उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर यूट्यूबर और कथित पत्रकार श्याम सिंह मीरा सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। आरोप है कि श्याम मीरा ने एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा के राहुल गाँधी से शादी वाले बयान को सीएम योगी से जोड़ा था। इसके बाद मंगलवार (8 अगस्त, 2023) को गाजियाबाद में शिकायत दर्ज हुई।
गाजियाबाद के साहिबाबाद में रहने वाले चंदन राय नामक व्यक्ति ने श्याम मीरा सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। चंदन राय की शिकायत के आधार पर साहिबाबाद पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत FIR दर्ज हुई। ऑपइंडियाको मिली FIR में चंदन राय ने कहा है कि वह पिछले 12 सालों से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ है। उन्हें सोमवार (7 अगस्त, 2023) को श्याम मीरा सिंह नामक ट्विटर अकाउंट द्वारा किया गया एक ट्वीट दिखा।
शिकायत में आगे कहा गया है, “इस ट्वीट में News24 द्वारा की गई एक खबर को कोट करते हुए ट्वीट गया है कि आप योगी जी से शादी कर लीजिए। विचार से विचार तो मिल ही रहा है। मन से मन का मिलन भी हो जाए, सरनेम भी नहीं बदलना पड़ेगा, वो तो ये कहते भी हैं कि Changing your name will not change your game. मुख्यमंत्री योगी जी के खिलाफ किए गए इस अशोभनीय ट्वीट का ट्विटर हैंडल पर आम जनमानस द्वारा काफी विरोध भी किया जा रहा है।”
आप योगी जी से शादी कर लीजिए.. विचार से विचार तो मिल ही रहा है. मन से मन का मिलन भी हो जाए. सरनेम भी नहीं बदलना पड़ेगा. वो तो ये कहते भी हैं कि 'Changing your name will not change your game'. https://t.co/J8wPunnHyt
FIR में यह भी कहा है, “यह ट्वीट हमारे प्रदेश के करीब 25 करोड़ लोगों का नेतृत्व कर रहे हमारे प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी है। इस अश्लील टिप्पणी से न केवल मेरी ही भावना आहत हुई बल्कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनसंख्या के साथ ही साथ पूरे देश के ऐसे लोगों की जिनकी सनातन परंपरा मैं आस्था है। उनकी भी भावना आहत हुई है तथा लोगों के अन्दर गुस्सा है। ऐसे में मेरा मानना है कि अगर इस ट्विटर हैंडल को चलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्यवाही नहीं होती है तो कानून व्यवस्था भी बिगड़ सकती है।” फिलहाल इस मामले में पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर श्याम मीरा सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करते हुए जाँच शुरू कर दी है।
शर्लिन चोपड़ा ने राहुल गाँधी से शादी को लेकर दिया था बयान
अपने बयानों से अक्सर चर्चा में रहने वाली हिरोइन शर्लिन चोपड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उनसे कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी से शादी करने को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में उन्होंने कहा था कि वह शादी तो कर सकती हैं, लेकिन एक शर्त भी है। शर्त यह है कि शादी के बाद भी वह अपना सरनेम नहीं बदलेंगी।
वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि शर्लिन चोपड़ा फैंस से घिरी हुई हैं। इसी दौरान एक पैपराजी उनसे पूछता है – आप राहुल गाँधी से शादी करना चाहेंगी? जवाब में शर्लिन कहती हैं, “हाँ क्यों नहीं। लेकिन मैं चाहूँगी कि शादी के बाद मेरा सरनेम चोपड़ा ही रहे।”
स्वीडन और डेनमार्क के बाद अब इस्लामिक देश बांग्लादेश में कुरान की दर्जनों प्रतियाँ जलाई गईं। नुरूर रहमान और महबूब आलम नामक दो व्यक्तियों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। इसकी जानकारी सामने आने के बाद करीब 10 हजार लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। साथ ही दोनों आरोपितों को मारने की कोशिश की।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुरान जलाने के आरोप में बांग्लादेश के पूर्वोत्तर शहर सिलहट से पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपितों की पहचान स्कूल के प्रिंसिपल नुरूर रहमान और उसके सहयोगी महबूब आलम नामक के रूप में हुई। आरोपितों का कहना है कि कुरान की प्रतियाँ बहुत पुरानी और कुछ में प्रिंटिंग मिस्टेक थी। इसलिए उन्होंने उनमें आग लगा दी। पुलिस ने दोनों के पास से कुरान की जली हुई 45 प्रतियाँ जब्त की हैं।
एएफपी ने पुलिस अधिकारी अजबहार अली शेख के हवाले से कहा है कि रविवार से लेकर सोमवार रात (6-7 अगस्त 2023) तक कुरान जलाने के विरोध में 10 हजार लोग प्रदर्शन कर रहे थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रबर की गोलियाँ और आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
Wion ने ढाका ट्रिब्यून के हवाले से कहा है कि सिलहट मेट्रोपोलिटन पुलिस आयुक्त मोहम्मद एलियास शरीफ का कहना है कि कुरान जलाए जाने को लेकर स्कूल के शिक्षक, छात्र व क्षेत्र के अन्य लोग प्रिंसिपल व अन्य आरोपित से नाराज थे। इसलिए भीड़ ने दोनों को घेरकर पिटाई कर दी। हालाँकि बाद में पुलिस ने दोनों को बचा लिया। इस दौरान गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर भी हमला किया। हमले में 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस और इस्लामवादियों के बीच हुई झड़प में कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है। हालाँकि घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई।
बता दें कि बीते कुछ महीनों में यूरोपीय देश स्वीडन और डेनमार्क में कई बार कुरान जलाई गई है। कई इस्लामिक देश इसका विरोध करते हुए दोनों देशों की सरकारों से रोक लगाने व कार्रवाई करने की माँग कर चुके हैं। हालाँकि स्वीडन और डेनमार्क दोनों ही देशों का कहना है कि वह देश के कानून के चलते कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, स्वीडन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर मजबूत कानून है। इसके तहत ही लोग वहाँ कुरान जला रहे हैं।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की प्रोपेगेंडा शाखा से जुड़े अमेरिकी करोड़पति नेविल रॉय सिंघम भारत सहित दुनिया भर में चीन का प्रचार ही नहीं करते बल्कि वो दुनिया का रुख चीन की तरफ मोड़ने का काम भी करते हैं। चीन का प्रचार करने के लिए दुनिया भर के समाचार प्रकाशनों को पैसे की मदद देने वाले सिंघम ने इस संबंध में कुछ न्यूजक्लिक के एडिटर इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ को भी बताया था कि किस एंगल से प्रोपेगंडा फैलाना था।
‘टाइम्स नाउ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजक्लिक के पुरकायस्थ और सिंघम के बीच भारत-चीन सीमा विवाद को खबरों में कैसे रिपोर्ट करना है इसे लेकर ईमेल के जरिए बात हुई है। इसके अलावा भी भारत में चीन से संबंधित अन्य खबरें कैसे दिखाईं और पब्लिश की जाएँ, इस बारे में दोनों के बीच बातचीत हुई। ‘टाइम्स नाउ’ ने दावा किया है कि उसने उन कुछ ईमेलों को एक्सेस कर लिया है जो उन्होंने एक-दूसरे के भेजे थे।
दरअसल चीन के इशारों पर भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाने वाले वामपंथी मीडिया पोर्टल न्यूजक्लिक का चीनी कनेक्शन का खुलासा न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। इसमें दावा किया गया है कि न्यूज क्लिक को भारत विरोधी प्रोपेगेंडा चलाने के लिए चीन की तरफ से फंडिंग दी जाती है। इसमें भारत के कई पत्रकारों सहित कई दूसरे लोग भी शामिल हैं।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के पेरोल पर पर काम करने वाले अमेरिकी करोड़पति नेविल रॉय सिंघम और विवादास्पद वामपंथी मीडिया पोर्टल न्यूज़क्लिक की भारत में चीन के नजरिए को बढ़ावा देने के लिए बातचीत हुई। 6 जनवरी, 2021 की शाम 5:09 बजे, सिंघम ने कई व्यक्तियों को एक ईमेल भेजा था। इसमें न्यूज़क्लिक के एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ उन कई रिसीवरों में से एक थे।
इस ईमेल में से एक में लिखा था, “मुझे लगता है कि भारत-चीन सीमा विवाद के मुद्दों पर चर्चा करते समय हम भारत और चीन के बीच (भूटान के बाईं तरफ) डॉटेड लाइन से चूक गए।” इसमें आगे कहा गया है, “साफ तौर पर चीन और भारत को अपने देशों के अंदर दो नक्शे रखने होंगे।”
दरअसल, चीन अपने नक़्शे में अरुणाचल प्रदेश को चीन के एक हिस्से के तौर पर दिखाता है। कभी-कभी इसे ‘तथाकथित अरुणाचल प्रदेश’ के रूप में संदर्भित भी करता है। चीन भारतीय क्षेत्र पर इस एकतरफा दावे को रेखांकित करने और भारतीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर भारत की संप्रभुता को कमजोर करने के लिए कोशिशें करता आया है।
चीनी एजेंडे को बढ़ावा देने वाले एक विवादास्पद नक्शे के साथ, ईमेल में ये भी कहा गया है, “ये नक्शा चीन के कूटनीतिज्ञों की तरफ से बनाया गया है जहाँ चीन अरुणाचल प्रदेश पर दावा करता है।”
इस ईमेल का एक-दूसरे को भेजा जाना न्यूज़क्लिक जैसे वामपंथी मीडिया पोर्टलों को चीनी की बातों को दोहराने के लिए चीनी निर्देश का एक हिस्से जैसे लगता है। वो भी पूरी तरीके से इस फैक्ट को दरकिनार करते हुए है कि ये राष्ट्रीय हित का उल्लंघन और अतिक्रमण करता है या हमारी घोषित संप्रभु सीमाओं के खिलाफ जाता है।
न्यूज़क्लिक के ख़िलाफ़ अमेरिकी करोड़पति नेविल रॉय सिंघम के इशारे पर चीन के नजरिए को बढ़ावा देने के आरोप न्यूज़क्लिक और सिंघम से जुड़े कई संगठनों के बीच लेन-देन के इतिहास से साफ होता है। यह आरोप लगाया गया है कि न्यूज़क्लिक ने सिंघम से खुफिया तरीके से पैसे की बड़ी किश्त ली है, जो शी जिनपिंग सरकार से पैसे के बदले में दुनिया भर में सीसीपी के लिए बोली लगा रहा है
NYT ने किया भारत तक फैले बड़े चीनी जाल का खुलासा
आरोप है कि न्यूज़क्लिक को विदेशी स्रोतों से बेहिसाब पैसा मिला था। इसके साथ ही वह अन्य आपराधिक कामों के साथ-साथ वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त था। ये बातें इस समाचार पोर्टल पर ईडी के छापे के बाद सामने आई थीं। हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स के खुलासे के बाद यह मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ गया है।
शनिवार (5 अगस्त) को न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक विस्तृत लेख प्रकाशित किया था। इसमें एक अमेरिकी व्यवसायी के चीनी सरकार के साथ संबंधों और न्यूज़क्लिक नाम के भारतीय वामपंथी प्रचार आउटलेट के उससे वित्तीय मदद मिलने का खुलासा किया गया था। अमेरिका के इस अखबार के मुताबिक, नेविल रॉय सिंघम नाम का एक करोड़पति चीनी प्रचार को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर (भारत सहित) में कई समाचार प्रकाशनों को फंडिंग कर रहा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा, “नई दिल्ली में, कॉर्पोरेट फाइलिंग से पता चलता है कि सिंघम के नेटवर्क ने एक न्यूज साइट, न्यूज़क्लिक को वित्तपोषित किया, जिसने अपनी कवरेज को चीनी सरकार के मुद्दों से जोड़ा। अमेरिकी अखबार ने ये भी नोट किया कि एक वीडियो में कहा गया, “चीन का इतिहास श्रमिक वर्गों को प्रेरित करता रहा है।”
न्यूज़ क्लिक को मिली कई करोड़ रुपए की ‘बेहिसाब’ विदेशी फंडिंग
इससे पहले, 9 फरवरी, 2021 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने न्यूज क्लिक के फाउंडर और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के घर पर छापा मारा था। ईडी के सूत्रों के मुताबिक, न्यूज़क्लिक को एक अमेरिकी कंपनी से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के तहत 10 करोड़ रुपए मिले थे। दिलचस्प बात यह है कि पुरकायस्थ को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि अमेरिकी कंपनी ने उनकी कंपनी के खाते में पैसे क्यों ट्रांसफर किए हैं। वह इस बात का कोई सबूत नहीं दे सके कि उन्होंने खास कंपनी के लिए क्या काम किया है।
आगे की जांच से पता चला कि एक अन्य अमेरिका बेस्ड कंपनी ने न्यूज़क्लिक को 20 करोड़ रुपए दिए और इसे ‘धन प्रेषण’ के तौर पर दिखाया था। इस कंपनी ने ये भुगतान न्यूज़क्लिक को पीपल्स डिस्पैच नाम के पोर्टल पर कंटेंट अपलोड करने की एवज में किया था।
इसके अलावा, यह भी पता चला कि पुरकायस्थ ने रखरखाव के नाम पर 1.5 करोड़ रुपए भी लिए थे। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने कार्यालय में रखरखाव के लिए नौवीं पास इलेक्ट्रीशियन को काम पर रखा था। उसे जो पैसा दिया गया वो बगैर किसी दस्तावेज के था। इस वजह से पुरकायस्थ इस लेनदेन के बारे में ईडी को बताना मुश्किल पड़ गया।
बाद में, जुलाई 2021 में, ईडी ने बताया कि ‘न्यूज़क्लिक’ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच से पता चला है कि इस मीडिया आउटलेट के प्रमोटरों को संस्थाओं से लगभग 38 करोड़ रुपए मिले, जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े हो सकते हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच कर रहे एक अधिकारी ने खुलासा किया कि न्यूज़क्लिक का नेविल रॉय सिंघम नाम के एक श्रीलंकाई-क्यूबा-आधारित कारोबारी के साथ वित्तीय लेनदेन था। इसने कथित तौर पर 2018 और 2021 के बीच विदेश से पीपीके न्यूज़क्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये दिए थे।
जैसा कि हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स की व्यापक रिपोर्ट में कहा गया है, ईडी अधिकारी, जिन्होंने मीडिया आउटलेट के धन प्रवाह का पता लगाया था, ने यह भी कहा था कि सिंघम चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की प्रचार शाखा से जुड़ा है।
बेस्ट-सेलर ग्राफिक उपन्यास ‘अजय टू योगी आदित्यनाथ’, उत्तर प्रदेश से लम्बा सफ़र तय करके तेलंगाना पहुँचा। मंगलवार (8 अगस्त, 2023) को लेखक शान्तनु गुप्ता ने हैदराबाद में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के विश्वेश्वरैया भवन में दिग्गज शटलर साइना नेहवाल, राज्यसभा सांसद जफर इस्लाम, बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी और चिलकुर बालाजी के पुजारी सीएस रंगराजन और 600 से भी ज़्यादा बच्चों के साथ इसका भव्य विमोचन किया।
प्रसिद्ध लेखक शांतनु गुप्ता, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दो बेस्टसेलर शीर्षक लिखे हैं, ने युवा पाठकों के लिए अपना नया ग्राफिक उपन्यास ‘अजय टू योगी आदित्यनाथ’ मंगलवार को तेलंगाना में लॉन्च किया।
जून के पहले हाई हफ़्ते में योगी आदित्यनाथ के 51वें जन्मदिन यानी 5 जून को उत्तर प्रदेश के 51+ स्कूलों में इस ग्राफिक उपन्यास लॉन्च किया गया था। लेखक स्वयं लखनऊ के एक स्कूल में सैकड़ों बच्चों सहित उपस्थित थे। साथ ही इस रिकॉर्ड लॉन्च में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के 51+ स्कूलों में 5100 से अधिक बच्चों ने किताब लॉन्च की थी। यह पहली बार था कि एक किताब को कई स्थानों पर एक साथ इतने प्रतिभागियों के साथ लॉन्च किया गया, और वो भी बच्चों ने। इस व्यापक लॉन्च ने ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ क़ायम किया।
जब हमारी टीम ने लेखक शांतनु से संपर्क किया, तो लेखक ने अपने नए ग्राफिक उपन्यास के बारे में बारीक जानकारी साझा की। शांतनु ने बताया कि ‘अजय से योगी आदित्यनाथ तक’, उत्तराखंड के सुदूर गाँव में पैदा हुए एक युवा लड़के अजय सिंह बिष्ट की यात्रा है। उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट एक जूनियर वन अधिकारी थे और माता सावित्री देवी एक गृहिणी थीं। अजय को बचपन से ही परिवार की गायों की देखभाल करने, स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियाँ सुनने और स्कूल की बहस में भाग लेने का शौक था।
वे सभी आज के उत्तराखंड में पंचूर नाम के एक सुदूर गाँव में डेढ़ कमरे के घर में रहते थे। यहीं से आगे चलकर अजय गोरखनाथ मठ के महंत बने, भारत की संसद के सबसे कम उम्र के सदस्य और भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। लेखक ने आगे कहा कि ‘अजय टू योगी आदित्यनाथ’ हर छात्र के अनुसरण करने और प्रेरणा लेने के लिए धैर्य, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की कहानी है।
लेखक ने बताया कि वह इस कहानी को उन प्रेरक क़िस्सों व उपाख्यानों के माध्यम से बता रहा हैं, जिन्हें उन्होंने अलग-अलग लोगों के साथ अपनी बातचीत के दौरान सुना और आलेखित किया। ये वो लोग हैं जो योगी आदित्यनाथ के जीवन का वर्षों तक हिस्सा रहे। इनमें उनके पिता स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट, उनकी माँ सावित्री देवी, पंचूर गाँव के उनके दोस्त, कोटद्वार और ऋषिकेश में उनके कॉलेज के सहपाठी और शिक्षक और उनके साथ के विभिन्न साथी संत और नेता शामिल हैं। लेखक ने कहा की मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूँ जिन्होंने योगी आदित्यनाथ की जीवन-कथा को आप सभी के सामने लाने में मुझे सक्षम बनाया।
साहित्य प्रेमियों के लिए, शांतनु ने विस्तृत साहित्यिक और कलात्मक यात्रा के बारे में बताया, जिससे ग्राफिक उपन्यास पिछले एक साल में गुजरा है। पहले लेखक ने अपने प्राथमिक शोध के आधार पर सभी पृष्ठों की स्टोरीबोर्डिंग की। संवादों के साथ-साथ उन्होंने कलाकारों को संभावित रूपरेखा का सुझाव दिया। वहाँ से कलाकारों और डिजाइनरों की टीम – नितेश कुशवाहा, आकाश जायसवाल और पल्लवी सक्सेना ने काम सँभाला। पहले कलाकारों ने पृष्ठ लेआउट के अनुमान के लिए थंबनेलिंग की, फिर उन्होंने सावधानीपूर्वक पेंसिल कला का काम किया, फिर उन्होंने इसे बाउंड्री दी, पैनलिंग की, संवाद जोड़े और फिर रंग।
टीम के सदस्यों के बीच प्रत्येक पैनल, प्रत्येक पृष्ठ और प्रत्येक संवाद के लिए विस्तृत समीक्षा और फीडबैक लूप चलाए पुस्तक को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए पुस्तक के अंत में योगी आदित्यनाथ पर कई पहेलियाँ और खेल भी हैं। पुस्तक में क्यूआर कोड पाठकों को एक वेबसाइट पर ले जाएगा, जहाँ युवा पाठक योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश के बारे में अधिक जानने के लिए 100+ गेम और पहेलियाँ खेल सकते हैं।
हैदराबाद लॉन्च पर बोलते हुए, शीर्ष शटलर साइना नेहवाल, जो 2020 में भाजपा में शामिल हुई हैं, ने कहा कि योगी आदित्यनाथ पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं और छोटे गाँव के लड़के अजय से एक शक्तिशाली कुशल मुख्यमंत्री तक की यात्रा, उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रेरित करती है। उन्होंने भारत की पहली विश्व नंबर एक महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनने की अपनी यात्रा के बारे में बताया और बताया कि कैसे उनके परिवार ने इसके लिए उनका पूरा समर्थन किया। बच्चों को उनकी यूपी जड़ों के बारे में भी पता चला – उनके पिता गाजियाबाद से हैं और माँ मेरठ से हैं।
एक वीडियो संदेश के माध्यम से उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद जफर इस्लाम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का जीवन उनके सहित सभी के लिए प्रेरणा है क्योंकि उनका जन्म भी झारखंड के एक छोटे शहर में हुआ था।
भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाज़िया इल्मी ने कुछ बच्चों को मंच पर बुलाया और उन्हें उस पुस्तक से राम के विभिन्न गुणों का पाठ कराया, जिसने योगी आदित्यनाथ जी को प्रेरित किया, जब वे अपने गुरु महंत अवैद्यनाथ जी से मिले। उन्होंने हॉल में खचाखच भरे बच्चों और युवाओं को लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
चिलकुर बालाजी के प्रधान पुजारी सीएस रंगराजन जी ने योगी आदित्यनाथ के अद्भुत और प्रेरणादायक जीवन को बच्चों तक पहुँचाने के लिए शांतनु को बधाई दी। उन्होंने बच्चों को भगवान हनुमान के महान जीवन के उपाख्यानों से प्रेरित किया। उन्होंने भद्राचलम से सीता राम की मूर्ति उपहार में दी। शांतनु ने योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश पर क्विज का आयोजन किया और सैकड़ों बच्चों से सीधे जुड़े।
शान्तनु अपनी किताबों को सभी भारतीय भाषाओं में लाने के लिए विख्यात हैं और इसी श्रृंखला में उन्होंने इस ग्राफ़िक नोवेल के तमिल कवर का भी अनावरण किया। उत्तर प्रदेश से ही आए स्पीड आर्टिस्ट अमित वर्मा ने कुछ ही मिनटों में योगी आदित्यनाथ का एक भव्य चित्र बनाकर बच्चों का माँ मोह लिया। सोशल मीडिया पर भी तेलंगाना लॉंच को लेकर भारी उत्साह दिखा – पूरे भारत में ट्विटर पर कई घंटों तक #YogiBookRocksHyderabad ट्रेंड होता रहा।
पूर्व में शांतनु गुप्ता ने योगी आदित्यनाथ पर दो बेस्टसेलिंग टाइटल लिखे हैं – द मोंक हू बिकेम चीफ मिनिस्टर और द मॉन्क हू ट्रांसफॉर्मेड उत्तर प्रदेश। और अब उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए यूपी के मुख्यमंत्री पर एक प्रेरणादायक ग्राफिक उपन्यास लिखा है- ‘अजय टू योगी आदित्यनाथ’। कार्यक्रम की पूर्व संध्या में शान्तनु गुप्ता ने ब्रह्मा श्री सद्गुरु पसरलापति श्रीनिवास बंगराय शर्मा से मुलाकात की और तेलंगाना और आंध्र प्रदेश लॉन्च से पहले उनका आशीर्वाद लिया। किताब पहले से ही अमेज़न पर बेस्टसेलर सूची में रैंकिंग कर रही है।
पंजाब के जालंधर में हिंदू संगठनों ने काफी मशक्कत ने बाद ऐसी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जहाँ रोहिंग्या मुस्लिमों को लाकर गोमांस की पैकिंग कराई जाती थी। ये फैक्ट्री पहले बंद हो गई थी, लेकिन दिल्ली का मुस्लिम व्यापारी इमरान ने इसे किराए पर लेकर गोमांस पैकिंग का सेंटर बना दिया था। गोमांस कहीं और से आता था, यहाँ इसकी पैकिंग करके दिल्ली में खपत के लिए भेज दिया जाता था।
गौ रक्षा दल के सदस्यों ने बकायदा प्लानिंग के साथ आदमपुर पुलिस थाना इलाके के घोगड़ी गाँव में सड़क पर स्थित फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और पुलिस के साथ वहाँ छापेमारी की।
12 रोहिंग्या और बिहार के युवक समेत 13 मुस्लिम आरोपित गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान गेट पर गार्ड से पूछताछ हुई, तो वो फरार हो गया। इसके बाद फैक्ट्री के अंदर से 13 लोग पकड़े गए और सैकड़ों किलो गोमांस बरामद किया गया। इस 13 लोगों में से एक बिहार का मुस्लिम है, तो 12 रोहिंग्या मुस्लिम हैं। छापेमारी की इस कार्रवाई को अंजाम देने में गौ रक्षा दल की अहम भूमिका रही। इस दौरान पर मौजूद शिवसेना नेता ईशांत शर्मा ने दावा किया कि जालंधर की सड़कों पर घूमने वाली गायों को निशाना बनाया जाता था, उनकी हत्या कहीं और की जाती थी, लेकिन यहाँ से पैकिंग कर इसे विदेशों तक भेजा जाता था।
एसएसपी भी मौके पर पहुँचे, रह गए हैरान
गोमांस बरामदगी और बड़ी संख्या में रोहिंग्या घुसपैठियों के पकड़े जाने की सूचना मिलने के बाद जालंधर (देहात) के एसएसपी मुखविंदर सिंह भी मौके पर पहुँचे और पुलिस की टीमों को कार्रवाई के निर्देश दिये। इस मौके पर पकड़े गए बिहार के युवक ने कहा कि उसे दो दिन पहले चिकन पैकिंग के काम के लिए कह कर लाया गया था, लेकिन यहाँ कुछ और ही चल रहा था। यहां पैकिंग यूनिट है। गोमांस कहाँ से आता है, उसे नहीं पता।
लोकेशन मिलने के बाद रेकी, फिर छापेमारी
इस मामले में गौ रक्षा दल के प्रधान सतीश ने बताया कि बिहार से लेकर दिल्ली तक गोमांस की फैक्ट्रियाँ पकड़ी गई थीं। वहीं से जानकारी मिली थी कि जालंधर में भी ये घिनौना काम अंजाम दिया जा रहा है, इसके बाद उन्होंने लोकेशन का पता किया और फिर पूरे मामले की रेकी गई। जब पूरी तरह से ये पता चल गया कि अंदर क्या हो रहा है, तब पुलिस को सूचना देकर छापेमारी कराई गई। स्थानीय पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
कन्हैया लाल की हत्या पर ‘अ टेलर मर्डर स्टोरी’ नामक फिल्म बना रहे अमित जानी दो और फिल्म बनाने जा रहे हैं। इनमें से एक फ़िल्म पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर पर तथा दूसरी भारत से पाकिस्तान गई अंजू पर होगी। सीमा हैदर पर बनने वाली फ़िल्म का नाम ‘कराची टू नोएडा’ होगा। वहीं अंजू पर बनने वाली फिल्म का नाम ‘मेरा अब्दुल ऐसा नहीं है’ होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रोड्यूसर अमित जानी का कहना है कि ‘अ टेलर मर्डर स्टोरी’ की शूटिंग पूरी होने के बाद सीमा हैदर और अंजू पर बनने वाली फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम शुरू होगा। फिल्म ‘कराची टू नोएडा’ में सीमा हैदर ही रोल में होगी। जल्द ही इस फिल्म का थीम सॉन्ग में लॉन्च होगा। ‘जानी फायरफॉक्स प्रोडक्शन’ की ओर से कहा गया है कि सीमा और अंजू पर बनने वाली फिल्मों के टाइटल बुक किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, महाराष्ट्र के पालघर में हुई संतों की हत्या पर ‘मॉब लिंचिंग’ के नाम से वेब सीरीज बननी है। इसका टाइटल भी बुक हो चुका है।
गौरतलब है कि इससे पहले अमित जानी ने कन्हैया लाल की हत्या पर बन रही फिल्म ‘अ टेलर मर्डर स्टोरी’ में सीमा हैदर को काम करने का ऑफर दिया था। इसके लिए प्रोडक्शन प्रोड्यूसर जानी सिन्हा, डायरेक्टर जयंत सिन्हा और भरत सिंह ने सीमा से मुलाकात कर उसका ऑडिशन भी लिया था। कथित तौर पर ‘अ टेलर मर्डर स्टोरी’ में सीमा हैदर रॉ एजेंट की भूमिका निभा सकती है। हालाँकि, सीमा हैदर ने फिल्म में काम करने के लिए अपनी सहमति नहीं दी है। सीमा का कहना है कि यूपी एटीएस से क्लीन चिट मिलने के बाद ही वह फ़िल्म में काम करने के लिए हामी भरेगी।
इस्लामिक कट्टरपंथियों की क्रूरता पर बन रही ‘अ टेलर मर्डर स्टोरी’
नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने राजस्थान के उदयपुर में टेलर का काम करने वाले कन्हैया लाल की हत्या कर दी थी। इस्लामिक कट्टरपंथी मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस कन्हैया लाल की दुकान में ग्राहक बन कर घुसे थे। इसके बाद बेरहमी से सिर कलम कर हत्या कर दी थी।
बता दें कि पाकिस्तान के कराची में रहने वाली सीमा हैदर की मुलाकात पबजी गेम खेलते हुए नोएडा में रहने वाले सचिन से हुई थी। इसके बाद सचिन के प्यार में 4 बच्चों की अम्मी सीना कराची स्थित अपना घर बेचकर अपने बच्चों समेत भारत आकर सचिन के साथ रह रही थी। चूँकि उसने नेपाल बॉर्डर से अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। इसलिए पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। फिलहाल यूपी एटीएस समेत अन्य जाँच एजेंसियाँ उसके खिलाफ जाँच कर रहीं हैं।
वहीं, राजस्थान के भिवाड़ी जिले की रहने वाली अंजू थॉमस की मुलाकात फेसबुक के जरिए पाकिस्तान के दीर बाला जिले के नसरुल्लाह से हुई थी। उसने पाकिस्तान जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा बनवाया था। इसके बाद सीमा पार कर नसरुल्लाह से मिलने पाकिस्तान पहुँच गई। पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि अंजू ने नसरुल्लाह से निकाह कर लिया है। उसका निकाह नामा व कई तस्वीरें भी सामने आईं थीं।
मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के सबसे बड़े नेता कमलनाथ ने हिंदू राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस बात पर कोई बहस की बात ही नहीं है कि भारत हिंदू राष्ट्र है या नहीं। कमलनाथ ने हिंदुओं की संख्या का हवाला देते हुए कहा कि जिस देश में 82 प्रतिशत हिंदू हों, क्या वो राष्ट्र कोई अन्य राष्ट्र हो सकता है? हिंदू राष्ट्र की बहस ही बेकार है। बता दें कि कमलनाथ अभी मध्य प्रदेश में हिंदू राष्ट्र की खुलकर बात करने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा के आयोजक हैं और उनकी धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत करते हुए वीडियो सोशल मीडिया भी खूब वायरल हुआ था।
मीडिया ने हिंदू राष्ट्र पर पूछा था सवाल
बता दें कि छिंदवाड़ा में कथा करते हुए बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण ने शास्त्री कहा था कि जो भारत में रहता है, वह हर व्यक्ति सनातनी है और जो राम को मानता है तो वह भी सनातनी है। उनके इसी बयान पर मीडिया ने सवाल पूछा था कि क्या आप हिंदू राष्ट्र वाली बात से सहमत हैं?
इसी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश पहले से हिंदू राष्ट्र है। देश में 82 फीसदी हिंदू हैं। हिंदू राष्ट्र बनाने की माँग ही बेईमानी है। उन्होंने कहा कि पहले से यह बात स्थापित है, दुनिया में सबसे ज्यादा हिंदू भारत में। साथ ही पूछा कि क्या ये कहने वाली बात है?
कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ भी हैं धीरेंद्र शास्त्री के भक्त
बता दें कि कमलनाथ के बेटे और सांसद नकुलनाथ भी धीरेंद्र शास्त्री के भक्त हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के छिंदवाड़ा पहुँचने पर स्वागत करते हुए जोरदार वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया था, जिसके बाद उन पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हमला बोला था। नकुलनाथ ने वीडियो के कैप्शन में लिखा है – ‘परम पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी (श्री बागेश्वर धाम सरकार) का छिन्दवाड़ा हवाई पट्टी पर स्वागत किया।
उन्होंने कहा, “हमारा सौभाग्य है छिन्दवाड़ा की पावन भूमि पर आपके चरण स्पर्श हुए गुरुदेव।” नकुलनाथ ने अभी उस वीडियो को अपनी ट्विटर प्रोफाइल पर पिन भी किया है।
परम पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी (श्री बागेश्वर धाम सरकार) का छिन्दवाड़ा हवाई पट्टी पर स्वागत किया । हमारा सौभाग्य है छिन्दवाड़ा की पावन भूमि पर आपके चरण स्पर्श हुए गुरुदेव ।@bageshwardhampic.twitter.com/10mHm2uplX
छिंदवाड़ा में धीरेंद्र शास्त्री के दरबार और कथा के आयोजन का कुछ कॉन्ग्रेस के नेताओं ने भी विरोध किया है। कॉन्ग्रेस के नेता प्रमोद कृष्णम तो धीरेंद्र शास्त्री के स्वागत और आरती उतारे जाने से इतने भड़के कि उन्होंने कह दिया कि इससे महात्मा गाँधी और जवाहर लाल नेहरू की आत्मा को ठेस पहुँचेगी। उन्होंने इस प्रकरण पर वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
मुसलमानों के ऊपर “बुलडोज़र” चढ़ाने और RSS का एजेंडा हिंदू राष्ट्र की खुल्लमखुल्ला वकालत कर के “संविधान” की धज्जियाँ उड़ाने वाले “भाजपा” के स्टार प्रचारक की आरती उतारना कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को शोभा नहीं देता,आज रो रही होगी गांधी की “आत्मा” और तड़प रहे होंगे पंडित नेहरू और भगत…
संभल स्थित कल्कि पीठ के महंत प्रमोद कृष्णम प्रियंका गांधी के जबरदस्त समर्थक माने जाते हैं, लेकिन लगता है कि हिंदुओं के पुनर्जन्म वाली मान्यता को वो नहीं मानते। तभी तो, महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू की आत्माएं उनके हिसाब से ठेस पहुंचने के लिए यहीं भटक रही हैं। हम इससे आगे क्या ही कहें, समझने वाले समझ ही गए होंगे।
अक्षय कुमार, यामी गौतम और पंकज त्रिपाठी स्टारर फिल्म ‘ओह माय गॉड 2 (OMG 2)’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिरी हुई है। अब, महाकाल मंदिर के पुजारियों ने फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। पुजारियों का कहना है कि ट्रेलर में भगवान शिव को कचौड़ी खरीदते दिखाया गया है। इससे भक्तों की भावनाएँ आहत हुई हैं। फ़िल्म 11 अगस्त को रिलीज होनी है।
महाकाल मंदिर के पुजारियों की ओर से वकील अभिलाष व्यास ने OMG 2 के प्रोड्यूसर विपुल शाह, चन्द्रप्रकाश द्विवेदी, डायरेक्टर अमित राय, एक्टर अक्षय कुमार को नोटिस भेजा है। यही नहीं, उन्होंने यह नोटिस सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को भी नोटिस भेजा। सोमवार (7 अगस्त, 2023) को भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि नोटिस मिलने के 24 घण्टे के भीतर फिल्म से आपत्तिजनक दृश्यों को हटाएँ और सार्वजनिक रूप से माफी माँगे।
नोटिस में यह भी कहा है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो फिल्म के सर्टिफिकेट को रद्द करने की माँग की जाएगी। इसके अलावा, धार्मिक भावनाओं को आहत करने का केस दर्ज कराया जाएगा। फिल्म में जिस तरह की चीजें दिखाई गई हैं वह भारतीय दंड विधान की धारा (IPC) 295A, धारा 298, धारा 500 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
‘अखिल भारतीय पुजारी संघ’ के अध्यक्ष और महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा का कहना है कि ‘OMG 2’ में भगवान शिव का गलत चित्रण किया गया है। फिल्म का उद्देश्य भले ही कुछ भी हो लेकिन इसके ट्रेलर में भगवान शिव कचौड़ी खरीदते नजर आ रहे हैं। यही नहीं, उनके द्वारा दिए गए आशीर्वाद की बजाए कचौरी बेचने वाला पैसे माँग रहा है। इससे शिव भक्तों की भावनाएँ आहत हो रहीं हैं। भगवान शिव के भक्तों के लिए पैसा नहीं बल्कि उनका आशीर्वाद ही सबसे बड़ा धन है।
सेंसर बोर्ड से फिल्म को A (एडल्ट) सर्टिफिकेट मिलने को लेकर महेश शर्मा ने यह भी कहा है कि ऐसा लगता है कि फ़िल्म में अश्लील सीन हैं। महाकाल मंदिर के साथ इस तरह की हरकतें स्वीकार नहीं है। फिल्म से कोई विवाद नहीं है। लेकिन फ़िल्म के नाम पर इष्ट देवताओं का अपमान सहन नहीं करेंगे। महेश शर्मा ने हर सप्ताह होने वाली जनसुनवाई में भी आवेदन देकर उज्जैन में फ़िल्म के रिलीज होने पर रोक लगाने की माँग की गई है।
उत्तर प्रदेश की अमेठी से ऑनर किलिंग की घटना सामने आई है। आफरीन नामक युवती को उसके ही परिवार वालों ने मार डाला। हत्या करने वालों में उसके ही पिता और भाई शामिल हैं। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि उसे अपने मजहब से इतर किसी दूसरे धर्म के शख्स से प्यार हो गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने संज्ञान लिया और कब्र खोदकर उसकी लाश को निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। जाँच के बाद पुलिस ने मृतका के पिता और भाई पर आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज कर लिया।
पुलिस एफआईआर से मिली जानकारी के मुताबिक, पीपरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकावर के नियामतउल्ला की 20 साल की बेटी आफरीन धमौर बाजार के श्री हुनमंत इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा थी। वो इस दौरान धम्मौर थाना क्षेत्र के रहने सर्वेश शर्मा से मिली।
धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियाँ बढ़ीं और दोनों को प्यार हो गया। इस प्यार की खबर जैसे ही आफरीन के घरवालों को लगी, वो अपना आपा खो बैठे। उसके पिता और भाई ने इस रिश्ते को खत्म करने के लिए आफरीन को कई बार धमकी भी दी थीं।
यह वीडियो धम्मौर बाजार का है जहां पर इस लड़की को उसके पिता और भाई बेरहमी से मार रहे हैं यह लड़की ग्राम टीकावर पोस्ट मई जिला अमेठी थाना पीपरपुर हैं और इस लड़की को इतना मारने से मन नहीं भरा घर वाले मिलकर इसको जान से मार डाले और बीमार बता कर बोल रहे हैं मर गई @DmAmethipic.twitter.com/UwWp0mHbc3
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार (4 अगस्त, 2023) को आफरीन रोजाना की तरह ही स्कूल गई थी। इस दौरान उसे प्रेमी सर्वेश मिला। दोनों साथ मिलकर बाजार में घूम रहे थे। इस बात की सूचना किसी ने सूचना आफरीन के पिता नियामतउल्ला को दी। सूचना मिलते ही उसके पिता और भाई हैदर मौके पर पहुँचे। बगैर कुछ सोचे-समझे दोनों ने बीच बाजार में ही आफरीन को जमकर पीटा।
वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो बनाने के साथ ही पुलिस को भी सूचना दी दे दी। वीडियो में दोनों को बाजार में अन्य लोगों की मौजूदगी में लड़की को घसीटते और थप्पड़ मारते देखा जा सकता है। सूचना पाकर धम्मौर पुलिस मौके पर पहुँची और लड़की व उसके घरवालों को कोतवाली ले आई। इस दौरान आफरीन ने पुलिस के सामने ही अपने घरवालों के साथ जाने से मना कर दिया।
माँ के आने पर घर जाने को हुई थी तैयार
धम्मौर पुलिस ने आफरीन के कोतवाली से घर जाने से मना करने पर उसकी माँ को बुलाया। माँ के आने के बाद पुलिस ने समझा-बुझा कर उसे घर भेजा, लेकिन घर जाकर पिता और भाई ने उसकी इस कदर पिटाई की कि उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, शनिवार 5 अगस्त को मृतका की फैमिली ने उसकी लाश को कब्रिस्तान में दफन कर दिया।
उसके परिवार वालों ने लोगों से ये कहा कि आफरीन की तबीयत खराब थी और सही इलाज न मिल पाने की वजह से उसकी मौत हो गई है। हालाँकि, इस घटना का वीडियो तब तक सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो चुका था। वीडियो अमेठी जिले की पीपरपुर पुलिस के संज्ञान में आया और पुलिस ने पूछताछ की तो उसे आफरीन की मौत का मामला संगीन लगा। पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिली की मृतका लड़की के पिता और भाई ने उसकी बीमारी के बारे में झूठ बोला था। दरअसल, उन्होंने ही उसकी हत्या कर उसे मौत के घाट उतार दिया था।
पुलिस ने कब्र से निकाली लाश
पुलिस को आगे की जाँच के लिए आफरीन की लाश की जरूरत थी, लेकिन उसका कफन-दफन हो चुका था। लाश को कब्र से निकालने की इजाजत के लिए पुलिस ने अमेठी के जिलाधिकारी को पत्र लिखा। इजाजत मिलने के बाद उप जिलधिकारी अमेठी (न्यायिक) मोहम्मद असलम, पुलिस क्षेत्राधिकारी लल्लन सिंह और थानाध्यक्ष पीपरपुर संदीप राय संग डॉक्टर्स और फॉरेंसिक टीम के साथ भारी संख्या में पुलिस ब लेकर गाँव पहुँचे।
वहाँ पुलिस ने कब्रिस्तान में कब्र को खोदकर लाश को निकाले जाने की प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी करवाई। इसके बाद आफरीन की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने पीपरपुर गाँव के चौकीदार इंद्रराज की शिकायत पर मृतका के पिता और भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
ऑपइंडिया को मामले की एफआईआर कॉपी मिली है जिसमें बताया गया है कि लड़की को उसके पिता और भाई ने बेरहमी से पीटा था। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी मौत हो गई। एफआईआर में लिखा है, “नियामत उल्लाह और हैदर अली ने लड़की के साथ मारपीट की थी। इसके बाद वह बेहोश हो गई। लड़की को उसके माता-पिता अस्पताल ले गए जहाँ उसने दम तोड़ दिया।”
ऑपइंडिया को मिली FIR कॉपी
ऑपइंडिया ने स्थानीय पीपरपुर पुलिस स्टेशन के SHO संदीप राय से भी बात की जिन्होंने पुष्टि की कि मामला ऑनर किलिंग का है। पुलिस ने बताया कि नियामत बाप-बेटे के खिलाफ धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालाँकि, मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
ऑपइंडिया से बात करते हुए SHO राय ने पुष्टि की कि लड़की जिस लड़के से प्यार करती थी वह हिंदू धर्म का था और वह दूसरे गाँव का था। उन्होंने बताया, “लड़की को एक हिंदू लड़के के साथ उसके रिश्ते के कारण पीटा गया था। हमने उसका शव बरामद कर लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, नियामत उल्लाह और उनके बेटे हैदर अली के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है, लेकिन गिरफ्तारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी, आगे की जाँच चल रही है।”
केरल में एक महिला पुलिस अधिकारी के यौन उत्पीड़न के दोषी को 3 साल की सजा सुनाई गई है। दोषी व्यक्ति की पहचान जोस रॉकी फर्नांडीस के तौर पर हुई है। उसने 48 घंटे के भीतर तीन सौ से अधिक बार थाने के नंबर पर कॉल किया था। महिला पुलिस अधिकारी से अश्लील बातें की। गालियाँ दीं। यौन संबंध बनाने की डिमांड रखी। इससे पहले इसी तरह के दो मामलों में फर्नांडीस सबूतों के अभाव में बरी हो गया था।
क्या है मामला
जुलाई 2019 में एर्नाकुलम के महिला पुलिस स्टेशन के नंबर पर एक कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने महिला पुलिसकर्मी से यौन संबंध बनाने की माँग की। पुलिसकर्मी से उसका पर्सनल नंबर भी माँगा। पुलिसकर्मी ने रॉन्ग नंबर सोचते हुए फोन काट दिया। लेकिन इसके बाद भी उसी नंबर से लगातार फोन आते रहे। अगले दिन थाने में कुल 309 बार फर्नांडीस ने फोन किया। फोन उठाने पर वह अश्लील बातें करता था।
इस मामले की जाँच कर जोस रॉकी फर्नांडिस के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने वाले सब इंस्पेक्टर वीबी अनस का कहना है, “सबसे पहले हमने साइबर सेल से संपर्क किया और कॉलिंग डेटा हासिल किया। हमने फोन करने वाले जोस और उसके मोबाइल टावर लोकेशन की पहचान की। इसके बाद उसे कलूर के एक लॉज से गिरफ्तार किया।” जाँच में सामने आया कि आरोपित जोस इस तरह की हरकतें पहले भी कर चुका था। उसके खिलाफ इसी तरह के मामले कडवंतरा और पल्लुरूथी पुलिस स्टेशनों में भी दर्ज थे। अनस ने कहा है, “महिला अधिकारी उसके निशाने पर थीं। वह पुलिस स्टेशनों में कॉल करता था। अगर कोई महिला अधिकारी फ़ोन उठाती, तो वह उसे गालियाँ देता था।”
सब इंस्पेक्टर अनस के अनुसार पूछताछ के दौरान जोस ने यह भी स्वीकार किया था कि उसके निशाने पर कई सीनियर अधिकारी थे। उसने कई अधिकारियों को फोन भी किया था। वह शराब और नशीले पदार्थों के नशे में धुत होकर फोन करता था। जमानत पर बाहर आने के बाद भी उसने पुलिस स्टेशन में फोन करना बंद नहीं किया। हाल ही में उसे तिरुवनंतपुरम में फिर से गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने बताया कि कॉल रिकॉर्ड और सिम कार्ड की जानकारी के अलावा इस मामले में सबसे बड़ा सबूत फर्नांडीस का मोबाइल फोन था। दरअसल, उसके फोन में कॉल रिकॉर्डिंग ऐप था, जिसमें रिकॉर्डिंग दर्ज थी। फोरेसिंक जाँच से यह साबित हुआ था कि फर्नांडीस ने ही पुलिस स्टेशन में फोन किया था। उसे सजा मिलने पर खुशी जताते हुए सब इंस्पेक्टर ने कहा, “पहले भी उसके खिलाफ इसी तरह के दो मामले दर्ज हुए थे। लेकिन सबूतों के अभाव में वह बरी हो गया था।”
जोस रॉकी फर्नांडीस के खिलाफ दर्ज मामले की सुनवाई एर्नाकुलम की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सजिनी बीएस ने की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फर्नांडीस को भारतीय दंड संहिता IPC की धारा 354A (1) (ii) के तहत दोषी करार दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने उसे 3 साल की सजा और 15000 रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया।