Home Blog Page 1413

छत्तीसगढ़ में चुनाव से 1 दिन पहले IED ब्लास्ट: BSF जवान घायल समेत पोलिंग टीम के 2 सदस्य घायल

छत्तीसगढ़ कें कांकेर में IED ब्लास्ट हुआ है। इस धमाके में एक बीएसएफ कॉन्स्टेबल और 2 पोलिंग टीम के सदस्यों को चोटें आई हैं। फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है। उनकी हालात स्थिर है।

पुलिस ने बताया है कि बीएसएफ और डिस्ट्रिक्ट फोर्स की संयुक्त पार्टी कांकेर जिले के थाना छोटेबेटिया के 04 मतदान दलों को लेकर कैम्प मारबेड़ा से रेंगाघाटी रेंगागोंदी मतदान केन्द्र जा रही थी और शाम प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से बीएसएफ के आरक्षक चंद्रप्रकाश सेवल और मतदान दल के 02 कर्मचारी घायल हो गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नारायणपुर जिले के मुरहादपुर गाँव में भी नक्सलियों द्वारा आईडी प्लांट किया गया था। इसे निष्क्रिय करने के दौरान वहाँ ITBP का कॉन्स्टेबल घायल हुआ। कुछ रिपोर्ट बता रही है कि इस धमाके में कुल 4 लोग घायल हुए हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान कल (7 नवंबर 2023) होने वाले हैं। राज्य की 20 सीटों (मोहला मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागाँव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा, पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगाँव, डोंगरगाँव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट) पर वोट पड़ेंगे। सुबह 7 बजे से 3 बजे तक वोट डाले जाएँगे।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में इन चुनावों के मद्देनजर नक्सली पहले भी धमकी दे चुके हैं। ऐसे में लोगों में डर का माहौल है। नक्सलियों ने इससे पहले बस्तर में धमकी दी थी कि कोई वोट माँगने न आए, जब भाजपा नेता रतन दुबे चुनाव प्रचार के लिए गए तो वहाँ उन्हें धारदार हथियार से उन्हें मार दिया गया

‘सनातन खत्म करने का किसी को अधिकार नहीं, बाँटने वाले बयान न दें सत्ता में बैठे नेता’: मद्रास HC की कड़ी टिप्पणी, लेकिन नहीं दी द्रविड़ विरोधी रैली की अनुमति

मद्रास हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए द्रविड़ विचारधारा के विरुद्ध रैली के आयोजन को अनुमति देने से मना कर दिया है। इस रैली का आयोजन सितम्बर 2023 में सनातन खत्म करने के उद्देश्य से की गई रैली का विरोध करना था।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि सत्ता में बैठे लोगों को बाँटने वाले बयान नहीं देने चाहिए। कोर्ट ने यह टिप्पणी उदयानिधि स्टालिन के सनातन को खत्म करने वाले बयान को लेकर की। गौरतलब है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री उदयानिधि स्टालिन ने इसी सनातन धर्म को मिटाने के उद्देश्य से आयोजित की गई रैली में सनातन विरोधी बयान दिया था।

उदयानिधि स्टालिन ने कहा था, “कुछ चीजें हैं जिनका हमें उन्मूलन करना है और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये सभी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना है। सनातन ​​भी ऐसा ही है। विरोध करने की जगह सनातन ​​को ख़त्म करना हमारा पहला काम होना चाहिए।”

उदयानिधि के इस बयान का देश भर में कड़ा विरोध हुआ था। उनके सनातन विरोधी बयान के विरुद्ध कई बड़ी हस्तियों ने सुप्रीम कोर्ट को ख़त भी लिखा था। सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया था और उससे उदयानिधि के विरुद्ध FIR दर्ज करने को कहा था।

मद्रास हाईकोर्ट ने इसी दौरान इस रैली में सनातन विरोधी बयान देने वाले मंत्रियों पर कार्रवाई ना करने के लिए तमिलनाडु पुलिस को डाँट भी लगाई। कोर्ट ने कहा है कि वह किसी भी ऐसी रैली के आयोजन की अनुमति नहीं देंगे जिससे लोगों में विभाजन पैदा होता हो और कोर्ट से इस मामले में किसी को कोई सहायता नहीं मिलने वाली।

हाईकोर्ट ने कहा कि इस देश में अलग-अलग विचारधाराएँ एक साथ रहती आई हैं जो कि भारत की पहचान है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जो लोग सनातन को खत्म करने की बात कर रहे हैं उन्हें ड्रग्स, भ्रष्टाचार और छुआछूत को खत्म करने पर काम करना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि यहाँ एक रैली आयोजित हुई जिसमें सनातन को खत्म करने की बात कही गई और उसमें शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके कारण अब यहाँ द्रविड़ विचारधारा को खत्म करने के लिए रैली की अनुमति माँगी जा रही है। इससे समाज में और बँटवारा होगा।

मदरसे के हाफिज ने बलात्कार के लिए बच्ची को घर में घुस कर दबोचा, दी हत्या की धमकी: 2 बहनों के साथ पहले कर चुका है छेड़खानी

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में रविवार (5 नवम्बर 2023) को पुलिस ने मदरसे में पढ़ाने वाले एक हाफिज को गिरफ्तार किया है। हाफिज का नाम गुलफाम है जिस पर नाबालिग लड़की को घर में घुस कर रेप की नीयत से दबोचने और किसी को बताने पर जान से मार डालने की धमकी देने का आरोप है। पीड़िता ने शोर मचा कर जैसे-तैसे खुद को गुलफाम के चंगुल से बचाया। पुलिस इस मामले में जाँच और जरूरी कार्रवाई कर रही है।

यह मामला उत्तर प्रदेश के चरथावल थानाक्षेत्र का है। यहाँ एक गाँव की रहने वाले 15 वर्षीया पीड़िता ने 4 नवंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि 3 नवंबर को वह घर में अकेली थी। इसी दौरान दोपहर लगभग डेढ़ बजे उसी गाँव का करामात का बेटा गुलफाम बुरी नीयत से उसके घर में घुसा। घर में घुस कर गुलफाम पीड़िता को जबरन कमरे के अंदर ले जाने लगा। जब पीड़िता ने विरोध किया तो उसके साथ न सिर्फ गाली-गलौज की गई बल्कि उसको जान से मार डालने की धमकी भी दी गई।

शिकायत में आगे बताया गया है कि अपने मंसूबों में खुद को असफल होता देख गुलफाम ने पीड़िता का मुँह दबोच दिया। हालाँकि काफी प्रयासों के बाद लड़की ने जैसे-तैसे खुद को मुक्त कर के शोर मचाया। मोहल्ले वालों को आता देख कर गुलफाम भाग निकला। जाते-जाते उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने गाँव की 2 लड़कियों को भी अपने साथ हुई घटना का चश्मदीद गवाह बताया है। शिकायत में गुलफाम पर कड़ी कार्रवाई की माँग भी की गई है।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने नाबालिग लड़की के घर में घुस कर रेप का प्रयास करने वाले मदरसे के हाफिज गुलफाम को पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार किया
प्रेस नोट साभार -मुज़फ्फरनगर पुलिस

गुलफाम को स्थानीय मदरसे में मज़हबी तालीम देने के लिए रखा गया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित गुलफाम के खिलाफ IPC की धारा 452, 323, 354 और 506 के अलावा 7/8 पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। आरोपित हाफिज को पुलिस ने गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। मामले में जाँच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

ऑपइंडिया ने पीड़िता के पिता से बात की। उन्होंने बताया कि गुलफाम घूम-घूम कर मदरसे के नाम पर रसीदें काटा करता है और लोगों से पैसे की उगाही करता है। लड़की के पिता ने बताया कि ये आरोपित द्वारा उनके घर में की गई तीसरी वारदात है। दावा है कि इस से पहले भी गुलफाम अलग-अलग मौकों पर पीड़िता की 2 बहनों से छेड़खानी कर चुका था। हालाँकि उस समय मुस्लिम समाज के लोगों ने जुट कर पंचायत की थी और मामले को दबा दिया था। लड़की के पिता का कहना है कि वो इस बार किसी के भी दबाव में नहीं आने वाले और आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा दिला कर ही रहेंगे। पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई को संतोषजनक बताया।

‘मार देंगे दो मुक्का, नाच के गिरेगा थाईलैंड’ : लालू की बेटी ने शेयर की CM योगी की एडिटेड फोटो, नेटीजन्स बोले- ‘यही है चारा चोर का संस्कार’

लालू प्रसाद यादव को किडनी देने वाली दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी आचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एडिडेट तस्वीर साझा की है, जिसमें उन्हें लालू प्रसाद यादव डाँटते दिख रहे हैं। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किए गए इस तस्वीर पर लोगों ने उन्हें योगी आदित्यनाथ को नीचा दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है और उन्हें जमकर ट्रोल भी किया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत उमराव ने उनकी पुलिस से शिकायत भी की है। प्रशांत के साथ ही महंत गणेश दास ने भी उन पर यूपी पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा, ” अरे बुड़बक रिबन पकड़ ठीक से, नहीं तो मार देंगे दो मुक्का, नाच के गिरेगा थाईलैण्ड में”। रोहिणी आचार्य ने इस पोस्ट में जो तस्वीर साझा की है, वो एडिटेड है।

रोहिणी आचार्य के इस पोस्ट के बाद लोगों ने उनकी जमकर खबर ली। डॉ श्वेता शर्मा ने रोहिणी आचार्य से शायद कोई अप्रिय जानकारी लेनी चाही। उन्होंने लिखा, “रोहिणी.. अभिषेक की मौत कैसे हुई थी ..? वो केस बंद क्यों हुआ, अपने चारा चोर बाप से पूछकर जवाब दो।”

बता दें कि अभिषेक नाम के छात्र की झारखंड की राजधानी राँची से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित दशम फाल्स में डूबने से मौत हो गई थी। आरोप लगाए जाते हैं कि वो लालू यादव की एक बेटी के साथ प्रेम संबंध में थे। शायद श्वेता शर्मा ने उनसे इसी मामले में सवाल पूछा था। इस मामले में लालू परिवार पर अभिषेक की हत्या का आरोप लगा था।

वहीं मनीष शर्मा नाम के यूजर ने लिखा, “इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। जैसा संस्कार चारा चोर से मिला है उसके संतान वैसा ही भाषा का उपयोग रहे है।”

शाश्वत नाम के यूजर ने लिखा, “बाप बिहार बेचकर हांगकांग पहुँचा दिया लेकिन संस्कार कहाँ से देता। अब बाल बच्चा का भाषा भी वैसा ही सड़क छाप वाला है। ये वही रोहिणी आचार्य है, जिसके शादी में चारा चोर लल्लू लाल सबके दुकान में डाका मरवाया था। आज इसको नीतीश का पैर चाटते देख के मजा आ जाता है।”

वहीं बिहार भाजपा की नेता अमृता राठौर ने लिखा, “उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री के लिए अभद्र भाषा और मारने की बात करने वाले इस ट्वीट पर कृपया संज्ञान लें।”

यूपी भाजपा के प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने यूपी पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने यूपी पुलिस को मेंशन करते हुए लिखा है कि इस अकाउंट से यूपी के सीएम योगी जी के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने लखनऊ पुलिस और यूपी के डीजीपी को भी मेंशन किया है।

इस मामले में रोहिणी आचार्य को लोग तमाम बातें याद दिला रहे हैं। कुछ लोग उनके पिता लालू यादव को कथित तौर पर चारा चोर लिख रहे हैं, तो कुछ लोग उनके संस्कारों पर उंगली उठा रहे हैं।

‘अगर मैं स्कूल-कॉलेज में होती तो…’: स्विमसूट वाले वायरल फर्जी वीडियो पर दुखी हुईं अभिनेत्री रश्मिका मंदाना, बोली – ये बुरी तरह डराने वाला

अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने अपने फर्जी वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि उनके लिए यह डरावना है और और दुखी करने वाला है। रश्मिका ने कहा है कि यह सिर्फ उनके लिए बल्कि उन सबके लिए डरावना है जो कि तकनीक का उपयोग करते हैं।

इससे पहले बिकनी पहने हुए एक लड़की का वीडियो वायरल हुआ था जिसे रश्मिका मंदाना बताया गया था। इस वीडियो में तकनीक के सहारे स्विमसूट पहनी लड़की के ऊपर रश्मिका का चेहरा लगा दिया दिया गया था। असल में यह वीडियो एक ब्रिटिश मॉडल ज़ारा पटेल का था।

रश्मिका ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा है, “मैं इस बात से बेहद दुखी हूँ और मेरे बारे में फैलाई जा रही डीपफेक वीडियो के विषय में बात करना चाहती हूँ। ये सिर्फ मेरे लिए ही नहीं बल्कि उन सभी लोगों के लिए काफी डरावना है और बताता है कि हम कितने खतरे में हैं क्योंकि तकनीक का दुरुपयोग हो रहा है।”

आगे रश्मिका ने लिखा, “मैं आज एक महिला और एक अभिनेत्री के नाते अपने परिवार, मित्रों और शुभेच्छकों का धन्यवाद करती हूँ क्योंकि वह मेरे सपोर्ट सिस्टम हैं। हालाँकि, अगर ऐसा कुछ मेरे साथ स्कूल या कॉलेज में हुआ होता तो मुझे नहीं मालूम मैंने इसका सामना कैसे किया होता। हमें इससे एक समाज के तौर उससे पहले लड़ना होगा जब तक यह और लोगों की पहचान चुराए।”

जो वीडियो वायरल हुआ है, Deepfake नामक AI (आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस) तकनीक का इस्तेमाल कर के इसे हूबहू रश्मिका मंदाना की तरह बना दिया गया है। ज़ारा पटेल एक ब्रिटिश-इंडियन इन्फ्लुएंसर हैं, जो अक्सर अंतरंग वस्त्रों में तस्वीरें और वीडियो अपलोड करती रहती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 4.32 लाख फॉलोवर्स हैं। वो डेटा इंजीनियर भी हैं।

वहाँ उन्हें बिकनी में कई तस्वीरें अपलोड कर रखी हैं। लेकिन, किसी ने उनके एक वीडियो का गलत इस्तेमाल किया और इसमें उनकी जगह रश्मिका मंदाना को दिखा दिया। अमिताभ बच्चन तक ने इस वीडियो का संज्ञान लिया था और कहा कि इस पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी कहा था कि इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे सभी डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा एवं भरोसे को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एंजेलो मैथ्यूज ‘टाइम आउट’, 1 गेंद पर 2 विकेट: क्रिकेट के इतिहास में पहली बार, गुस्साए बैट्समैन को अंपायर ने समझाया ICC का नियम 40.1.1

क्रिकेट विश्व कप 2023 में एंजेलो मैथ्यूज क्रीज पर जाने के बाद बिना एक भी बॉल खेले आउट होने वाले पहले बल्लेबाज बने, वो भी बिना कोई गेंद फेंके। वो ‘टाइम आउट’ नियम के तहत आउट करार दिए गए। एंजेलो मैथ्यूज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट होने के बाद काफी निराश दिखे। बांग्लादेशी कप्तान साकिब अल हसन की अपील पर अंपायर ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। दरअसल, एक बल्लेबाज के आउट होने के बाद दूसरे बल्लेबाज के मैदान पर आने और कम से कम एक गेंद का सामना करने के लिए अधिकतम जो समय सीमा है, मैथ्यूज ने वो पार कर दिया था।

120 सेकंड में खेलनी होती है पहली गेंद

किसी बल्लेबाज के आउट होने के बाद उसकी जगह आए नए बल्लेबाज को 2 मिनट के भीतर पहली गेंद खेलनी होती है। उसे तय समय सीमा के भीतर क्रीज पर पहुँचना होता है। ये समय सीमा 2 मिनट की है। लेकिन मैथ्यूज गलत हेलमेट लेकर मैदान पर आ गए और तय समय के भीतर वो पहली गेंद नहीं खेल सके।

एंजेलो मैथ्यूज को अंपायर ने भी मैदान पर जल्दी करने को कहा था, लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद साकिब अल हसन ने उन्हें आउट करार दिए जाने की अपील कर दी। नियमों के मुताबिक, मैथ्यूज काफी देर कर चुके थे, ऐसे में उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। वो इस दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आउट होने वाले पहले बल्लेबाज बने।

सदीरा के बाद मैदान पर आए और लौटना पड़ा

दिल्ली में खेले जा रहे इस मैच में बांग्लादेश के कप्तान साकिब अल हसन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। श्रीलंका का चौथा विकेट सदीरा समरविक्रमा के तौर पर कुल 135 रनों के स्कोर पर गिरा। उस समय 24.2 ओवर हुए थे। 41 रन बनाकर वो साकिब अल हसन की गेंद पर महमूदुल्लाह को कैच थमा बैठे।

साभार: espncricinfo

समरविक्रमा के आउट होने के बाद एंजेलो मैथ्यूज मैदान पर आए थे, लेकिन वो ‘टाइम आउट’ नियम का शिकार बन गए। इस तरह 24.2 ओवर (25वें ओवर की दूसरी गेंद पर) में समरविक्रमा के साथ-साथ एंजेलो मैथ्यूज भी आउट हुए।

नियम क्या कहता है?

एमसीसी के नियम 40.1.1 के मुताबिक, अगर कोई बल्लेबाज आउट होता है, तो अगले बल्लेबाज को हर हाल में अगले 2 मिनट के भीतर पहली गेंद खेलनी होती है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो बल्लेबाज को ‘टाइम आउट’ करार दे दिया जाएगा। जो मैथ्यूज के मामले में हुआ।

इसके अलावा नियम 40.1.2 के तहत अगर बल्लेबाज क्रीज पर ही नहीं पहुँचता है, तो अंपायर एमसीसी के नियम 16.3 के तहत दूसरी टीम को विजेता भी घोषित कर सकता है, क्योंकि ऐसे में माना जाता है कि सामने वाली टीम ने खेलने से ही मना कर दिया है। चूँकि मैथ्यूज मैदान में थे, इसलिए सिर्फ वही आउट करार दिए गए।

गुनहगार एंडरसन को भगाया, यार शहरयार को छुड़ाया: भोपाल हादसों पर बनी KK मेनन की ‘The Railway Men’, 25000 मौतों के बाद राजीव गाँधी की सौदेबाजी

“सच ये है कि हम न जान लेने वालों को सज़ा देते हैं और न जान लेने वालों को शाबाशी” – केके मेनन की नई वेब सीरीज का ये डायलॉग कई राजनेताओं को असहज कर देगा। भोपाल गैस त्रासदी पर Netflix 4 एपिसोड की वेब्स सीरीज लेकर आया है, जिसमें केके मेनन के अलावा दिव्येंदु शर्मा, जूही चावला और आर माधवन भी दिखाई देंगे। इसका ट्रेलर जारी किया जा चुका है। इस वेब सीरीज का नाम है ‘The Railway Men’, ये कहानी है उन रेलवे कर्मचारियों की जिन्होंने कई लोगों की जान बचाई।

केके मेनन की ‘The Railway Men’ का ट्रेलर जारी

‘द रेलवे मेन’ के ट्रेलर में इसका चित्रण किया गया है कि कैसे ‘यूनियन कार्बाइड’ की फैक्ट्री में आग लगी और फिर फैक्ट्री के विदेशी मालिक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। फैक्ट्री का एक मैनेजर बताता है कि कंपनी वालों को 2 साल से इन सबका पता था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उस समय कैसी भयंकर स्थिति थी, गैस लीक के पीड़ितों के लिए कोई दवा तक नहीं थी, संकट था कि इतने लोगों को कैसे बचाया जाएगा। ये भी दिखाया गया है कि कैसे नेताओं को कंपनी का विदेशी मालिक स्पष्ट कहता है कि ये गैस जानलेवा नहीं है, कंपनी का यही स्टैंड है।

‘The Railway Men’ के बारे में एक और बड़ी बात बता दें कि इसमें दिवंगत अभिनेता इरफ़ान खान के बेटे बाबिल भी काम कर रहे हैं। केके मेनन ने इसमें एक टिकट कलेक्टर का रोल अदा किया है। वेब सीरीज के क्रिएटर और निदेशक शिव रावली ने कहा कि ये मानवीय भावनाओं की कहानी है। किस तरह कुछ रेलवे कर्मचारियों ने अपनी जान पर खेल कर पीड़ितों की जान बचाई, ये कहानी उसे ही दर्शाती है। न कोई संसाधन, न कोई सहायता – फिर भी ये लगे रहे।

कंपनी के मालिक वॉरेन एंडरसन को राजीव गाँधी सरकार ने भगा दिया

अब बात जब भोपाल गैस त्रासदी की आती है तो ये जानना ज़रूरी है कि आखिर हुआ क्या था। ये हादसा है 1984 का, जिस साल इंदिरा गाँधी की हत्या हुई थी और उनके बेटे राजीव प्रधानमंत्री बने थे। 2-3 दिसंबर की रात यहाँ ‘यूनियन कार्बाइड’ की फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसाइनेट नामक जहरीले गैस का रिसाव हुआ। कहा जाता है कि भोपाल के गुनहगार वॉरेन एंडरसन की आजादी के बदले अमेरिका ने राजीव गाँधी के यार आदिल शहरयार को रिहा किया था।

वॉरेन एंडरसन ही इस कंपनी का अध्यक्ष था। सुप्रीम कोर्ट ने भी 15,000 से अधिक लोगों की मौत की बात मानी थी, हालाँकि आँकड़े इससे कहीं अधिक हैं और अनाधिकारिक आँकड़े 25,000 मौतों तक जाते हैं। बस दिखावे के लिए गिरफ़्तारी के बाद वॉरेन एंडरसन को छोड़ दिया गया और दिल्ली से वो अमेरिका के लिए उड़ गया। आरोप है कि अपने दोस्त शहरयार को छुड़ाने के लिए राजीव गाँधी ने ये सौदा किया। आदिल शहरयार ने रिहा होते ही करोड़ों डॉलर की कंपनी खड़ी कर ली, फिर 1990 में उसकी रहस्यमयी मौत भी हो गई थी।

उस समय सरकार क्या कर रही थी? राजीव गाँधी PMO के सौंदर्यीकरण में व्यस्त थे। हर्बर्ट बेकर एक ब्रिटिश शिल्पकार था। इसे ही सचिवालय के सौंदर्यीकरण का दायित्व सौंपा गया था। जितने रुपए राजीव गाँधी ने अपनी आत्मसंतुष्टि के लिए PMO को डिजाइन करने में खर्च किए उसका आधा भी उन्होंने उन मासूमों पर खर्चा करना ज़रूरी नहीं समझा। आजकल कॉन्ग्रेस के लोग एक वीडियो भी खूब शेयर करते हैं, जिसमें तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन राजीव गाँधी के लिए छाता उठाए उन्हें सम्मान देते हुए दिखते हैं।

दरअसल, इसके पीछे भी इसी सौदेबाजी वाला राज़ छिपा है। दावा किया जाता है कि वॉरेन एंडरसन के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति रेगन ने स्वयं राजीव गाँधी को फोन किया था और उनसे बात करके सुनिश्चित किया था कि एंडरसन को वे सुरक्षित अमेरिका भिजवाएँ। आदिल शहरयार वही शख्स है, जिसे फ्लोरिडा की अदालत ने कई बार धोखाधड़ी का दोषी करार दिया था और उसी को छोड़ने के बदले एंडरसन को जाने दिया गया। आज यही कॉन्ग्रेस पार्टी बड़ी-बड़ी बातें करती है।

छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसियों ने BJP की महिला कार्यकर्ताओं से की छेड़छाड़, बीच सड़क पर मारे लात-घूँसे: Video वायरल

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में चुनाव प्रचार के दौरान कॉन्ग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की होने की खबर है। इस दौरान भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने कॉन्ग्रेस पार्टी के सदस्यों पर अपने साथ मारपीट और छेड़खानी का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में बीजेपी सदस्य भानपुरी थाने पहुँचे और आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। घटना शनिवार (4 नवम्बर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला जगदलपुर के थानाक्षेत्र भानपुरी का है। यहाँ नारायणपुर विधानसभा के लिए कॉन्ग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता समूह बना कर चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस दौरान बस्तर ब्लॉक में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

तनातनी की वजह शनिवार को लगने वाले बाजार में दोनों पार्टियों के सदस्यों का एक ही समय मौजूद होना है। प्रशासन द्वारा भाजपा के कार्यकर्ताओं को यहाँ 1 बजे से 3 बजे तक प्रचार करने के लिए कहा गया था। वहीं शाम 4 से 6 बजे के बीच में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रचार करना था।

बताया जा रहा है कि जब कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता शाम 4 बजे शनिवार प्रचार के लिए बाजार पहुँचे तो वहाँ भाजपा सदस्य पहले से मौजूद दिखे। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उनके प्रचार में भाजपा से जुड़े लोग बाधा डाल रहे थे। हालाँकि भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

बीजेपी के अनुसार कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेवजह उनके कार्यकर्ताओं की न सिर्फ पिटाई की बल्कि महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई। मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाबुझा कर अलग किया।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में कॉन्ग्रेस पार्टी का झंडा लिए लोगों को भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं पर हाथ उठाते और पैर से मारते देखा जा सकता है। मारपीट की इस घटना से नाराज भाजपा सदस्य भानपुरी थाने पहुँच कर आरोपित कॉन्ग्रेसियों ने खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग करने लगे।

इस दौरान थाना परिसर में धरना भी दिया गया जिसका नेतृत्व खुद भाजपा उम्मीदवार केदार कश्यप ने किया। मामले की शिकायत पुलिस में दी गई है जिस पर जाँच की जा रही है। अभी तक किसी गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं है।

बताते चलें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 7 नवम्बर (मंगलवार) को है। इस दौरान 20 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएँगे। पहले चरण में कुल 40 लाख 78 हजार 681 मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रयोग का अवसर मिलेगा।

केदारनाथ में राहुल गाँधी के सामने ही लगे मोदी-मोदी के नारे… कॉन्ग्रेसी चुप कराते रहे, किसी ने नहीं सुनी: Video वायरल

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी केदारनाथ के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। सोमवार (6 नवंबर, 2023) को वह केदारनाथ पहुँचे। राहुल गाँधी सबसे पहले रुद्रप्रयाग स्थित शंकराचार्य समाधि पर दर्शन करने पहुँचे, इसके बाद उन्होंने केदारपुर में हंसमुख बाबा से भेंट की। कहा जा रहा कि इसी दौरान केदारनाथ में ही राहुल गाँधी के सामने मोदी-मोदी के नारे लगने लगे। जिससे कॉन्ग्रेसी भड़क गए। इसका वीडियो भी सामने आया है। जिसमें आप लोगों को मोदी-मोदी नारे लगाते हुए देख सकते हैं। 

मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि राहुल गाँधी के सामने तीर्थ यात्रियों द्वारा मोदी-मोदी के नारे लगाने पर कॉन्ग्रेसियों व तीर्थयात्रियों के बीच विवाद हो गया। जहाँ कॉन्ग्रेसी लोगों को यह समझाने में लगे थे कि केदारनाथ में केदार बाबा के नारे लगाओ मोदी के नहीं। वहीं तीर्थ यात्री जोर-जोर से मोदी-मोदी और जय श्री राम के नारे लगाते रहे।

बता दें कि इस नारेबाजी के बीच कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी का हेलीपैड पर ही तीर्थ पुरोहित समाज की ओर से स्वागत किया गया। कॉन्ग्रेस नेता दोपहर एक बजे के आस पास हेलीपैड पर पहुँचे थे। यहाँ से वह सीधे मंदिर पहुँचे। लेकिन मंदिर के अंदर नहीं गए।

राहुल गाँधी मंदिर में बाहर से ही दर्शन करने के बाद होटल चले गए। इस दौरान मंदिर आते समय रास्ते में और मंदिर पहुँचने पर जब लाइन में लगे श्रद्धालुओं ने जब राहुल को देखा तो मोदी-मोदी और जय श्री राम के नारे लगाने लगे। 

तीन दिवसीय दौरे पर केदारनाथ पहुँचे राहुल गाँधी 

गौरतलब है कि राहुल गाँधी तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड में केदारनाथ धाम पहुँचे हैं। उनकी इस यात्रा को निजी आध्यात्मिक बताया जा रहा है। उत्तराखंड कॉन्ग्रेस की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट में बताया गया कि ‘राहुल गाँधी बाबा केदारनाथ के दर्शन करने उत्तराखण्ड आ रहे हैं। ये उनकी निजी आध्यात्मिक यात्रा है, सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि इस निजी यात्रा का सम्मान करते हुए इस यात्रा को एकांत में पूर्ण करने दें। आप सभी अपना उत्साहपूर्वक समर्थन मन से कर सकते हैं और अगली बार अपने प्रिय नेता से मिल सकते हैं। जय श्री केदार!

वहीं यह भी कहा जा रहा है कि राहुल गाँधी ने केदारनाथ के दौरे पर भक्तों के लिए चाय सेवा भी की। 

‘जीवित या मृत… हम महादेव के पास जरूर पहुँचेंगे’: हिंदुओं को न मिले ज्ञानवापी, इसलिए 50-60 हजार की मुस्लिम भीड़ ने रोका था रास्ता, वकील की आपबीती

वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया है कि मई 2022 के दौरान जब वह और उनके पिता हरिशंकर जैन वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी ढाँचे के सर्वे के लिए जा रहे थे तब उनकी गाड़ी को कैसे मुस्लिम भीड़ ने घेर लिया था। यह भीड़ इन दोनों को ज्ञानवापी ढाँचे तक नहीं पहुँचने देना चाहती थी।

विष्णु शंकर जैन के इस बुरे अनुभव को विक्रम संपत की आगामी किताब में भी जगह दी जाएगी। यह किताब काशी पर ही लिखी गई है। इसी किताब के लिए किए गए एक इंटरव्यू का एक छोटा हिस्सा एक्स (पहले ट्विटर) पर आनंद रंगनाथन ने डाला है।

विष्णु शंकर और उनके पिता हरिशंकर जैन, दोनों ही इस ज्ञानवापी के विवादित ढाँचे के मामले में हिन्दू पक्ष की तरफ से लड़ रहे हैं। उनको बीते वर्ष ज्ञानवापी ढाँचे तक पहुँचने से रोकने के लिए अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद ने यह भीड़ इकट्ठी की थी। ज्ञानवापी ढाँचे का यह सर्वे न्यायालय के आदेश पर ही हो रहा था। विष्णु शंकर जैन ने बताया कि वीडियोग्राफी सर्वे वाले दिन की यादें उनके हृदय में अभी भी ताजा हैं।

उन्होंने बताया, “यह 5 या 6 मई 2022 का दिन था जब ज्ञानवापी ढाँचे के अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के सेक्रेटरी ने कहा था कि वह ढाँचे के भीतर का वीडियोग्राफी सर्वे नहीं होने देंगे। उनके ही कहने पर 50 से 60 हजार मुस्लिमों ने मैदागिन से लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नम्बर 4 का रास्ता जाम कर दिया था।”

आगे विष्णु शंकर ने बताया, “यह पूरी भीड़ टोपी लगाए हुए थी और एक ख़ास तरीके का इसका पहनावा था। आप आसानी से पहचान सकते थे कि यह मुस्लिम हैं। मैं और मेरे पिताजी गाड़ी में थे और मैदागिन क्रासिंग से काशी विश्वनाथ के गेट नम्बर 4 की तरफ जा रहे थे।”

उन्होंने कहा, “कुछ देर के लिए हमें लगा कि हम कभी भी वहाँ तक नहीं पहुँच सकेंगे। हमें लग रहा था कि हम पर हमला हो जाएगा और यह लोग गेट नम्बर 4 तक पहुँचने नहीं देंगे। मैंने इस स्थिति में अपने पिता की तरफ असहाय होकर देखा। उन्होंने मुझे धैर्य के साथ बताया कि हम आज महादेव के पास जरूर पहुँचेंगे चाहे जीवित या फिर मृत।”

विष्णु शंकर ने कहा कि इस घटना के कुछ ही दिनों के बाद ढाँचे के अंदर स्थित वुजुखाने से ना केवल शिवलिंग मिला बल्कि स्वास्तिक, नंदी बैल और कमल जैसे कई हिन्दू चिन्ह विवादित ढाँचे की दीवारों पर मिले।

गौरतलब है कि 8 मई 2022 को न्यायालय को आदेश देकर ढाँचे की वीडियोग्राफी रुकवानी पड़ी थी क्योंकि यहाँ पर इकट्ठा भीड़ सर्वे वाली टीम को ढाँचे के अंदर सर्वे नहीं करने दे रही थी। टीम ने बाहर सर्वे पूरा कर लिया था लेकिन उन्हें भीड़ अंदर नहीं घुसने देना चाहती थी।

इस मामले में हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को ढाँचे के अंदर सर्वे करने की अनुमति दे दी है। उसने अंजुमन इंतेजामिया कमेटी की इस सर्वे को रोकने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।