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शिमला मिर्च के बॉक्स उठा रहा था रोबोट, फैक्ट्री वर्कर को भी समझ लिया डब्बा: उठाकर छाती-चेहरा मसल दिया, मौत

साउथ कोरिया में एक व्यक्ति को रोबोट ने कुचलकर मार डाला। कथिततौर पर रोबोट इंसान और सब्जी के डब्बे में फर्क नहीं समझ पाया। उसने डब्बे की जगह इंसान को उठाया और फिर उसे डब्बे की तरह दबा दिया। प्रेशर इतना ज्यादा था कि व्यक्ति का चेहरा और छाती दोनों कुचल गए।

योनहॉप न्यूज एजेंसी द्वारा साझा की गई खबर के हवाले से बताया गया कि व्यक्ति रोबोटिक्स कंपनी में ही वर्कर था। घटना के वक्त उसे साउथ ग्योंगसैंग प्रांत के कृषि उपज के एक वितरण केंद्र पर रोबोट का सेंसर ऑपरेशन चेक करने को भेजा गया था।

वहाँ इंडस्ट्रियल रोबोट शिमला मिर्च के डब्बे उठाकर पैलेट पर रखने का काम कर रहा था। उसी दौरान बताया जा रहा है मशीन में कुछ खराबी आई और रोबोट ने इंसान को ही शिमला मिर्च का बॉक्स समझ लिया और फिर उसका ऊपर हिस्सा पूरा कन्वेयर बेल्ट से पकड़कर नीचे की ओर दबा दिया। इसमें वर्कर की छाती और चेहरा दोनों मसल गए।

घटना के बाद वर्कर को अस्पताल लेकर जाया गया लेकिन इलाज से पहले उसकी मौत हो गई।

बता दें कि साउथ कोरिया से आने वाला इस साल का ये दूसरा मामला है। इसी वर्ष मार्च में एक दक्षिण कोरियाई व्यक्ति को ऑटोमोबाइल पार्ट्स विनिर्माण संयंत्र में काम करते समय रोबोट द्वारा जकड़ लिए जाने के बाद गंभीर चोटें आई थीं।

उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर ये बहस दोबारा से होने लगी है कि क्या वाकई कार्यस्थलों पर इंसानों की जगह कभी मशीन ले सकती है? लोगों का इस घटना का उदाहरण देते हुए ये कहना है कि ये फर्क होता है वास्तविक बुद्धिमत्ता और मशीनी बुद्धिमत्ता में।

पहले गैंगरेप किया, फिर सिर में गोली मारी, उसके बाद स्तन काटकर खेलने लगे इस्लामी आतंकी: इजरायल पर हमास के हमले की क्रूर कहानी महिला ने बताई

इस्लामी आतंकी संगठन हमास द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर किए गए हमले में बचे लोग अब सामने आकर आपबीती सुना रहे हैं। ऐसी कई महिलाओं ने सामने आकर आतंकियों की बर्बरता को बताया है। ऐसी ही एक और महिला सामने आई है। उसकी कहानी रोंगटे खड़ी करने वाले हैं।

हमास के हमले में खुद को बचाने में कामयाब रही इस इजरायली महिला ने पुलिस की 433 लाहव क्राइम यूनिट के सामने रेइम इलाके में हुए नरसंहार की आँखों देखी बताई। महिला ने बताया कि उसने एक अन्य महिला का गैंगरेप देखा। गैंगरेप के बाद आतंकियों ने उसके सिर में गोली मारकर हत्या कर दी।

इस युवा महिला ने बताया, “मैं छुपने की कोशिश कर रही थी। मैंने देखा कि हमास का एक आतंकी एक महिला का रेप कर रहा है। वह महिला पहले जिन्दा थी और उसके शरीर के पिछले हिस्से से खून निकल रहा था। आतंकियों ने सेना की वर्दी पहन रखी थी।”

महिला ने आगे बताया, “वे (हमास आतंकी) उसके ऊपर झुका हुआ था। वे पीछे से उसके बालों को पकड़कर खींच रहे थे। मुझे महसूस हुआ कि वे लोग किसी महिला का गैंगरेप कर रहे थे। मैंने देखा कि एक के जाने के बाद दूसरा उसका बलात्कार करने आ रहा है।” बाद में उनमें से एक आतंकी ने महिला के सिर में गोली मार दी।

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक इजरायली लेखक ने प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा कि हमास के आतंकवादियों में से एक ने बलात्कार करते समय युवती के सिर में गोली मार दी। “उसने अपनी पैंट भी नहीं उठाई। उन्होंने उसके स्तन काट दिए और उसके साथ खेला।” हेन मैज़िग ने प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कुछ सूत्रों से मिली जानकारी के बारे में यह बात कही।

ये कहानी उन दर्जनों महिलाओं की कहानी में से एक है, जिनके साथ हमास के आतंकियों ने क्रूरता की और उन्हें गोली मार दी थी। इजरायली पुलिस को ऐसी कई महिलाओं के शव मिले हैं, जिनके शरीर पर क्रूरता के निशान साफ तौर पर देखे गए। उनके शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया गया था।

इजरायल की पुलिस के अलावा एक स्वयंसेवी संस्था ‘जाका’ (ZAKA) ने बलात्कारियों और हत्यारों को पहचानने में पुलिस की सहायता कर रहे हैं। यह समूह हमास के हमले के बाद से शवों को इकट्ठा कर रहा है। इसको मिले कई महिलाओं के शवों पर क्रूरता के निशान थे। पुलिस ने इन हत्या और बलात्कार की कुछ घटनाओं के अपराधियों को पहचानने में भी सफलता पाई है।

हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर के हमले में 1,400 से अधिक लोगों को मार दिया था। हमास के आतंकियों ने इन हत्याओं की वीडियो भी बनाई थी। यह जानकारी सामने आई है कि इजरायल की पुलिस 50,000 वीडियो स्कैन कर रही है, ताकि आतंकियों और बलात्कारियों को पहचाना जा सके।

श्रीलंका में चीन को चुनौती: अडानी समूह के प्रोजेक्ट में ₹4600 करोड़ निवेश करेगा अमेरिका, कोलंबो में बन रहा बंदरगाह

भारत के अडानी ग्रुप में अमेरिका 553 मिलियन डॉलर (लगभग 4,605 करोड़ रुपए) का निवेश करेगा। अमेरिका यह फाइनांस समूह के मालिक गौतम अडानी द्वारा श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में विकसित किए जा रहे एक बंदरगाह टर्मिनल के लिए प्रदान करेगा। दरअसल, श्रीलंका में अपना प्रभाव जमाए चीन को अमेरिका दक्षिण एशिया में चीन के प्रभाव को कम करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर रह रहा है।

कोलंबो में गहराई में बनाए जाने वाले वेस्ट कंटेनर टर्मिनल के लिए इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कार्पोरेशन से वित्तपोषण अमेरिका की सरकारी एजेंसी द्वारा एशिया के किसी भी देश में बुनियादी ढाँचे पर किया जाने वाला यह सबसे बड़ा निवेश है। इसके अलावा, यह विश्व के सबसे बड़े निवेशों में से एक है। डीएफसी ने एक बयान में कहा, यह श्रीलंका की आर्थिक वृद्धि और दोनों देशों के प्रमुख भागीदार भारत सहित इसके क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देगा।

दरअसल, पिछले साल आर्थिक मंदी से पहले कोलंबो द्वारा चीनी बंदरगाह और राजमार्ग परियोजनाओं पर चीन ने बड़े खर्च किया था। इससे वह चीन का ऋणी हो गया। इसके बाद अब अमेरिकी फंडिंग श्रीलंका पर चीन के प्रभुत्व को कम करने के नए प्रयासों का भी संकेत देती है। वहीं, इस मामले में भारत भी अपने पड़ोस में शक्ति संतुलन को अपनी ओर झुकाना चाहता है।

यह फंडिंग डीएफसी निवेश के वैश्विक निवेश का हिस्सा है, जो साल 2023 में कुल $9.3 बिलियन था। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका के बंदरगाह के वित्तपोषण को इंडो-पैसिफिक की विकास परियोजनाओं में अमेरिकी की और अधिक संलग्नता की ओर इशारा करता है। दरअसल, चीन भी श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह को विकसित कर रहा है। इसकी अमेरिका ने आलोचना की थी।

अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के निकट होने के कारण कोलंबो का बंदरगाह हिंद महासागर में सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक है। सभी कंटेनर जहाजों में से लगभग आधे इसके जल क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। डीएफसी ने कहा कि वह दो वर्षों से 90% से अधिक उपयोग पर काम कर रहा है और उसे नई क्षमता की आवश्यकता है।

चीन ने पिछले साल के अंत तक श्रीलंका में लगभग 2.2 बिलियन डॉलर (18,321 करोड़ रुपए) का निवेश किया था। इस तरह चीन श्रीलंका का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक बन गया है। वह हंबनटोटा बंदरगाह और अन्य राजमार्ग परियोजनाओं के जरूरी हिंद महासागर क्षेत्र में जासूसी और अपना आधिपत्य स्थापित कर रहा है।

बता दें कि इस साल जनवरी में अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी ग्रुप पर कई तरह की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था। इससे अडानी ग्रुप की कंपनियों को लगभग 150 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। अब अमेरिका द्वारा अडानी समूह में निवेश करना कंपनी के लिए लाभदायक साबित होगा। श्रीलंका के जिस प्रोजेक्ट में अमेरिका ने निवेश किया है, उसमें अडानी समूह की 51 फीसदी हिस्सेदारी है।

जिस तारीख पर आया राम मंदिर को लेकर सुप्रीम फैसला, उसी दिन अयोध्या में बैठी योगी कैबिनेट: बोले PM मोदी- राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम

राम मंदिर में जैसे-जैसे प्राण प्रतिष्ठा के दिन करीब आ रहे हैं वैसे-वैसे निर्माण कार्य तेजी पर है। पीएम नरेंद्र मोदी एक तरफ मध्यप्रदेश में रैली के दौरान आज (9 नवंबर 2023) ये बात बोल आए कि राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम, तो वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राम मंदिर से जुड़े कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में अपनी पहली मंत्रिमंडल की बैठक की है। सीएम योगी ने पहले आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाकर रामलला के दर्शन किए और फिर मंत्रिमंडल के साथियों के साथ अयोध्या में उसी तारीख को अपनी पहली बैठक की जिस दिन सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर को लेकर फैसला आया था। यानी- 9 नवंबर।

सीएम योगी सुबह 11 बजे अयोध्या स्थित रामकथा पार्क पहुँचे और फिर मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों के साथ हनुमानगढ़ी मंदिर का दर्शन किया। इसके बाद उन्होंने रामलला के भी दर्शन किए और बैठक को अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में शुरू किया। इससे पहले ये बैठकें लखनऊ में मंगलवार को होती थी। मगर अब वीरवार को अयोध्या में हुई। इस बैठक में मंदिर के निर्माण से लेकर दीपोत्सव तक पर बात होगी।

दिलचस्प बात ये है कि सीएम योगी आदित्यानाथ जहाँ राम मंदिर के कार्य में कोई ढिलाई नहीं बरत रहे। वहीं पीएम ने सतना में रैली करते हुए साफ कर दिया है कि जब तक राम मंदिर का काज पूरा नहीं होता तब तक विश्राम नहीं करेंगे।

सतना में पीएम मोदी की रैली और अयोध्या का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सतना में रैली के एक ओर जहाँ जमकर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कॉन्ग्रेस आई-तबाही लाई का नारा दिया। तो वहीं अयोध्या में राम मंदिर पर खुलकर बात करते हुए कहा, “आजकल मैं जहाँ भी जाता हूँ वहाँ अयोध्या में बन रहे प्रभु राम के बन रहे भव्य मंदिर की चर्चा चलती है। पूरे देश में खुशी की लहर है।”

इसके बाद उन्होंने बताया कि उन्हे प्रेरणा- राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहाँ बिश्राम चौपाई से प्रेरणा मिलती है और यही बात हमेशा उनके काम में गूँजती रहती है। आगे वह जनता से बोले-अब रुकना नहीं है। अब थकना नहीं है और विश्राम का तो सवाल पैदा ही नहीं होता।

QS वर्ल्ड रैंकिंग में भारत ने चीन को पछाड़ा: एशिया के टॉप 10 में 7 भारतीय संस्थान, 37 नए यूनिवर्सिटी की एंट्री

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत के 148 संस्थानों ने जगह बनाई है। इसी के साथ भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। यह रैंकिंग एशिया के संस्थानों के लिए जारी की गई है। इसमें भारत के बाद चीन और जापान का स्थान है। पिछली बार की तुलना में इस बार भारत के 37 और शिक्षण संस्थान इसमें शामिल किए गए हैं।

बीते वर्ष इस QS वर्ल्ड रैंकिंग में भारत के 111 शिक्षण संस्थान शामिल थे, जो कि इस बार बढ़कर 148 हो गए। QS की इस रैंकिंग में IIT दिल्ली और IIT मुंबई शीर्ष 50 में जगह बनाने में सफल रही हैं। वहीं, IIT मद्रास, IIT कानपुर और IISc बैंगलोर सहित पाँच अन्य संस्थान शीर्ष 100 में शामिल हैं।

इस रैंकिंग में कुल 25 देशों के 856 यूनिवर्सिटी को शामिल किया गया है। यह रैंकिंग पूरी दुनिया में उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता, उनमें हो रहे शोध, छात्रों में उनकी माँग और शिक्षा-जगत में उनके प्रदर्शन को आधार बनाकर तैयार की जाती है। इसे Topuniversities.com नाम की एक वेबसाइट द्वारा हर साल प्रकाशित किया जाता है।

यह रैंकिंग पूरी दुनिया के पाँच हिस्सों – एशिया, लैटिन अमेरिका, इमर्जिंग यूरोप, मध्य एशिया और अरब क्षेत्र के अतिरिक्त BRICS देशों के लिए जारी की जाती है। वर्तमान रैंकिंग, जिसमें भारत शीर्ष पर है, एशिया के लिए है। इस बार की रैंकिंग में चीन के कुल 133 यूनिवर्सिटी और जापान के 96 यूनिवर्सिटी शामिल हुए हैं।

इस रैंकिंग में ना सिर्फ भारत के अधिक संस्थानों ने जगह बनाई है, बल्कि उनकी पिछले वर्ष की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। भारत के कुल 21 संस्थानों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। वहीं, 15 यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। IIT मुंबई, IIT दिल्ली और IIT मद्रास क्रमशः 40 और 46 तथा 53 की रैंकिंग के साथ पूर्ववत हैं।

वहीं, IISc बैंगलोर अब 58 से 52 और IIT खड़गपुर 61 से 59वें स्थान पर पहुँच गया है। IIT कानपुर की रैंकिंग 66 से 63 हो गई है। सबसे बड़ी छलांग IIT गुवाहाटी ने मारी है, जो कि 124 से सीधे 111वें स्थान पर पहुँच गई है। वहीं, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी 119 से 117वें स्थान पर पहुँच गया है।

भारत के लगातार बढ़ते संस्थानों की संख्या प्रदर्शित कर रही है कि देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बीते वर्षों में काफी सुधार हुआ है। वर्ष 2014 में इस रैंकिंग में भारत के मात्र 16 संस्थान शामिल थे। अब 9 वर्षों के बाद यह संख्या लगभग 10 गुनी हो गई है। हालाँकि, वैश्विक रैंकिंग में अभी भी भारत के संस्थान पिछड़ रहे हैं।

भारत अनुसंधान के क्षेत्र में असाधारण रुप से आगे आया है। प्रति संकाय पेपर के मामले में एशिया के 10 सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से 7 विश्वविद्यालय भारतीय हैं। वहीं, अन्ना विश्वविद्यालय ने अनुसंधान उत्पादकता में क्षेत्रीय श्रेष्ठता हासिल की है। इस सूचकांक में इसने पहला स्थान हासिल किया है।

तौलिया से कटरीना कैफ का सब कुछ ढका था, DeepFake से दिखा दिया: रश्मिका मंदाना और सारा तेंदुलकर भी बन चुकी हैं शिकार

रश्मिका मंदाना और सारा तेंदुलकर के बाद अब बॉलीवुड एक्ट्रेस कटरीना कैफ की डीपफेक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस फोटो में कटरीना की ही फोटो में उनके कपड़ों से छेड़छाड़ हुई है और उसे अश्लील दिखाने का प्रयास किया गया है।

कटरीना की जिस फोटो के साथ अभद्रता की गई है वो टाइगर-3 के एक सीन का स्क्रीनशॉट है। सीन में सिर्फ इतना है कि कटरीना की लड़ाई तौलिया लेकर एक विदेशी महिला से हो रही होती है इसी दौरान वो सीन आता है। मगर AI द्वारा जनरेट की गई फोटो में उन्हें बिकनी पहनाया गया है।

असली फोटो में कटरीना के शरीर पर तौलिया ढका है जिसके कारण उनका पेट और उनकी छाती के आसपास का हिस्सा बिलकुल नहीं दिखाई दे रहा है। लेकिन जो वीडियो एडिट करके उनकी शेयर हो रही है उसमें उन्हें ब्रा और पैंटी पहना दी गई है। देख सकते हैं कि उसमें किस तरह से उनके शरीर की फोटो के साथ छेड़छाड़ करके उसे घटिया दिखाने का प्रयास हुआ है।

बता दें कि कटरीना कैफ की तस्वीर से पहले ऐसी ही छेड़छाड़ कई अन्य सेलीब्रिटीज की फोटोज के साथ हुई है। जैसे सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर की फोटो के साथ शुभमन गिल की फोटो एडिट करके जोड़ दी गई जबकि हकीकत में वो अपने भाई के साथ पोज में फोटो खिंचाई थीं।

इसी प्रकार हिरोइन रश्मिका मंदाना का चेहरा एडिट करके भी एक वीडियो वायरल हुई थी। उस वीडियो में उनका चेहरा जारा पटेल नाम की महिला की वीडियो में जोड़ा गया था जो यूजर्स को देखकर नहीं पसंद आया। बाद में पता चला वो रश्मिका का एडिटिड वीडियो है। इसे लेकर साउथ एक्ट्रेस में नाराजगी भी जाहिर की थी और अमिताभ बच्चन ने इस पर लीगल एक्शन लेने को भी जरूरी बताया था।

DeepFake क्या है?

डीपफेक के सम्बन्ध में ‘द गार्जियन‘ के एक लेख में जानकारी दी गई है कि यह सबसे पहले सोशल मीडिया एप रेडिट (Reddit) पर सामने आया था। तब एक Deepfake नाम के यूजर ने टेलर स्विफ्ट, गल गडोट जैसी अभिनेत्रियों के फर्जी पोर्न क्लिप डाल दिए। इसके बाद से ऐसे वीडियो की बाढ़ आ गई।

डीपफेक तकनीक से वीडियो बनाना एक लम्बी प्रक्रिया है। सबसे पहले जिन दो लोगों के चेहरे आपस में बदले जाने हैं उनके हजारों फोटो वीडियो ‘एनकोडर’ नाम के एक AI आधारित प्रोग्राम पर चलाए जाते हैं। यह तकनीक इन दो चेहरों की समानताएँ परखती है। इसके बाद यह तकनीक इन चेहरों को केवल उनकी समानताओं के आधार पर सीमित कर देती है और एक कंप्रेस्ड इमेज बनाती है।

इसके पश्चात एक और AI तकनीक ‘डीकोडर’ से चेहरा तलाशने को कहा जाता है। आसान भाषा में समझे तो इनकोडर को ‘A’ का चेहरा पढ़ने के लिए तैयार किया जाता और डीकोडर को ‘B’ का चेहरा पढ़ने के लिए तैयार किया जाता है। इसके पश्चात दोनों मशीनों से यह चेहरा बनाने को कहा जाता है लेकिन इस स्थिति में इनकोडर को B का और डीकोडर को A का चेहरा बनाने को कहा जाएगा। ऐसे में मान लीजिए कि B उस फोटो में रो रहा है तो नई फोटो में A रोता हुआ दिखेगा।

इसके अलावा एक अन्य तकनीक जिसका नाम ‘जनरेटिव एड्वर्सियल नेटवर्क’ (GAN) है उसके जरिए भी बनाई जाती हैं। इसमें एक गड़बड़ तस्वीर और एक सही तस्वीर डाली जाती है। AI तकनीक इन दोनों के कोड डिकोड करके फोटो को आपस में मिलाती है। इसमें समय लगता है।

फिलस्तीन जाकर खुद को उड़ाने वाला था झारखंड का आरिज हसनैन, ATS ने 2 ISIS आतंकियों को पकड़ा: पाकिस्तान से भी मिले लिंक

झारखंड पुलिस के आतंकरोधी दस्ते (ATS) ने दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान गोड्डा के आरिज हसनैन और हजारीबाग के मोहम्मद नसीम के तौर पर सामने आई है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से दोनों के तार जुड़े हुए हैं। हसनैन फिलस्तीन जाने की फिराक में था। वहाँ फिदायीन हमला कर अल अक्सा मस्जिद को यहूदियों से आजाद कराना उसका लक्ष्य था।

ATS ने पहले हसनैन को गिरफ्तार किया जो सोशल मीडिया के माध्यम से ISIS की विचारधारा का प्रचार कर रहा था। उसने पूछताछ में नसीम के बारे में खुलासा किया। इसके बाद नसीम की गिरफ्तारी हुई। इस्लामिक स्टेट के अलावा दोनों के पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से संपर्क के भी सबूत मिले हैं।

हसनैन ने पूछताछ में खुलासा किया कि नसीम ने ही उसे हमास, ISIS और अन्य आतंकी संगठनों के विषय में जानकारी दी थी। उसे ‘जिहाद’ और ‘क्रुफ बीथ तागूत’ नाम की किताबें भेजी, जिससे वह आतंक की राह पर आगे बढ़ सके। ये पुस्तकें ISIS के पूरी दुनिया में इस्लामी शासन स्थापित करने जैसे विचारों के विषय में बताती हैं।

ATS के अनुसार हसनैन और नसीम दोनों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के इस्लामिक आतंकी संगठनों से भी जुड़े हुए थे। इनका कश्मीर के भी कई युवक-युवतियों से कनेक्शन है। हसनैन सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार आतंकी विचारधारा को फैला रहा था।

अपने कट्टर विचारों को फैलाने और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए हसनैन और नसीम टेलीग्राम एप का उपयोग करते थे। अब ATS ने इन पर आतंक फैलाने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया है और आगे की पूछताछ कर रहे हैं।

गौरतलब है 7 अक्टूबर 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर हमला करके 1,400 लोगों को मार दिया था। इजरायल तब से ही हमास के ठिकानों पर गाजा में बमबारी कर रहा है। पूरी दुनिया के इस्लामी कट्टपंथी हमास का बचाव करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में हसनैन फिलस्तीन जाकर हमास के सम​र्थन में फिदायीन हमला करने की फिराक में था।

‘घुसाने-निकालने’ पर विदेशों में भी हो रही नीतीश कुमार की थू-थू, अमेरिकी सिंगर बोलीं- यदि मैं भारतीय होती तो बिहार जाकर लड़ती

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आपत्तिजनक बयान के लिए माफी माँग ली है। लेकिन इससे जुड़ा विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ रहा। देश ही नहीं, विदेश में भी उनकी निंदा हो रही है। अफ्रीकी-अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका मैरी मिलबेन (Mary Millben) ने उनका इस्तीफा माँगा है। साथ ही कहा है कि यदि वह भारतीय नागरिक होती तो बिहार जाकर उनके खिलाफ चुनाव लड़तीं।

एक्स/ट्विटर के जरिए अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए मैरी मिलबेन ने कहा है कि नीतीश कुमार के बयान का सबसे माकूल जवाब यह होगा कि कोई महिला बिहार की मुख्यमंत्री बने। उन्होंने उन्होंने भाजपा से किसी महिला को बिहार में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की माँग की है। उल्लेखनीय है कि मिलबेन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी प्रशंसक हैं।

मिलबेन ने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि पूरी दुनिया में 2024 का चुनावी सीजन आ गया है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपने समर्थन और प्रेम का कारण उन्होंने उनका विकास के प्रति समर्पित होना बताया है। साथ ही कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी भारत और उसके नागरिकों के विकास के लिए सबसे अच्छे नेता हैं।

प्रधानमंत्री मोदी को उन्होंने महिला सशक्तिकरण को हमेशा मजबूत करने वाला नेता बताया है। इसके लिए उन्होंने द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति पद पर चुनाव और कैबिनेट में महिलाओं को महत्वपूर्ण पद देने के उदाहरण गिनवाए हैं।

मिलबेन ने कहा है कि बिहार में महिलाओं के मूल्यों को चुनौती दी जा रही है, ऐसे में नीतीश कुमार को सिर्फ एक ही तरीके से जवाब दिया जा सकता है। वह है नीतीश के सामने किसी महिला मुख्यमंत्री को उम्मीदवार बनाना। बिहार के लोगों से भी मिलबेन ने अपील की है कि वह बदलाव के लिए वोट दें और एक महिला को सत्ता में लाएँ। उनके इस बयान को भारत से लेकर अमेरिका तक काफी समर्थन मिल रहा है।

मिलबेन ने जून 2023 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान जन गण मन भी गाया था, उन्होंने उन लोगों की आलोचना भी की थी जो प्रधानमंत्री की इस यात्रा का विरोध कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा भारत के लोगों की स्वतंत्रता के लिए लड़ेंगे।

गौरतलब है कि 7 नवंबर 2023 में महिलाओं की शिक्षा और जनसंख्या नियंत्रण पर बात करते हुए नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा था, “अगर पढ़ लेगी लड़की, और जब शादी होगा तब लड़का लड़की का तो जो पुरुष है वो तो रोज रात में शदिया होता है उसके साथ करता है ना उसी में और पैदा हो जाता है। लड़की पढ़ लेती है तो हमको मालूम था कि उ करेगा ठीक है! लेकिन अंतिम में भीतर मत घुसाओ उसको बाहर कर दो! करता तो है।”

विधान परिषद में उन्होंने कहा था, “उसी समय लड़की भी जब पढ़ी-लिखी रहती है तो कहती है कि ठीक है, रात में करो लेकिन अपना जो तुमको निकलने लगे तो बाहर निकाल कर फेंक दो। यही कर के लड़की सब अब सबको समझा रही है। ज़रा जान लीजिए। लड़की सब सभी को समझाती है कि अपने पति को कंट्रोल में रखिए।”

उनके इस बयान को ‘सेक्स एजुकेशन’ बताते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बचाव किया था। लेकिन विवाद बढ़ने के बाद नीतीश कुमार ने माफी माँग ली थी।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने मनाई दीवाली, PM आवास पर हुआ हिंदुओं का जुटान: कट्टरपंथी बोले- एक और मोदी आ गया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपने आधिकारिक निवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट में दीवाली से पहले हिंदू समुदाय के लोगों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन करवाया। इस दौरान पीएम सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ कई हिंदू लोग दिखाई दिए।

कार्यक्रम की तस्वीरें एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई हैं। इन तस्वीरों में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति दीप प्रज्वलित करती दिख रही हैं। इस दौरान उनके आसपास कई सारे लोग हैं जिन्होंने भारतीय परिधान धारण किए हुए हैं।

पोस्ट में लिखा गया है- आज प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दीवाली- (अंधकार पर प्रकाश की विजय) के शुभ अवसर पर हिंदू समुदाय के लोगों का स्वागत किया। आगे पोस्ट में लिखा गया- ब्रिटेन या फिर विश्व में सबको शुभ दीवाली।

गौरतलब है कि दीवाली इस वर्ष 12 नवंबर को मनाई जानी है। ऐसे में सुनक के आवास पर ये आयोजन 9 नवंबर को हुआ। कई भारतीय यूजर्स ने उनके द्वारा आयोजित करवाए गए इस आयोजन पर खुशी जाहिर की। वहीं कुछ कट्टरपंथियों ने इसपर भी सवाल उठाए और घृणा दिखाते हुए लिखा कि आखिर गाजा पर प्रधानमंत्री ऋषि सुनक क्यों नहीं बोलते।

एक ने कहा- शायद ये ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने संसद की और उसके लोगों की न सुनकर इनका अपमान किया है। ब्रिटेन ने एक और मोदी को प्रधानमंत्री चुन लिया है जो अपने देश में अल्पसंख्यकों को नहीं देखना चाहता। ये सबसे गंदा दौर है।

बता दें कि भारतीय मूल के ऋषि सुनक जब से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने हैं तभी से वो अक्सर पूजा-पाठ करने, मंदिर जाने, गौसेवा करने, जय श्रीराम का नारा लगाने आदि के लिए चर्चा में आते रहते हैं। एक बार उन्होंने बताया था कि उनके डेस्क पर हमेशा गणेश भगवान रहते हैं।

इसके अलावा जी20 के वक्त जब वो अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ नई दिल्ली आए थे तब भी उन्होंने अक्षरधाम मंदिर में पूजा-अर्चना की थी और उनकी तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं। उन्होंने बिना हिचकिचाए ये भी कहा था कि उन्हें हिंदू होने पर गर्व हैं, उनकी परवरिश इसी तरह हुई है और वो भी ऐसे ही हैं। हिंदू त्योहारों को धूमधाम से मनाने की बात भी उन्होंने बताई थी।

20 साल की सौमिनी दास पति को छोड़ रहने लगी 29 साल के अबिल अब्राहम के साथ, एक फोन कॉल के बाद दोनों जल कर मरे

कर्नाटक के कोथानुर स्थित डोडागुब्बी में एक घर से आग की लपटें निकल रही थी। अंदर दो लोग जल रहे थे – कोलकाता की सौमिनी दास और केरल का अबिल अब्राहम। आस-पड़ोस के लोग जब तक आग बुझाते, उससे पहले ही सौमिनी की मौत हो गई। अबिल अब्राहम की साँसे चल रही थीं, अस्पताल ले जाया गया लेकिन बच न सका।

20 साल की सौमिनी दास और 29 साल का अबिल अब्राहम दोस्त थे। 3 महीने पहले ही दोस्ती हुई थी। 3 महीने में ही दोस्ती ऐसी कि साप्ताहिक छुट्टी वाले दिन शादीशुदा सौमिनी के कमरे में अब्राहम आता था, साथ रहता था। दोस्ती को एक स्टेप आगे ले जाते हुए दोनों फिर लिव-इन में रहने के लिए कोथानुर स्थित डोडागुब्बी में चौथी मंजिल पर एक फ्लैट लेकर रहने लगते हैं। इसी फ्लैट में आग लगाकर मर भी जाते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोलकाता की सौमिनी दास की शादी 2021 में हुई थी। फिलहाल वो बेंगलुरु के पास मराठहल्ली स्थित एक प्राइवेट कॉलेज से बीएससी नर्सिंग की कोर्स कर रही थीं। सेकंड ईयर की स्टूडेंट थीं। इसी कॉलेज से लगभग 17 किलोमीटर दूर कोथानुर में केरल के अबिल अब्राहम ने अपना नर्सिंग एजेंसी खोल रखा था। अब्राहम के इसी नर्सिंग एजेंसी में सौमिनी दास पार्ट-टाइम जॉब भी करती थी। 3 महीने पहले दोनों पहली बार यहीं मिले और दोस्ती हुई, फिर प्यार भी।

शादीशुदा सौमिनी दास 3 महीने पहले कोलकाता गई थीं। उस समय उन्होंने अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। तलाक लेने की बात भी अपने घर वालों को बता कर वो वापस बेंग्लुरु आ गई थी। उसने अपने पति को यह बताया था कि वो अब साथ नहीं रह सकते। सौमिनी ने यह कारण दिया था कि उसका पति उसे आजादी के साथ जीने नहीं देता है, फैसले लेने नहीं देता है। उसने यह भी कहा था कि वो अब अपने प्रेमी अब्राहम के साथ ही जीवन भर रहेगी।

सौमिनी दास और अबिल अब्राहम के प्रेम-प्रसंग की बात को लेकर उसके पति ने घटना वाले दिन 5 नवंबर 2023 को अपनी पत्नी को कॉल किया था। इस कॉल के बाद ही दोनों ने कहीं से पेट्रोल खरीदा और आग लगा कर आत्महत्या की।

कोथानुर पुलिस के अनुसार जिस फ्लैट में आग लगाकर आत्महत्या की गई, वहाँ से कोई सुसाइड नोट नहीं मिली है। घटना वाली जगह से पेट्रोल की खाली बोतलें और अन्य सामान पुलिस को मिले, जिससे प्रथम दृष्ट्या यह आत्महत्या का मामला माना जा रहा। सौमिनी दास और अबिल अब्राहम दोनों के फोन लॉक हैं, इसलिए साइबर एक्सपर्ट की मदद से इनके फोन लॉग, कॉल और मैसेज तक पहुँच कर आगे की जाँच जारी है।