 लाख के ठेके दिए गए। इसी के साथ ही मेसर्स AK बिल्डर्स को ₹29.08 करोड़ और मेसर्स MA बिल्डर्स को ₹8.7 लाख के ठेके दिए गए।

भाजपा ने केजरीवाल के आवास में छोटे-मोटे कामों पर ₹29 करोड़ खर्चने को लेकर प्रश्न खड़े किए हैं। दिल्ली भाजपा ने इसे केजरीवाल का नवाबी ठाठ बताया है। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसे जनता की जगह अपना विकास करना बताया है। शहजाद पूनावाला ने केजरीवाल को दिल्ली का ठग बताया है।

अरविन्द केजरीवाल के आवास के रखरखाव पर ही ₹29 करोड़ खर्च किए जाने को लेकर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। इससे पहले अप्रैल 2023 में सामने आया था कि केजरीवाल ने अपने आवास के सौन्दर्यीकरण में ₹45 करोड़ खर्चे। इन सौन्दर्यीकरण में मार्बल वियतनाम से मंगवाया गया जबकि ₹8 लाख के परदे मँगवाए गए।

‘मुस्लिम मरे तो लिंचिंग, हिंदू मरे तो मौन…’: बिट्टू बजरंगी के भाई की मौत के बाद जुटे सैकड़ों लोगों ने लगाए नारे, दुकानें बंद और हाईवे जाम

आग में झुलसे गौ-रक्षक बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसको लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया है। दिल्ली के AIIMS से फरीदाबाद शव पहुँचने के बाद बिट्टू के घर पर लोगों का जमावड़ा लगने लगा है। आसपास की दुकानें भी बंद हो गई हैं। इसको देखते हुए हरियाणा पुलिस सतर्क हो गई है। बताते चलें कि बीते साल 13 दिसंबर को फरीदाबाद में कुछ कार सवार बदमाशों ने महेश पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। इसके बाद वे 60 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे।

महेश की मौत की खबर लगते ही फरीदाबाद और आसपास के लोग उनके घर पहुँचने लगे। लोगों के आक्रोश और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई और इलाके में गश्त को बढ़ा दिया। इतना ही नहीं, सारन थाना सहित कई थानों की पुलिस को मौके पर भेजा गया है। इसके साथ ही पुलिस ने चाचा चौक के आसपास की दुकानों को बंद करवा दिया है, ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो।

आक्रोशित लोगों ने बल्लभगढ़ और सोहना रोड को भी जाम कर दिया और आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी की माँग की। इस दौरान लोगों ने ‘जय श्रीराम’, ‘महेश के हत्यारों को फाँसी दो’, ‘महेश हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं’ के नारे भी लगाए। इस दौरान भीड़ ने ‘मुस्लिम मरे तो लिंचिंग हिंदू मरे तो मौन है, पूछ सको तो पूछ लो ये प्रशासन कौन है’ के नारे लगाए।

वहीं, किसी भी तरह की अप्रिय घटना ना हो, इसको लेकर ACP बिट्टू बजरंगी से मिले। वहीं, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि आरोपितों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रशासन से मुलाकात के बाद बिट्टू बजरंगी ने भी लोेगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

बताते चलें कि 13 दिसम्बर 2023 को बिट्टू बजरंगी के भाई महेश को जान से मारने का प्रयास किया गया था। हमलावरों ने महेश के ऊपर फरीदाबाद की दाबुआ कॉलोनी में थिनर डाल कर आग लगा दी थी। महेश को अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ से उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया था। महेश का शरीर इस हमले में 60% जल चुका है।

इस हमले के विषय में फरीदाबाद पुलिस के पास मामला दर्ज करवाया गया था, जिसकी जाँच हरियाणा पुलिस की SIT कर रही है। इसी मामले में 22 दिसम्बर 2024 को ‘हिन्दुतान टाइम्स’ में लीना धनखड़ नाम की एक पत्रकार ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

HT में प्रकाशित इस खबर में लिखा था कि फरीदाबाद पुलिस ने कहा है कि बिट्टू बजरंगी के भाई अलाव में गिर जाने के कारण जल गए थे और उनकी हत्या के प्रयास के कोई सबूत नहीं हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल के जलने के मामले में पुलिस में फर्जी शिकायत दर्ज कराई गई और एक गौतस्कर को इसमें फँसाया गया।

हालाँकि, ऑपइंडिया से बातचीत में पुलिस ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की इस खबर को नकार दिया था। फरीदाबाद के ACP ने इस खबर के बारे में बताए जाने पर पूछा कि आखिर पुलिस में किसने इस केस को फेक बता दिया? उन्होंने कहा कि ये बात ठीक है कि अभी इस मामले में आरोपित के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि केस फर्जी होने की बात कही गई है। उन्होंने इसकी पुष्टि की थी कि बिट्टू बजरंगी के भाई जल गए हैं।

इसके बाद बिट्टू बजरंगी अपने भाई की हत्या के प्रयास को झूठा बताकर फेक न्यूज फैलाने के आऱोप में ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। बिट्टू बजरंगी ने कहा था कि जुबैर ने उनके और उनके भाई के बारे में पहले भी अफवाहें फैलाई हैं। इस बार उनके झूठी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस घिनौनी कार्रवाई को अंजाम दिया, जबकि उनका भाई जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था।

दिल्ली में फ्लाईओवर पर थी मजार, ढाह दी गई? सोशल मीडिया पर लोग शेयर कर रहे पहले और अब की तस्वीर

सोशल मीडिया पर 9 जनवरी 2024 की सुबह से एक वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो आजादपुर फ्लाईओवर का है। इसमें दावा किया जा रहा है कि आज़ादपुर फ्लाईओवर पर बनी अवैध मजार को हटा दिया गया है। इस मजार के खिलाफ लोग दो साल से शिकायत कर रहे थे।

एक्स यूजर अजय चौहान ने इस संबंध में एक वीडियो शेयर की है। वो इसमें दिखा रहे हैं कि जो मजार पहले आजादपुर फ्लाईओवर पर हुआ करती थी वो अब वहाँ नहीं हैं। उसे हटा दिया गया है।

सागर मलिक ने भी ऐसी वीडियो को शेयर करके लिखा है, “काफी लम्बे संघर्ष के बाद साफ हुई आज़ादपुर फ्लाईओवर पर स्थित अवैध मज़ार। धन्यवाद।”

पत्रकार सागर कुमार ने इस संबंध में लिखा, “जब से माँ झंडेवाला देवी मंदिर का ट्रैफिक का बता कर गेट तोड़ा गया। उसके बाद से हमने सवाल उठाया सड़कों और फ्लाईओवर को घेर का मज़ार जो बनी है उसका क्या..? आज आदर्श नगर फ़्लाईओवर पर बनी मज़ार को हटा दिया गया। सीजनल हिंदुओं को ध्यान से देखना चाहिए। उनको लगता है वो आवाज़ नहीं उठाएँगे तो कोई नहीं उठाएगा।”

गौरतलब है कि साल 2021 में, ऑपइंडिया ने दिल्ली के आज़ादपुर फ्लाईओवर पर बनी इस अवैध मजार के बारे में बड़े पैमाने पर रिपोर्ट की थी, जिससे बड़े ट्रैफिक जाम लग रहे थे और यात्रियों के लिए असुविधाएँ हो रही थीं।

2021 में उठा था विवाद

साल 2021 में ये मामला तब उठा था जब ‘O न्यूज’ ने एक वीडियो डाली थी, जिसमें एक हिंदू युवक मजार के प्रबंधक सिकंदर से सवाल कर रहा था। इसी वीडियो में देखा गया था कि पुलिसकर्मियों ने बीच में आकर उस युवक को धमकाना शुरू कर दिया था और सड़क किनारे उसे ऐसे मुद्दे उठाने को मना कर रहे थे। जब इस पर हिंदू युवक ने अपने अधिकार की बात की थी उसे पकड़कर वैन में डाल दिया गया था।

मजार का प्रबंधन देखने वाले सिकंदर ने दावा किया था कि यह मजार 1950 से पहले बनाई गई थी और उनके दादा और पिता भी मजार का मैनेजमेंट देखते थे। सिकंदर ने यह भी कहा था फ्लाईओवर के नीचे पीर बाबा की कब्र के साथ एक मजार है, और जो फ्लाईओवर के ऊपर है उसे बाद में 1982-83 के आसपास बनाया गया था।

जबकि, हकीकत यह है कि जिस फ्लाईओवर पर यह मजार थी वो खोला ही 2009 में गया था। इतना ही नहीं, फ्लाईओवर का निर्माण भी 1982 में शुरू नहीं हुआ था जैसा कि दावा किया गया। इस फ्लाईओवर का निर्माण दिल्ली में 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए किया गया था।

ED की चार्जशीट में लालू यादव ‘सपरिवार’ मौजूद, बेटी हेमा की भी एंट्री: 4800 पन्नों में ‘जमीन के बदले नौकरी’ घोटाले का कच्चा चिट्ठा, UPA काल में रेलवे बना था भ्रष्टाचार का अड्डा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ‘नौकरी के बदले जमीन‘ घोटाले में नई चार्जशीट दाखिल की है। लगभग 4800 पन्नो की इस चार्जशीट में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव का नाम शामिल है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। चार्जशीट में अमित कात्याल का नाम शामिल है जो एजेंसी के गिरफ्त में है। हेमा यादव विवाहित हैं। उनके पत्नी विनीत यादव रेवाड़ी में रहते हैं। वह भी एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

इस घोटाले की सीबीआई जाँच कर रही है लेकिन इसमें जुड़े पैसे के लेनदेन में गडबडी गड़बड़ी की जाँच ED को मिली है। ED ने मार्च 2023 में इस मामले में छापेमारी भी की थी। ED की जाँच में सामने आया है कि नौकरी के बदले लिए गए पैसे से कई जमीनें औने पौने दामों पर खरीदीं गईं। इनमें से कुछ जमीनें पटना और एक मकान दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में भी खरीदा गया। दिल्ली के इस बंगले की कीमत ₹150 करोड़ है, सामने आया था कि यह मकान एक ऐसी कम्पनी के नाम पर था जिसे तेजस्वी यादव ने मात्र ₹4 लाख में खरीदा था।

ED का यह भी कहना है कि लालू यादव के परिवार ने रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरी के गरीब आवेदकों से सिर्फ 7.5 लाख रुपए में चार पार्सल जमीन ली थी। इसे राबड़ी देवी द्वारा 3.5 करोड़ रुपए के भारी लाभ के साथ आरजेडी के पूर्व विधायक सैयद अबू दोजाना को बेचा गया था।

क्या था ‘लैंड फॉर जॉब्स स्कैम?

बात कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए-1 के शासनकाल सन 2004-2009 के बीच की है। बिहार में 15 साल तक लगातार सत्ता के सिरमौर रहे लालू प्रसाद यादव उस समय केंद्रीय रेल मंत्री थे। सन 2008 में रेलवे में नौकरी देने के बदले अभ्यर्थियों से रिश्वत के रूप में जमीन ली गई। ये जमीन पटना सहित अन्य जगहों पर ली गई।

अभ्यर्थियों को रेलवे के ग्रुप-डी में नौकरी देने के लिए रेलवे की तरह से कोई नोटिफिकेशन नहीं निकाला गया। जिन लोगों ने जमीनें दीं, उन्हें तीन दिन के अंदर रेलवे में मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में नौकरी दे दी गई। जिन लोगों को नौकरी दी गई, उनमें से कुछ लोगों ने फर्जी प्रमाण-पत्र का भी उपयोग किया।

सीबीआई ने अपनी जाँच में पाया कि लालू यादव को पटना को 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन दी गई। इन जमीनों का सौदा नकद में और बेहद कम कीमत पर किया गया। लालू यादव और उनके परिजनों को 7 उम्मीदवारों ने नौकरी के बदले में जमीनें दी थीं। इनमें से 5 जमीनों की बिक्री हुई थी, जबकि दो गिफ्ट के तौर पर दिए गए थे।

केवल प्रधानमंत्री को ही नहीं मिला है राम मंदिर का न्योता, आपके घर तक भी पहुँचेगा निमंत्रण का ‘अक्षत’: 5 लाख गाँव में लाइव देख सकेंगे प्राण-प्रतिष्ठा

देश भर में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए ‘अक्षत निमंत्रण महा अभियान’ चल रहा है। इसके तहत RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) और VHP (विश्व हिन्दू परिषद) के कार्यकर्ता घर-घर जाकर राम मंदिर से जुड़ा पर्चा और अक्षत दे रहे हैं। निर्माणाधीन मंदिर के गर्भगृह में 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। ये अक्षत ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट द्वारा भेजे गए हैं। नए साल के साथ ही ये महा अभियान शुरू हो गया था।

भगवान राम 500 वर्षों के वनवास के बाद अपने घर में लौट रहे हैं। ऐसे में घर-घर जाकर हिन्दुओं से कहा जा रहा है कि वो प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन अपने आसपास के मंदिर में पहुँचें और वहीं से इस कार्यक्रम का हिस्सा बनें। अक्षत के साथ ट्रस्ट द्वारा भेजा गया सन्देश भी लोगों को दिया जा रहा है। साथ ही राम मंदिर की तस्वीर है, जिसे घर में लगाने के लिए कहा गया है। राम मंदिर में पूजित अक्षत के साथ लोगों को कहा जा रहा है कि आप मानसिक रूप से प्राण कार्यक्रम से जुड़िए।

5 नवंबर, 2023 को ही ट्रस्ट द्वारा श्री राम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह हेतु जनमानस को आमंत्रित करने के लिए आज जन्मभूमि परिसर में अक्षत पूजन कर कार्यकर्ताओं में वितरित किया गया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें भी डाली गई थीं। उसके बाद अक्षत को पैकेट्स में डाल कर देश भर में घर-घर पहुँचाने की जिम्मेदारी RSS एवं VHP ने उठाई। 5 लाख गाँवों तक अक्षत पहुँचाने के लिए 50 प्रमुख केंद्रों से कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था।

महामंडलेश्वर स्वामी रामगोपाल दास ने भी समझाया है कि ये ‘अक्षत निमंत्रण’ क्या होता है। उन्होंने बताया कि अक्षत का शाब्दिक अर्थ है – जिसका क्षय न हो। उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन में मृत्यु के पश्चात ‘राम नाम सत्य है’ कहा जाता है, श्रीराम के रूप में मरने के बाद भी हम बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि अक्षत आत्मा का ध्यान कराता है। उन्होंने समझाया कि ट्रस्ट ने इसका प्रतिनिधित्व दर्शाया है कि ऐसा मंदिर बने जो कभी नष्ट न हो। निर्माण में भी इसका ध्यान रखा गया है।

महामंडलेश्वर स्वामी रामगोपाल दास ने समझाया कि हमारा संबंध भगवान से अक्षत का है, जीव का ईश्वर से नित्य संबंध होता है यानी ऐसा संबंध जो कभी नष्ट नहीं होता। उन्होंने कहा कि भगवान के साथ हमारे अनंत संबंध होने, मंदिर के सनातन होने का प्रतीक ये अक्षत है। धान के ऊपरी हिस्से के निकल जाने के बाद जो चावल बचता है, अक्षत में उसका उपयोग किया जाता है। कहीं-कहीं हल्दी, सुपारी और तुलसी दल का प्रयोग भी किया जाता है।

उन्होंने समझाया कि गोस्वामी तुलसीदास ने भगवान श्रीराम को दही-भात खाते हुए देखा था, इसीलिए इसे महाप्रसाद भी कहा गया। उन्होंने कहा कि अक्षत के माध्यम से जो न्योता दिया जा रहा है, वो ईश्वर की अंतरात्मा का प्रतिनिधित्व कर रहा है, धान का ये हिस्सा धन्यता की ओर ले जाए इसकी कामना की जाती है। शादी-विवाह में भी धान का इस्तेमाल होता है, ताकि धन्यता बनी रहे। इसीलिए, अक्षत के माध्यम से निमंत्रण दिया जा रहा है।

इस तरह राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का न्योता सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही नहीं गया है, बल्कि आम श्रद्धालु भी ‘अक्षत निमंत्रण’ के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े रहेंगे। अपने आसपास के देवस्थानों में पूजा-पाठ एवं आरती में हिस्सा लेंगे। पुराने काल में भी अक्षत के माध्यम से ही लोगों को शादी-ब्याह या अन्य कार्यक्रमों का निमंत्रण दिया जाता था। कार्ड के साथ भी अक्षत भेजे जाते थे। अक्षत के चावल पर्व-त्योहारों में पूजा-पाठ के दौरान भी इस्तेमाल में लाए जाते हैं।

जिस अडानी का नाम लेकर PM मोदी को घेरता है बेटा, निवेश के लिए उन्हीं के आगे बिछे पिता स्टालिन: Adani करेगा ₹42700 करोड़ इन्वेस्ट

अडानी समूह तमिलनाडु में 42,700 करोड़ रुपए निवेश करेगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, राज्य के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा और अडानी पोर्ट्स एवं विशेष आर्थिक क्षेत्र के एमडी करण अडानी के बीच हुई। बता दें कि DMK सरकार में मंत्री एवं मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन अडानी का नाम लेकर अक्सर केंद्र की मोदी सरकार को घेरने की कोशिश करते रहते हैं।

दरअसल, तमिलनाडु की स्टालिन सरकार राज्य में निवेश के लिए उद्योगपतियों को आकर्षित करने के लिए तमिलनाडु ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2024 का आयोजन किया है। इस आयोजन में उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनी को भी आमंत्रित किया गया था। इसी दौरान अडानी समूह की विभिन्न कंपनियों ने तमिलनाडु में 42,700 करोड़ रुपए निवेश करने के लिए सरकार के साथ समझौता किया।

इसमें अडानी टोटल गैस कंपनी 180 करोड़ रुपए निवेश करके राज्य के कुड्डालोर और तिरुप्पुर जिलों में 100 पाइपलाइन बिछाकर 5,000 से अधिक घरों में पाइप के जरिए गैस उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा, अडानी समूह की ACC और अंबुजा सीमेंट भी यहाँ 550 करोड़ रुपए निवेश करेंगे। इससे 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

इतना ही नहीं, अडानी पोर्ट्स वर्तमान में राज्य के कट्टुपल्ली और एन्नोर बंदरगाह का संचालन करती है। कंपनी तिरुवल्लूर जिले में अब तक 3,733 करोड़ रुपए का निवेश कर चुकी है। अडानी समूह की यह कंपनी भी स्वच्छ ऊर्जा परियोजना के लिए 25,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इससे लगभग 4,500 लोगों को रोजगार मिलेगा।

बता दें कि तमिलनाडु के युवा एवं खेल मामलों के मंत्री उदयनिधि स्टालिन भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए अक्सर अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी का नाम लेते रहते हैं। उन्होंने पिछले साल दिसंबर के शुरुआत में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को अपने दोस्त अडानी के हाथों में सौंप दिया है।

एक तरफ अडानी के हाथों देश को बेचने का आरोप लगाने और दूसरी तरफ राज्य में निवेश के लिए अडानी समूह को बुलाने पर तमिलनाडु भाजपा के नेता ने DMK सरकार पर हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सत्य कुमार ने अपने X हैंडल पर लिखा, “विडंबना ये है कि द्रमुक के नेता क्रोनी कैपिटलिज्म और पक्षपात की बात करते हैं!”

सीने में गोली दागी, ज़िंदा थे तभी लाशों के साथ गाड़ी में ठूँसा, विधवा से बदसलूकी: भजन गा रहे थे कारसेवक महावीर अग्रवाल, परिवार ने याद किया – लाल हो गई थी सरयू

दुनिया भर के हिन्दुओं के आराध्य भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण प्रगति पर है। 22 जनवरी, 2024 को इस मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। ऐसे में लोग उन तमाम बलिदानियों को याद कर रहे हैं जिन्होंने लगभग 5 सदियों तक चले संघर्ष में राम के नाम पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन तमाम ज्ञात-अज्ञात बलिदानी कारसेवकों में से एक हैं महावीर प्रसाद अग्रवाल। महावीर प्रसाद का परिवार फ़िलहाल अयोध्या में रहता है। ऑपइंडिया ने उनके घर पहुँच कर परिजनों से बात की और उनके वर्तमान हालात को जाना।

महावीर प्रसाद अग्रवाल अगरबत्ती बनाने का काम करते थे। वो इन अगरबत्तियों को गोंडा और अयोध्या में बेचते थे। महावीर का पुराना घर अयोध्या शहर (पूर्व फैज़ाबाद) के वजीरगंज जप्ती इलाके में है। यह घर मुस्लिम बहुल मोहल्ले में है। फिलहाल उनके बेटों ने देवकाली बाईपास के पास नया मकान बनवा लिया है। जब ऑपइंडिया की टीम उनके नए मकान पर पहुँची तो बलिदानी कारसेवक के छोटे बेटे अभिषेक अग्रवाल घर पर ही मिल गए।

कपड़े सिल कर माँ ने पाला परिवार

अभिषेक ने ऑपइंडिया को बताया कि जब वो महज 9 साल के थे तब उनके पिता 2 नवंबर, 1990 में अयोध्या में रामकाज करते हुए बलिदान हो गए थे। महावीर प्रसाद अपने पीछे 1 विधवा और 2 बेटे छोड़ गए थे। पति की मौत के बाद उनकी पत्नी शारदा देवी अग्रवाल ने अपने 2 नाबालिग बेटों को पाला। इनकी पढ़ाई से ले कर अन्य खर्चे उठाने के लिए उन्होंने अपने घर में सिलाई का काम शुरू किया। जब उनके बेटे बड़े हो गए तब उन्होंने छोटे-मोटे काम-धंधे कर के अपनी माँ का हाथ बँटाना शुरू किया।

अभिषेक बताते हैं कि पति की मौत के बाद उनकी माँ शारदा देवी मानसिक तौर पर टूट चुकी थीं लेकिन बच्चों का चेहरा देख कर उन्होंने खुद को सँभाला। तमाम कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपने दोनों बेटों को कभी निराश नहीं होने दिया। पढ़ाई करवाने के बाद उन्होंने दोनों बेटों की शादियाँ करवाईं। आखिरकार साल 2012 में लम्बी बीमारी के बाद शारदा देवी का देहांत हो गया। फ़िलहाल अभिषेक अग्रवाल प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं।

उनके बड़े भाई अखिलेश अग्रवाल लखनऊ में होटल के कारोबार से जुड़े हैं। बीच-बीच में विभिन्न मौकों पर बलिदानी महावीर प्रसाद अग्रवाल के परिजन हिन्दू संगठनों द्वारा सम्मानित भी किए जाते रहे।

हिन्दू संगठनों द्वारा महावीर प्रसाद अग्रवाल के परिजनों का सम्मान

राम का भजन गाने के चलते मार दी गई गोली

अभिषेक अग्रवाल भावुक हो कर 2 नवंबर, 1990 की घटना को याद करते हैं। उन्होंने बताया कि वो शुक्रवार का दिन था। मुलायम के आदेश पर अयोध्या को चारों तरफ से पुलिस से घेर दिया गया था। तब महावीर प्रसाद अग्रवाल ने अपने साथियों के साथ सरयू नदी को तैर कर पार किया। वो अयोध्या के कारसेवकपुरम तक पहुँचने में सफल रहे। अभिषेक का कहना है कि उनके पिता जी और बाकी अन्य कारसेवक निहत्थे थे और कारसेवकपुरम के पास एक जगह जमा हो कर भगवान का भजन गा रहे थे। इसी दौरान रामभक्तों को चारों तरफ से घेर लिया गया और गोलियों की बौछार कर दी गई।

लाश को नदी में फेंकने की थी तैयारी

अभिषेक ने हमें आगे बताया कि अचानक हुई गोलीबारी में उनके पिता को सीने में 2 गोलियाँ लगीं। गोलियाँ लगने पर वो जमीन में गिर कर छटपटाने लगे। जब उनको बचाने के लिए अन्य कारसवेक आगे बढ़े तभी लाठीचार्ज कर दिया गया। इस से भगदड़ मच गई। फिर भी कुछ रामभक्तों ने महावीर को भीड़ में से निकाला और एक चबूतरे पर रखा। बताया गया कि तब तक महावीर की साँसें चल रहीं थीं। इसी बीच पुलिस का एक ट्रक आया। वो गोलीबारी में बलिदान हुए कारसेवकों की लाशों को उसमें भरने लगा।

अभिषेक ने बताया कि उन्हें जीवित कारसेवकों से पता चला था कि उस गोलीबारी में दर्जनों कारसेवक बलिदान हुए थे। उनकी लाशों को समेटने के चक्कर में पुलिस वालों ने कई घायल कारसेवकों को भी वाहनों में लाद लिया था और जिन्दा ही सरयू नदी में फेंक दिया था। बकौल अभिषेक, उनके पिता को भी गंभीर अवस्था में घायल हालत में ही कई लाशों के बीच ट्रक में भर लिया गया था। इसके बाद तड़प-तड़प कर पुलिस के वाहन में महावीर अग्रवाल के प्राण निकले थे। घटना की सूचना मिलने पर महावीर अग्रवाल की पत्नी शारदा अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ पहुँचीं थीं।

कई जगह भटकने के बाद एक पुलिस के वाहन में महावीर अग्रवाल का शव कई अन्य रामभक्तों की लाशों के बीच पड़ा मिला। शारदा देवी ने अपने पति का शव लेना चाहा तो मौके पर मौजूद पुलिस वालों ने उनके साथ अभद्रता की। हालाँकि, काफी मिन्नतों के बाद आखिरकार महावीर अग्रवाल का शव उनकी पत्नी को सौंपा गया। अभिषेक अग्रवाल का दावा है कि अगर उनके परिजन थोड़ी और देर से पहुँचे होते तो उनके पिता का शव भी कई अन्य जीवित या बलिदान हुए कारसेवकों की तरह सरयू नदी में फेंक दिया जाता।

इस हालत में मिला था महावीर प्रसाद अग्रवाल का शव

तब की घटना याद करते हुए अभिषेक ने दावा किया कि सरयू का जल रामभक्तों के खून से लाल हो गया था। आखिरकार महावीर का अंतिम संस्कार उनके परिवार की मौजूदगी में अयोध्या के सरयू तट पर हुआ। अंतिम संस्कार के दौरान भी पुलिस मुस्तैद थी।

पिता के बलिदान पर गर्व

राम मंदिर निर्माण को अपना और हिन्दुओं का सौभाग्य बताते हुए अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि उनको इस बात का गर्व है कि उनके पिता महावीर का बलिदान इस पुनीत कार्य में हमेशा गिना जाएगा। अभिषेक के मुताबिक, पिता की वीरगति से पहले उनके पूर्वज और वर्तमान वंशज सभी भगवान राम के भक्त थे, हैं और आगे भी रहेंगे। अभिषेक अग्रवाल अक्सर दुनिया भर के आए रामभक्तों के सेवा भाव से जन्मभूमि भी जाते रहते हैं। उनके घर के पूजा वाले कमरे में राम दरबार है। अन्य बलिदानियों के परिवार की तरह उनकी भी इच्छा है कि उनके बलिदानी पिता का स्मारक अयोध्या में बने।

महावीर प्रसाद अग्रवाल के बेटे अभिषेक

मुस्लिमों की ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकते थे मुलायम

अपने पिता के बलिदान का जिम्मेदार अभिषेक अग्रवाल सीधे तौर पर मुलायम सिंह यादव को मानते हैं। उन्होंने हमें बताया कि मुलायम के ‘जरूरत पड़ती तो और भी कारसेवक मारते’ वाले बयान से उन सभी को आत्मिक पीड़ा पहुँची और वो पुराने घावों को कुरेद गया गया था। अभिषेक का यह भी मानना है कि कारसेवकों का नरसंहार मुलायम सिंह यादव ने मुस्लिमों खुश करने के लिए करवाया था क्योंकि वो तुष्टिकरण में कुछ भी कर सकते थे। अभिषेक ने मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में किसी घोषित राम विरोधी को भी न बुलाने की अपील की।